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Nagpur: नवाब कुआ के चारों ओर NMC ने लगाए बैरिकेड और हरा नेट
नवाब कुआ: Nagpur की भूली-बिसरी विरासत
Nagpur शहर की एक ऐतिहासिक धरोहर नवाब कुआ एक बार फिर चर्चा में है। सालों तक उपेक्षा, गंदगी और लापरवाही का शिकार रहा यह कुआ अब नागपुर नगर निगम (NMC) की सख्ती के चलते संरक्षण की राह पर है। यह कुआ सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि शहर की तहज़ीब और इतिहास की निशानी है।
सफाई अभियान की शुरुआत
कुछ दिन पहले NMC ने नवाब कुआ की सफाई और बहाली का काम शुरू किया था। कुएं में जमी काई, मलबा और कचरे को हटाया गया। लंबे समय बाद यह कुआ फिर से अपनी असली शक्ल में लौटता नजर आने लगा था। स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस पहल से खुश दिखे।
नए साल की रात की शर्मनाक हरकत
लेकिन नए साल की रात कुछ असामाजिक तत्वों ने इस कोशिश पर पानी फेरने की कोशिश की। शराब की खाली बोतलें, कचरा और गंदगी फिर से कुएं में डाल दी गई। इसकी शिकायत मिलते ही नगर निगम हरकत में आया। अधिकारियों ने इसे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की गंभीर घटना बताया।
NMC का सख्त फैसला
घटना के बाद NMC ने बड़ा और कड़ा कदम उठाया। कुएं के चारों ओर लोहे के बैरिकेड लगाए गए और साथ ही हरी सुरक्षा नेटिंग भी लगाई गई। इसका मकसद साफ है अब कोई भी व्यक्ति कुएं में कचरा या बोतलें नहीं फेंक पाएगा।
नई दीवार और सीमित पहुंच
नगर निगम ने कुएं के चारों ओर नई दीवारें भी बनवाई हैं। इससे आम लोगों की सीधी पहुंच नियंत्रित हो गई है और सुरक्षा भी बढ़ी है। राहगीर अब दूरी से कुएं को देख सकते हैं, लेकिन अंदर झांकना या कुछ डालना आसान नहीं रहेगा।
स्थायी ग्रिल की तैयारी
जल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह अस्थायी व्यवस्था नहीं है। जल्द ही कुएं पर स्थायी लोहे की ग्रिल लगाई जाएगी। बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति कुएं तक नहीं पहुंच सकेगा। इससे भविष्य में किसी तरह की तोड़फोड़ रोकी जा सकेगी।
प्रशासन की साफ चेतावनी
अधिकारी ने साफ शब्दों में कहा, “यह सिर्फ नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है। यह शहर के हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। जो लोग सार्वजनिक धरोहर को नुकसान पहुंचाते हैं, वे समाज के खिलाफ काम करते हैं।” यह बयान उन लोगों के लिए सख्त संदेश है जो लापरवाही को अपना हक समझते हैं।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं की सराहना
पर्यावरण कार्यकर्ता रोहित देशपांडे, जो लंबे समय से नवाब कुआ के संरक्षण से जुड़े हैं, ने NMC के कदम की तारीफ की है। उनका कहना है कि हरी नेटिंग और बैरिकेड से कुएं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और अब तक की सफाई का असर साफ दिख रहा है।
नागरिक सहयोग की ज़रूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ सरकारी कदम काफी नहीं हैं। जब तक आम लोग अपनी सोच नहीं बदलेंगे, तब तक ऐसी विरासतें सुरक्षित नहीं रह सकतीं। प्रशासन और नागरिकों का आपसी सहयोग बेहद जरूरी है।

पर्यटन नहीं, पहचान की निशानी
नवाब कुआ कोई आम पर्यटन स्थल नहीं है। यह नागपुर की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। इसे कूड़ा फेंकने की जगह बनाना हमारी खुद की विरासत का अपमान है। इसे एक सम्मानित ऐतिहासिक स्थल के रूप में देखना होगा।
उम्मीद की नई किरण
अब जब NMC ने ठोस और सख्त कदम उठा लिए हैं, उम्मीद की जा सकती है कि नवाब कुआ फिर से अपनी खोई हुई शान वापस पाएगा। अगर नागरिक जागरूक रहें और प्रशासन के साथ मिलकर काम करें, तो यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखी जा सकती है। नवाब कुआ को बचाना सिर्फ प्रशासन का नहीं, हम सबका फ़र्ज़ है।
Nagpur सिटी पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस वर्धापन दिवस को धूमधाम से मनाया
Nagpur में महाराष्ट्र पुलिस वर्धापन दिवस
Nagpur सिटी पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस वर्धापन दिवस पूरे शान, अनुशासन और फख्र के साथ मनाया। यह कार्यक्रम नागपुर पुलिस मुख्यालय के परेड ग्राउंड में आयोजित किया गया, जहां वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर जवानों तक सभी ने मिलकर इस खास दिन को यादगार बनाया।
