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Epstein Files क्या हैं? पूरा परिचय
Epstein Files असल में बहुत सारे अहम और गोपनीय काग़ज़ात का एक बड़ा संग्रह है, जो अमेरिका के अमीर फाइनेंसर और सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपी Jeffrey Epstein और उसकी करीबी सहयोगी Ghislaine Maxwell से जुड़े हुए हैं। ये दस्तावेज़ सालों पहले, यानी 2000 के दशक से, FBI, DOJ और कांग्रेस की जाँच के दौरान तैयार किए गए थे, जिन्हें अब धीरे-धीरे आम लोगों के सामने लाया जा रहा है।
इन फाइलों में कई तरह की जानकारियाँ शामिल हैं, जैसे Emails, यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड, प्राइवेट जहाज़ों की उड़ानों की लिस्ट, कोर्ट के काग़ज़ात, समन (Subpoena), तस्वीरें, वीडियो, FBI की पूछताछ के नोट्स और चार्जशीट के ड्राफ्ट।
इन सभी दस्तावेज़ों का मकसद यह समझना है कि Epstein का पूरा नेटवर्क कैसे काम करता था, उसके साथ कौन-कौन से ताक़तवर और रसूख़दार लोग जुड़े हुए थे, और किस तरह उसकी गैरकानूनी हरकतों को सालों तक या तो नज़रअंदाज़ किया गया या दबा दिया गया।
यह सारी जानकारी मशहूर Encyclopedia Britannica से ली गई है, जिसे दुनिया भर में भरोसेमंद और प्रमाणिक स्रोत माना जाता है।
Epstein Files रिलीज़ का इतिहास और कानून
Epstein Files कैसे धीरे-धीरे सामने आईं?
नवंबर 2025 में अमेरिका की संसद यानी कांग्रेस ने एक खास क़ानून पास किया, जिसका नाम था Epstein Files Transparency Act। इस क़ानून का मकसद यह था कि सरकार और न्याय विभाग (DOJ) को मजबूर किया जाए कि वे Epstein से जुड़ी सारी फाइलें जनता के सामने रखें और किसी भी तरह की जानकारी को छुपाया न जाए।
इस क़ानून के पास होने के बाद, 19 दिसंबर 2025 को पहली बार न्याय विभाग ने Epstein से जुड़े दस्तावेज़ों का एक बड़ा हिस्सा सार्वजनिक किया। इस पहले बैच में कई अहम चीज़ें शामिल थीं, जैसे Epstein की तस्वीरें, FBI की जाँच से जुड़े रिकॉर्ड, पूछताछ के नोट्स और पुराने केस की फाइलें। इसके बाद पूरी दुनिया में इस मामले को लेकर फिर से चर्चा तेज़ हो गई।
फिर इसके बाद, 30 जनवरी 2026 को DOJ ने अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड जारी किया। इसमें करीब 35 लाख पन्ने शामिल थे, जिनमें Emails, वीडियो, फोटो, यात्रा से जुड़े दस्तावेज़, कोर्ट के काग़ज़ात और कई गुप्त रिपोर्ट्स थीं। यह रिलीज़ इतनी बड़ी थी कि इसे Epstein केस की सबसे अहम कड़ी माना गया।
इन फाइलों के सामने आने के बाद यह साफ़ हुआ कि यह मामला सिर्फ एक आदमी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक पूरा नेटवर्क और कई छुपी हुई कहानियाँ मौजूद थीं, जिन्हें अब धीरे-धीरे दुनिया के सामने लाया जा रहा है।
कितनी फ़ाइलें हैं और क्या उनमें सब कुछ शामिल है?
