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Har Ghar Tiranga अभियान की शुरुआत
‘Har Ghar Tiranga’ अभियान की शुरुआत साल 2022 में भारत सरकार ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत की थी। उस वक्त पूरा देश आज़ादी के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक सीधी-सी लेकिन दिल छू लेने वाली अपील की- स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने-अपने घरों, दुकानों, दफ्तरों और मोहल्लों में तिरंगा फहराएँ, और उसकी तस्वीर खींचकर शेयर करें।
इस अभियान का असली मकसद यही था कि तिरंगा सिर्फ सरकारी दफ्तरों की छत पर न दिखे, बल्कि हर घर, हर गली, और हर आंगन में लहराए, ताकि हर भारतीय के दिल में गर्व और जुड़ाव की भावना और गहरी हो। 2022 में जैसे ही ये पहल शुरू हुई, देखते ही देखते सोशल मीडिया पर #HarGharTiranga ट्रेंड करने लगा, और देश-भर के करोड़ों लोग इसमें पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ जुड़ गए।
2025 में Har Ghar Tiranga अभियान
साल 2025 में ‘Har Ghar Tiranga’ अपने चौथे साल में पहुँच गया है, और इस बार इसका जोश पहले से भी ज्यादा है। इस साल देशभर के 5 लाख से ज्यादा युवा स्वयंसेवकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो लोगों को जोड़ने, प्रेरित करने और अभियान को हर कोने तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
इस बार Har Ghar Tiranga अभियान को तीन बड़े चरणों में बांटा गया है-
पहला चरण (2–8 अगस्त): इस हफ्ते का माहौल पूरी तरह तिरंगे के रंग में रंगा रहता है। स्कूलों में तिरंगा पेंटिंग, दीवारों पर खूबसूरत चित्र, तिरंगा रंगोली, बच्चों के लिए विशेष क्लास, छोटी-छोटी प्रदर्शनियाँ और क्रिएटिव एक्टिविटीज़ आयोजित होती हैं।
दूसरा चरण (9–12 अगस्त): इस दौरान तिरंगा महोत्सव मनाया जाता है—सांस्कृतिक कार्यक्रम, बाइक और साइकिल रैलियाँ, मानव श्रृंखला बनाना, और लोगों को एक साथ जोड़ने वाले कई आयोजन होते हैं। हर उम्र के लोग इसमें शामिल होकर माहौल को देशभक्ति से भर देते हैं।
तीसरा चरण (13–15 अगस्त): आखिरी और सबसे खास दौर-Har Ghar Tiranga फहराने का। लोग तिरंगा लहराते हैं, अपनी तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं, और अपनी देशभक्ति को खुलकर जताते हैं। इस समय पूरे देश का नज़ारा एक साथ एक रंग में रंगा हुआ दिखता है—तिरंगे के रंग में।
भारत देश के सभी प्रदेशों में प्रक्रिया
इस बार 2025 ‘Har Ghar Tiranga’ की गूंज सिर्फ शहरों तक नहीं, बल्कि गांव-गांव और गली-गली तक सुनाई दे रही है। अलग-अलग राज्यों में इसे लेकर लोगों का उत्साह देखने लायक है-
उत्तर प्रदेश: यहाँ करीब 60 लाख तिरंगे शहरी गरीब इलाकों में लोगों को बिल्कुल मुफ्त दिए जा रहे हैं। खास बात यह है कि ये तिरंगे 29,000 से ज्यादा महिलाओं ने अपने स्व-सहायता समूह (SHGs) के जरिए तैयार किए हैं। सरकार ने इसके लिए करीब ₹12 करोड़ का बजट रखा है, जिससे महिलाओं को रोज़गार भी मिला और देशभक्ति का संदेश भी फैला।
मध्य प्रदेश: यहाँ के मुख्यमंत्री ने ‘Har Ghar Tiranga’ को “हर घर स्वच्छता” और “स्वदेशी” जैसे अभियानों के साथ जोड़ दिया है। इसमें तिरंगा यात्राएं, मानव श्रृंखलाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सफाई अभियान सब मिलाकर एक बड़ा उत्सव जैसा माहौल बना दिया गया है।
