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Game-Changing Vision 2026: Pocket FM में Vasu Sharma के साथ AI और Creative Storytelling का Future

Game-Changing Vision 2026: Pocket FM में Vasu Sharma के साथ AI और Creative Storytelling का Future

Pocket FM: एक टेक-उन्नत ऑडियो प्लेटफॉर्म

भारत की जानी-मानी और तेज़ी से आगे बढ़ती ऑडियो सीरीज़ और स्टोरीटेलिंग प्लेटफॉर्म Pocket FM ने हाल ही में एक अहम फैसला लिया है। कंपनी ने Vasu Sharma को अपना नया Head of AI यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रमुख नियुक्त किया है। इसे Pocket FM की अब तक की सबसे मज़बूत और दूरदर्शी नियुक्तियों में से एक माना जा रहा है।

इस फैसले के पीछे Pocket FM की बड़ी सोच साफ दिखाई देती है। कंपनी चाहती है कि AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से कहानियों को और ज़्यादा दमदार, असरदार और दिल से जुड़ने वाला बनाया जाए। वसु शर्मा की नियुक्ति से न सिर्फ़ कंटेंट बनाने का तरीका बदलेगा, बल्कि प्लेटफॉर्म की ग्लोबल लेवल पर पहचान और पहुँच भी और मज़बूत होगी।

Pocket FM आज सिर्फ़ एक ऐप नहीं रह गया है, बल्कि यह कहानियों की एक पूरी दुनिया बन चुका है। यहाँ लोग रोमांस, थ्रिलर, ड्रामा, रहस्य, हॉरर और मोटिवेशन जैसी अलग-अलग शैलियों की ऑडियो कहानियाँ सुनते हैं। कोई सफ़र में हो, कोई काम करते हुए या रात को सुकून के पल में Pocket FM हर किसी का हमसफ़र बन चुका है।

इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खूबी है इसकी भाषाई विविधता। हिंदी ही नहीं, बल्कि कई भारतीय और विदेशी भाषाओं में भी कंटेंट उपलब्ध है। यही वजह है कि Pocket FM को सिर्फ़ भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में पसंद किया जा रहा है। यहाँ के लेखक और क्रिएटर्स अपनी कल्पना को आवाज़ देते हैं और श्रोता उन कहानियों में खुद को खो हुआ महसूस करते हैं।

अब जब वसु शर्मा जैसे AI के माहिर और तजुर्बेकार शख्स Pocket FM से जुड़े हैं, तो उम्मीद की जा रही है कि कहानी लिखने, उसे तैयार करने और दर्शकों तक पहुँचाने का पूरा अंदाज़ और भी निखर जाएगा। AI की मदद से लेखकों को नए आइडियाज़ मिलेंगे, कहानियों की क्वालिटी बेहतर होगी और कंटेंट पहले से कहीं ज़्यादा पर्सनल और असरदार बन सकेगा।

कुल मिलाकर, Pocket FM का यह कदम सिर्फ़ एक नियुक्ति नहीं, बल्कि भविष्य की कहानी-दुनिया की तरफ़ बढ़ाया गया एक मज़बूत क़दम है। इसमें टेक्नोलॉजी भी है, तख़य्युल भी, और वो जज़्बा भी — जो हर अच्छी कहानी को खास बनाता है।

वसु शर्मा: AI अनुसंधान में वैश्विक नाम

Meta (Facebook AI Research) में वसु शर्मा का तजुर्बा

वसु शर्मा का नाम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में किसी पहचान का मोहताज नहीं है। वह Meta की मशहूर रिसर्च यूनिट Facebook AI Research (FAIR) से जुड़े रह चुके हैं, जहाँ उन्होंने AI की सबसे एडवांस और पेचीदा तकनीकों पर काम किया। Meta में रहते हुए वसु शर्मा ने मल्टीमॉडल AI और बड़े भाषा मॉडल (Large Language Models – LLMs) के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने Llama, Chameleon, MaVIL जैसे चर्चित और ताक़तवर AI मॉडल्स के विकास में योगदान दिया, साथ ही ऐसे ऑडियो-वीडियो फाउंडेशन मॉडल्स पर भी काम किया, जो आवाज़, तस्वीर और वीडियो को एक साथ समझने की काबिलियत रखते हैं। आसान शब्दों में कहें तो वसु शर्मा उन लोगों में से हैं, जिन्होंने मशीनों को इंसानों की तरह देखना, सुनना और समझना सिखाने में मदद की है।