अब तक अमेरिका के न्याय विभाग यानी DOJ ने Epstein मामले से जुड़े करीब 30 लाख से भी ज़्यादा पन्नों के दस्तावेज़ जनता के सामने रख दिए हैं। इन फाइलों में बहुत सारी अहम और चौंकाने वाली जानकारियाँ शामिल हैं। जैसे 2,000 से ज़्यादा वीडियो, लगभग 1 लाख 80 हज़ार तस्वीरें, हजारों Emails, जाँच से जुड़ी रिपोर्ट्स, कोर्ट के काग़ज़ात और मुकदमों की फाइलें।
इन दस्तावेज़ों को देखकर यह साफ़ समझ में आता है कि Epstein Files का मामला कितना बड़ा और कितना गहरा था। हर फाइल में कोई न कोई नई कहानी, कोई नया राज़ और कोई न कोई ऐसा सच छुपा हुआ है, जो सालों तक लोगों से छुपाया गया।
लेकिन यहाँ एक बहुत अहम और सोचने वाली बात यह है कि सरकार ने अभी तक जो फाइलें जारी की हैं, उनमें से कई को जानबूझकर ब्लैक कर दिया गया है, यानी बहुत सारी लाइनों, नामों और जानकारियों पर काली स्याही फेर दी गई है। इसे ही अंग्रेज़ी में Redacted कहा जाता है। इसका मतलब यह हुआ कि आम लोग उन हिस्सों को पढ़ ही नहीं सकते।

इतना ही नहीं, कुछ दस्तावेज़ ऐसे भी हैं जो या तो अधूरे हैं, या इतने खराब तरीके से स्कैन किए गए हैं कि उन्हें ठीक से पढ़ना लगभग नामुमकिन हो जाता है। कहीं शब्द कटे हुए हैं, कहीं पन्ने फटे हुए हैं, तो कहीं जानकारी जानबूझकर मिटा दी गई है।
आलोचकों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है, ताकि कुछ ताक़तवर और रसूख़दार लोगों के नाम और उनके कारनामे सामने न आ सकें। उनके मुताबिक, अब भी करीब 25 लाख से ज़्यादा पन्ने ऐसे हैं, जिन्हें सरकार ने पूरी तरह से छुपा कर रखा हुआ है और अभी तक जनता के सामने पेश नहीं किया गया है।
यही वजह है कि लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब पारदर्शिता की बात की जाती है, तो फिर इतनी सारी फाइलें क्यों छुपाई जा रही हैं? अगर सरकार सच में इंसाफ़ और सच्चाई चाहती है, तो फिर हर दस्तावेज़ को बिना काट-छाँट के सामने क्यों नहीं लाया जाता?
आज भी बहुत से पीड़ित, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता यही मांग कर रहे हैं कि Epstein से जुड़ी सारी फाइलें पूरी तरह से सार्वजनिक की जाएँ, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके, और जो भी दोषी हैं, चाहे वे कितने ही ताक़तवर क्यों न हों, उन्हें उनके गुनाहों की सज़ा मिल सके।
Epstein Files में क्या है – तथ्य और प्रमुख सामग्री
डॉक्यूमेंट्स, Emails, फोटो और वीडियो में क्या-क्या सामने आया?
Epstein Files में जो सबसे ज़्यादा अहम और चौंकाने वाली चीज़ें सामने आई हैं, उनमें उसके Emails, सरकारी दस्तावेज़, FBI के नोट्स, और तस्वीरें–वीडियो शामिल हैं। इन सबको पढ़ने और देखने के बाद यह साफ़ हो जाता है कि उसका नेटवर्क कितना फैला हुआ था और वह किस तरह बड़े-बड़े लोगों के संपर्क में रहता था।
Emails और निजी बातचीत
इन Epstein Files में Epstein के हजारों Emails मौजूद हैं, जिनमें वह अपने खास संपर्कों से बात करता था। इनमें उसके बिज़नेस से जुड़े सौदे, पैसों का लेन-देन, रिसर्च से जुड़ी बातें, और कई रसूख़दार और प्रभावशाली लोगों के साथ हुई बातचीत शामिल है।
कुछ Emails में यह भी दिखता है कि वह कैसे बड़े वैज्ञानिकों, नेताओं, बिज़नेसमैन और मशहूर हस्तियों से संपर्क बनाए रखता था, ताकि अपनी ताक़त और पहुँच को और मज़बूत कर सके। आज इनमें से बहुत सारे Emails सरकारी रिकॉर्ड बन चुके हैं और आम लोगों के लिए भी उपलब्ध हैं।
Draft Indictments अधूरी चार्जशीट
पुराने दस्तावेज़ों में एक बहुत ही अहम काग़ज़ भी मिला है, जो साल 2007 का एक Federal Indictment Draft था। इसका मतलब यह है कि उस समय सरकार Epstein और उसके कुछ साथियों पर गंभीर आरोप लगाने की तैयारी कर रही थी।
इस ड्राफ्ट में यह लिखा गया था कि उस पर सेक्स ट्रैफिकिंग, नाबालिगों के शोषण और अवैध नेटवर्क चलाने जैसे मामले दर्ज किए जाएँ। लेकिन हैरानी की बात यह है कि यह चार्जशीट कभी अदालत तक पहुँची ही नहीं। किसी दबाव, सौदेबाज़ी या राजनीतिक रसूख़ के चलते इस केस को आगे नहीं बढ़ाया गया।
यही बात आज भी लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल पैदा करती है — आखिर Epstein को उस समय क्यों बचा लिया गया?
