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Republic Day पर हाई अलर्ट और कड़ी निगरानी
Republic Day जैसे पाक और राष्ट्रीय त्योहार के दिन, जब पूरा मुल्क तिरंगे की शान और देशभक्ति के जज़्बे में सराबोर था, उसी रोज़ Nagpur में सुरक्षा एजेंसियों ने नशे के खिलाफ एक बड़ी और कड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। जहां एक तरफ़ परेड, झंडारोहण और देशभक्ति के गीतों का माहौल था, वहीं दूसरी तरफ़ कानून के रखवाले समाज को खोखला करने वाले नशे के कारोबार पर ज़ोरदार चोट कर रहे थे।
SSB यानी सशस्त्र सीमा बल SSB और NDPD (नारकोटिक्स डिटेक्शन एंड प्रिवेंशन डिपार्टमेंट) की संयुक्त टीम ने आपसी तालमेल और पुख़्ता रणनीति के साथ एक सुनियोजित ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने 41 किलो से ज़्यादा गांजा बरामद किया और नशे की इस नापाक तस्करी में शामिल दो लोगों को मौके से दबोच लिया। यह कार्रवाई सिर्फ़ एक बरामदगी भर नहीं थी, बल्कि यह साफ़ पैग़ाम था कि अब नशे के सौदागरों के लिए कोई दिन, कोई जगह और कोई मौका महफूज़ नहीं है।
26 जनवरी को देखते हुए Nagpur शहर पहले से ही हाई अलर्ट पर था। रेलवे स्टेशन हो, बस अड्डे हों, शहर के बड़े चौराहे हों या फिर नागपुर में दाख़िल होने वाले तमाम रास्ते—हर जगह सख़्त निगरानी रखी जा रही थी। सुरक्षाकर्मी हर आने-जाने वाले वाहन और संदिग्ध व्यक्ति पर पैनी नज़र बनाए हुए थे।
इसी दौरान SSB और NDPD की टीम को एक गुप्त सूचना मिली कि भारी मात्रा में गांजा नागपुर के रास्ते किसी दूसरे राज्य तक पहुंचाने की फिराक में तस्कर लगे हुए हैं। खबर मिलते ही अधिकारी हरकत में आ गए। मामले की नज़ाकत को समझते हुए वरिष्ठ अफसरों के निर्देश पर तुरंत स्पेशल चेकिंग अभियान शुरू किया गया।
इसके बाद टीम ने संदिग्ध गाड़ियों और यात्रियों की बारीकी से जांच शुरू की। हर छोटी-बड़ी हरकत पर नज़र रखी जा रही थी, और आखिरकार सतर्कता रंग लाई। तस्करों की चालाकी काम न आ सकी और नशे की बड़ी खेप सुरक्षा एजेंसियों के हाथ लग गई।
ऐसे हुआ खुलासा: शक से गिरफ्तारी तक
जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने एक संदिग्ध वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली। गाड़ी में बैठे दो लोग पुलिस को देखते ही घबरा गए और उनके हाव-भाव से साफ़ लग रहा था कि कुछ न कुछ गड़बड़ ज़रूर है। जब उनसे पूछताछ की गई तो वे ठीक से जवाब भी नहीं दे पाए, जिससे अधिकारियों का शक और गहरा हो गया।
इसके बाद जब वाहन की गहराई से जांच की गई, तो उसमें छुपाकर रखे गए 41 किलो से ज़्यादा गांजे के पैकेट बरामद हुए। यह गांजा बड़ी चालाकी से प्लास्टिक की कई परतों और मोटे टेप में लपेटकर रखा गया था, ताकि आम जांच के दौरान किसी को भनक तक न लगे। तस्करों को लगा था कि वे आसानी से बच निकलेंगे, लेकिन प्रशिक्षित और सतर्क अधिकारियों के सामने उनकी सारी चालें नाकाम साबित हो गईं।
दो आरोपी गिरफ्तार, बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका
मौके से ही दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। शुरुआती पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए आरोपी किसी छोटे-मोटे धंधे में नहीं, बल्कि किसी बड़े ड्रग नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। गांजा किस राज्य से लाया गया था और नागपुर के बाद इसे कहां पहुंचाया जाना था—इन तमाम सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
फिलहाल जांच एजेंसियां हर पहलू को बारीकी से खंगाल रही हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन, उनके संपर्क सूत्र और पहले की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ़ एक खेप नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय नशा तस्करी गिरोह की एक अहम कड़ी हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में और लोगों की गिरफ्तारी से इंकार नहीं किया जा सकता।

जब्त गांजे की कीमत लाखों में
सूत्रों के मुताबिक, जब्त किए गए गांजे की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये आंकी जा रही है। अगर यह खेप अपने तय ठिकाने तक पहुंच जाती, तो इसका सीधा असर समाज और खासतौर पर युवाओं पर पड़ता।
नशे की यह खेप न जाने कितनी ज़िंदगियों को तबाह कर सकती थी और अपराध की दुनिया को और मज़बूती देती। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियों की यह कार्रवाई न सिर्फ़ काबिले-तारीफ है, बल्कि यह समाज के लिए एक राहत भरी खबर भी मानी जा रही है।