महाराष्ट्र पुलिस वर्धापन दिवस वह मौका होता है जब पुलिस बल की स्थापना, उसकी कुर्बानियों और समाज के प्रति उसकी सेवा को सलाम किया जाता है।
अनुशासन भरी परेड बनी आकर्षण
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह अनुशासनबद्ध परेड से हुई। पुलिस जवानों की एक-एक चाल, कदमों की ताल और एकता ने मौजूद लोगों के दिलों में गर्व पैदा कर दिया। यह परेड पुलिस की मजबूती, तैयारी और जज़्बे का साफ संदेश दे रही थी।
इस दौरान डॉग स्क्वाड ने भी अपनी ट्रेनिंग का शानदार प्रदर्शन किया। प्रशिक्षित श्वानों ने कमांड पर तुरंत प्रतिक्रिया देकर दर्शकों को प्रभावित किया। साथ ही हथियारों के प्रदर्शन ने यह भरोसा दिलाया कि शहर की सुरक्षा मजबूत हाथों में है।
साइबर जागरूकता पर खास ज़ोर
आज के डिजिटल दौर को देखते हुए कार्यक्रम में साइबर जागरूकता अभियान भी चलाया गया। छात्रों और आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, साइबर अपराध और सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल की जानकारी दी गई। युवाओं ने इसमें खास रुचि दिखाई।
पुलिस कमिश्नर का संदेश
इस मौके पर Nagpur पुलिस कमिश्नर डॉ. रविंदर कुमार सिंगल मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि वर्धापन दिवस सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और भरोसे की ताज़ा पुष्टि है।
उन्होंने बताया कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन थंडर’ के तहत करोड़ों रुपये के ड्रग्स जब्त किए गए हैं। इसका मकसद नौजवानों को नशे की बुराई से बचाना है।
साथ ही उन्होंने साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए कहा कि डिजिटल जागरूकता आज हर नागरिक के लिए ज़रूरी है। नागपुर पुलिस इस दिशा में लगातार काम कर रही है।
पुलिसकर्मियों की सेहत पर ध्यान
डॉ. सिंगल ने यह भी कहा कि एक अच्छा पुलिसकर्मी सिर्फ मजबूत नहीं, बल्कि मानसिक रूप से सतर्क भी होना चाहिए। इसी लिए पुलिस विभाग बेहतर ट्रेनिंग और सुविधाएं विकसित कर रहा है, ताकि जवान हर हालात के लिए तैयार रहें।
उपलब्धियों का सम्मान
कार्यक्रम में Nagpur सिटी पुलिस को शहरी पुलिसिंग में बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। ‘ऑपरेशन यू-टर्न’ जैसे अभियानों के ज़रिये ट्रैफिक नियमों और नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने के प्रयासों को भी सराहा गया।
करीब 400 से अधिक छात्रों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया और पुलिस के कामकाज को नज़दीक से देखा। खास तौर पर साइबर सुरक्षा से जुड़े प्रदर्शन छात्रों को काफी पसंद आए।
जनता और पुलिस का भरोसा
सोशल मीडिया पर भी इस कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सामने आए, जिनमें पुलिस कर्मियों का उत्साह और अनुशासन साफ नजर आया। नागरिकों ने भी पुलिस को सलाम करते हुए उनके काम की सराहना की।
यह आयोजन इस बात का सबूत है कि नागपुर में पुलिस और जनता के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत हो रहा है।
निष्कर्ष: सेवा और सुरक्षा का संकल्प
महाराष्ट्र पुलिस वर्धापन दिवस सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि सेवा, बहादुरी और जिम्मेदारी की याद दिलाने वाला दिन है। Nagpur सिटी पुलिस ने यह दिखा दिया कि वह सिर्फ कानून लागू करने वाली ताकत नहीं, बल्कि समाज की संरक्षक और नागरिकों की साथी भी है। उम्मीद है कि यही जज़्बा आगे भी नागपुर की सुरक्षा और शांति बनाए रखेगा।
Nagpur डिवीजन की बड़ी कार्रवाई: 258 बच्चों को बचाया, शराब और नशे की वस्तुएँ जब्त
Nagpur पुलिस का बड़ा एक्शन
Nagpur डिवीजन पुलिस ने एक बड़े और असरदार अभियान में समाज की सुरक्षा को लेकर मजबूत संदेश दिया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 258 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला, साथ ही ₹15.41 लाख की अवैध शराब और ₹59.26 लाख की नशीली दवाएं जब्त की हैं।
यह अभियान शहर और आसपास के इलाकों में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और खास तौर पर बच्चों को खतरे से बचाने के मकसद से चलाया गया।
258 बच्चों को सुरक्षित निकाला गया
पुलिस के मुताबिक, ये बच्चे अलग-अलग इलाकों से मिले, जहां वे खतरनाक हालात, बाल मजदूरी, नशे के माहौल या अपराध से जुड़े जोखिमों में फंसे थे। पुलिस ने सामाजिक संगठनों और बाल संरक्षण समितियों के साथ मिलकर इन बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