FBI के इंटरव्यू नोट्स
FBI की जाँच के दौरान कई पीड़ितों, कर्मचारियों और गवाहों से पूछताछ की गई थी। इन इंटरव्यू के जो नोट्स फाइलों में मिले हैं, वे बहुत ही डरावने और परेशान करने वाले हैं।

इन नोट्स में लिखा है कि Epstein के घर में काम करने वाले लोग रोज़मर्रा में क्या करते थे, कैसे लड़कियों को बुलाया जाता था, कैसे उन्हें पैसे दिए जाते थे, और किस तरह पूरा सिस्टम चलता था।
एक नोट में तो यहाँ तक बताया गया है कि एक कर्मचारी Epstein के बिस्तर के पास $100 के नोट फैलाकर रखता था, ताकि लड़कियों को लालच दिया जा सके और उन्हें चुप रखा जा सके। यह बात सुनकर ही इंसान के रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
Epstein Files: Photos और Videos — सबसे डरावना हिस्सा
Epstein Files का सबसे ज़्यादा परेशान करने वाला और संवेदनशील हिस्सा उसकी तस्वीरें और वीडियो हैं। इनमें से कई फोटो और वीडियो इतने भयानक हैं कि उन्हें देखना तक मुश्किल हो जाता है।
कुछ तस्वीरों में Epstein छोटे-छोटे बच्चों और नाबालिग लड़कियों के साथ दिखाई देता है, जो सीधे तौर पर उसके अपराधों की तरफ इशारा करती हैं। कई वीडियो भी ऐसे हैं, जिनमें संदिग्ध और आपत्तिजनक गतिविधियाँ रिकॉर्ड की गई हैं।
इन्हीं फोटो और वीडियो के कारण पीड़ितों को सबसे ज़्यादा मानसिक चोट पहुँची, और दुनिया भर में सरकार और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठे। लोगों ने पूछा कि जब इतने सबूत मौजूद थे, तो फिर सालों तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
कुल मिलाकर क्या पता चलता है?
