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Mumbai Rains: आसमान से बरसते बादल से बड़ी मुश्किलें
Mumbai का नाम सुनते ही सबसे पहले ख्याल आता है – यहाँ की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी, रात में भी जगमगाती रोशनियाँ, कभी न थमने वाली भागदौड़ और बारिश की बूंदों से भीगी हुई सड़कों का नज़ारा। यही सब मिलकर इस शहर को ख़ास बनाता है।
लेकिन जब यही बारिश ज़्यादा तेज़ और लगातार होने लगती है, तो यह चमचमाता हुआ ‘सपनों का शहर’ अचानक रुक-सा जाता है। ट्रैफ़िक जाम, पानी से भरी सड़कें और घंटों लेट होती लोकल ट्रेनें लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को मुश्किल बना देती हैं।
अगस्त 2025 की भारी बरसात ने भी ऐसा ही माहौल बना दिया। इस बरसात ने एक बार फिर से ये बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आज भी मुंबई सच में इतनी तैयार है कि वह ऐसी तेज़ बारिश का सामना कर सके?

मानसून की दस्तक से Mumbai की हालत खराब
Mumbai Monsoon अपने आप में किसी त्योहार से कम नहीं होता। पहली ही बारिश होते ही लोग खुशी-खुशी Marine Drive और Juhu Beach की तरफ दौड़ पड़ते हैं। कई लोग तो सिर्फ इस पल का मज़ा लेने बाहर निकलते हैं| बारिश की बूँदों में भीगते हैं, चाय-भजिया खाते हैं और समंदर की लहरों को देखने का मज़ा उठाते हैं।
लेकिन इस बार की बरसात ने Mumbai Rains की असली परीक्षा ले ली। लगातार कई दिनों तक बिना रुके हुई ज़बरदस्त बारिश ने शहर की हालत खराब कर दी। सड़कों पर इतना पानी भर गया कि वो तालाब जैसी नज़र आने लगीं।
लोकल ट्रेनें, जिन्हें मुंबई की लाइफ़लाइन कहा जाता है, कई जगह घंटों तक रुकी रहीं और हज़ारों लोग स्टेशन पर फँसे रह गए। ऊपर से जगह-जगह जलभराव की वजह से गाड़ियाँ बहुत धीरे-धीरे रेंग रही थीं। ऑफिस जाने वाले लोग घंटों तक जाम में फँसकर परेशान होते रहे।
लगातार बारिश से Mumbai मे रुकी हवाई उड़ाने
सबसे बड़ी दिक़्क़त इस बार हवाई सफ़र करने वालों के लिए रही। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तेज़ बारिश का सीधा असर देखने को मिला। कई Domestic और International Flights का टाइम बदलना पड़ा, कुछ उड़ानों को तो दूसरे शहरों की तरफ मोड़ना पड़ा।
तेज़ बारिश की वजह से विज़िबिलिटी कम हो गई और रनवे पर भी पानी भर गया। इसी कारण से 200 से ज़्यादा फ्लाइट्स देर से उड़ सकीं और कुछ को कैंसिल करना पड़ा। यात्रियों को घंटों इंतज़ार करना पड़ा, जिससे सभी काफी परेशान हो गए।
कई यात्रियों ने अपने हालात सोशल मीडिया पर शेयर किए। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट लाउंज और वेटिंग एरिया पूरी तरह यात्रियों से भरे हुए थे, बैठने तक की जगह नहीं बची थी। बहुत से लोग तो पूरी रात एयरपोर्ट पर ही फंसे रहे। सबसे मुश्किल समय उन लोगों के लिए था जिनकी Connecting Flights छूट गईं| न सिर्फ़ उनका आगे का सफ़र बिगड़ गया बल्कि उन्हें होटल या दूसरी उड़ानों का इंतज़ाम करने में भी भारी दिक़्क़त हुई।
बारिश नेआर्थिक राजधानी Mumbai की रफ़्तार धीमी कर दी
