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Nagpur में Cyber fraud: ऊंचे मुनाफे का लालच पड़ा भारी
Nagpur में Cyber fraud का एक और बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक 30 साल के युवक को ऑनलाइन निवेश के नाम पर 22.30 लाख रुपये से ज्यादा का चूना लगा दिया गया। ठगों ने शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का सपना दिखाकर पहले उसका भरोसा जीता और फिर धीरे-धीरे लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
मामले की शिकायत मिलने के बाद Nagpur Cyber Police ने केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है। पुलिस अब उन लोगों की तलाश में जुटी है जिन्होंने इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया।
व्हाट्सऐप ग्रुप से शुरू हुई कहानी
शिकायतकर्ता हिमांशु चंद्रशेखर पाकड़े, जो वाठोड़ा लेआउट के रहने वाले हैं, ने पुलिस को बताया कि 12 जून 2025 को उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया था। इस ग्रुप का नाम “V-3 Getting Better Daily by Reliance Finance” बताया गया।
ग्रुप में रोजाना शेयर बाजार, आईपीओ और ब्लॉक ट्रेडिंग से जुड़ी बातें शेयर की जाती थीं। वहां मौजूद लोग खुद को एक्सपर्ट बताते थे और दावा करते थे कि उनकी सलाह पर निवेश करने वालों को शानदार फायदा मिल रहा है।
लगातार आने वाले मैसेज और मुनाफे की कहानियां देखकर हिमांशु को भी यकीन हो गया कि यह कोई असली और भरोसेमंद निवेश प्लेटफॉर्म है।
धीरे-धीरे बढ़ाया गया भरोसा
शुरुआत में हिमांशु ने कम रकम लगाई। इसके बाद उन्हें एक ऑनलाइन डैशबोर्ड दिखाया गया, जहां उनके निवेश पर बढ़ता हुआ मुनाफा नजर आ रहा था। हर दिन अकाउंट में फायदा दिखने की वजह से उनका एतबार और मजबूत होता गया।
ग्रुप के एडमिन और कथित सलाहकार लगातार उन्हें ज्यादा पैसा लगाने के लिए कहते रहे। उनका कहना था कि जितना बड़ा निवेश होगा, उतना ही बड़ा रिटर्न मिलेगा।
यही वह वक्त था जब हिमांशु उनके जाल में पूरी तरह फंस गए।
जून से सितंबर तक लगाए 22,30,334 रुपये
हिमांशु पाकड़े ने जून 2025 से सितंबर 2025 के बीच अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 22,30,334 रुपये निवेश कर दिए। उन्हें अलग-अलग बैंक खातों में रकम भेजने को कहा गया और उन्होंने निर्देश के मुताबिक पैसे ट्रांसफर कर दिए।
हर बार ऑनलाइन सिस्टम में उनका बैलेंस बढ़ता हुआ दिखाई देता था। स्क्रीन पर दिख रहे मुनाफे को देखकर उन्हें लग रहा था कि उनका पैसा तेजी से बढ़ रहा है और जल्द ही उन्हें मोटी कमाई होने वाली है।
लेकिन असलियत कुछ और ही थी।
पैसे निकालने की कोशिश में खुली पोल
जब हिमांशु ने अपने निवेश और मुनाफे की रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने नया खेल शुरू कर दिया। उनसे कहा गया कि पैसे निकालने से पहले कुछ अतिरिक्त चार्ज जमा करने होंगे।
कभी ब्रोकरेज फीस का बहाना बनाया गया, कभी टैक्स का और कभी प्रोसेसिंग फीस का। ठग बार-बार नई रकम जमा करवाने की मांग करते रहे।
हिमांशु को कहा गया कि यह रकम जमा होते ही उनका पूरा पैसा उनके बैंक खाते में भेज दिया जाएगा। मगर ऐसा कभी नहीं हुआ।
अचानक बंद हो गया सारा संपर्क
कुछ दिन बाद हिमांशु का अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया। इसके साथ ही व्हाट्सऐप ग्रुप के एडमिन और बाकी लोगों से संपर्क भी टूट गया।
फोन कॉल का जवाब मिलना बंद हो गया और मैसेज का भी कोई जवाब नहीं आया। तब जाकर हिमांशु को एहसास हुआ कि जिन लोगों पर वह भरोसा कर रहे थे, वे दरअसल साइबर ठग थे।
अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चलते ही उन्होंने साइबर पुलिस से संपर्क किया और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई।
Nagpur Cyber Police की जांच जारी
मामले को गंभीरता से लेते हुए Nagpur Cyber Police ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे।
साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर, बैंक ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी सबूतों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
तेजी से बढ़ रहे हैं ऐसे साइबर फ्रॉड
पिछले कुछ समय में व्हाट्सऐप और टेलीग्राम के जरिए निवेश से जुड़े फर्जीवाड़ों के मामले तेजी से बढ़े हैं। ठग पहले लोगों को ग्रुप में जोड़ते हैं, फिर नकली मुनाफा दिखाकर उनका भरोसा जीतते हैं और बाद में लाखों रुपये ऐंठ लेते हैं।
कई बार लोगों को ऐसा महसूस कराया जाता है कि उनका पैसा लगातार बढ़ रहा है, जबकि हकीकत में पूरा सिस्टम ही फर्जी होता है।
एहतियात ही सबसे बड़ा बचाव
Cyber एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी अनजान व्हाट्सऐप ग्रुप, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या निवेश योजना पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। अगर कोई कम समय में बहुत ज्यादा मुनाफे का दावा कर रहा है तो सतर्क हो जाना चाहिए।
निवेश करने से पहले कंपनी और प्लेटफॉर्म की पूरी जानकारी हासिल करना बेहद जरूरी है। किसी भी तरह का शक होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस से राब्ता करना चाहिए।
हिमांशु चंद्रशेखर पाकड़े के साथ हुई 22,30,334 रुपये की यह कथित ठगी एक बार फिर यह दिखाती है कि साइबर अपराधी लोगों की मेहनत की कमाई पर नजर गड़ाए बैठे हैं। ऊंचे मुनाफे का ख्वाब दिखाकर लोगों को फंसाने वाले ऐसे गिरोह लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में होशियारी, जागरूकता और सतर्कता ही इस तरह की ठगी से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।
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