इन Emails, दस्तावेज़ों, FBI नोट्स और तस्वीरों से यह साफ़ हो जाता है कि:
Epstein अकेला नहीं था, उसके पीछे एक पूरा नेटवर्क था
वह ताक़तवर लोगों के सहारे खुद को सुरक्षित रखता था
सरकार के पास पहले से सबूत थे, फिर भी देर की गई
पीड़ितों की आवाज़ को लंबे समय तक दबाया गया
ये Epstein Files सिर्फ काग़ज़ों का ढेर नहीं हैं, बल्कि ये उन सैकड़ों मासूम लड़कियों की दर्द भरी कहानियाँ हैं, जिन्हें सालों तक इंसाफ़ नहीं मिला।
Epstein Files में प्रमुख लोगों के नाम और चर्चाएँ
हाई-प्रोफाइल नामों को लेकर सबसे बड़ा विवाद
Epstein Files से जुड़ा हुआ सबसे ज़्यादा विवादित और बहस वाला पहलू यह है कि इन फाइलों में कई बहुत बड़े, मशहूर और ताक़तवर लोगों के नाम सामने आए हैं। ये ऐसे लोग हैं जो दुनिया की राजनीति, बिज़नेस, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री में बड़ा मुकाम रखते हैं।
जब ये दस्तावेज़ सार्वजनिक हुए, तो लोगों की नज़र सबसे पहले इन्हीं नामों पर गई। हर तरफ यही चर्चा होने लगी कि आखिर Epstein के संपर्क में कौन-कौन लोग थे, और उनका इस पूरे मामले से क्या रिश्ता था।
इन Epstein Files में जिन कुछ बड़े नामों का ज़िक्र मिलता है, उनमें शामिल हैं –
एलन मस्क (टेक्नोलॉजी और बिज़नेस की दुनिया का बड़ा नाम)
स्टीव बैनन (अमेरिकी राजनीति से जुड़ा चर्चित चेहरा)
रिचर्ड ब्रैनसन (बिज़नेस टायकून और Virgin Group के मालिक)
माइरोस्लाव लाजैक (अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़ा नाम)
और कई बड़े टेक इंडस्ट्री व कॉरपोरेट लीडर्स
इन नामों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया, न्यूज़ चैनलों और अख़बारों में तूफ़ान मच गया। लोग तरह-तरह की बातें करने लगे, अफ़वाहें फैलने लगीं, और कई बार बिना सबूत के ही लोगों को दोषी ठहराया जाने लगा।
लेकिन यहाँ एक बहुत ज़रूरी और समझने वाली बात यह है कि सिर्फ किसी फाइल में नाम आ जाने से कोई इंसान अपराधी साबित नहीं हो जाता।
कानूनी तौर पर अब तक:
इन लोगों पर कोई आधिकारिक आरोप तय नहीं हुआ है किसी अदालत ने इन्हें दोषी नहीं माना है इनके खिलाफ कोई पुख़्ता सबूत पेश नहीं किए गए हैं किसी पर मुकदमा चलाकर सज़ा नहीं दी गई है|
ज़्यादातर मामलों में इन नामों का ज़िक्र सिर्फ इसलिए हुआ है क्योंकि वे कभी न कभी Epstein से मिले थे, उसके साथ किसी मीटिंग में शामिल हुए थे, या उसकी किसी यात्रा या पार्टी में मौजूद थे।
कानून की नज़र में किसी से मिलना, किसी पार्टी में जाना, या किसी से जान-पहचान होना, अपने आप में कोई जुर्म नहीं होता — जब तक उसके साथ अपराध का ठोस सबूत न हो।
इसी वजह से कई कानूनी विशेषज्ञ और मानवाधिकार संगठन यह कहते हैं कि बिना पुख़्ता सबूत के किसी का नाम बदनाम करना न सिर्फ ग़लत है, बल्कि यह इंसाफ़ के उसूलों के भी खिलाफ है।
कुछ लोगों ने तो खुलकर सामने आकर यह भी कहा कि उनका Epstein के अपराधों से कोई लेना-देना नहीं था और वे कभी उसके गैरकानूनी कामों में शामिल नहीं रहे।
फिर भी, यह सच है कि इतने बड़े-बड़े नामों का Epstein के आसपास होना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। लोग आज भी पूछते हैं:
क्या ये लोग सब कुछ जानते थे?
क्या किसी ने आँखें बंद कर ली थीं?
क्या किसी ने जानबूझकर चुप्पी साधी थी?
