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प्री-मानसून बारिश के बाद फिर बढ़ी Nagpur में तपिश
Nagpur में कुछ दिन पहले हुई हल्की प्री-मानसून बारिश ने लोगों को राहत की उम्मीद जरूर दी थी, लेकिन ये राहत ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। गुरुवार को सूरज ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया और शहर का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने माहौल को तपता हुआ बना दिया था।
लोगों को लगा था कि बारिश के बाद मौसम कुछ नरम होगा, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, गर्मी का सितम भी बढ़ता गया। दोपहर के वक्त सड़कों पर सन्नाटा सा नजर आया और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले।
Vidarbha के सबसे गर्म शहरों में शामिल हुआ Nagpur
इस बार सिर्फ Nagpur ही नहीं, बल्कि पूरा Vidarbha गर्मी की चपेट में दिखाई दिया। हालांकि नागपुर 44 डिग्री तापमान के साथ सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। वर्धा में 44.5 डिग्री और ब्रह्मपुरी में 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो नागपुर से भी थोड़ा ज्यादा था।
इसके अलावा अकोला में 43.4 डिग्री और यवतमाल में 43.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। इन आंकड़ों ने साफ कर दिया कि विदर्भ में गर्मी अपने पूरे उरूज पर है और फिलहाल राहत मिलने के आसार कम नजर आ रहे हैं।
बारिश हुई, लेकिन राहत नहीं मिली
भंडारा, गोंदिया, गढ़चिरौली और ब्रह्मपुरी जैसे कुछ इलाकों में हल्की बारिश जरूर हुई, लेकिन उससे मौसम में कोई खास बदलाव नहीं आया। बारिश इतनी कम थी कि धरती की तपिश को कम नहीं कर सकी।
Nagpur में तो हालात और भी अलग रहे। यहां आसमान ज्यादातर साफ रहा और धूप लगातार आग बरसाती रही। नतीजा ये हुआ कि शहर का तापमान तेजी से ऊपर चढ़ गया। लोगों को उम्मीद थी कि प्री-मानसून की बारिश गर्मी को कुछ कम करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
दोपहर में घरों से निकलना हुआ मुश्किल
44 डिग्री तापमान का असर शहर की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई दिया। दोपहर के समय बाजारों में लोगों की आवाजाही कम हो गई। कई जगहों पर सड़कें लगभग खाली नजर आईं।
सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हुई जो खुले आसमान के नीचे काम करते हैं। ट्रैफिक पुलिस, डिलीवरी बॉय, ऑटो चालक और मजदूरों को तेज धूप में घंटों काम करना पड़ा। गर्म हवाओं और तेज धूप की वजह से लोगों को चक्कर आना, सिरदर्द और थकावट जैसी शिकायतें भी होने लगीं।
शहर के अस्पतालों में भी गर्मी से जुड़ी परेशानियों वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टर लगातार लोगों को पानी ज्यादा पीने और धूप से बचने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम विभाग ने जारी की सावधानी की सलाह
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक Vidarbha के कई हिस्सों में गर्मी का असर बना रह सकता है। तापमान 42 से 44 डिग्री के बीच रहने की संभावना जताई गई है।
विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बेवजह घर से बाहर न निकलें। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को ढककर निकलें और अपने साथ पानी जरूर रखें।
बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को खास एहतियात बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि तेज गर्मी उनके स्वास्थ्य पर ज्यादा असर डाल सकती है।
किसानों की बढ़ी चिंता
गर्मी और अनिश्चित मौसम ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। कुछ इलाकों में हुई हल्की बारिश के बाद कई किसानों ने खेती की तैयारियां शुरू कर दी थीं, लेकिन मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अभी जल्दबाजी करना ठीक नहीं होगा।
कृषि जानकारों के मुताबिक अभी मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। ऐसे में अगर किसान जल्द बुवाई कर देते हैं और बाद में बारिश नहीं होती, तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इसी वजह से किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर नजर रखें और हालात पूरी तरह अनुकूल होने के बाद ही खेती से जुड़े बड़े फैसले लें।
मानसून का इंतजार कर रहा है Nagpur
भीषण गर्मी के बीच अब हर किसी की निगाह मानसून पर टिकी हुई है। Nagpur समेत पूरे विदर्भ के लोग बेसब्री से उस बारिश का इंतजार कर रहे हैं जो इस झुलसा देने वाली गर्मी से राहत दिला सके।
हर साल जून के दूसरे हफ्ते में मानसून की दस्तक से मौसम का मिजाज बदलने लगता है। इस बार भी लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही बादल मेहरबान होंगे और तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी।
हालांकि मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अभी कुछ दिन और गर्मी का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और खुद को सुरक्षित रखने की जरूरत है।
Nagpur में एक बार फिर गर्मी ने अपना असली रंग दिखा दिया है। 44 डिग्री सेल्सियस तापमान ने शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और फिलहाल राहत के आसार भी बहुत ज्यादा नजर नहीं आ रहे। हल्की बारिश के बावजूद मौसम में कोई खास बदलाव नहीं आया है और पूरा विदर्भ गर्म हवाओं की चपेट में है।
अब लोगों को सिर्फ मानसून की पहली अच्छी बारिश का इंतजार है, जो न सिर्फ तापमान को नीचे लाएगी बल्कि तपती जमीन और परेशान लोगों को भी राहत का एहसास कराएगी। तब तक एहतियात, पानी और धूप से बचाव ही इस भीषण गर्मी से मुकाबला करने का सबसे बेहतर तरीका है।
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