Skip to content

BCCI Contract 2026 में Big Change: Virat और Rohit का Grade Down, जानिए पूरा सच हिंदी में

BCCI Contract 2026 में Big Change: Virat और Rohit का Grade Down, जानिए पूरा सच हिंदी में

BCCI Contract क्या होता है?

BCCI यानी Board of Control for Cricket in India हर साल भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को एक खास तरह का BCCI Contract देता है, जिसे सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट कहा जाता है। इसका मतलब यह होता है कि जो खिलाड़ी देश के लिए खेलते हैं, उन्हें बोर्ड की तरफ से साल भर एक तय रकम मिलती है। इसके साथ-साथ उन्हें मैच फीस, इलाज की सुविधा, ट्रेनिंग, ट्रैवल और टीम के साथ जुड़े रहने के कई फायदे भी दिए जाते हैं।

BCCI ये कॉन्ट्रैक्ट खिलाड़ियों को उनके खेल, मेहनत, फिटनेस और परफॉर्मेंस के आधार पर अलग-अलग ग्रेड में बांटता है। पहले ये चार ग्रेड होते थे — A+, A, B और C।

Grade A+ में आने वाले खिलाड़ियों को सबसे ज़्यादा पैसे मिलते थे, करीब 7 करोड़ रुपये सालाना।

Grade A वालों को लगभग 5 करोड़ रुपये मिलते थे।

Grade B में खिलाड़ियों को करीब 3 करोड़ रुपये दिए जाते थे।

और Grade C उन खिलाड़ियों के लिए होता था, जो नए होते थे या कम मैच खेलते थे, उन्हें करीब 1 करोड़ रुपये मिलते थे।

ये पूरा सिस्टम इस बात पर निर्भर करता था कि खिलाड़ी कैसा खेल रहा है, उसकी फिटनेस कैसी है और वह भारत के लिए कौन-कौन से फॉर्मेट — टेस्ट, वनडे और टी20 — खेल रहा है।

अब हाल ही में जो खबरें सामने आई हैं, उनके मुताबिक BCCI ने 2025-26 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। इस बदलाव में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि भारत के दो सबसे बड़े सितारे — विराट कोहली और रोहित शर्मा — को अब सबसे ऊँचे ग्रेड से हटाकर Grade B में रखा जा सकता है।

इतना ही नहीं, BCCI ने अब A+ ग्रेड को पूरी तरह खत्म करने का फैसला कर लिया है। यानी अब आगे से सिर्फ तीन ही कैटेगरी रहेंगी — A, B और C। A+ नाम का कोई ग्रेड अब नहीं होगा।

नई लिस्ट के मुताबिक इस बार सिर्फ तीन खिलाड़ियों को ही सबसे ऊपर यानी Grade A में जगह मिली है। ये खिलाड़ी हैं —

जसप्रीत बुमराह

शुभमन गिल

रविंद्र जडेजा

इन तीनों को इसलिए टॉप ग्रेड में रखा गया है, क्योंकि ये लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और टीम के लिए अलग-अलग फॉर्मेट में खेल रहे हैं।

विराट कोहली और रोहित शर्मा के ग्रेड में बदलाव की सबसे बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि अब दोनों खिलाड़ी सिर्फ वनडे (ODI) क्रिकेट ही खेल रहे हैं। उन्होंने टेस्ट और टी20 क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले लिया है। यानी अब वे तीनों फॉर्मेट में एक्टिव नहीं हैं।

BCCI की नई पॉलिसी के मुताबिक अब वही खिलाड़ी टॉप ग्रेड में रहेंगे, जो हर फॉर्मेट में टीम के लिए लगातार उपलब्ध रहते हैं और पूरी मेहनत से खेलते हैं। इसी वजह से विराट और रोहित जैसे दिग्गज खिलाड़ी, जिनका नाम कभी A+ ग्रेड से जुड़ा रहता था, अब नीचे के ग्रेड में रखे जा सकते हैं।

हालाँकि फैंस के दिलों में आज भी विराट और रोहित के लिए बहुत इज्जत है, क्योंकि उन्होंने देश के लिए सालों तक शानदार क्रिकेट खेला है। लेकिन बोर्ड अब पुराने रिकॉर्ड से ज़्यादा मौजूदा फॉर्म और एक्टिव खेलने पर ज़ोर दे रहा है।

यानी साफ शब्दों में कहें तो अब BCCI का फोकस यह है कि जो खिलाड़ी आज टीम के लिए मैदान पर जान लगा रहे हैं, वही सबसे ऊपर रहेंगे — चाहे वो नया हो या पुराना।

Virat और Rohit का ग्रेड B में ट्रांसफर — क्या वजह है?

