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RTI से सामने आई Nagpur Airport की तरक्की की पूरी तस्वीर
Nagpur का डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट इन दिनों लगातार तरक्की की नई मिसाल कायम कर रहा है। साल 2026 के शुरुआती साढ़े चार महीनों में एयरपोर्ट ने यात्रियों की तादाद और कमाई दोनों ही मामलों में शानदार रिकॉर्ड दर्ज किया है।
सूचना के अधिकार (RTI) के जरिए सामने आए आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि नागपुर अब सिर्फ एक क्षेत्रीय एयरपोर्ट नहीं रहा, बल्कि धीरे-धीरे मध्य भारत के बड़े एविएशन हब के तौर पर उभर रहा है।
RTI में मिली जानकारी के मुताबिक 1 जनवरी से 15 मई 2026 के बीच नागपुर एयरपोर्ट से कुल 12,22,413 यात्रियों ने सफर किया। इसी दौरान एयरपोर्ट ने 74.86 करोड़ रुपये की कमाई भी दर्ज की। इन आंकड़ों ने एयरपोर्ट प्रशासन और शहर के लोगों दोनों को उत्साहित कर दिया है।
चार महीने में 12 लाख से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही
अगर यात्री आंकड़ों पर गौर करें तो 1 जनवरी से 15 मई 2026 तक कुल 12,22,413 मुसाफिरों ने नागपुर एयरपोर्ट का इस्तेमाल किया। इनमें 6,07,297 यात्री नागपुर पहुंचे, जबकि 6,15,116 यात्रियों ने यहां से दूसरे शहरों और देशों के लिए उड़ान भरी।
जनवरी 2026 एयरपोर्ट के लिए काफी व्यस्त महीना साबित हुआ। इस महीने कुल 2,86,304 यात्रियों ने सफर किया। इनमें 1,40,427 यात्री नागपुर आए और 1,45,877 लोग यहां से रवाना हुए।
फरवरी में भी यात्रियों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। इस दौरान 2,82,799 लोगों ने हवाई सफर किया। मार्च में यह आंकड़ा 2,62,654 तक पहुंच गया, जबकि अप्रैल में 2,51,058 यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई।
मई के पहले 15 दिनों में ही 1,39,598 यात्रियों ने एयरपोर्ट का इस्तेमाल किया। इनमें 66,010 आगमन करने वाले और 73,588 प्रस्थान करने वाले यात्री शामिल रहे।
इन आंकड़ों से साफ जाहिर होता है कि नागपुर में हवाई यात्रा का चलन लगातार बढ़ रहा है और लोग अब ज्यादा संख्या में एयर ट्रैवल को तरजीह दे रहे हैं।
74.86 करोड़ रुपये की कमाई, UDF बना सबसे बड़ा जरिया
यात्रियों की बढ़ती संख्या का सीधा असर एयरपोर्ट की कमाई पर भी दिखाई दिया है। RTI के अनुसार 1 जनवरी से 15 मई 2026 के बीच एयरपोर्ट ने कुल 74.86 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया।
इस कमाई में सबसे बड़ा हिस्सा User Development Fee (UDF) का रहा। UDF से एयरपोर्ट को 44.44 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। इसके अलावा एरोनॉटिकल सेवाओं से 17.43 करोड़ रुपये का राजस्व मिला।
वहीं दुकानों, कमर्शियल स्पेस और दूसरी गैर-विमानन गतिविधियों से 12.04 करोड़ रुपये की आय हुई। कार्गो रॉयल्टी के रूप में भी एयरपोर्ट को 93.50 लाख रुपये प्राप्त हुए।
एविएशन सेक्टर से जुड़े जानकारों का मानना है कि अगर यात्रियों की संख्या इसी तरह बढ़ती रही तो आने वाले महीनों में एयरपोर्ट की कमाई में और इजाफा देखने को मिल सकता है।
MIHAN कार्गो हब ने भी दिखाया दम