Mumbai को पूरे देश की आर्थिक राजधानी कहा जाता है। यहाँ हर रोज़ शेयर बाज़ार से लेकर फ़िल्म इंडस्ट्री और बड़े-बड़े बिज़नेस तक की हलचल चलती रहती है। कहा जाता है कि अगर मुंबई रुकी, तो पूरा देश किसी न किसी तरह से इसका असर महसूस करता है।
लेकिन इस बार की तेज़ बारिश ने इस रफ़्तार पर ब्रेक लगा दिया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के आसपास की सड़कों पर इतना पानी भर गया कि लोगों के लिए वहाँ पहुँचना ही मुश्किल हो गया। कारोबारियों को अपने दफ़्तर तक पहुँचने में भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
कई बड़ी कंपनियों और दफ़्तरों में Attendance बहुत कम रही, क्योंकि कर्मचारी घर से निकल ही नहीं पाए। जिन लोगों ने कोशिश की, वे घंटों तक ट्रैफ़िक जाम और लोकल ट्रेनों की देरी से जूझते रहे।
कई जगह तो ऑफिस पहुँचने में इतना वक्त लग गया कि लोग वापस लौट जाना ही बेहतर समझने लगे। इस वजह से कामकाज की रफ़्तार साफ़ तौर पर धीमी पड़ गई और शहर की आर्थिक गतिविधियों पर बारिश का असर साफ दिखने लगा।
Mumbai लोकल ट्रेन और बस सेवा पर Overload
Mumbai की लाइफ़लाइन कहे जाने वाली लोकल ट्रेनें भी इस बार Mumbai Rains की मार से नहीं बच पाईं। Central और Western दोनों लाइन पर कई-कई जगह ट्रैक पर पानी इतना भर गया कि ट्रेनें आगे बढ़ ही नहीं सकीं। नतीजा यह हुआ कि दर्जनों लोकल ट्रेनें घंटों तक लेट रहीं और कई को तो कैंसिल ही करना पड़ा।
रोज़ लाखों लोग जो दफ़्तर और काम पर जाने के लिए इन ट्रेनों पर निर्भर रहते हैं, उन्हें स्टेशन पर ही फँसकर इंतज़ार करना पड़ा। कई जगहों पर तो प्लेटफ़ॉर्म पर इतनी भीड़ हो गई कि लोगों को खड़े होने तक की जगह नहीं मिली।
सिर्फ़ लोकल ट्रेनें ही नहीं, बल्कि BEST की बस सेवाएँ भी पानी में धँसकर रह गईं। कई बसें बीच रास्ते में बंद हो गईं और यात्रियों को पैदल ही अपना सफ़र पूरा करना पड़ा। जिन रूट्स पर बसें किसी तरह चलीं भी, वहाँ उन्हें ट्रैफ़िक जाम और धीरे-धीरे बढ़ने वाली लंबी कतारों का सामना करना पड़ा। इससे आम यात्रियों को दोगुनी परेशानी झेलनी पड़ी-न ट्रेन सही से चल रही थी और न ही बसें।
लोगों की मुश्किलें और इंसानियत देखने को मिली
बारिश ने आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी तो पूरी तरह से उलट-पुलट कर दी, लेकिन Mumbai के लोगों का हौसला और जज़्बा वाकई काबिले तारीफ़ रहा। शहर के अलग-अलग इलाक़ों में लोग एक-दूसरे की मदद करते हुए नज़र आए। जिन लोगों की गाड़ियाँ पानी में बंद हो गईं, उन्हें अजनबी लोग भी धक्का देकर आगे बढ़ाते दिखे। कहीं किसी ने बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित जगह तक पहुँचाया तो कहीं लोगों ने मिलकर जलभराव में फँसे यात्रियों को रास्ता दिखाया।
रिहायशी इलाक़ों में युवा समूह और समाजसेवी संगठन भी सक्रिय रहे। उन्होंने बुज़ुर्गों तक दवाइयाँ, दूध और ज़रूरी सामान पहुँचाया, ताकि किसी को तकलीफ़ न हो। कई जगह स्थानीय लोग एक-दूसरे के घरों में फँसे यात्रियों को पनाह देते दिखे।