प्रतिस्पर्धा और फॉर्म की अहमियत

BCCI की नई पॉलिसी के मुताबिक अब सिर्फ नाम या पुराने रिकॉर्ड के दम पर किसी खिलाड़ी को सबसे ऊँचे ग्रेड में नहीं रखा जाएगा। अब बोर्ड यह देखता है कि खिलाड़ी इस वक्त कितना एक्टिव है, कितना अच्छा खेल रहा है और टीम के लिए कितना वक्त दे रहा है।

जो खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट — टेस्ट, वनडे और टी20 — में लगातार भारत के लिए खेल रहे हैं, उन्हें ही ऊपर के ग्रेड में रखा जाएगा। लेकिन जो खिलाड़ी किसी एक या दो फॉर्मेट से रिटायर हो चुके हैं, उनके लिए टॉप ग्रेड में बने रहना अब आसान नहीं रहा।

विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों ही अब टेस्ट और टी20 क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं। फिलहाल वे सिर्फ वनडे क्रिकेट पर ही ध्यान दे रहे हैं। ऐसे में BCCI को लगता है कि जब कोई खिलाड़ी हर फॉर्मेट में टीम के साथ नहीं है, तो उसे सबसे ऊँचे ग्रेड में रखना ठीक नहीं माना जा सकता।

यही वजह है कि अब विराट और रोहित जैसे बड़े नामों को भी नीचे के ग्रेड में रखने पर विचार किया जा रहा है। यह फैसला भावनाओं से नहीं, बल्कि प्रदर्शन और मौजूदा हालात को देखकर लिया जा रहा है।

A+ ग्रेड को खत्म करने का फैसला

BCCI का मानना है कि अब A+ ग्रेड पहले जैसा असरदार नहीं रहा। पहले के दौर में कुछ खिलाड़ी ऐसे होते थे, जो तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलते थे और टीम की रीढ़ माने जाते थे। उसी वजह से A+ ग्रेड बनाया गया था।

लेकिन आज के वक्त में हालात बदल चुके हैं। अब कोई भी खिलाड़ी ऐसा नहीं है, जो साल भर टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट में लगातार खेले। कभी वर्कलोड की वजह से, तो कभी चोट या आराम के कारण खिलाड़ी ब्रेक लेते रहते हैं।

इसी को देखते हुए BCCI ने फैसला किया कि A+ ग्रेड अब अपने मकसद को पूरा नहीं कर पा रहा है। इसलिए इसे खत्म करके एक आसान और साफ-सुथरा सिस्टम बनाया जाए, जिसमें सिर्फ तीन कैटेगरी हों — A, B और C।

इस नए सिस्टम से बोर्ड को खिलाड़ियों को आंकने में आसानी होगी और खिलाड़ियों को भी साफ पता रहेगा कि उन्हें किस आधार पर ग्रेड दिया जा रहा है।

सीधे शब्दों में कहें तो अब BCCI सिर्फ नाम, शोहरत या पुराने कारनामों पर नहीं, बल्कि मौजूदा मेहनत, फिटनेस और मैदान पर दी जा रही परफॉर्मेंस पर ही भरोसा कर रहा है। और यही वजह है कि कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में इतना बड़ा बदलाव किया गया है।

कौन हैं उन 3 खिलाड़ियों को A ग्रेड मिला?

नई जारी हुई लिस्ट के मुताबिक इस बार सिर्फ तीन खिलाड़ियों को ही सबसे ऊपर वाला ग्रेड, यानी Grade A, दिया गया है। अब यही ग्रेड सबसे बड़ा और सबसे खास माना जा रहा है।

इन तीन खिलाड़ियों के नाम हैं —

जसप्रीत बुमराह,
शुभमन गिल,
और रविंद्र जडेजा।

BCCI ने इन तीनों को इसलिए टॉप ग्रेड में रखा है, क्योंकि ये खिलाड़ी इस वक्त टीम इंडिया के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं और हर मौके पर अपना दम दिखा रहे हैं। ये सिर्फ एक-दो मैच नहीं, बल्कि हर बड़े मुकाबले में टीम के लिए जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

जसप्रीत बुमराह तेज गेंदबाज़ी की कमान संभाल रहे हैं और मुश्किल वक्त में विकेट निकालकर टीम को राहत दिलाते हैं। शुभमन गिल अपनी शानदार बल्लेबाज़ी से पारी की शुरुआत मजबूत करते हैं और टीम को अच्छी शुरुआत दिलाते हैं। वहीं रविंद्र जडेजा बल्ले और गेंद दोनों से कमाल दिखाते हैं और फील्डिंग में भी जान डाल देते हैं।