बचाए गए बच्चों को अब सरकारी आश्रय गृहों और बाल संरक्षण केंद्रों में रखा गया है, जहां उन्हें पढ़ाई, इलाज और मानसिक सहारा दिया जा रहा है। यह कदम इंसानियत और ज़िम्मेदारी की मिसाल माना जा रहा है।
अवैध शराब पर सख्त कार्रवाई
इस अभियान के दौरान पुलिस ने ₹15.41 लाख की अवैध शराब भी जब्त की। यह शराब बिना लाइसेंस के बनाई और बेची जा रही थी। पुलिस ने उन ठिकानों पर छापेमारी की, जहां शराब का भंडारण और सप्लाई हो रही थी।
अवैध शराब से जुड़ी घटनाएं अक्सर सड़क हादसों, झगड़ों और अपराधों की वजह बनती हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसी गतिविधियों के खिलाफ सख्ती आगे भी जारी रहेगी।
नशे के कारोबार पर करारा वार
सबसे अहम कार्रवाई नशीली दवाओं की जब्ती रही। पुलिस ने करीब ₹59.26 लाख कीमत का नशा बरामद किया है। यह कार्रवाई शहर और आसपास चल रहे गुप्त नशा नेटवर्क के खिलाफ की गई।
यह ऑपरेशन ‘ऑपरेशन थंडर’ जैसे अभियानों का हिस्सा है, जिसके तहत गांजा, MD और दूसरे प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाई जा रही है। पुलिस ने निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर यह सफलता हासिल की।
पुलिस का साफ संदेश
Nagpur डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। एक अधिकारी ने कहा, “हम समाज को सुरक्षित बनाना चाहते हैं। बच्चों और युवाओं को नशे और अपराध से बचाना हमारी ज़िम्मेदारी है। अवैध कामों के खिलाफ हमारी नीति ज़ीरो टॉलरेंस की है।”
जनता ने की सराहना
Nagpur स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस कार्रवाई की तारीफ की है। लोगों का कहना है कि ऐसे अभियान शहर को सुरक्षित और बेहतर बनाने में मदद करते हैं। जनता को उम्मीद है कि पुलिस इसी तरह आगे भी सख्ती से काम करेगी।
निष्कर्ष: सुरक्षा और इंसानियत की मिसाल
Nagpur डिवीजन की यह कार्रवाई साफ दिखाती है कि पुलिस सिर्फ कानून लागू करने वाली ताकत नहीं, बल्कि समाज की हिफाज़त करने वाली ढाल भी है। 258 बच्चों की ज़िंदगी को सुरक्षित रास्ता देना, नशे और अवैध शराब पर चोट करना ये सब कदम नागपुर को एक महफूज़ और बेहतर शहर बनाने की दिशा में अहम हैं। उम्मीद है कि आने वाले वक्त में ऐसे अभियान और तेज़ होंगे, ताकि हर बच्चा और हर परिवार खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।
Nagpur: गोरेवाड़ा निवास से ₹25,500 मूल्य का प्रतिबंधित नायलॉन मांजा जब्त, महिला पर मामला दर्ज
गोरेवाड़ा में नायलॉन मांजा पर पुलिस की सख्त कार्रवाई
Nagpur शहर में प्रतिबंधित नायलॉन मांजा के खिलाफ पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी कड़ी में गोरेवाड़ा इलाके के एक घर से ₹25,500 कीमत का नायलॉन मांजा जब्त किया गया है। इस मामले में पुलिस ने एक महिला को आरोपी बनाते हुए केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई सिर्फ एक जब्ती नहीं, बल्कि Nagpur शहर की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की गंभीरता का साफ संदेश है।
क्राइम ब्रांच को मिली पुख्ता जानकारी
यह मामला 2 जनवरी का है। क्राइम ब्रांच यूनिट-5 को गोरेवाड़ा के निर्मल नगर इलाके में एक घर में नायलॉन मांजा जमा होने की विश्वसनीय सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही टीम हरकत में आई। दोपहर करीब 3.30 से 4.30 बजे के बीच मांकापुरा थाना क्षेत्र में आने वाले उस घर पर छापा मारा गया।
पुलिस ने पंच गवाहों की मौजूदगी में घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान वहां से 17 रील प्रतिबंधित नायलॉन मांजा बरामद हुए, जिनकी बाजार कीमत करीब ₹25,500 बताई गई।
महिला के खिलाफ मामला दर्ज
इस मामले में पुलिस ने संगीता दीपक शाहू (55) को आरोपी बनाया है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 5 और 15 के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने जब्त किया गया पूरा माल आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मांकापुरा पुलिस स्टेशन को सौंप दिया है। मामले की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मांजा कहां से लाया गया था और आगे किसे बेचा जाना था।
नायलॉन मांजा क्यों है इतना खतरनाक?