सोशल मीडिया पर भी बारिश की चर्चा छाई रही। #MumbaiRains लगातार ट्रेंड करता रहा। लोग अपने-अपने इलाक़ों की तस्वीरें और वीडियो अपलोड करते रहे। किसी ने कार को नाव की तरह पानी में तैरते हुए दिखाया, तो किसी ने बच्चों को बारिश के पानी में खेलते-कूदते हुए कैमरे में कैद किया। इन तस्वीरों में जहाँ एक तरफ़ बारिश से हुई मुसीबत झलक रही थी, वहीं दूसरी ओर मुंबईकरों का पॉज़िटिव रवैया और मदद करने की भावना भी साफ़ दिखाई दी।
BMC की चुनौती
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सामने इस बार भी वही बड़ी चुनौती खड़ी हो गई जो लगभग हर साल बारिश में दिखाई देती है। शहर के कई इलाक़ों में ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से फेल साबित हुआ। पानी निकासी की व्यवस्था ठीक से न होने के कारण सड़कों पर घंटों पानी भरा रहा और लोगों को भारी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ा।
हालाँकि, प्रशासन की तरफ़ से लगातार कोशिशें भी की जाती रहीं। हाई-प्रायोरिटी वाले इलाक़ों, यानी जहाँ पानी सबसे ज़्यादा जमा हो गया था, वहाँ Water Pumping Stations चालू करके पानी निकालने की कोशिश की गई। कई जगह फ़ायर ब्रिगेड और NDRF की मदद भी ली गई ताकि हालात काबू में लाए जा सकें।
इसी के साथ एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यात्रियों से अपील की कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस ज़रूर चेक करें, क्योंकि अचानक होने वाली देरी या रद्द होने की संभावना बनी रहती है। इससे यात्रियों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने साफ़ चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ दिनों तक Mumbai में और भी तेज़ बारिश हो सकती है। ख़ास तौर पर उत्तर मुंबई और नवी मुंबई जैसे इलाक़ों में भारी जलभराव का खतरा बताया गया है। इसी वजह से प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना किसी ज़रूरी काम के घर से बाहर निकलने से बचें, ताकि सुरक्षा बनी रहे और अनावश्यक परेशानी से लोग बच सकें।
दरअसल, मुंबई की बारिश सिर्फ़ एक मौसम की घटना नहीं है, बल्कि यह अपने आप में एक बड़ी कहानी है। यह हमें बार-बार यह एहसास दिलाती है कि प्रकृति के सामने इंसान की तैयारी अब भी अधूरी है। चाहे सड़कें हों, गलियाँ हों या फिर हवाई अड्डे का रनवे—बरसात ने हर जगह अपनी ताक़त और असर दिखा दिया है।
लेकिन यही बारिश हमें एक और बड़ी बात भी सिखाती है—मुंबईकरों का जज़्बा और उनका हौसला किसी भी मुश्किल के आगे नहीं झुकता। उड़ानें भले ही बारिश की वजह से देर से चलें या रद्द हों, ट्रैफ़िक घंटों जाम में फँसा रहे, लेकिन इस शहर की असली रफ़्तार और लोगों का जज़्बा कभी नहीं रुकता।
यही वजह है कि चाहे कितनी भी तेज़ बारिश क्यों न हो, मुंबई हर बार मुश्किलों से उठकर संभल जाती है और फिर से आगे बढ़ने लगती है। यही गुण इस शहर को सच में ‘सिटी ऑफ़ ड्रीम्स’ बनाते हैं—एक ऐसा शहर जो कभी हार मानना नहीं जानता।
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