सबसे बड़ी बात यह है कि ये तीनों खिलाड़ी अभी भी भारत के लिए अलग-अलग फॉर्मेट में खेल रहे हैं — चाहे टेस्ट हो, वनडे हो या टी20। जब भी टीम को ज़रूरत पड़ती है, ये मैदान पर उतरकर अपना सौ फीसदी देने की कोशिश करते हैं।

इसी लगातार मेहनत, फिटनेस और शानदार फॉर्म की वजह से BCCI ने इन्हें सबसे ऊँचे ग्रेड में जगह दी है। बोर्ड का मानना है कि फिलहाल यही तीन खिलाड़ी टीम की रीढ़ हैं और आने वाले वक्त में भी भारतीय क्रिकेट की पहचान बने रहेंगे।

सीधे शब्दों में कहें तो आज के दौर में बुमराह, गिल और जडेजा ही वो नाम हैं, जिन पर टीम इंडिया सबसे ज़्यादा भरोसा करती है — और इसी भरोसे का इनाम उन्हें Grade A के रूप में मिला है।

विराट-रोहित के लिए क्या होगा आर्थिक प्रभाव?

पैसों पर क्या असर पड़ेगा?

अगर विराट कोहली और रोहित शर्मा को सच में Grade B में रखा जाता है, तो उन्हें सालाना करीब 3 करोड़ रुपये ही मिलेंगे। जबकि पहले, जब वे A+ ग्रेड में थे, तब उन्हें लगभग 7 करोड़ रुपये सालाना मिलते थे।

इसका मतलब साफ है कि उनकी कमाई में हर साल करीब 4 करोड़ रुपये की कटौती हो सकती है। ये रकम आम लोगों के लिए बहुत बड़ी है, लेकिन विराट और रोहित जैसे बड़े सितारों के लिए भी यह एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

हालाँकि BCCI का कहना है कि यह फैसला पैसों के लिए नहीं, बल्कि टीम की रणनीति, भविष्य की तैयारी और क्रिकेट की प्लानिंग को ध्यान में रखकर लिया गया है। बोर्ड चाहता है कि जो खिलाड़ी अभी मैदान पर सबसे ज़्यादा एक्टिव हैं, वही ज़्यादा जिम्मेदारी और फायदा पाएं।

सबसे अहम बात यह है कि इस कटौती से विराट और रोहित की इज्जत या उनकी कामयाबी पर कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने देश के लिए जो कारनामे किए हैं, वो हमेशा याद रखे जाएंगे। लेकिन अब वे पहले की तरह हर टूर्नामेंट और हर सीरीज़ में टीम की रीढ़ नहीं रहे, इसी वजह से उनका ग्रेड नीचे आया है।

इस बदलाव का भारतीय क्रिकेट पर क्या असर होगा?

अब सवाल यह है कि इस फैसले से भारतीय क्रिकेट को फायदा होगा या नुकसान। इसका जवाब दोनों तरह से देखा जा सकता है।

अच्छा पहलू

सबसे अच्छी बात यह है कि इससे युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। अब नए और टैलेंटेड खिलाड़ी खुद को साबित कर सकेंगे और टीम में अपनी जगह मजबूत कर पाएंगे।

BCCI की नीति अब ज़्यादा साफ और सख्त हो गई है। बोर्ड अब नई पीढ़ी को आगे लाने पर ध्यान दे रहा है, ताकि आने वाले सालों में टीम इंडिया और मज़बूत बन सके।

इसके अलावा अब खिलाड़ियों की फिटनेस और मौजूदा फॉर्म को सबसे ज़्यादा अहमियत दी जा रही है। यानी जो फिट रहेगा, मेहनत करेगा और अच्छा खेलेगा, वही आगे बढ़ेगा चाहे वो सीनियर हो या जूनियर।

नकारात्मक पहलू

दूसरी तरफ, इस फैसले से कुछ लोग नाराज़ भी हैं। बहुत से फैंस को लगता है कि विराट और रोहित जैसे महान खिलाड़ियों को नीचे के ग्रेड में डालना उनके सम्मान को कम करने जैसा है।

