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Nagpur NEET 2026 की छात्रा Suicide case में बड़ा खुलासा, जांच अधिकारी की दराज में मिला सुसाइड नोट

Nagpur NEET 2026 की छात्रा Suicide case में बड़ा खुलासा, जांच अधिकारी की दराज में मिला सुसाइड नोट

Nagpur में NEET 2026 की छात्रा की मौत ने खड़े किए कई सवाल

Nagpur में NEET 2026 की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। पहले इसे एक आम आत्महत्या का मामला समझा जा रहा था, लेकिन अब सामने आई कुछ अहम जानकारियों ने पुलिस महकमे को भी सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है।

सबसे हैरत की बात यह है कि छात्रा का सुसाइड नोट कथित तौर पर उस पुलिस अधिकारी की दराज में मिला जो इस मामले की जांच कर रहा था। अब इस पूरे मामले की तफ्तीश तेज कर दी गई है और संबंधित ASI पर कार्रवाई की तलवार भी लटक रही है।

डॉक्टर बनने का ख्वाब अधूरा रह गया, मध्य प्रदेश की रहने वाली यह छात्रा नागपुर में रहकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी। घरवालों की ख्वाहिश थी कि बेटी डॉक्टर बने और उसने भी इस सपने को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत की थी। बताया जा रहा है कि उसने परीक्षा भी अच्छे से दी थी और अच्छे नंबर आने की उम्मीद थी।

लेकिन इसी बीच NEET 2026 परीक्षा को लेकर उठे विवाद, पेपर लीक की खबरें और दोबारा परीक्षा होने की चर्चाओं ने उसे अंदर से तोड़ दिया। परिवार वालों का कहना है कि वह लगातार परेशान रहने लगी थी और अपने भविष्य को लेकर फिक्र में डूबी रहती थी।

परिवार ने बड़ी उम्मीदों से भेजा था Nagpur

छात्रा के पिता एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। बेटी को डॉक्टर बनाने के लिए उन्होंने अपनी हैसियत से बढ़कर खर्च किया था। कोचिंग, पढ़ाई और रहने का इंतजाम करने में परिवार ने काफी संघर्ष किया।

घरवालों को पूरा यकीन था कि बेटी इस बार NEET 2026 निकाल लेगी और परिवार का नाम रोशन करेगी। मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

मौत के बाद नहीं मिला था कोई सुराग

20 मई को छात्रा अपने घर में मृत मिली थी। उस वक्त पुलिस ने जांच शुरू की लेकिन घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। इसी वजह से शुरुआती तौर पर मामला आकस्मिक मौत के रूप में दर्ज किया गया।

परिवार भी सदमे में था और किसी को अंदाजा नहीं था कि छात्रा अपने पीछे कोई ऐसा खत छोड़ गई है जो बाद में पूरे मामले की दिशा बदल देगा।

किताबों के बीच मिला भावुक खत

कुछ दिनों बाद जब परिवार छात्रा का सामान देख रहा था, तब उसकी किताबों और निजी सामान के बीच एक हस्तलिखित नोट मिला। इस नोट को बाद में पुलिस के हवाले किया गया।

बताया जाता है कि इस खत में छात्रा ने अपने माता-पिता से माफी मांगी थी। उसने लिखा था कि उसके पास दोबारा NEET परीक्षा देने का हौसला नहीं है। उसे डर था कि अगर फिर से परीक्षा हुई तो वह पहले जैसा प्रदर्शन नहीं कर पाएगी।

खत में उसने अपने मां-बाप के सपनों का भी जिक्र किया और लिखा कि वह उन्हें निराश नहीं करना चाहती थी, लेकिन हालात से हार गई। यह खत पढ़कर परिवार पूरी तरह टूट गया।

जांच अधिकारी की दराज में कैसे पहुंचा सुसाइड नोट?

मामले में सबसे बड़ा सवाल यहीं से खड़ा हुआ। जानकारी के मुताबिक सुसाइड नोट जांच से जुड़े एक ASI की दराज में मिला। आरोप है कि अधिकारी ने नोट मिलने के बाद उसे अपनी दराज में रख दिया और फिर छुट्टी पर चला गया।

जब यह बात सामने आई तो पुलिस विभाग में भी हलचल मच गई। आखिर इतना अहम सबूत समय रहते वरिष्ठ अधिकारियों तक क्यों नहीं पहुंचाया गया? क्या यह सिर्फ लापरवाही थी या फिर जांच प्रक्रिया में कोई बड़ी चूक हुई?

इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए अब विभागीय जांच शुरू की गई है।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने दिए जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विनिता साहू ने विस्तृत जांच के आदेश जारी किए हैं। जांच दो पहलुओं पर की जा रही है।

पहला, छात्रा की आत्महत्या के पीछे की असली वजह क्या थी। दूसरा, सुसाइड नोट को संभालने और उसे समय पर पेश न करने में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक अगर जांच में संबंधित ASI की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है।

NEET 2026 controversy और छात्रों पर बढ़ता दबाव

यह मामला सिर्फ एक छात्रा की दुखद मौत तक सीमित नहीं है। इसने देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों पर पड़ रहे मानसिक दबाव को भी सामने ला दिया है।

NEET जैसी परीक्षा के लिए छात्र कई-कई साल मेहनत करते हैं। ऐसे में जब पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने या दोबारा परीक्षा जैसी खबरें आती हैं तो उनका आत्मविश्वास डगमगा जाता है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हालात में छात्रों को मानसिक और भावनात्मक सहारे की बेहद जरूरत होती है। कई बार लगातार तनाव और भविष्य की अनिश्चितता उन्हें ऐसे फैसले लेने पर मजबूर कर देती है जिनका असर पूरे परिवार पर पड़ता है।

परिवार को अब भी इंसाफ का इंतजार

छात्रा के परिजन आज भी यही समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर उनकी बेटी को इतना बड़ा कदम उठाने की नौबत क्यों आई। घरवालों का कहना है कि वह पढ़ाई में तेज थी, मेहनती थी और डॉक्टर बनने का जज्बा रखती थी।

अब सबकी निगाहें Nagpur Police जांच पर टिकी हैं। लोग जानना चाहते हैं कि सुसाइड नोट को लेकर हुई कथित लापरवाही की सच्चाई क्या है और क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

फिलहाल यह मामला Nagpur समेत पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ परिवार अपनी बेटी को खोने के गम से उबरने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरी तरफ यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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