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Nagpur का बड़ा कमाल! PM Surya Ghar योजना में 89,255 Roof top Solar इंस्टॉलेशन के साथ देश में दूसरा स्थान

Nagpur का बड़ा कमाल! PM Surya Ghar योजना में 89,255 Roof top Solar इंस्टॉलेशन के साथ देश में दूसरा स्थान

Nagpur बना सोलर क्रांति का नया चेहरा

Nagpur अब सिर्फ ऑरेंज सिटी के नाम से ही नहीं जाना जाएगा, बल्कि सोलर एनर्जी के मामले में भी इसने पूरे मुल्क में अपनी अलग पहचान बना ली है। PM Surya Ghar मुफ्त बिजली योजना के तहत Nagpur जिले ने 89,255 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन का शानदार आंकड़ा हासिल कर देश में दूसरा स्थान अपने नाम कर लिया है। वहीं महाराष्ट्र में नागपुर पहले नंबर पर पहुंच गया है।

यह कामयाबी यूं ही नहीं मिली। पिछले दो सालों में जिले के हजारों लोगों ने अपने घरों और इमारतों की छतों पर सोलर पैनल लगवाए और हरित ऊर्जा की तरफ कदम बढ़ाया। नतीजा यह हुआ कि नागपुर आज देश के सबसे बड़े सोलर हब्स में गिना जा रहा है।

89,255 Roof top Solar प्रोजेक्ट्स ने बदली तस्वीर

एक वक्त था जब सोलर पैनल लगवाना सिर्फ बड़े लोगों या कारोबारी संस्थानों तक सीमित माना जाता था। लेकिन PM Surya Ghar Yojna ने यह सोच बदल दी। सरकारी सब्सिडी और आसान प्रक्रिया की वजह से आम लोग भी तेजी से इस योजना से जुड़ने लगे।

Nagpur में 89,255 सोलर इंस्टॉलेशन होना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह इस बात की निशानी है कि लोग अब बिजली के पारंपरिक साधनों से आगे बढ़कर स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा को अपना रहे हैं। इससे हजारों परिवारों के बिजली बिल में अच्छी-खासी कमी आई है।

कई घर ऐसे भी हैं जहां दिन में पैदा होने वाली अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा रही है, जिससे लोगों को आर्थिक फायदा भी मिल रहा है। यही वजह है कि शहर और ग्रामीण इलाकों दोनों में सोलर सिस्टम की मांग लगातार बढ़ रही है।

महाराष्ट्र को दिलाई राष्ट्रीय पहचान

Nagpur की इस शानदार उपलब्धि का असर सिर्फ जिले तक सीमित नहीं रहा। पूरे Maharashtra को इसका फायदा मिला है। योजना के बेहतरीन क्रियान्वयन की बदौलत राज्य को केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की तरफ से रिकॉर्ड आठ राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर नागपुर ने इतनी बड़ी संख्या में सोलर इंस्टॉलेशन नहीं किए होते तो शायद Maharashtra के लिए यह मुकाम हासिल करना इतना आसान नहीं होता। नागपुर ने राज्य के लिए एक मिसाल कायम की है, जिसे अब दूसरे जिले भी अपनाने की कोशिश कर रहे हैं।

टॉप-10 में महाराष्ट्र का जलवा

दिलचस्प बात यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर टॉप-10 जिलों की सूची में सिर्फ Nagpur ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र के दो और जिले भी शामिल हैं। जळगांव ने 42,574 इंस्टॉलेशन के साथ नौवां स्थान हासिल किया है, जबकि पुणे 42,151 प्रोजेक्ट्स के साथ दसवें नंबर पर रहा।

इससे साफ जाहिर होता है कि महाराष्ट्र में सौर ऊर्जा को लेकर लोगों के बीच जबरदस्त जागरूकता आई है। सरकार की योजनाओं और प्रशासन की मेहनत का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है।

आम लोगों को मिल रही बड़ी राहत

आज के दौर में बढ़ते बिजली बिल हर परिवार की चिंता बने हुए हैं। ऐसे में सोलर सिस्टम लोगों के लिए राहत की सांस लेकर आया है। एक बार सिस्टम लगने के बाद लंबे समय तक बिजली का खर्च काफी हद तक कम हो जाता है।

पीएम सूर्य घर योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी ने भी लोगों का बोझ हल्का किया है। यही वजह है कि नागपुर में मध्यम वर्गीय परिवारों से लेकर छोटे कारोबारियों तक, हर कोई सोलर एनर्जी की तरफ रुख कर रहा है।

कई लोगों का कहना है कि पहले जहां हर महीने भारी-भरकम बिजली बिल आता था, अब वही खर्च काफी कम हो गया है। इससे घरेलू बजट पर भी सकारात्मक असर पड़ा है।

पर्यावरण के लिए भी खुशखबरी

सोलर एनर्जी सिर्फ पैसे बचाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण को बचाने का भी एक अहम रास्ता है। कोयले और दूसरे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होने से प्रदूषण घटता है और कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है।

ऐसे समय में जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन की चुनौती से जूझ रही है, नागपुर का यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। जिले ने यह दिखा दिया है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों साथ-साथ चल सकते हैं।

आने वाले दिनों में और बढ़ेगी रफ्तार

जानकारों का मानना है कि नागपुर की यह सफलता अभी शुरुआत भर है। जिस रफ्तार से लोग सोलर सिस्टम अपना रहे हैं, उसे देखते हुए आने वाले वर्षों में यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ सकता है।

सरकार भी लगातार लोगों को इस योजना से जोड़ने की कोशिश कर रही है। नए लक्ष्य तय किए जा रहे हैं और सोलर ऊर्जा को घर-घर पहुंचाने की कवायद जारी है।

89,255 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के साथ नागपुर ने देशभर में दूसरा और महाराष्ट्र में पहला स्थान हासिल कर एक नया इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि बताती है कि अगर सही योजना, बेहतर अमल और जनता का साथ मिल जाए तो बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

आज Nagpur सिर्फ संतरों की नगरी नहीं, बल्कि सोलर एनर्जी की राजधानी बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में यह कामयाबी दूसरे जिलों के लिए भी मिसाल बन सकती है और भारत को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में नई ताकत दे सकती है।

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