Table of Contents
Nagpur में बड़ी कार्रवाई: Kapsi के 10 कोल्ड स्टोरेज पर छापा
Nagpur। महाराष्ट्र के Nagpur शहर में अवैध Supari के कारोबार पर शिकंजा कसते हुए प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। शहर के कापसी (Kapsi) औद्योगिक इलाके में मौजूद 10 कोल्ड स्टोरेज गोदामों पर एक साथ दबिश दी गई, जहां से जांच एजेंसियों ने करीब 5.44 करोड़ रुपये की सुपारी बरामद कर जब्त की।
Nagpur अधिकारियों के मुताबिक, इतनी बड़ी मात्रा में Supari का एक ही जगह पर भंडारण होना अपने आप में शक पैदा करता है। छापेमारी के दौरान जब यह माल बरामद हुआ, तो सुपारी के कुछ सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए, ताकि यह साफ हो सके कि यह माल किस किस्म का है, कहां से आया है और कहीं इसके इस्तेमाल में किसी तरह के नियम-कायदों की अनदेखी तो नहीं की गई है।
यह पूरी कार्रवाई तीन दिनों तक चली एक संयुक्त जांच मुहिम का हिस्सा रही, जिसमें अलग-अलग विभागों की टीमें शामिल थीं। पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियां मिलकर इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर इतनी बड़ी खेप किसके लिए रखी गई थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद नागपुर के कारोबारियों में हलचल मची हुई है और अवैध सुपारी के धंधे से जुड़े लोगों में खौफ और बेचैनी साफ देखी जा रही है।
तीन दिन चला ऑपरेशन, 10 ठिकानों पर एक साथ दबिश
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, Nagpur प्रशासन को काफी समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कापसी इलाके के कुछ कोल्ड स्टोरेज गोदामों का इस्तेमाल ग़ैरक़ानूनी तरीके से Supari जमा करने और उसकी सप्लाई के लिए किया जा रहा है। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर राज्य कर विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA), स्थानीय पुलिस और दूसरी जांच एजेंसियों ने मिलकर एक पूरी रणनीति तैयार की और फिर एक साथ 10 कोल्ड स्टोरेज पर छापेमारी की।
जांच के दौरान जब गोदामों की तलाशी ली गई, तो वहां हजारों की तादाद में सुपारी से भरे बोरे मिले। हैरानी की बात यह रही कि इनमें से कई बोरों पर न तो कोई सही लेबल लगा था और न ही GST बिल, खरीद-बिक्री के कागज़ात या स्टॉक रजिस्टर मौजूद थे, जिससे साफ हो गया कि पूरा कारोबार संदेह के घेरे में है।
अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में जब्त की गई सुपारी की कीमत करीब 5.44 करोड़ रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में सुपारी को कोल्ड स्टोरेज में जमा करके रखना इस बात की ओर इशारा करता है कि इसे लंबे वक्त तक संभालकर रखा जाना था, ताकि सही मौके पर बाजार में महंगे दामों पर बेचा जा सके।
जांच टीम को यह भी शक है कि इस सुपारी का एक हिस्सा अवैध तरीके से बाहर से मंगाया गया हो सकता है। साथ ही टैक्स और GST से बचने के लिए इसे बिना किसी कागजी कार्रवाई के स्टोर किया गया। अधिकारियों को यह आशंका भी है कि इस सुपारी का इस्तेमाल पान मसाला या दूसरे प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण में किया जा सकता था।
इन्हीं तमाम शंकाओं को साफ करने के लिए अधिकारियों ने सुपारी के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं, ताकि उसकी गुणवत्ता, इस्तेमाल और नियम-कायदों से जुड़े हर पहलू की ठीक से जांच हो सके।
Sample जांच क्यों है अहम?
FDA और दूसरे संबंधित विभागों का कहना है कि सुपारी के जो सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, उनकी रिपोर्ट आने के बाद कई अहम बातें साफ हो जाएंगी। इस जांच से यह पता चलेगा कि सुपारी खाद्य सुरक्षा के तय मानकों पर खरी उतरती है या नहीं, कहीं उसमें किसी तरह का केमिकल ट्रीटमेंट या मिलावट तो नहीं की गई है और सबसे अहम बात यह कि यह सुपारी इंसानों के इस्तेमाल के लायक है भी या नहीं।
अधिकारियों को यह शक भी है कि इस सुपारी का इस्तेमाल गुटखा या दूसरे प्रतिबंधित उत्पादों को बनाने में किया जा सकता था। अगर जांच रिपोर्ट में कोई भी गड़बड़ी सामने आती है, तो फिर इसमें शामिल सुपारी व्यापारियों और कोल्ड स्टोरेज चलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।

कोल्ड स्टोरेज क्यों बन गए अवैध कारोबार का अड्डा?