नायलॉन मांजा देखने में भले ही एक साधारण धागा लगे, लेकिन असल में यह मौत का फंदा बन सकता है। यह सिंथेटिक धागा बेहद मजबूत और तेज होता है। पतंग उड़ाते समय जब यह मांजा हवा में फैलता है, तो दोपहिया वाहन चालकों, साइकिल सवारों और पैदल लोगों के गले, हाथ या चेहरे पर गंभीर चोट पहुंचा सकता है।
हर साल मकर संक्रांति के आसपास कई ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां लोग इस मांजे की वजह से गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं, और कई बार जान तक चली जाती है।
पक्षियों और जानवरों के लिए भी खतरा
नायलॉन मांजा सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पक्षियों और जानवरों के लिए भी बेहद खतरनाक है। उड़ते हुए पक्षी इस मांजे में फंस जाते हैं, जिससे उनके पंख कट जाते हैं या गर्दन में गहरी चोट लगती है।
कई बार घायल पक्षी तड़प-तड़प कर मर जाते हैं। यही वजह है कि पर्यावरण प्रेमी और पशु-पक्षी संरक्षण से जुड़े संगठन लंबे समय से नायलॉन मांजा पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग करते रहे हैं।
सरकार ने लगाया है पूरा प्रतिबंध
इन खतरों को देखते हुए सरकार ने नायलॉन मांजा पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद इसका काला बाजार अब भी सक्रिय है, खासकर त्योहारों के समय।
मकर संक्रांति जैसे मौकों पर पतंग उड़ाने का शौक बढ़ जाता है और इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध तरीके से नायलॉन मांजा बेचने लगते हैं। यही वजह है कि पुलिस हर साल इस समय विशेष अभियान चलाती है।
Nagpur पुलिस का लगातार अभियान
Nagpur पुलिस और क्राइम ब्रांच पिछले कई महीनों से नायलॉन मांजा के खिलाफ छापेमारी और नाकाबंदी अभियान चला रही है। हाल के हफ्तों में शहर के अलग-अलग इलाकों से लाखों रुपये का नायलॉन मांजा जब्त किया गया है।
अब तक 100 से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं, जो यह दिखाता है कि पुलिस इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से ले रही है। अधिकारियों का साफ कहना है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सूती मांजा अपनाने की अपील
Nagpur पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रही है कि पतंग उड़ाने के लिए पारंपरिक सूती मांजा ही इस्तेमाल करें। यह न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी नुकसानदेह नहीं है।
साथ ही नागरिकों से यह भी कहा गया है कि अगर कहीं नायलॉन मांजा का भंडारण, बिक्री या इस्तेमाल होता दिखे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें। समय रहते कार्रवाई होने से बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
मकर संक्रांति से पहले सख्ती
Nagpur पुलिस का मानना है कि त्योहारों के समय थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। इसलिए मकर संक्रांति से पहले जांच और निगरानी और तेज कर दी गई है।
Nagpur शहर के बाजारों, गोदामों और संदिग्ध इलाकों पर खास नजर रखी जा रही है। पुलिस टीमें सादे कपड़ों में भी निगरानी कर रही हैं, ताकि अवैध कारोबार करने वालों तक पहुंचा जा सके।
निष्कर्ष: साफ संदेश, सख्त कार्रवाई
गोरेवाड़ा के घर से नायलॉन मांजा की जब्ती और एक महिला के खिलाफ मामला दर्ज होना इस बात का साफ संकेत है कि पुलिस अब किसी को भी नहीं छोड़ेगी।
नायलॉन मांजा अब सिर्फ गैरकानूनी सामान नहीं, बल्कि जनता की जान के लिए सीधा खतरा बन चुका है। इसे रोकना पुलिस और प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों की भी जिम्मेदारी है।
अगर समाज और प्रशासन मिलकर काम करें, तो न सिर्फ त्योहार सुरक्षित बन सकते हैं, बल्कि कई बेकसूर जानें भी बचाई जा सकती हैं।
यही इस पूरी कार्रवाई का असली मकसद और पैग़ाम है।
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