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क्या है पूरा Obscene Images वाला विवाद?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’, जिसे पहले लोग Twitter के नाम से जानते थे, एक बार फिर से भारी विवादों में घिरता हुआ नज़र आ रहा है। इस बार मामला कोई छोटा-मोटा नहीं, बल्कि आपत्तिजनक और अश्लील तस्वीरों, वीडियो और गंदे कंटेंट के बड़े पैमाने पर फैलने से जुड़ा है।
पिछले कुछ दिनों में इस प्लेटफॉर्म पर ऐसा कंटेंट तेजी से वायरल होने लगा, जिसे देखकर लोगों में गुस्सा, हैरानी और चिंता तीनों ही बातें देखने को मिलीं। लगातार बढ़ते दबाव, आम यूज़र्स की शिकायतों और मीडिया की आलोचनाओं के बाद आखिरकार ‘X’ को अपनी गलती माननी पड़ी।
कंपनी ने खुलकर स्वीकार किया कि कंटेंट मॉडरेशन में उनसे बड़ी चूक हुई है, और जो सामग्री समय रहते हटाई जानी चाहिए थी, वह देर तक प्लेटफॉर्म पर बनी रही।इस पूरे मामले में ‘X’ ने अब जाकर सख्त कदम उठाए हैं। कंपनी की ओर से बताया गया है कि:हजारों आपत्तिजनक पोस्ट्स को डिलीट किया गया है,और 600 से ज़्यादा अकाउंट्स को सस्पेंड या हमेशा के लिए बैन कर दिया गया है।
इस कार्रवाई के बाद दुनिया भर में एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी आखिर कितनी बड़ी है, और क्या डिजिटल सेफ्टी को लेकर कंपनियां वाकई गंभीर हैं या नहीं।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से ‘X’ पर अश्लील तस्वीरें, वीडियो और बेहद आपत्तिजनक ग्राफिक कंटेंट लगातार सामने आ रहा था। कई यूज़र्स ने खुलकर आरोप लगाया कि इस प्लेटफॉर्म पर:बच्चों से जुड़ा बेहद संवेदनशील और शर्मनाक कंटेंट,बिना इजाज़त और बिना सहमति के शेयर की गई निजी तस्वीरें,और महिलाओं के खिलाफ नफरत, बदतमीज़ी और यौन शोषण को बढ़ावा देने वाला कंटेंटखुलेआम देखा जा सकता था।
लोगों का कहना था कि ऐसा कंटेंट सिर्फ पोस्ट ही नहीं हो रहा था, बल्कि घंटों और कई बार दिनों तक ऑनलाइन पड़ा रहता था। सबसे हैरानी की बात यह रही कि जब यूज़र्स ने इन पोस्ट्स को रिपोर्ट किया, तब भी कई मामलों में कोई फौरन कार्रवाई नहीं की गई।
यही वजह थी कि लोगों का गुस्सा धीरे-धीरे भड़कता चला गया। सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि:
क्या फ्री स्पीच के नाम पर हर तरह की गंदगी फैलाने की इजाज़त होनी चाहिए?
क्या महिलाओं और बच्चों की इज़्ज़त और सुरक्षा की कोई कीमत नहीं?
और क्या बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म सिर्फ मुनाफे के बारे में सोचते हैं, जिम्मेदारी के बारे में नहीं?
इन सवालों ने ही इस पूरे मामले को एक बड़े विवाद में बदल दिया, जिसके बाद आखिरकार ‘X’ को सामने आकर अपनी गलती कबूल करनी पड़ी।
‘X’ का आधिकारिक बयान: “हमसे गलती हो गई”
लगातार बढ़ते विरोध, यूज़र्स की नाराज़गी और मीडिया के दबाव के बाद आखिरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ को सामने आकर अपनी गलती माननी पड़ी। कंपनी ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए साफ-साफ कहा कि इस पूरे मामले में उनसे बड़ी चूक हुई है।
‘X’ की तरफ से कहा गया कि उनके कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम में कमियां रह गई थीं, जिसकी वजह से कुछ बेहद आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट समय रहते हटाया नहीं जा सका।
कंपनी ने माना कि यह उनकी जिम्मेदारी थी, जिसे निभाने में वे नाकाम रहे।अपने बयान में ‘X’ ने यह भी कहा कि, “हम यह मानते हैं कि हमसे गलती हुई है, और अब हम इसे दुरुस्त करने के लिए ठोस और सख्त कदम उठा रहे हैं, ताकि आगे ऐसी नौबत दोबारा न आए।”इस बयान के सामने आते ही प्लेटफॉर्म पर एक बड़े स्तर पर सफाई अभियान शुरू कर दिया गया।
यानी जिस कंटेंट को पहले नज़रअंदाज़ किया जा रहा था, उसे अब तेजी से हटाया जाने लगा।कितनी बड़ी कार्रवाई हुई?‘X’ की तरफ से की गई कार्रवाई के आंकड़े वाकई हैरान कर देने वाले हैं।
कंपनी के मुताबिक:हजारों की तादाद में आपत्तिजनक पोस्ट्स को डिलीट किया गया,600 से ज़्यादा अकाउंट्स को सस्पेंड किया गया या हमेशा के लिए बैन कर दिया गया,कई ऐसे अकाउंट्स हैं जिनकी जांच अभी भी चल रही है,और जो यूज़र्स बार-बार नियम तोड़ रहे थे, उन्हें सख्त चेतावनी दी गई है।

कंपनी ने यह भी साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। आने वाले दिनों में अगर और अकाउंट्स नियमों का उल्लंघन करते पाए गए, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सिर्फ बोलने की आज़ादी ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी समझनी होगी। देर से ही सही, लेकिन ‘X’ की यह कार्रवाई अब हर किसी की नज़र में है।
आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई?
अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि इतनी बड़ी लापरवाही आखिर हुई कैसे? डिजिटल दुनिया के जानकारों और एक्सपर्ट्स की मानें तो इसके पीछे सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई वजहें सामने आती हैं।एक बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि ‘X’ ने ऑटोमेटेड कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम पर जरूरत से ज़्यादा भरोसा कर लिया।
यानी मशीन और AI के सहारे यह तय किया जा रहा था कि कौन सा कंटेंट गलत है और कौन सा नहीं। लेकिन सच्चाई यह है कि हर मामला मशीन नहीं समझ सकती, खासकर तब जब बात संवेदनशील, आपत्तिजनक या नैतिकता से जुड़ी हो।इसके अलावा, एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर मैन्युअल रिव्यू करने वाली टीम की भी भारी कमी थी।
यानी जो इंसान खुद बैठकर कंटेंट की जांच करते हैं, उनकी तादाद कम होने की वजह से कई गलत पोस्ट्स पर समय रहते नज़र नहीं पड़ी।एक और बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि कुछ लोगों ने फ्री स्पीच की पॉलिसी का गलत फायदा उठाया।
बोलने की आज़ादी के नाम पर कुछ यूज़र्स ने ऐसी गंदी और शर्मनाक चीज़ें पोस्ट कीं, जिन्हें किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता।वहीं, अचानक प्लेटफॉर्म पर यूज़र एक्टिविटी में तेज़ उछाल भी देखने को मिला।
पोस्ट्स की संख्या इतनी ज़्यादा हो गई कि सिस्टम और टीम दोनों ही उस रफ्तार को संभाल नहीं पाए।डिजिटल एक्सपर्ट्स साफ तौर पर मानते हैं कि “फ्री स्पीच” और “सेफ स्पेस” के बीच सही संतुलन न बना पाना ही ‘X’ की सबसे बड़ी कमजोरी बनकर सामने आया।
सरकार और रेगुलेटरी एजेंसियों की प्रतिक्रियाइस पूरे विवाद ने सिर्फ आम लोगों का ही नहीं, बल्कि सरकारों और डिजिटल रेगुलेटरी संस्थाओं का भी ध्यान खींचा है। दुनिया के कई देशों में इस मामले को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है।
कुछ देशों में साफ तौर पर यह मांग उठी है कि:सोशल मीडिया कंपनियों पर और सख्त नियम-कानून लागू किए जाएं,आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट पर तुरंत और बिना देर के कार्रवाई अनिवार्य की जाए,और बच्चों व महिलाओं से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए।

भारत समेत कई देशों में आईटी एक्ट और डिजिटल नियमों के तहत ‘X’ से जवाब तलब किया गया है। सरकारों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सिर्फ आज़ादी ही नहीं, बल्कि कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी भी समझनी होगी।
यूज़र्स का गुस्सा और सोशल मीडिया का रिएक्शनइस पूरे विवाद के बाद सोशल मीडिया पर यूज़र्स का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। हर तरफ लोग सवाल उठा रहे हैं और अपनी नाराज़गी जाहिर कर रहे हैं।
कई यूज़र्स ने साफ शब्दों में लिखा:“अगर वक्त रहते कार्रवाई की जाती, तो इतना बड़ा नुकसान नहीं होता।”“फ्री स्पीच का मतलब यह नहीं कि कोई भी गंदगी फैलाने लगे।”“डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अब और ज़्यादा जिम्मेदार होना पड़ेगा।”
हालांकि, कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने ‘X’ की कार्रवाई का स्वागत किया। उनका कहना था कि देर से ही सही, लेकिन कम से कम कदम तो उठाया गया।यह मामला अब सिर्फ एक प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरी डिजिटल दुनिया के लिए एक चेतावनी बन चुका है।
क्या आगे ‘X’ अपनी पॉलिसी में बदलाव करेगा?
