Skip to content

गर्मी heatwave से protection के लिए डॉक्टर की 6 जरूरी सलाह: जानें क्या करें और क्या न करें

गर्मी heatwave से protection के लिए डॉक्टर की 6 जरूरी सलाह: जानें क्या करें और क्या न करें

बढ़ती गर्मी Heatwave क्यों खतरनाक है

भारत में अप्रैल 2026 के दौरान कई जगहों पर गर्मी बहुत तेजी से बढ़ रही है और लू (Heatwave) की हालत काफी गंभीर होती जा रही है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में पहले ही चेतावनी जारी कर दी है। वहीं अस्पतालों में भी ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है जिन्हें हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी जैसी परेशानियां हो रही हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में जरा सी लापरवाही भी इंसान की सेहत पर भारी पड़ सकती है। इसलिए लोगों को बहुत ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। इसी बीच डॉक्टरों ने गर्मी से बचने के लिए 6 जरूरी बातें बताई हैं, यानी क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए (Do’s and Don’ts), जिन्हें हर किसी को ध्यान में रखना चाहिए।

डॉक्टरों के मुताबिक, जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है तो शरीर की खुद को ठंडा रखने की ताकत कमजोर पड़ जाती है। पसीना ठीक से नहीं निकलता, शरीर में पानी की कमी होने लगती है और इंसान जल्दी थकने लगता है। इसी वजह से हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है।

सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ता है। कई बार हालत इतनी खराब हो जाती है कि मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ता है, वरना स्थिति जानलेवा भी बन सकती है।

डॉक्टर की 6 महत्वपूर्ण सलाह (Do’s and Don’ts)

क्या करें (Do’s)

गर्मी के मौसम में सबसे पहले और सबसे जरूरी बात यह है कि आप अपने शरीर को पूरी तरह हाइड्रेट यानी पानी से भरपूर रखें। दिनभर अच्छा खासा पानी पीते रहें, चाहे प्यास लगे या न लगे। शरीर को ठंडा और संतुलित रखना बहुत जरूरी होता है। इसके साथ-साथ ORS, नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ जैसे पेय बहुत फायदेमंद रहते हैं, क्योंकि ये शरीर में पानी और मिनरल्स का संतुलन बनाए रखते हैं और कमजोरी नहीं आने देते।

घर के अंदर का माहौल भी ठंडा रखना चाहिए। खिड़कियों पर पर्दे लगाकर धूप को अंदर आने से रोकें, पंखा या कूलर का इस्तेमाल करें और समय-समय पर ठंडे पानी से नहाते रहें ताकि शरीर हल्का और तरोताजा महसूस करे। कमरे में हवा का आना-जाना भी जरूरी है, इसलिए पूरी तरह बंद माहौल न रखें।

खान-पान में भी हल्कापन रखना चाहिए। इस मौसम में भारी और तैलीय खाना शरीर पर बोझ डालता है। इसलिए तरबूज, खीरा, संतरा, दही और छाछ जैसे हल्के और पानी से भरपूर भोजन लेना चाहिए, जिससे शरीर हाइड्रेट भी रहे और ताकत भी बनी रहे।

सबसे जरूरी बात यह है कि अगर शरीर में हीट स्ट्रोक जैसे लक्षण दिखें जैसे चक्कर आना, ज्यादा थकान, उल्टी या बेहोशी जैसा महसूस होना, तो उसे बिल्कुल हल्के में न लें। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और इलाज करवाएं।

क्या न करें (Don’ts)

दोपहर के समय यानी लगभग 11 बजे से 4 बजे तक धूप सबसे ज्यादा तेज होती है। इस समय बाहर निकलने से बचना चाहिए, क्योंकि यही वह वक्त होता है जब लू लगने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। अगर बहुत जरूरी हो तो हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें, सिर को कपड़े या टोपी से ढकें और छाते का इस्तेमाल जरूर करें।

चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन को और बढ़ा सकते हैं और शरीर को अंदर से कमजोर कर देते हैं।

एक और बहुत अहम बात यह है कि बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को गर्मी में अकेला या बिना देखभाल के बिल्कुल न छोड़ें। खासकर बच्चों या पालतू जानवरों को बंद गाड़ी में कभी भी न छोड़ें, क्योंकि कुछ ही मिनटों में गाड़ी के अंदर का तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है और जान का खतरा बन सकता है।

डॉक्टरों की चेतावनी

मौसम के जानकार और डॉक्टर लोग साफ-साफ कह रहे हैं कि बढ़ती हुई गर्मी को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह कोई मामूली बात नहीं है। जब शरीर का तापमान संतुलन बिगड़ जाता है, तो इसका असर सीधे हमारे अंदरूनी अंगों पर पड़ता है, जैसे दिल, दिमाग और किडनी वगैरह पर दबाव बढ़ जाता है, और हालात बिगड़ सकते हैं।

इसीलिए कहा जाता है कि वक्त पर पानी पीते रहना, सही और हल्का भोजन करना, और तेज धूप से खुद को बचाकर रखना ही सबसे आसान और असरदार तरीका है अपनी सेहत को ठीक रखने का। ये छोटी-छोटी आदतें ही इंसान को बड़ी परेशानियों से बचा लेती हैं।

आज के समय में भारत में गर्मी सिर्फ असुविधा की बात नहीं रह गई है, बल्कि यह एक बड़ी और गंभीर सेहत से जुड़ी चुनौती बन चुकी है, जिस पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। डॉक्टरों द्वारा बताए गए ये 6 Do’s and Don’ts हर इंसान के लिए बेहद अहम हैं, चाहे वह बच्चा हो, जवान हो या बुजुर्ग।

अगर लोग थोड़ी सी समझदारी दिखाएं और अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे-छोटे बदलाव कर लें, जैसे पानी ज्यादा पीना, धूप से बचना और सही खान-पान अपनाना, तो लू और हीटवेव जैसी खतरनाक परिस्थितियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। यही सावधानी इंसान को सुरक्षित भी रखती है और तंदुरुस्त भी।

यह भी पढ़े-

Nagpur fake medicine case: शांतीनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, देशभर में कनेक्शन

Assembly Election 2026: पहले चरण में Record Breaking भारी मतदान, Amit Shah बोले – TMC का जाना तय