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि अवैध कारोबारी जानबूझकर कोल्ड स्टोरेज का सहारा ले रहे थे। इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि कोल्ड स्टोरेज में सुपारी को लंबे समय तक सही हालत में रखा जा सकता है, जहां नमी और तापमान पर पूरा कंट्रोल रहता है। इससे माल खराब नहीं होता और उसकी कीमत भी बनी रहती है।
इसके अलावा, कोल्ड स्टोरेज में रखा माल बाहर से पूरी तरह वैध भंडारण जैसा दिखाई देता है, जिससे शक कम होता है। कापसी इलाका पहले से ही औद्योगिक क्षेत्र है, जहां बड़े-बड़े गोदाम और बेहतर लॉजिस्टिक सुविधाएं मौजूद हैं। इसी सुविधा का फायदा उठाकर अवैध कारोबारी यहां अपने धंधे को चुपचाप और आराम से चला रहे थे।
कोल्ड स्टोरेज संचालकों से पूछताछ
छापेमारी के बाद से ही संबंधित कोल्ड स्टोरेज के संचालकों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों से लगातार गहन पूछताछ की जा रही है। अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर यह सुपारी किसके कहने पर यहां रखी गई, इसे रखने की क्या शर्तें तय की गई थीं, और भंडारण के बदले कितना किराया लिया जा रहा था।
इसके साथ ही जांच इस बात पर भी टिकी हुई है कि क्या कोल्ड स्टोरेज चलाने वालों को पहले से ही यह माल ग़ैरक़ानूनी होने की जानकारी थी या नहीं। अगर जांच में यह साबित हो जाता है कि संचालक जानबूझकर अवैध सुपारी को स्टोर कर रहे थे, तो फिर उनके खिलाफ भी इस मामले में सह-आरोपी के तौर पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
सुपारी कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क की तलाश
प्रशासन को पूरा शक है कि यह मामला सिर्फ नागपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार दूसरे शहरों और राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से अब जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
जांच के दायरे में अब यह बातें शामिल हैं कि सुपारी का असल स्रोत कहां का है, इसे कौन खरीद रहा था, और यह माल किस रास्ते से सप्लाई किया जाना था। साथ ही दूसरे शहरों में मौजूद संभावित गोदामों और स्टोरेज ठिकानों की भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क की तस्वीर साफ हो सके।
सूत्रों के मुताबिक, अगर जांच आगे बढ़ी और मामला बड़ा निकला, तो इसमें आयकर विभाग, कस्टम विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी एंट्री हो सकती है। ऐसे में यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और भी बड़ा रूप ले सकती है।
स्थानीय बाजार में हड़कंप
इस बड़ी कार्रवाई के बाद नागपुर और उसके आसपास के इलाकों में सुपारी के कारोबार से जुड़े लोगों में जबरदस्त हलचल मच गई है। बाजार में चर्चा है कि कई व्यापारी अब फौरन अपने स्टॉक से जुड़े कागज़ात दुरुस्त करने में जुट गए हैं। कहीं लोग अपने माल के बिल-वाउचर अपडेट कर रहे हैं, तो कहीं कोल्ड स्टोरेज से सुपारी हटाने की कोशिशें की जा रही हैं। इसके साथ ही टैक्स और GST से जुड़े रिकॉर्ड सही करने पर भी खासा ध्यान दिया जा रहा है।
व्यापारियों के बीच यह आम राय बन गई है कि यह कार्रवाई यहीं थमने वाली नहीं है और आने वाले दिनों में और भी छापेमारियां हो सकती हैं। इसी डर और बेचैनी के माहौल में कई लोग पहले से ही खुद को कानूनी दायरे में लाने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रशासन का सख्त और साफ संदेश
Nagpur अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में साफ कर दिया है कि अवैध भंडारण, टैक्स चोरी और खाद्य सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी बिना रुके जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि सुपारी के जो सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, उनकी रिपोर्ट आने के बाद अगला कदम तय किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह पूरी कार्रवाई राज्य सरकार की उस नीति को साफ तौर पर दिखाती है, जिसके तहत अवैध कारोबार पर जीरो टॉलरेंस अपनाया गया है। Kapsi इलाके के 10 कोल्ड स्टोरेज पर हुई छापेमारी, 5.44 करोड़ रुपये की सुपारी की जब्ती और सैंपल जांच के लिए भेजा जाना इस बात का साफ इशारा है कि अब प्रशासन सिर्फ ऊपर-ऊपर से नहीं, बल्कि मामले की जड़ तक पहुंचने के इरादे में है।
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह मामला और भी बड़ा रूप ले सकता है और Nagpur ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके में अवैध Supari कारोबार की कई परतें खुलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
यह भी पढ़ें –
Saurabh Dwivedi के नेतृत्व में Game Changer साबित होगा The Indian Express Hindi