शोध और तालीमी सफ़र

वसु शर्मा का अकादमिक सफ़र भी उतना ही शानदार और रौशन है। उन्होंने अब तक 90 से ज़्यादा रिसर्च पेपर्स दुनिया के सबसे बड़े और भरोसेमंद AI सम्मेलनों में पेश किए हैं। इनमें NeurIPS, CVPR, ACL, EMNLP और ICLR जैसे नाम शामिल हैं, जहाँ सिर्फ़ वही रिसर्च पहुँच पाती है जो वाक़ई नई राह दिखाने वाली हो।

उनके रिसर्च वर्क को 10,000 से भी ज़्यादा बार दूसरे वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने उद्धृत किया है, जो इस बात का साफ़ सबूत है कि उनका काम सिर्फ़ काग़ज़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने AI की दिशा और सोच को बदलने में अहम असर डाला है। उनके शोध ने खासतौर पर लॉन्ग-कॉंटेक्स्ट रीज़निंग, नैरेटिव इंटेलिजेंस और मल्टीमॉडल AI जैसे मुश्किल लेकिन बेहद ज़रूरी क्षेत्रों को नई मज़बूती दी है।

वैश्विक पहचान और साख

अपने गहरे तजुर्बे, इल्मी समझ और लगातार किए गए नवाचार की वजह से वसु शर्मा को आज दुनिया भर में AI रिसर्च और डेवलपमेंट के एक भरोसेमंद और माने-जाने साइंटिस्ट के तौर पर देखा जाता है। टेक इंडस्ट्री और अकादमिक जगत, दोनों में उनकी बात को गंभीरता से सुना जाता है।

यही वजह है कि जब Pocket FM ने उन्हें Head of AI की ज़िम्मेदारी सौंपी, तो इसे सिर्फ़ एक नियुक्ति नहीं, बल्कि इल्म, तजुर्बे और भविष्य की सोच का संगम माना गया। वसु शर्मा की मौजूदगी से यह उम्मीद और पुख़्ता होती है कि आने वाले वक़्त में AI सिर्फ़ तकनीक नहीं, बल्कि कहानी कहने की रूह बनकर सामने आएगा।

नई भूमिका: Head of AI — ज़िम्मेदारियाँ और लक्ष्य

AI शोध और नवाचार की कमान वसु शर्मा के हाथों

अब Pocket FM में AI रिसर्च और नई तकनीकी सोच की अगुवाई वसु शर्मा करेंगे। उनकी ज़िम्मेदारी सिर्फ़ मशीनें या सिस्टम तैयार करने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसका सीधा रिश्ता कहानी बनाने की पूरी प्रक्रिया से होगा। इसमें कहानी की रूपरेखा तैयार करने से लेकर, उसके निर्माण, प्रोडक्शन की समझ और बड़े पैमाने पर अलग-अलग इलाकों और भाषाओं के हिसाब से उसे ढालना शामिल है।

आसान अल्फ़ाज़ में कहें तो वसु शर्मा ऐसे AI टूल्स और सिस्टम तैयार करेंगे, जो लेखकों और क्रिएटर्स को कहानियाँ गढ़ने में मदद करेंगे। इसमें AI-आधारित कहानी जनरेशन टूल्स, कंटेंट को सँवारने वाले एडिटिंग टूल्स, और भाषा व संस्कृति के मुताबिक कंटेंट को ढालने वाली टेक्नोलॉजी शामिल होगी। इससे कहानियाँ न सिर्फ़ तेज़ी से बनेंगी, बल्कि उनमें गहराई और असर भी पहले से कहीं ज़्यादा होगा।

Pocket LLMs और AI CoPilot को नई ताक़त

वसु शर्मा का एक अहम मक़सद Pocket FM के अपने लाइसेंस प्राप्त भाषा मॉडल — Pocket LLMs और AI CoPilot सिस्टम को और ज़्यादा मज़बूत और समझदार बनाना है। इसका सीधा फ़ायदा लेखकों और क्रिएटर्स को मिलेगा।

