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Nagpur LPG Crisis 2026: गैस सिलेंडर की किल्लत पर प्रशासन का बड़ा एक्शन

Nagpur LPG Crisis 2026: गैस सिलेंडर की किल्लत पर प्रशासन का बड़ा एक्शन

Nagpur में LPG Crisis से राहत

Nagpur शहर में पिछले कई दिनों से घरेलू LPG गैस सिलेंडरों की कमी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। हर तरफ बस एक ही चर्चा थी — “गैस कब आएगी?” किसी को 10 दिन बाद सिलेंडर मिल रहा था तो कोई एजेंसी के चक्कर काट-काटकर थक चुका था।

लेकिन अब जिला प्रशासन के बड़े कदम के बाद हालात धीरे-धीरे सुधरते दिखाई दे रहे हैं। प्रशासन ने तेल कंपनियों के साथ मिलकर गैस सिलेंडरों की सप्लाई लगभग दोगुनी कर दी है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है।

रसोई से लेकर कारोबार तक गैस की कमी का सबसे ज्यादा असर आम लोगों की रसोई पर देखने को मिला। सुबह की चाय से लेकर रात के खाने तक हर काम में परेशानी होने लगी थी। कई परिवार मजबूरी में इंडक्शन चूल्हे और इलेक्ट्रिक स्टोव इस्तेमाल करने लगे थे।

छोटे होटल, ढाबे और फूड स्टॉल वालों की हालत भी खराब हो गई थी क्योंकि उनका पूरा कारोबार गैस पर चलता है। सिलेंडर समय पर न मिलने की वजह से कई दुकानदारों को अपना काम आधा बंद करना पड़ा। लोगों का कहना था कि ऐसी परेशानी उन्होंने पहले कभी नहीं देखी।

प्रशासन आया एक्शन मोड में, अब पहले से दोगुनी हो रही सप्लाई

जब शिकायतें लगातार बढ़ने लगीं तो जिला प्रशासन ने तुरंत हालात संभालने की कोशिश शुरू कर दी। Nagpur के जिला कलेक्टर कुमार आशीर्वाद ने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कीं।

कई दौर की समीक्षा के बाद तेल कंपनियों को निर्देश दिए गए कि शहर में तुरंत अतिरिक्त गैस सिलेंडर भेजे जाएं। इसके बाद सप्लाई में बड़ा इजाफा किया गया। प्रशासन का कहना है कि लोगों को ज्यादा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।

जानकारी के मुताबिक HPCL ने अपनी रोजाना सप्लाई लगभग दोगुनी कर दी है। पहले जहां हर दिन करीब 8 हजार सिलेंडर शहर में पहुंच रहे थे, अब ये संख्या लगभग 20 हजार के आसपास पहुंच गई है।

वहीं BPCL भी लगातार अतिरिक्त सप्लाई दे रही है और IOCL ने भी एजेंसियों को अतिरिक्त कोटा जारी किया है। प्रशासन को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में लंबित बुकिंग पूरी हो जाएंगी और हालात पूरी तरह सामान्य हो जाएंगे।

आखिर क्यों पैदा हुआ LPG Crisis?

इस पूरे संकट के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय हालात और सप्लाई चेन में आई दिक्कतें हैं। दुनियाभर में गैस और तेल सेक्टर पर दबाव बढ़ने का असर भारत के कई शहरों में देखने को मिला और नागपुर भी इससे प्रभावित हुआ।

इसके अलावा नया OTP बेस्ड डिलीवरी सिस्टम भी लोगों की परेशानी की वजह बन गया। अब गैस डिलीवरी के समय ग्राहक के मोबाइल पर OTP आता है और उसी के बाद सिलेंडर दिया जाता है।

सुनने में ये सिस्टम सुरक्षित लगता है लेकिन कई इलाकों में नेटवर्क की समस्या के कारण OTP समय पर नहीं पहुंच पा रहा था। इसकी वजह से डिलीवरी में देरी होने लगी और बैकलॉग बढ़ता चला गया।

ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा परेशानी

ग्रामीण और आउटर एरिया के लोगों को इस सिस्टम से सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। कई गांवों में नेटवर्क कमजोर होने की वजह से OTP घंटों तक नहीं आता था।

बुजुर्ग लोग और कम पढ़े-लिखे उपभोक्ता भी इस नई प्रक्रिया को समझ नहीं पा रहे थे। कई बार डिलीवरी बॉय वापस लौट जाते थे और लोगों को दोबारा इंतजार करना पड़ता था। इसी वजह से गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लगने लगी थीं।

रमजान में बढ़ गई थी मुश्किलें: रमजान के दौरान गैस संकट ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी थी। इफ्तार और सहरी की तैयारियों के बीच अचानक गैस खत्म हो जाने से कई परिवार परेशान हो गए थे।

कुछ लोगों ने मजबूरी में महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदे। वहीं कई इलाकों में कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आईं। लोगों का आरोप था कि कुछ एजेंसियां ज्यादा पैसे लेकर जल्दी सिलेंडर दे रही हैं।

कालाबाजारी पर प्रशासन की सख्ती

शिकायतें सामने आने के बाद प्रशासन ने कई गैस एजेंसियों की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने साफ कहा कि घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एजेंसियों को “First In First Out” नियम का पालन करने के आदेश दिए गए हैं। यानी जिसने पहले बुकिंग की है, उसे पहले सिलेंडर मिलेगा। प्रशासन लगातार एजेंसियों की निगरानी भी कर रहा है।

मजदूरों और गरीब परिवारों को भी राहत

माइग्रेंट वर्कर्स और छोटे परिवारों की जरूरतों को देखते हुए 5 किलो वाले छोटे LPG सिलेंडरों की सप्लाई भी बढ़ा दी गई है। ये सिलेंडर उन लोगों के लिए काफी मददगार साबित होते हैं जो किराए पर रहते हैं या रोज कमाकर खाने वाले मजदूर हैं।

प्रशासन चाहता है कि शहर में कोई भी परिवार गैस की कमी की वजह से परेशान न हो।

e-KYC और OTP सिस्टम पर उठ रहे सवाल

कई लोगों की गैस सर्विस इसलिए भी अटक रही थी क्योंकि उनका e-KYC पूरा नहीं हुआ था। अब प्रशासन ने सेतु सुविधा केंद्रों पर मुफ्त e-KYC की सुविधा शुरू की है ताकि लोगों को परेशानी न हो।

हालांकि आम लोगों का कहना है कि सिर्फ डिजिटल सिस्टम लागू कर देने से सबकुछ आसान नहीं हो जाता। जब तक नेटवर्क और तकनीकी समस्याएं दूर नहीं होंगी, तब तक ग्रामीण इलाकों में मुश्किलें बनी रहेंगी।

लोगों को फिर मिली राहत की सांस

अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहे हालात फिलहाल राहत की बात ये है कि अब शहर के कई इलाकों में बुकिंग के दो-तीन दिन के भीतर सिलेंडर मिलने लगा है। पहले जहां लोग 10-15 दिन इंतजार कर रहे थे, अब हालात काफी बेहतर दिखाई दे रहे हैं।

LPG Gas एजेंसी संचालकों का भी कहना है कि अगर इसी तरह सप्लाई जारी रही तो जल्द ही पूरा बैकलॉग खत्म हो जाएगा। Nagpur के लोगों को अब उम्मीद है कि आने वाले दिनों में गैस संकट पूरी तरह खत्म हो जाएगा। प्रशासन भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि दोबारा ऐसी परेशानी खड़ी न हो।

फिलहाल तो बढ़ी हुई गैस सप्लाई ने शहर की रसोई में फिर से सुकून लौटा दिया है और लोग अब पहले की तरह सामान्य जिंदगी की तरफ लौटते नजर आ रहे हैं।

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