इन सवालों का जवाब आज तक पूरी तरह सामने नहीं आ पाया है।
राजनीति, सरकार और Epstein Files सबसे बड़े आरोप और विवाद
Epstein Files सामने आने के बाद सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि नेता, सांसद और राजनीतिक दल भी सरकार और न्याय विभाग पर सवाल उठाने लगे। इस मामले में सबसे ज़्यादा निशाने पर रहा अमेरिका का न्याय विभाग यानी DOJ (Department of Justice)।
अमेरिका में DOJ पर गंभीर आरोप
अमेरिका के कई सांसदों और lawmakers का कहना है कि DOJ ने Epstein से जुड़ी सारी सच्चाई जानबूझकर जनता से छुपाई है। उनका आरोप है कि सरकार ने फाइलों के कई अहम हिस्सों को जानबूझकर काला कर दिया (Redact कर दिया), ताकि असली साजिशकर्ताओं और Epstein के साथ मिलकर काम करने वालों के नाम सामने न आ सकें।
खासतौर पर जो नाम सबसे ज़्यादा छुपाए गए हैं, वे हैं Co-Conspirators, यानी वे लोग जो Epstein के अपराधों में उसके साथ शामिल थे या उसकी मदद कर रहे थे।
आरोप लगाने वाले नेताओं का कहना है कि:
सरकार ने ताक़तवर और रसूख़दार लोगों को बचाने की कोशिश की बड़े बिज़नेस लीडर्स और राजनीतिक हस्तियों के नाम जानबूझकर हटाए गए सच्चाई को अधूरा दिखाया गया जनता को पूरा सच जानने से रोका गया|
कई सांसदों ने संसद में खुलकर कहा कि अगर सरकार सच में इंसाफ़ चाहती है, तो उसे बिना किसी डर और दबाव के सारी फाइलें पूरी तरह सार्वजनिक करनी चाहिए। उनका यह भी कहना है कि DOJ का यह रवैया आम लोगों के भरोसे को तोड़ता है और न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
ब्रिटेन में उठा राजनीतिक तूफ़ान
Epstein Files का असर सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ब्रिटेन की राजनीति में भी इससे बड़ा भूचाल आ गया। कुछ दस्तावेज़ों के सामने आने के बाद ब्रिटेन के जाने-माने राजनेता Peter Mandelson का नाम चर्चा में आ गया। वे पहले ब्रिटेन सरकार में मंत्री रह चुके हैं और एक ताक़तवर राजनीतिक चेहरा माने जाते हैं।
Epstein Files में यह संकेत मिला कि Mandelson ने कथित तौर पर Epstein को कुछ संवेदनशील और गोपनीय जानकारियाँ भेजी थीं। कहा गया कि ये जानकारियाँ राजनीतिक और कूटनीतिक मामलों से जुड़ी हो सकती थीं।
इन आरोपों के सामने आने के बाद:
ब्रिटिश सरकार ने मामले की जाँच शुरू करवाई मीडिया में भारी चर्चा हुई विपक्ष ने जवाब माँगा जनता में नाराज़गी फैल गई हालाँकि Mandelson ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया और कहा कि उनका Epstein के गैरकानूनी कामों से कोई लेना-देना नहीं था।
फिर भी, जाँच एजेंसियाँ इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या सच में कोई गोपनीय जानकारी लीक हुई थी या नहीं।
जनता और विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
कानूनी विशेषज्ञों, पत्रकारों और मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि यह मामला सिर्फ Epstein तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सरकारी लापरवाही और राजनीतिक दबाव की भी बड़ी भूमिका रही है।
उनका कहना है कि: अगर समय पर सख़्त कार्रवाई होती अगर बड़े लोगों को छूट न मिलती अगर फाइलें पहले ही खोल दी जातीं तो शायद सैकड़ों मासूम लड़कियों को इंसाफ़ मिल सकता था।
Epstein Files ने यह साफ़ कर दिया है कि जब अपराधी के पास पैसा और ताक़त होती है, तो वह सिर्फ कानून ही नहीं, बल्कि राजनीति को भी प्रभावित कर सकता है।