AI CoPilot ऐसा सिस्टम बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा, जो लेखक को सिर्फ़ टेक्निकल मदद न दे, बल्कि उसके ख़यालात, जज़्बात और लिखने के अंदाज़ को भी समझे। इससे लेखक बेहतर कथानक, ज़्यादा रचनात्मकता, भावनाओं से भरी हुई कहानी और अपनी ख़ास स्टाइल के साथ कंटेंट तैयार कर सकेंगे। यूँ कहें कि AI यहाँ लेखक का हमख़याल और साथी बन जाएगा, न कि उसकी जगह लेने वाला औज़ार।

आवाज़, जज़्बात और रूह से जुड़ी कहानियाँ

AI CoPilot पर काम करते हुए वसु शर्मा की सबसे बड़ी कोशिश यही होगी कि यह सिस्टम सिर्फ़ शब्दों को न समझे, बल्कि कहानी की रूह, उसकी आवाज़ और उसमें छुपे जज़्बात को भी महसूस कर सके। AI को इस क़ाबिल बनाया जाएगा कि वह लेखक की निजी शैली, सांस्कृतिक बारीकियों और भावनात्मक उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए कंटेंट तैयार करने में मदद करे।

इसका नतीजा यह होगा कि Pocket FM पर बनने वाली कहानियाँ तकनीकी तौर पर भी बेहतरीन होंगी और एहसास के स्तर पर भी दिल को छूने वाली। कहानी लिखने की पूरी प्रक्रिया अब पहले से कहीं ज़्यादा सृजनात्मक और आधुनिक हो जाएगी।

वैश्विक और बहुभाषी कहानी की दुनिया

वसु शर्मा की भूमिका का एक और अहम पहलू है कंटेंट का बहुभाषी अनुवाद और स्थानीयकरण। Pocket FM चाहता है कि एक अच्छी कहानी सिर्फ़ एक भाषा या एक देश तक सीमित न रहे। AI की मदद से वही कहानी अलग-अलग भाषाओं और संस्कृतियों में इस तरह पेश की जाएगी, कि हर श्रोता को वह अपनी-सी लगे।

इससे Pocket FM की पहुँच भारत से निकलकर पूरी दुनिया तक और मज़बूत होगी, और प्लेटफॉर्म एक ग्लोबल स्टोरीटेलिंग हब के तौर पर उभरेगा।

AI और रचनात्मकता का ख़ूबसूरत मेल

Pocket FM के सह-संस्थापक प्रतीक दीक्षित के मुताबिक, कंपनी का साफ़ मानना है कि AI का काम इंसानी कल्पना को दबाना नहीं, बल्कि उसे और उड़ान देना है। AI को कहानीकार की जगह लेने वाला नहीं, बल्कि उसका सहायक और हमसफ़र बनाया जाना चाहिए।

वसु शर्मा की नियुक्ति इस सोच को और मजबूती देती है। उनका तजुर्बा और नज़रिया यह भरोसा दिलाता है कि Pocket FM में AI सिर्फ़ तकनीक नहीं रहेगा, बल्कि कहानी कहने की कला का हिस्सा बन जाएगा — जहाँ टेक्नोलॉजी और तख़य्युल एक साथ चलेंगे।

AI CoPilot: लेखक का नया हमसफ़र

AI CoPilot असल में एक ऐसा समझदार औज़ार है, जो लेखकों को कहानी लिखने के हर पड़ाव पर मदद करता है। चाहे कहानी की बुनियाद तय करनी हो, शुरुआती ड्राफ्ट लिखना हो, उसे सँवारना-संशोधित करना हो, या फिर कहानी के जज़्बात, लहजे और टोन को सही दिशा देनी हो AI CoPilot हर क़दम पर लेखक के साथ चलता है। प्लॉट कैसे आगे बढ़े, किरदार किस मोड़ पर क्या करें, कहानी में कहाँ उतार-चढ़ाव आए इन तमाम बातों में यह सिस्टम लेखक को नई राहें सुझाता है।

वसु शर्मा की अगुवाई में इस AI CoPilot को और ज़्यादा निखारा जाएगा, ताकि AI सिर्फ़ एक मशीन न रहे, बल्कि रचनात्मक सफ़र में एक सहयोगी और भरोसेमंद साथी बन सके। मक़सद यही है कि AI लेखक की सोच को समझे, उसकी कल्पना को और फैलाए, न कि उस पर हावी हो जाए।