नागपुर एयरपोर्ट सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि कार्गो कारोबार के लिए भी तेजी से अहम केंद्र बनता जा रहा है। RTI के मुताबिक MIHAN कार्गो हब ने 1 जनवरी से 15 मई 2026 के बीच करीब 4.80 करोड़ रुपये की कार्गो रॉयल्टी अर्जित की।
इस दौरान 1.235 मीट्रिक टन आयातित कार्गो नागपुर पहुंचा, जबकि 15.41 मीट्रिक टन निर्यात कार्गो यहां से दूसरे देशों और बाजारों के लिए भेजा गया।
MIHAN परियोजना का मकसद शुरू से ही नागपुर को देश का प्रमुख लॉजिस्टिक्स और कार्गो हब बनाना था। अब सामने आ रहे आंकड़े बताते हैं कि यह सपना धीरे-धीरे हकीकत में बदलता नजर आ रहा है।
निजी विमान और हेलीकॉप्टरों की बढ़ी आवाजाही
RTI में एक और दिलचस्प जानकारी सामने आई है। इस अवधि के दौरान नागपुर एयरपोर्ट पर 360 निजी विमान और 183 हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग दर्ज की गई।
इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि नागपुर अब कॉर्पोरेट ट्रैवल, बिजनेस मीटिंग्स और वीआईपी मूवमेंट के लिहाज से भी काफी अहम शहर बन चुका है। निजी विमानन क्षेत्र की बढ़ती मौजूदगी शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी दर्शाती है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लगा ब्रेक
हालांकि अच्छी खबरों के बीच एक चिंता वाली बात भी सामने आई है। RTI के जवाब में बताया गया कि Doha के लिए Qatar Airways और Sharjah के लिए Air Arabia की उड़ान सेवाएं फिलहाल बंद कर दी गई हैं।
जानकारों का कहना है कि पश्चिम एशिया में पैदा हुए तनाव और अंतरराष्ट्रीय हालात की वजह से इन सेवाओं पर असर पड़ा है। इसका असर उन यात्रियों पर पड़ सकता है जो नागपुर से सीधे खाड़ी देशों की यात्रा करते थे।
हालांकि उम्मीद की जा रही है कि हालात सामान्य होने के बाद इन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दोबारा शुरू किया जा सकता है।
मध्य भारत का बड़ा एविएशन हब बनने की राह पर नागपुर
पिछले कुछ सालों में नागपुर एयरपोर्ट ने जिस रफ्तार से विकास किया है, उसने इसे मध्य भारत के सबसे अहम एयरपोर्ट्स में शामिल कर दिया है। शहर की भौगोलिक स्थिति, MIHAN प्रोजेक्ट और बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों ने इसे हवाई कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बना दिया है।
केंद्र सरकार भी एयरपोर्ट के विस्तार और आधुनिकीकरण की योजनाओं पर काम कर रही है। आने वाले समय में यहां नई सुविधाएं, बेहतर टर्मिनल और ज्यादा यात्री क्षमता देखने को मिल सकती है।
अगर यही रफ्तार बरकरार रही तो वह दिन दूर नहीं जब नागपुर एयरपोर्ट देश के प्रमुख एविएशन और लॉजिस्टिक्स केंद्रों में गिना जाएगा।
RTI से सामने आए आंकड़े साफ बताते हैं कि नागपुर एयरपोर्ट लगातार नई बुलंदियों की तरफ बढ़ रहा है। सिर्फ साढ़े चार महीनों में 12,22,413 यात्रियों की आवाजाही और 74.86 करोड़ रुपये की कमाई किसी भी एयरपोर्ट के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
यात्रियों की बढ़ती तादाद, मजबूत कार्गो कारोबार और बढ़ती कमाई इस बात का इशारा है कि आने वाले वर्षों में नागपुर एयरपोर्ट की अहमियत और भी बढ़ने वाली है। अब सबकी निगाहें एयरपोर्ट के विस्तार और नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत पर टिकी हुई हैं।
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