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522 किलो गांजा बरामद, International Drug Syndicate
Nagpur में नशे के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी सामने आई है। डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की Nagpur यूनिट ने एक ऐसे अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है जो अलग-अलग राज्यों में गांजे की सप्लाई कर रहा था।
इस कार्रवाई में 522.554 किलो गांजा बरामद किया गया है, जिसकी कीमत करीब 2.61 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।
खुफिया सूचना के आधार पर शुरू हुआ ऑपरेशन
DRI को पहले से खबर मिली थी कि ओडिशा और आंध्र प्रदेश की तरफ से बड़ी मात्रा में गांजा महाराष्ट्र भेजा जा रहा है। इस इत्तिला के बाद अधिकारियों ने पूरे मामले पर नजर रखना शुरू कर दिया। कई दिनों तक निगरानी करने के बाद टीम को एक संदिग्ध ट्रक के बारे में पुख्ता जानकारी मिली।
इसके बाद अधिकारियों ने Nagpur जिले के मौदा इलाके में नेशनल हाईवे-53 पर विशेष निगरानी लगाई। जैसे ही संदिग्ध ट्रक माथनी टोल प्लाजा के पास पहुंचा, उसे रोककर जांच शुरू कर दी गई। शुरू में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया, लेकिन अधिकारियों को पहले से शक था, इसलिए तलाशी का दायरा बढ़ाया गया।
ट्रक के गुप्त हिस्सों में छिपाया गया था गांजा
जब ट्रक की बारीकी से तलाशी ली गई तो अधिकारियों को उसके अंदर बने कई गुप्त खाने दिखाई दिए। इन खानों को इस तरह तैयार किया गया था कि आम जांच में उनका पता लगाना आसान नहीं था।
जांच के दौरान आठ बड़े बैग बरामद हुए जिनमें कुल 247 पैकेट भरे हुए थे। सभी पैकेटों में गांजा रखा गया था और उन्हें प्लास्टिक टेप से अच्छी तरह पैक किया गया था। जब पूरे माल का वजन किया गया तो यह 522.554 किलो निकला।
अधिकारियों का कहना है कि तस्करों ने बहुत चालाकी से इस खेप को छिपाया था ताकि रास्ते में किसी भी जांच एजेंसी को इसकी भनक न लग सके। हालांकि DRI की सतर्कता के आगे उनकी सारी कोशिशें नाकाम साबित हुईं।
दो आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी
कार्रवाई के दौरान ट्रक से जुड़े दो लोगों को हिरासत में लेकर बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
फिलहाल जांच एजेंसियां दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही हैं। अधिकारियों को शक है कि यह सिर्फ दो लोगों का मामला नहीं बल्कि एक बड़ा संगठित नेटवर्क है जो कई राज्यों में फैला हुआ हो सकता है।
जांच टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि गांजे की यह खेप आखिर किसके लिए भेजी जा रही थी, इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं और अब तक कितनी बार इसी तरह की तस्करी की जा चुकी है। आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।
Maharshtra में बढ़ती ड्रग तस्करी पर बड़ा प्रहार
पिछले कुछ वर्षों में महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में ड्रग तस्करी के मामलों में इजाफा देखने को मिला है। खासकर ओडिशा और आंध्र प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों से बड़ी मात्रा में गांजा दूसरे राज्यों तक पहुंचाया जाता रहा है।
नागपुर देश के मध्य में स्थित होने के कारण एक अहम ट्रांजिट पॉइंट माना जाता है। यहां से कई राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं, जिसकी वजह से तस्कर अक्सर इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। DRI की यह कार्रवाई ऐसे गिरोहों के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह खेप अपने ठिकाने तक पहुंच जाती तो इसका असर कई शहरों में देखने को मिलता। बड़ी संख्या में युवा इसकी गिरफ्त में आ सकते थे। ऐसे में समय रहते हुई यह कार्रवाई काफी अहम मानी जा रही है।
पहले भी DRI ने की थी बड़ी कार्रवाई
यह कोई पहला मौका नहीं है जब DRI नागपुर ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल की हो। इससे पहले भी एजेंसी कई बार बड़ी मात्रा में गांजा और अन्य नशीले पदार्थ जब्त कर चुकी है।
हाल के महीनों में DRI ने एक अन्य अभियान में 1,250 किलो से ज्यादा गांजा बरामद किया था। उस कार्रवाई में भी कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। लगातार मिल रही सफलताओं से साफ है कि एजेंसी नशा तस्करों के खिलाफ पूरी सख्ती के साथ काम कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
युवाओं को नशे से बचाने की चुनौती
नशे का कारोबार सिर्फ कानून तोड़ने का मामला नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक गंभीर खतरा है। सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ता है, जो कई बार गलत संगत या लालच में आकर इसकी चपेट में आ जाते हैं।
सरकार और जांच एजेंसियां लगातार नशा मुक्त भारत की दिशा में काम कर रही हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों के जरिए भी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि युवा नशे से दूर रहें।
Nagpur में हुई यह कार्रवाई इसी लड़ाई का एक अहम हिस्सा मानी जा रही है। करोड़ों रुपये के गांजे की खेप जब्त होने से न सिर्फ तस्करों को आर्थिक नुकसान पहुंचा है बल्कि समाज में फैलने वाले एक बड़े खतरे को भी रोका गया है।
Nagpur में DRI द्वारा की गई यह कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता के तौर पर देखी जा रही है। 522.554 किलो गांजे की बरामदगी और दो आरोपियों की गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा एजेंसियां तस्करों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि जांच में आगे कौन-कौन से नाम सामने आते हैं और इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक एजेंसियां कब पहुंचती हैं। फिलहाल इतना तय है कि इस कार्रवाई ने ड्रग तस्करी के धंधे से जुड़े लोगों में खलबली जरूर मचा दी है।
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