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Nagpur में ऑनलाइन लॉटरी रैकेट का भंडाफोड़, Nagpur Crime Branch ने ₹2.93 लाख का सामान किया जब्त

Nagpur में ऑनलाइन लॉटरी रैकेट का भंडाफोड़, Nagpur Crime Branch ने ₹2.93 लाख का सामान किया जब्त

Nagpur में अवैध Online Lottery और सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी सिलसिले में क्राइम ब्रांच ने एक ऐसी जगह पर दबिश दी, जहां से ऑनलाइन लॉटरी का गैरकानूनी धंधा चलाया जा रहा था।

छापेमारी के दौरान Nagpur police ने दो युवकों को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। कार्रवाई में करीब ₹2.93 लाख कीमत का सामान भी जब्त किया गया है।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

Nagpur Crime Branch को मुखबिर के जरिए खबर मिली थी कि शांतिनगर इलाके में कुछ लोग ऑनलाइन लॉटरी और सट्टेबाजी का कारोबार चला रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पूरी तैयारी के साथ छापा मारने की योजना बनाई।

जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। कुछ लोग भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को पकड़ लिया। शुरुआती जांच में सामने आया कि यहां लंबे वक्त से ऑनलाइन लॉटरी का खेल चल रहा था और रोजाना बड़ी रकम का लेन-देन हो रहा था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

Nagpur Police के हत्थे चढ़े आरोपियों की पहचान सचिन दिलीप रहागडाले (21) और अनिकेत मोरेश्वर वाकलाकर (21) के तौर पर हुई है। दोनों आरोपी नवीन नगर, पारडी इलाके के रहने वाले बताए गए हैं।

वहीं इस पूरे मामले में तीसरा आरोपी सागर लीलाधर धनंजोडे अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में अलग-अलग जगहों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

छापे में मिला भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान

जब Nagpur Police ने ठिकाने की तलाशी ली तो वहां से बड़ी मात्रा में ऐसा सामान मिला, जिसका इस्तेमाल ऑनलाइन लॉटरी और सट्टेबाजी के कारोबार में किया जा रहा था।

जब्त किए गए सामान में शामिल हैं:

4 कंप्यूटर

4 सीपीयू

7 गेमिंग मशीनें

2 स्लिप प्रिंटिंग मशीनें

1 राउटर

कई कीबोर्ड

कैलकुलेटर

कुर्सियां और अन्य सामग्री

2 मोबाइल फोन

₹1,830 नकद

पुलिस के मुताबिक जब्त किए गए पूरे सामान की कुल कीमत ₹2,93,740 आंकी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा सेटअप ऑनलाइन लॉटरी के धंधे को संचालित करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

कैसे चलता था पूरा खेल?

जांच में जो बातें सामने आई हैं, उनके मुताबिक आरोपी ऑनलाइन सिस्टम के जरिए लोगों को लॉटरी और सट्टेबाजी में शामिल करते थे। ग्राहकों को नंबर और आईडी दी जाती थी, जिसके जरिए वे दांव लगाते थे।

पूरे हिसाब-किताब का रिकॉर्ड कंप्यूटर में रखा जाता था। जीतने वालों को रकम दी जाती थी, जबकि हारने वालों के पैसे सीधे गिरोह के पास पहुंच जाते थे। पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क के तार शहर के दूसरे इलाकों और संभवतः दूसरे जिलों तक भी जुड़े हो सकते हैं।

अब जब्त किए गए कंप्यूटर और मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

युवाओं को बना रहा था निशाना

पुलिस का मानना है कि ऐसे गिरोह सबसे ज्यादा युवाओं को अपने जाल में फंसाते हैं। इंटरनेट और मोबाइल के दौर में जल्दी पैसा कमाने का ख्वाब दिखाकर लोगों को लॉटरी और सट्टे की दुनिया में खींचा जाता है।

शुरुआत में छोटे-छोटे दांव लगवाए जाते हैं, लेकिन बाद में लोग बड़ी रकम गंवा बैठते हैं। कई बार ऐसे मामलों में परिवार की जमा-पूंजी तक दांव पर लग जाती है। यही वजह है कि पुलिस ऐसे गैरकानूनी कारोबार पर लगातार शिकंजा कस रही है।

शांतिनगर थाने में मामला दर्ज

इस कार्रवाई के बाद शांतिनगर पुलिस स्टेशन में क्राइम रजिस्टर नंबर 121/26 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर महाराष्ट्र प्रिवेंशन ऑफ गैंबलिंग एक्ट की धारा 4 और 5 के तहत केस दर्ज किया गया है।

पुलिस का कहना है कि कानून के खिलाफ चलने वाले किसी भी जुए, सट्टेबाजी या ऑनलाइन लॉटरी के कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी इसमें शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डिजिटल अपराधों पर बढ़ती निगरानी

बीते कुछ सालों में ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी के मामलों में काफी इजाफा देखने को मिला है। तकनीक का गलत इस्तेमाल करके कई गिरोह लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।

इसी को देखते हुए नागपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच ने डिजिटल अपराधों पर खास नजर रखना शुरू कर दिया है। साइबर टीम भी ऐसे मामलों की जानकारी जुटाने और नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन जुआ सिर्फ आर्थिक नुकसान ही नहीं पहुंचाता, बल्कि कई लोगों को कर्ज, तनाव और पारिवारिक परेशानियों तक पहुंचा देता है। इसलिए समय रहते ऐसे नेटवर्क को खत्म करना बेहद जरूरी है।

आगे क्या?

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। जब्त किए गए मोबाइल फोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से डेटा निकाला जा रहा है। बैंक ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।

Nagpur Police को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं। वहीं फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कई अहम राज खुलने की संभावना भी जताई जा रही है।

Nagpur Crime Branch की यह कार्रवाई साफ इशारा करती है कि शहर में अवैध ऑनलाइन लॉटरी और सट्टेबाजी का कारोबार चलाने वालों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं होगा। पुलिस का कहना है कि ऐसे गैरकानूनी धंधों के खिलाफ मुहिम आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।

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