SSB और NDPD की तारीफ, अधिकारियों को मिला सम्मान
इस कामयाब ऑपरेशन के बाद SSB और NDPD की टीम की हर तरफ़ जमकर तारीफ़ हो रही है। पुलिस महकमे से लेकर प्रशासनिक हलकों तक, सभी लोग टीम की चुस्ती-फुर्ती, चौकसी और प्रोफेशनल अंदाज़ की सराहना कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से पूरी प्लानिंग के साथ यह कार्रवाई की गई, वह काबिले-तारीफ़ है।
गणतंत्र दिवस जैसे बेहद व्यस्त और संवेदनशील मौके पर इतनी बड़ी कार्रवाई को अंजाम देना यह साफ़ दिखाता है कि सुरक्षा एजेंसियां अपने फ़र्ज़ को लेकर कितनी गंभीर और वचनबद्ध हैं। जब पूरा शहर राष्ट्रीय पर्व की तैयारियों और समारोहों में जुटा हुआ था, उस वक़्त भी ये टीमें पर्दे के पीछे रहकर समाज को नशे के ज़हर से बचाने में लगी हुई थीं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
“नशे के खिलाफ हमारी जंग लगातार जारी है। हमारे लिए कोई दिन छोटा-बड़ा नहीं होता। चाहे त्योहार हो या आम दिन, कानून तोड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”
उनके इस बयान से साफ़ है कि आने वाले समय में भी नशे के सौदागरों के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयां और तेज़ की जाएंगी।
नागपुर बना नशा विरोधी अभियान का मजबूत गढ़
पिछले कुछ सालों से नागपुर में ड्रग तस्करी के खिलाफ लगातार सख़्त मुहिम चलाई जा रही है। रेलवे स्टेशन हों, बस स्टैंड हों या फिर शहर से गुजरने वाले हाईवे हर जगह संयुक्त चेकिंग की जा रही है। खुफिया तंत्र को पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत किया गया है और अलग-अलग एजेंसियां आपस में तालमेल के साथ काम कर रही हैं। इसी वजह से अब तक नशे की कई बड़ी खेपें पकड़ी जा चुकी हैं और तस्करों की कमर टूटती नज़र आ रही है।
हाल ही में हुई यह कार्रवाई भी उसी सिलसिले की एक और मज़बूत कड़ी मानी जा रही है। इससे साफ़ पैग़ाम जाता है कि नागपुर अब नशा तस्करों के लिए सेफ ज़ोन नहीं रहा। यहां हर कदम पर निगरानी है और कानून की पकड़ पहले से कहीं ज़्यादा सख़्त हो चुकी है।
युवाओं को नशे से बचाने की दिशा में अहम कदम
नशा सिर्फ़ एक जुर्म भर नहीं है, बल्कि यह ऐसी बुराई है जो समाज की जड़ों को धीरे-धीरे खोखला कर देती है। खासकर युवा पीढ़ी इसका सबसे आसान शिकार बन जाती है। ऐसे में इस तरह की कार्रवाइयां न सिर्फ़ कानून-व्यवस्था को मज़बूत करती हैं, बल्कि नौजवानों को नशे की दलदल में फंसने से बचाने का भी काम करती हैं।
इस कार्रवाई के बाद सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने भी राहत की सांस ली है। लोगों ने सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ़ करते हुए प्रशासन से गुज़ारिश की है कि नशे के खिलाफ ऐसे अभियान और तेज़ किए जाएं, ताकि आने वाली नस्ल को इस ज़हर से महफूज़ रखा जा सके।
आगे की कार्रवाई और जांच जारी
फिलहाल दोनों आरोपियों को अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच एजेंसियां अब उनके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स, संपर्क में रहने वाले लोगों और पैसों के लेन-देन की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। अफसर यह जानने की कोशिश में जुटे हैं कि इस पूरे गिरोह के पीछे असल में कौन लोग काम कर रहे हैं और अब तक नशे की कितनी खेपें इधर से उधर भेजी जा चुकी हैं। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में कई और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं और इस नेटवर्क से जुड़े और चेहरे बेनक़ाब हो सकते हैं।
Republic Day पर कानून की जीत
Republic Day के मौके पर Nagpur में हुई यह बड़ी कार्रवाई इस बात का साफ़ सबूत है कि कानून का राज हर सूरत में कायम है। जब पूरा देश संविधान और लोकतंत्र का जश्न मना रहा था, उसी वक़्त सुरक्षा एजेंसियां खामोशी से समाज को नशे के ज़हर से बचाने में लगी हुई थीं और उन्होंने अपना फ़र्ज़ पूरी ईमानदारी, मुस्तैदी और निष्ठा के साथ निभाया।
SSB और NDPD की यह संयुक्त कामयाबी सिर्फ़ एक खबर भर नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के लिए एक सख़्त और दो-टूक पैग़ाम भी देती है “नशे का धंधा करने वालों के लिए भारत की धरती पर कोई जगह नहीं है।” यह कार्रवाई उन सभी लोगों के लिए चेतावनी है जो देश के युवाओं के भविष्य से खेलने की सोच रखते हैं।
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