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Nagpur Loan Fraud: जमीन की कीमत बढ़ाकर ₹1.40 करोड़ का लोन लेने के आरोप में दंपति पर केस दर्ज

Nagpur Loan Fraud: जमीन की कीमत बढ़ाकर ₹1.40 करोड़ का लोन लेने के आरोप में दंपति पर केस दर्ज

Nagpur में सामने आया बड़ा बैंक फ्रॉड

Nagpur में बैंकिंग सिस्टम से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरत में डाल दिया है। आरोप है कि एक दंपति ने अपनी जमीन की कीमत असल मार्केट वैल्यू से कहीं ज्यादा दिखाकर बैंक से ₹1.40 करोड़ का लोन हासिल कर लिया। मामला तब खुला जब बैंक ने बाद में ऑडिट कराया और दस्तावेजों की दोबारा जांच की गई।

अब इस पूरे मामले में धंतोली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और तहकीकात शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बैंक को गलत जानकारी देकर बड़ा लोन मंजूर करवाया गया था।

कौन हैं आरोपी?

Dhantoli Police के मुताबिक इस मामले में 60 वर्षीय पुरुषोत्तम मोहनलाल तापड़िया और उनकी 55 वर्षीय पत्नी गीताबाई पुरुषोत्तम तापड़िया के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दोनों नागपुर के मानकापुर इलाके के शंभू नगर, तिरंगा चौक के रहने वाले हैं।

इस मामले की शिकायत स्वप्नाली पाटिलकर, जो सरस्वत को-ऑपरेटिव बैंक की अजनी स्क्वायर शाखा की ब्रांच मैनेजर हैं, उन्होंने दर्ज करवाई है।

कैसे लिया गया ₹1.40 करोड़ का लोन?

शिकायत के मुताबिक फरवरी 2024 से जनवरी 2026 के बीच दंपति ने वीरभद्र हाउसिंग सोसायटी में स्थित प्लॉट नंबर 93 को गिरवी रखकर बैंक से ₹1.40 करोड़ का लोन लिया था।

बैंक को जो वैल्यूएशन रिपोर्ट दी गई, उसमें जमीन की कीमत काफी ज्यादा बताई गई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर लोन मंजूर किया गया। उस वक्त बैंक को ऐसा लगा कि गिरवी रखी गई संपत्ति की कीमत लोन राशि को कवर करने के लिए पर्याप्त है।

ऑडिट में खुली पूरी कहानी

कुछ समय बाद बैंक की तरफ से नियमित ऑडिट किया गया। इसी दौरान अधिकारियों ने जब जमीन से जुड़े दस्तावेज और उसकी मार्केट वैल्यू की दोबारा जांच की तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं।

तहकीकात में पता चला कि जमीन की असली बाजार कीमत उस वैल्यूएशन रिपोर्ट से काफी कम थी जो लोन लेते वक्त जमा कराई गई थी। यही नहीं, आरोप है कि जमीन की कीमत को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया ताकि ज्यादा रकम का लोन हासिल किया जा सके।

बैंक को हुआ भारी नुकसान

बैंक अधिकारियों का कहना है कि अगर शुरुआत में सही जानकारी दी जाती तो शायद इतनी बड़ी रकम का लोन मंजूर नहीं होता। कथित तौर पर गलत दस्तावेजों और बढ़ी हुई वैल्यूएशन के आधार पर बैंक से बड़ी राशि हासिल की गई।

इस वजह से बैंक को आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल बैंक पूरे मामले की अंदरूनी जांच भी कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और लोग भी इस मामले में शामिल तो नहीं थे।

वैल्यूएशन रिपोर्ट पर उठे सवाल

किसी भी संपत्ति के बदले लोन मंजूर करने से पहले बैंक उसकी वैल्यूएशन रिपोर्ट पर भरोसा करता है। यही रिपोर्ट तय करती है कि संपत्ति के मुकाबले कितना लोन दिया जा सकता है।

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल इसी वैल्यूएशन रिपोर्ट पर खड़ा हो गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जमीन की कीमत आखिर इतनी ज्यादा कैसे दिखाई गई और क्या इस प्रक्रिया में किसी और की भी भूमिका थी।

Dhantoli Police ने दर्ज किया मामला

शिकायत मिलने के बाद Dhantoli Police ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 340(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस अब दस्तावेजों की जांच कर रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शहर में चर्चा का विषय बना मामला

Nagpur में यह मामला इन दिनों काफी चर्चा में है। बैंकिंग सेक्टर से जुड़े लोग भी इस खबर पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों का कहना है कि अगर आरोप सही साबित होते हैं तो यह सिर्फ एक साधारण धोखाधड़ी नहीं बल्कि बैंकिंग सिस्टम को गुमराह करने की बड़ी कोशिश मानी जाएगी।

फिलहाल पुलिस और बैंक दोनों अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच में जुटे हुए हैं। आने वाले दिनों में जांच से और भी अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।

Nagpur का यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि बैंकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता और सही दस्तावेज कितने जरूरी होते हैं। 60 वर्षीय पुरुषोत्तम मोहनलाल तापड़िया और 55 वर्षीय गीताबाई पुरुषोत्तम तापड़िया पर लगे आरोप कितने सही हैं, इसका फैसला जांच पूरी होने के बाद ही होगा। लेकिन फिलहाल ₹1.40 करोड़ के इस कथित लोन फ्रॉड ने शहर में हलचल जरूर पैदा कर दी है।

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