Pocket FM का वैश्विक सपना

Pocket FM का सपना सिर्फ़ एक ऑडियो ऐप बने रहने का नहीं है। कंपनी बड़े पैमाने पर यह कोशिश कर रही है कि वह एक विश्व-स्तरीय, AI-नेतृत्व वाला मनोरंजन स्टूडियो बने — ऐसा स्टूडियो जहाँ इंसान और AI मिलकर कहानियाँ गढ़ें, उन्हें आवाज़ दें और दुनिया तक पहुँचाएँ।

यहाँ AI और इंसानी हुनर एक-दूसरे के मुक़ाबिल नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक होंगे। वसु शर्मा की नियुक्ति इसी दूरदर्शी सोच का एक अहम हिस्सा है। उनका तजुर्बा और नज़रिया Pocket FM को इस मंज़िल के और क़रीब ले जाता है, जहाँ टेक्नोलॉजी और तख़य्युल एक साथ क़दम मिलाकर चलते हैं।

रचनाकारों और श्रोताओं — दोनों को फ़ायदा

Pocket FM के पास आज 3 लाख से ज़्यादा क्रिएटर्स और 1 लाख से अधिक ऑडियो सीरीज़ का ख़ज़ाना है। बेहतर और समझदार AI टूल्स के आने से यह पूरा कंटेंट और भी ख़ूबसूरत, असरदार और विविध बन सकेगा। लेखकों को अपनी कहानियाँ गढ़ने में ज़्यादा सहूलियत मिलेगी, नए आइडियाज़ मिलेंगे और उनका काम पहले से कहीं ज़्यादा निखरकर सामने आएगा।

वहीं दूसरी तरफ़, श्रोताओं को भी इसका सीधा फ़ायदा मिलेगा। उन्हें ऐसी कहानियाँ सुनने को मिलेंगी जो सिर्फ़ मनोरंजन नहीं करेंगी, बल्कि संस्कृति, जज़्बात और एहसास से जुड़ी हुई होंगी। हर कहानी ज़्यादा सच्ची, ज़्यादा अपनेपन से भरी और ज़्यादा यादगार लगेगी।

कुल मिलाकर, Pocket FM का यह सफ़र AI के सहारे कहानी कहने की दुनिया को एक नए मुक़ाम पर ले जाने की तैयारी है जहाँ हर आवाज़ में जान हो और हर कहानी में दिल।

वसु शर्मा का खुद का बयान और प्रतिक्रिया

वसु शर्मा का कहना है कि Pocket FM ऐसी जगह है, जहाँ AI, रचनात्मक सोच और दुनिया भर की कहानियाँ एक साथ मिलती हैं। उनके मुताबिक़ यह प्लेटफॉर्म सिर्फ़ टेक्नोलॉजी पर काम नहीं कर रहा, बल्कि कहानी कहने के पूरे अंदाज़ को नए सिरे से गढ़ने की कोशिश में लगा हुआ है।

उन्होंने साफ़ तौर पर यह भी माना कि आज की तारीख़ में बहुत कम ऐसी कंपनियाँ हैं, जो AI की ताक़त को फिक्शन की दुनिया में इस गहराई से इस्तेमाल कर रही हों। खासकर AI-सशक्त फिक्शन मॉडल, क्रिएटर्स को केंद्र में रखकर बनाए गए AI टूल्स, और आवाज़, टेक्स्ट व भावनाओं को एक साथ समझने वाले मल्टीमॉडल स्टोरीटेलिंग सिस्टम पर काम करना अभी भी गिनी-चुनी कंपनियों तक ही सीमित है।

वसु शर्मा का सपना है कि AI को ऐसा बनाया जाए, जो लेखकों की जगह न ले, बल्कि उनकी सोच को और फैलाए, उनकी कल्पना को नई उड़ान दे। उनका मानना है कि सही तरह से इस्तेमाल किया गया AI, लेखक के दिमाग़ और दिल — दोनों का साथी बन सकता है।

ख़ासतौर पर उनकी कोशिश यह है कि AI ऐसे सिस्टम तैयार करे, जो आवाज़ की ताक़त, भावनाओं की गहराई, और कहानी के एहसास को समझ सके। ऐसी कहानियाँ, जो सिर्फ़ सुनी न जाएँ, बल्कि महसूस भी की जाएँ — यही वसु शर्मा और Pocket FM की असली मंज़िल है।