लोगों का कहना है कि इन दोनों ने सालों तक देश के लिए जान लगा दी, कई मैच जिताए, कई ट्रॉफी दिलाई, तो उनके साथ ऐसा बर्ताव ठीक नहीं है। कुछ फैंस इसे नाइंसाफी मान रहे हैं और सोशल मीडिया पर अपनी नाराज़गी भी जता रहे हैं। उनके मुताबिक, सिर्फ मौजूदा फॉर्म देखकर इतने बड़े खिलाड़ियों की अहमियत कम नहीं की जानी चाहिए।

BCCI का साफ संदेश

लेकिन BCCI का नजरिया बिल्कुल साफ है। बोर्ड मानता है कि आज के क्रिकेट में सबसे ज़रूरी चीज़ है फॉर्म और फिटनेस। अब नाम, शोहरत और पुराने रिकॉर्ड से ज़्यादा मायने यह रखता है कि खिलाड़ी इस वक्त कितना फिट है, कितना मेहनत कर रहा है और टीम के लिए कितना योगदान दे रहा है।

इसी सोच के साथ BCCI ने यह बड़ा फैसला लिया है। उनका मानना है कि इससे भारतीय क्रिकेट लंबे समय में और मजबूत बनेगा, और टीम को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। सीधे शब्दों में कहें तो अब क्रिकेट में सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि आज की परफॉर्मेंस ही सबसे बड़ा पैमाना बन चुकी है।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों और फैंस की राय

इस पूरे मामले पर क्रिकेट के जानकारों और एक्सपर्ट्स की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कई बड़े क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव वक्त की ज़रूरत है। उनके मुताबिक आज का क्रिकेट पहले से बहुत बदल चुका है, अब हर खिलाड़ी हर फॉर्मेट नहीं खेल सकता।

उनका कहना है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ी अब अपना ज़्यादा ध्यान सिर्फ वनडे क्रिकेट पर लगा रहे हैं। ऐसे में यह ज़रूरी हो जाता है कि टीम के युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का पूरा मौका दिया जाए, ताकि वे भी अनुभव हासिल कर सकें और भविष्य के लिए खुद को तैयार कर सकें।

एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि अगर हमेशा पुराने और सीनियर खिलाड़ियों को ही ऊपर रखा जाएगा, तो नई पीढ़ी को आगे आने का मौका नहीं मिलेगा। इसलिए यह फैसला लंबे समय के लिहाज़ से सही माना जा रहा है।

वहीं दूसरी तरफ, बहुत से फैंस इस फैसले से खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि विराट और रोहित ने इतने सालों तक देश के लिए जो कुर्बानी दी है, जो मेहनत की है, उसे देखते हुए उनके साथ ऐसा बर्ताव ठीक नहीं लगता।

फैंस को ऐसा महसूस हो रहा है कि इस फैसले से अनुभव और सीनियर खिलाड़ियों की कद्र कम होती दिख रही है। उन्हें लगता है कि सिर्फ मौजूदा फॉर्म देखकर इतने बड़े खिलाड़ियों की अहमियत घटा देना इंसाफ नहीं है।

नया सिस्टम और उसका असर

खबरों के मुताबिक, BCCI 2025-26 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में विराट कोहली और रोहित शर्मा को Grade B में रखने की तैयारी कर रहा है, क्योंकि अब वे सिर्फ एक ही फॉर्मेट — यानी वनडे क्रिकेट — में खेल रहे हैं।

इसी के साथ बोर्ड ने A+ ग्रेड को पूरी तरह खत्म करके अब सिर्फ तीन ग्रेड — A, B और C — का सिस्टम लागू कर दिया है। इसका मकसद यह है कि खिलाड़ियों को एक साफ और आसान तरीके से उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर ग्रेड दिया जा सके।

इस नए सिस्टम से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि युवा खिलाड़ियों को ज़्यादा मौके मिलेंगे। जो खिलाड़ी मेहनत कर रहे हैं, फिट हैं और अच्छा खेल रहे हैं, उन्हें आगे बढ़ने का पूरा चांस मिलेगा।

लेकिन इसके साथ-साथ यह भी सच है कि इस बदलाव से कुछ पुराने फैंस नाराज़ हैं। उन्हें लगता है कि क्रिकेट सिर्फ आज का खेल नहीं है, बल्कि इसमें इतिहास, अनुभव और जज़्बात भी जुड़े होते हैं।

यह भी पढ़े –

Breaking news: Nagpur Central Jail के पास 2 कैदियों की सनसनीखेज फरारी की कोशिश, पुलिस की Smart कार्रवाई

Devendra Fadnavis ने की घोषणा:15000 Crore की Big Investment से Nagpur बनेगा Industrial Power Hub