Epstein Files से क्या समझ में आता है असली सच्चाई और आगे की लड़ाई
Epstein Files को ध्यान से देखने और समझने के बाद कुछ बहुत ही अहम बातें सामने आती हैं, जो हमें इस पूरे मामले की गहराई तक ले जाती हैं।
सबसे पहली और ज़रूरी बात यह है कि ये फाइलें साफ़-साफ़ बताती हैं कि Jeffrey Epstein ने सालों तक किस तरह लगातार गुनाह किए। इन दस्तावेज़ों में उसके अपराधों की पूरी कहानी दर्ज है कैसे वह नाबालिग लड़कियों को फँसाता था, कैसे उन्हें पैसे और डर के ज़रिए चुप कराता था, और कैसे वह अपने रसूख़ का इस्तेमाल करके बचता रहता था।
दूसरी बड़ी बात यह है कि ये फाइलें यह भी दिखाती हैं कि Epstein अकेला नहीं था। उसके पीछे एक पूरा ऊँचे स्तर का नेटवर्क काम कर रहा था, जिसमें असरदार लोग, अमीर बिज़नेसमैन और ताक़तवर चेहरे शामिल थे। यही लोग समाज और न्याय व्यवस्था में गहरी दरार पैदा करते रहे। जब ऐसे लोग अपराधियों को बचाने लगते हैं, तो सिस्टम खुद कमज़ोर हो जाता है।
तीसरी अहम बात यह है कि Epstein Files ने सालों से चल रही अफ़वाहों, आरोपों और बदनामी के बीच एक तरह का सार्वजनिक रिकॉर्ड तैयार किया है। अब सिर्फ बातें नहीं हैं, बल्कि काग़ज़ी सबूत, Emails, रिपोर्ट्स और सरकारी दस्तावेज़ मौजूद हैं, जो सच्चाई की तरफ इशारा करते हैं।
लेकिन इसके साथ-साथ एक कड़वी हक़ीक़त यह भी है कि आज भी बहुत सारी बड़ी और ज़रूरी फाइलें छुपी हुई हैं। कई दस्तावेज़ों में नाम और बातें काली स्याही से मिटा दी गई हैं। विशेषज्ञों और खोजी पत्रकारों का मानना है कि जब तक ये अधूरी फाइलें पूरी तरह सामने नहीं आतीं, तब तक पूरा सच कभी बाहर नहीं आ सकता।
“Call for Transparency” — सच्चाई की मांग
आज दुनिया भर में कई पीड़ित, सामाजिक कार्यकर्ता और मानवाधिकार संगठन लगातार आवाज़ उठा रहे हैं। उनका साफ़ कहना है कि DOJ को अब आधा-अधूरा खेल बंद करना चाहिए और सारी फाइलें बिना काट-छाँट के जनता के सामने रखनी चाहिए।
उनकी मांग है कि: Redactions कम किए जाएँ नाम छुपाना बंद किया जाए हर दस्तावेज़ पूरा जारी किया जाए ताकि अदालत में सही इंसाफ़ हो सके उनका मानना है कि जब तक सरकार सब कुछ साफ़-साफ़ नहीं बताएगी, तब तक पीड़ितों को सुकून और न्याय नहीं मिल सकता।
Epstein Files सिर्फ काग़ज़ नहीं, सिस्टम की नाकामी
असल में Epstein Files सिर्फ कुछ काग़ज़ों का ढेर नहीं हैं। ये एक बहुत बड़े घोटाले, सरकारी लापरवाही और संस्थागत विफलता की कहानी हैं।
ये फाइलें बताती हैं कि कैसे एक आदमी ने दशकों तक खुलेआम अपराध किए, कैसे उसने पैसा और ताक़त के दम पर एक शक्तिशाली नेटवर्क खड़ा किया, और कैसे उसके बावजूद न्याय व्यवस्था उसे रोक नहीं पाई।
यह मामला हमें यह भी दिखाता है कि जब सिस्टम सो जाता है, जब ताक़तवर लोग मिलकर सच को दबाते हैं, तब सबसे ज़्यादा नुकसान मासूम लोगों को होता है।
अधूरी किताब, जारी तलाश
Epstein Files ने सच्चाई के कई दरवाज़े ज़रूर खोल दिए हैं, लेकिन अभी भी बहुत से कमरे बंद पड़े हैं। बहुत से राज़ अब भी परदे के पीछे हैं। बहुत से सवाल आज भी बिना जवाब के हैं।
इसीलिए कहा जाता है कि यह कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। पूरा सच अभी भी तलाशा जा रहा है। जब तक हर फाइल, हर नाम और हर सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक Epstein Files एक अधूरी किताब ही बनी रहेगी जिसकी आख़िरी लाइनें दुनिया आज भी पढ़ने का इंतज़ार कर रही हैं।
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