उनके मुताबिक़, जब टेक्नोलॉजी और तख़य्युल एक साथ चलते हैं, तो कहानी सिर्फ़ अल्फ़ाज़ नहीं रहती, बल्कि रूह से निकलकर रूह तक पहुँचने वाला सफ़र बन जाती है।

भविष्य की चुनौतियाँ और अवसर

AI और रचनात्मकता के बीच सही तवाज़ुन

आज के दौर में AI के औज़ार बड़ी तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। नई-नई टेक्नोलॉजी आ रही है, सिस्टम पहले से ज़्यादा स्मार्ट होते जा रहे हैं, लेकिन इसके साथ एक बड़ी चुनौती भी जुड़ी हुई है — कहानी की भावनात्मक गहराई, उसकी सांस्कृतिक रूह और इंसानी एहसास को ज़िंदा रखना। मशीनें बहुत कुछ कर सकती हैं, लेकिन इंसान के दिल की बात समझना और उसे कहानी में ढालना आज भी सबसे अहम हिस्सा है।

यही वजह है कि Pocket FM का नज़रिया बिल्कुल साफ़ है। कंपनी मानती है कि AI को इंसानी रचनात्मकता की जगह नहीं लेनी चाहिए, बल्कि उसे और मज़बूत बनाना चाहिए। AI यहाँ लेखक और कलाकार का दुश्मन नहीं, बल्कि उसका सहयोगी और हमसफ़र है — जो उसकी सोच को फैलाए, उसकी कल्पना को नई उड़ान दे।

भारत से बाहर, पूरी दुनिया की ओर क़दम

Pocket FM का सपना सिर्फ़ भारत तक सीमित नहीं है। प्लेटफॉर्म अब अमेरिका, यूरोप और दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी अपनी मज़बूत मौजूदगी बनाने की कोशिश में जुटा है। इन बाज़ारों में AI की मदद से तैयार किए गए कंटेंट की मांग तेज़ी से बढ़ रही है, और Pocket FM इस मौक़े को पूरी समझदारी से भुना रहा है।

अलग-अलग देशों, भाषाओं और संस्कृतियों के दर्शकों तक पहुँचने के लिए Pocket FM टेक्नोलॉजी और स्टोरीटेलिंग — दोनों को साथ लेकर चल रहा है, ताकि हर कहानी वहाँ के लोगों को अपनी-सी महसूस हो।

वसु शर्मा की नियुक्ति: भविष्य की तरफ़ एक मज़बूत क़दम

Pocket FM द्वारा वसु शर्मा को Head of AI बनाना सिर्फ़ एक नियुक्ति नहीं, बल्कि एक दूरगामी और रणनीतिक फ़ैसला है। इससे न केवल प्लेटफॉर्म की AI क्षमताएँ और मज़बूत होंगी, बल्कि दुनिया भर में कहानी कहने का तरीका भी बदल सकता है।

AI और इंसानी रचनात्मकता के इस खूबसूरत मेल के साथ Pocket FM अब एक नई राह पर चल पड़ा है। यहाँ कहानियाँ सिर्फ़ शब्दों का ढेर नहीं होंगी, बल्कि भावनाओं, संस्कृति और कल्पना का ऐसा संगम बनेंगी, जो हर श्रोता के दिल को छू जाए।

यही वो रास्ता है, जहाँ टेक्नोलॉजी भी है, तख़य्युल भी — और कहानी कहने की रूह भी पूरी तरह ज़िंदा है। Pocket FM जिस रफ़्तार से AI और स्टोरीटेलिंग को एक साथ आगे बढ़ा रहा है, वह डिजिटल मनोरंजन की दुनिया में एक नई मिसाल कायम कर रहा है।

वसु शर्मा जैसे अनुभवी AI विशेषज्ञ की मौजूदगी से यह साफ़ हो गया है कि कंपनी सिर्फ़ आज की ज़रूरतों पर नहीं, बल्कि आने वाले कल की तैयारी कर रही है। AI को रचनात्मकता का दुश्मन नहीं, बल्कि उसका हमसफ़र बनाकर Pocket FM लेखकों और श्रोताओं दोनों के लिए एक बेहतर और भावनाओं से जुड़ा अनुभव तैयार कर रहा है। यही सोच Pocket FM को एक Future-Ready Global Storytelling Platform बनाती है।

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