इस बड़े विवाद के बाद अब सबकी नज़र इस बात पर टिकी है कि आखिर ‘X’ आगे क्या कदम उठाने वाला है। कंपनी की तरफ से जो संकेत दिए गए हैं, उनसे इतना तो साफ है कि वह अपनी पुरानी गलतियों को सुधारने की कोशिश जरूर करेगा।
‘X’ ने इशारों-इशारों में बताया है कि आने वाले वक्त में:कंटेंट मॉडरेशन टीम को और मजबूत किया जाएगा, ताकि हर पोस्ट पर सही समय पर इंसानी नज़र पड़ सके।AI और टेक्नोलॉजी सिस्टम को और ज़्यादा एडवांस बनाया जाएगा, जिससे गलत और आपत्तिजनक कंटेंट जल्दी पकड़ा जा सके।
जो कंटेंट यूज़र्स द्वारा रिपोर्ट किया जाता है, उस पर तेज़ और फौरन कार्रवाई की जाएगी, ताकि शिकायतें लंबित न रहें।बच्चों, महिलाओं और दूसरे संवेदनशील वर्गों से जुड़े कंटेंट के लिए एक अलग और खास मॉनिटरिंग यूनिट बनाई जाएगी, जो ऐसे मामलों पर ज़ीरो टॉलरेंस के साथ काम करेगी।
हालांकि, लोगों के मन में अब भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है। सवाल यह है कि क्या ये सारे वादे सिर्फ बयान और कागज़ों तक ही सीमित रहेंगे, या फिर ज़मीन पर भी इनका असर साफ दिखाई देगा?यूज़र्स और एक्सपर्ट्स दोनों की यही राय है कि अब ‘X’ को बातों से ज़्यादा काम करके दिखाना होगा, क्योंकि भरोसा एक बार टूट जाए, तो उसे दोबारा हासिल करना आसान नहीं होता।
डिजिटल दुनिया के लिए एक बड़ा सबक
यह पूरा मामला सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी डिजिटल दुनिया और सोशल मीडिया इकोसिस्टम के लिए एक सख्त चेतावनी बनकर सामने आया है।
इस घटना ने साफ कर दिया है कि सिर्फ नई टेक्नोलॉजी होना ही काफी नहीं होता, बल्कि उसके साथ जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही ज़रूरी होता है।इस विवाद से यह बातें खुलकर सामने आई हैं कि:टेक्नोलॉजी जितनी ताकतवर होती जा रही है, उतनी ही ज़्यादा जिम्मेदारी भी साथ में आती है।
अगर यूज़र्स की सुरक्षा और सम्मान को नज़रअंदाज़ किया गया, तो उसका खामियाज़ा प्लेटफॉर्म को भारी पड़ सकता है।भरोसा एक बार टूट जाए, तो उसे दोबारा कायम करना आसान नहीं होता, चाहे कितनी ही सफाई क्यों न दी जाए।
Obscene Images Row के मामले में ‘X’ की तरफ से गलती मानना और बड़े पैमाने पर कार्रवाई करना एक जरूरी और सही कदम माना जा सकता है। देर से ही सही, लेकिन कंपनी ने आखिरकार यह मान लिया कि उनसे बड़ी चूक हुई थी।
हालांकि, इसके बावजूद एक अहम सवाल अब भी बना हुआ है — क्या आने वाले वक्त में ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोका जा सकेगा? क्या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वाकई इतने मज़बूत बन पाएंगे कि इस तरह के आपत्तिजनक कंटेंट पर शुरुआत में ही लगाम लगाई जा सके?
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की ताकत जितनी बड़ी है, उनकी जिम्मेदारी उससे कहीं ज़्यादा बड़ी होनी चाहिए। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ‘X’ इस विवाद से कितना सबक लेता है और खुद को कितना बेहतर बनाकर दिखाता है। क्योंकि डिजिटल दुनिया में भरोसा सबसे कीमती चीज़ होती है, और उसे बनाए रखना हर प्लेटफॉर्म की पहली ज़िम्मेदारी है।
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