Skip to content

Green Murder in Nagpur: नागपुर का 300 साल पुराना Amrai जंगल खतरे में, पेड़ कटाई का विरोध तेज

Green Murder in Nagpur: नागपुर का 300 साल पुराना Amrai जंगल खतरे में, पेड़ कटाई का विरोध तेज

Nagpur में Amrai जंगल के पेड़ों पर चलने वाली है कुल्हाड़ी

Nagpur शहर वैसे तो अपनी हरियाली और साफ-सुथरे माहौल के लिए जाना जाता है, लेकिन अब इसी शहर की फिज़ा पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। मामला है शहर के पुराने और ऐतिहासिक Amrai जंगल का, जहां करीब 61 से 65 पेड़ों को काटने की तैयारी हो रही है।

जैसे ही ये खबर लोगों तक पहुंची, इलाके में नाराज़गी और मायूसी दोनों देखने को मिली। लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर शहर की पुरानी पहचान खत्म की जा रही है।

Nagpur Municipal Corporation यानी NMC ने सीवर लाइन प्रोजेक्ट के लिए इन पेड़ों को हटाने का प्रस्ताव रखा है। मगर स्थानीय लोग और पर्यावरण प्रेमी इसे “Green Murder” यानी हरियाली की हत्या बता रहे हैं।

सदियों पुराना है Amrai जंगल

ओल्ड सोनेगांव एयरपोर्ट रोड के पास मौजूद ये आमराई जंगल सिर्फ पेड़ों का इलाका नहीं, बल्कि Nagpur की एक पुरानी विरासत माना जाता है। कहा जाता है कि इस जगह का रिश्ता भोसले काल से जुड़ा हुआ है। यहां पुराने आम के पेड़, घना जंगल, ऐतिहासिक कुआं और मंदिर आज भी मौजूद हैं।

इलाके के बुजुर्ग बताते हैं कि पहले यहां इतनी हरियाली थी कि धूप भी जमीन तक मुश्किल से पहुंचती थी। सुबह-सुबह लोग यहां सैर करने आते हैं, बच्चे खेलते हैं और पक्षियों की आवाज़ पूरे माहौल को खुशनुमा बना देती है।

लेकिन अब यही जंगल खतरे में दिखाई दे रहा है।

सीवर लाइन प्रोजेक्ट बना वजह

जानकारी के मुताबिक NMC यहां सीवर लाइन बिछाने का काम करने जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन डालने में पेड़ बाधा बन रहे हैं, इसलिए उन्हें काटना जरूरी है।

रिपोर्ट्स के अनुसार जिन पेड़ों को हटाने की बात हो रही है उनमें रिपोर्ट्स के अनुसार जिन पेड़ों पर निशान लगाए गए हैं उनमें:
20 बबूल के पेड़
12 बेर के पेड़
7 हिवार
3 नीम
3 यूकेलिप्टस
इसके अलावा कई अन्य प्रजातियों के पेड़ शामिल हैं। सबसे ज्यादा दुख लोगों को इस बात का है कि इनमें कई पेड़ दशकों पुराने हैं, जिन्हें बचाने की कोशिश तक नहीं की जा रही।

लोगों का कहना है कि अगर सही प्लानिंग हो तो सीवर लाइन का रास्ता बदला जा सकता है, मगर पेड़ों को दोबारा खड़ा नहीं किया जा सकता।

लोगों में गुस्सा, बोले – “ये सिर्फ पेड़ नहीं हैं” Amrai इलाके में रहने वाले लोगों का कहना है कि ये पेड़ सिर्फ लकड़ी के ढांचे नहीं, बल्कि शहर की सांस हैं। नागपुर वैसे ही हर साल बढ़ती गर्मी से परेशान रहता है। ऐसे में बड़े पैमाने पर पेड़ काटना आने वाले वक्त में और मुसीबत खड़ी कर सकता है।

सुबह टहलने आने वाले लोगों ने कहा कि अगर यही हाल रहा तो कुछ साल बाद बच्चों को सिर्फ किताबों में ही घने जंगल देखने को मिलेंगे। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी इस फैसले के खिलाफ आवाज़ उठानी शुरू कर दी है।

पर्यावरण प्रेमियों ने उठाई आवाज

पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि विकास जरूरी है, मगर हर बार पेड़ों की कुर्बानी देकर विकास करना समझदारी नहीं कहलाता।

एक्टिविस्ट्स की मांग है कि:

पेड़ों को काटने की बजाय ट्रांसप्लांट किया जाए

सीवर लाइन का दूसरा रास्ता निकाला जाए

हर कटने वाले पेड़ के बदले कई नए पेड़ लगाए जाएं

Amrai जंगल को हेरिटेज ज़ोन घोषित किया जाए

लोगों का कहना है कि अगर अभी आवाज़ नहीं उठाई गई तो आने वाले दिनों में शहर के बाकी जंगल भी इसी तरह खत्म होते जाएंगे।

“Save Amrai” मुहिम को लगा झटका

कुछ दिन पहले ही स्थानीय नागरिकों ने “Save Amrai” Mission शुरू किया था। लोग खुद यहां सफाई अभियान चला रहे थे। प्लास्टिक और कचरा हटाकर जंगल को फिर से खूबसूरत बनाने की कोशिश की जा रही थी।

युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर इस इलाके को बचाने की जिम्मेदारी उठाई थी, लेकिन अब पेड़ कटाई की खबर ने सबको परेशान कर दिया है।

लोगों का कहना है कि एक तरफ सरकार हरियाली बढ़ाने की बात करती है और दूसरी तरफ पुराने पेड़ों को काटा जा रहा है। इससे लोगों का भरोसा भी कमजोर होता है।

बढ़ती गर्मी के बीच बड़ा खतरा

Nagpur का तापमान हर साल नए रिकॉर्ड बना रहा है। गर्मियों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच जाता है। ऐसे हालात में बड़े पेड़ शहर के लिए किसी नेमत से कम नहीं होते।

पेड़ ना सिर्फ ऑक्सीजन देते हैं बल्कि गर्म हवाओं को कम करने, बारिश का संतुलन बनाए रखने और पक्षियों को आसरा देने का भी काम करते हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर शहरों में इसी तरह हरियाली कम होती गई तो आने वाले वक्त में प्रदूषण और गर्मी दोनों तेजी से बढ़ेंगे।

अब सबकी नजर प्रशासन पर

फिलहाल स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन इस फैसले पर दोबारा गौर करेगा। कई सामाजिक संगठन और पर्यावरण समूह NMC से पेड़ों को बचाने की अपील कर रहे हैं।

लोग चाहते हैं कि विकास भी हो और हरियाली भी बची रहे। क्योंकि अगर Nagpur शहर की पुरानी पहचान ही मिट जाएगी, तो फिर स्मार्ट सिटी बनने का फायदा भी अधूरा रह जाएगा।

यह भी पढ़ें –

Nagpur Cyber police की big कामयाबी, लोगों को लौटाए 4.92 करोड़ रुपये

Nagpur में दर्दनाक हादसा: under construction बिल्डिंग से गिरकर 6 साल की बच्ची की Death