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CII Summit 2026 में Devendra Fadnavis का Big बयान, महाराष्ट्र तैयार है दुनिया की अर्थव्यवस्था लीड करने को

CII Summit 2026 में Devendra Fadnavis का Big बयान, महाराष्ट्र तैयार है दुनिया की अर्थव्यवस्था लीड करने को

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने एक बार फिर राज्य की आर्थिक ताकत और भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। नई दिल्ली में आयोजित (Confederation of Indian Industry) CII Summit 2026 के मंच से उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र आने वाले समय की वैश्विक अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, क्लीन एनर्जी, टैलेंट और मजबूत संस्थागत व्यवस्था महाराष्ट्र को देश ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे प्रभावशाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कर सकती है।

महाराष्ट्र अब सिर्फ राज्य नहीं, आर्थिक ताकत बनने की तैयारी में

नई दिल्ली के प्रतिष्ठित Taj Palace Hotel में आयोजित “Vision for India @100” सेशन के दौरान Devendra Fadnavis ने कहा कि आने वाले वर्षों में वही देश और राज्य दुनिया की अर्थव्यवस्था में आगे होंगे जो इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास, टेक्नोलॉजी और संस्थागत भरोसे को मजबूत करेंगे।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र इसी दिशा में तेजी से काम कर रहा है। राज्य सरकार का फोकस केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत आर्थिक इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक महाराष्ट्र आज भारत की सबसे मजबूत औद्योगिक अर्थव्यवस्था वाला राज्य है और आने वाले समय में यह वैश्विक निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन बन सकता है।

इंफ्रास्ट्रक्चर बना महाराष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत

Devendra Fadnavis ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी राज्य की आर्थिक तरक्की की बुनियाद मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर होती है। यही वजह है कि महाराष्ट्र में सड़क, मेट्रो, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर तेजी से काम किया जा रहा है।

मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग, मेट्रो परियोजनाएं, नए औद्योगिक कॉरिडोर और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी जैसे प्रोजेक्ट्स राज्य की तस्वीर बदल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सिर्फ वर्तमान के लिए नहीं बल्कि अगले 20 से 25 वर्षों को ध्यान में रखकर विकास की रणनीति बना रहा है। सरकार का लक्ष्य ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है जहां उद्योग, स्टार्टअप और निवेशक आसानी से काम कर सकें।

टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर खास जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से तय होगी। Maharashtra इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

राज्य सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, डेटा सेंटर, डिजिटल गवर्नेंस और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर्स में बड़े निवेश को बढ़ावा दे रही है।

फडणवीस ने कहा कि Maharashtra में मौजूद टैलेंट और तकनीकी क्षमता राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। मुंबई पहले से देश की आर्थिक राजधानी है, जबकि पुणे और नागपुर जैसे शहर टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल हब के रूप में तेजी से उभर रहे हैं।

क्लीन एनर्जी पर सरकार का बड़ा फोकस

दुनिया तेजी से ग्रीन एनर्जी की तरफ बढ़ रही है और महाराष्ट्र भी इस बदलाव का हिस्सा बनना चाहता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्लीन एनर्जी भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत है और राज्य इस दिशा में लगातार निवेश बढ़ा रहा है।

सोलर एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर काम तेज किया जा रहा है ताकि महाराष्ट्र आने वाले समय में टिकाऊ विकास का मॉडल बन सके।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास दोनों को साथ लेकर चलना ही सरकार की प्राथमिकता है।

2047 तक दुनिया की प्रभावशाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने का लक्ष्य

अपने भाषण में देवेंद्र फडणवीस ने खास तौर पर “India @100” विजन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब महाराष्ट्र दुनिया की सबसे प्रभावशाली क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होना चाहता है।

इसके लिए सरकार लंबी अवधि की योजनाओं पर काम कर रही है। इंडस्ट्रियल ग्रोथ, शहरीकरण, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और रोजगार सृजन को लेकर कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में महाराष्ट्र केवल भारत की आर्थिक राजधानी नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।

निवेशकों के लिए बन रहा पसंदीदा राज्य

Devendra Fadnavis ने दावा किया कि महाराष्ट्र आज निवेशकों का भरोसा जीतने में सफल रहा है। राज्य में बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत कनेक्टिविटी और तेज प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण देश-विदेश की कंपनियां यहां निवेश करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों को हर संभव सुविधा देने की कोशिश कर रही है ताकि रोजगार के नए अवसर पैदा हों और युवाओं को बेहतर भविष्य मिल सके।

महाराष्ट्र पहले से ऑटोमोबाइल, फार्मा, आईटी, फाइनेंस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का बड़ा केंद्र माना जाता है। अब सरकार नई टेक्नोलॉजी आधारित इंडस्ट्री को भी तेजी से बढ़ावा देना चाहती है।

Nagpur समेत दूसरे शहरों को मिलेगा फायदा

Maharashtra के इस विजन का फायदा सिर्फ मुंबई या पुणे तक सीमित नहीं रहने वाला। नागपुर, नासिक, औरंगाबाद और विदर्भ के दूसरे शहरों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Nagpur पहले ही लॉजिस्टिक और इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मेट्रो, समृद्धि महामार्ग और मल्टीमॉडल इंटरनेशनल कार्गो हब जैसी परियोजनाओं ने शहर की अहमियत बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार की योजनाएं सही तरीके से लागू हुईं तो आने वाले समय में नागपुर देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में शामिल हो सकता है।

युवाओं के लिए नए अवसर, महाराष्ट्र सरकार का फोकस केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार और स्टार्टअप के अवसर देने पर भी है।

Devendra Fadnavis ने कहा कि राज्य में स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल ट्रेनिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि युवा भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो सकें।

आईटी, एआई, फिनटेक और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए बड़ी संभावनाएं पैदा हो रही हैं। यही वजह है कि महाराष्ट्र को देश के सबसे तेजी से विकसित होते राज्यों में गिना जा रहा है।

भविष्य की ओर तेजी से बढ़ता Maharashtra

Devendra Fadnavis के बयान से साफ है कि महाराष्ट्र सरकार आने वाले दशकों के लिए बड़ी आर्थिक रणनीति पर काम कर रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी और निवेश के जरिए राज्य खुद को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की कोशिश कर रहा है।

अगर सरकार की योजनाएं जमीन पर उसी तेजी से लागू होती रहीं, तो आने वाले वर्षों में महाराष्ट्र न केवल भारत की अर्थव्यवस्था का इंजन बनेगा बल्कि एशिया की बड़ी आर्थिक ताकतों में भी अपनी जगह बना सकता है।

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