उत्तर प्रदेश (लखनऊ/अयोध्या): यहाँ के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक खुद तिरंगा यात्राओं में शामिल हुए और लोगों से कहा—“हर घर तिरंगा हमारा गौरव, सम्मान और आत्मसम्मान है।”
तेलंगाना: यहाँ भाजपा ने 40 लाख तिरंगे बांटने की योजना बनाई है, ताकि Har Ghar Tiranga अभियान एक सच्चा जन-आंदोलन बन सके।
भागलपुर (बक्सो रेलवे स्टेशन): स्टेशन पर तिरंगा प्रचार के लिए साइकिल रैली और लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें यात्री और स्थानीय लोग दोनों शामिल हुए।
पटना (खगौल): रेलवे कॉलोनियों में तिरंगा रैली निकाली गई, जिसमें NCC के कैडेट, RPF के जवान और आम लोग भी बढ़-चढ़कर शामिल हुए।
लखनऊ (हर क्षेत्र): यहाँ शिक्षा संस्थानों ने स्वच्छता, पर्यावरण और देशभक्ति को मिलाकर कई ‘तिरंगा-श्रेष्ठता’ गतिविधियाँ कीं—जैसे पेंटिंग, निबंध, रैली और सफाई अभियान।
भरतपुर (बेरहामपुर): यहाँ “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता” के नारे के साथ साफ-सफाई अभियान चलाया गया। झोटी कला प्रतियोगिताएँ हुईं और SHG समूहों ने करीब 1 लाख तिरंगे बनाकर लोगों को बांटे।
Har Ghar Tiranga 2025 अभियान का डिजिटल प्रयास
2 अगस्त से इस अभियान में पंजीकृत स्वयंसेवकों को ज़मीनी स्तर पर अलग-अलग ज़िम्मेदारियाँ दी गई हैं। इनका काम है, गांव-गांव और मोहल्लों में तिरंगा फहराना, लोगों को इसके महत्व के बारे में बताना, और उन्हें प्रेरित करना कि वे भी अपने घर पर तिरंगा लगाएँ।
इन्हें तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी सोशल मीडिया पर अपलोड करने की भी जिम्मेदारी दी गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस मुहिम से जुड़ें। जिन स्वयंसेवकों का योगदान सबसे अच्छा होगा, उन्हें नगर निकाय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सम्मान मिलेगा-प्रमाणपत्र और डिजिटल बैज देकर उनकी सराहना की जाएगी।
प्रधानमंत्री Narendra Modi का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल लोगों की शानदार भागीदारी पर खुशी जताई और कहा कि तिरंगा सिर्फ एक झंडा नहीं, बल्कि देश की एकता और गर्व का प्रतीक है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे भी तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि यह संदेश और भी दूर तक पहुँचे।
नोएडा और गाजियाबाद में इस साल तिरंगा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। स्कूलों के बच्चों ने रंग-बिरंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, हस्तशिल्प मेलों में त्रिवर्ण थीम पर बनी चीज़ें खूब बिकीं, और “तिरंगा संगीत समारोह” में देशभक्ति गीतों से माहौल देशप्रेम से भर गया।
कई राज्यों ने इस अभियान में स्वच्छता को भी जोड़ा है। मतलब, सिर्फ तिरंगा फहराने तक बात नहीं रुकी, बल्कि सड़कों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई करके इसे एक सामाजिक और प्रेरणादायक पहल बना दिया गया। इससे देशभक्ति के साथ-साथ स्वच्छता का संदेश भी लोगों तक पहुँच रहा है।
2025 का ‘Har Ghar Tiranga ’ अभियान केवल ध्वज फहराने का उत्सव नहीं, बल्कि यह व्यापक जन-भागीदारी, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता अभियान, स्वदेशी समर्थन, और डिजिटल जुड़ाव का एक मॉडल बन चुका है। यह राष्ट्र के प्रति व्यक्तिगत लगाव को “हर घर” तक पहुंचा रहा है और एक नए युग में राष्ट्रीय एकता की पहचान बना है।
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