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केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari की रहनुमाई में Nagpur Jalsamwad 2026
Nagpur में इस बार पानी, खेती और किसानों के मसलों को लेकर एक बड़ा और अहम प्रोग्राम होने जा रहा है। विदर्भ में पिछले करीब 25 सालों से जलसंधारण और किसान भलाई के लिए काम कर रही पूर्ती सिंचन समृद्धि कल्याणकारी संस्था अपना रजत महोत्सव मनाने जा रही है।
इसी सिलसिले में 17 और 18 मई 2026 को Nagpur में ‘Jalsamwad-2026’ और ‘जलक्रांति परिषद’ जैसे खास कार्यक्रम रखे गए हैं। इस पूरे आयोजन को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की रहनुमाई में आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम की सबसे दिलचस्प बात ये है कि इसमें बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता आमिर खान, नाना पाटेकर और मकरंद अनासपुरे भी शिरकत करेंगे। ऐसे में अब इस आयोजन को लेकर पूरे विदर्भ में काफी चर्चा शुरू हो चुकी है।
पानी और किसानों के मुद्दों पर होगी खुलकर बात
आज के दौर में पानी की किल्लत सिर्फ गांवों तक सीमित नहीं रही, बल्कि शहरों में भी लोग इसकी परेशानी झेल रहे हैं। खासकर विदर्भ जैसे इलाकों में सूखा और खेती की दिक्कतों ने किसानों की जिंदगी मुश्किल बना दी है। इसी वजह से इस कार्यक्रम में पानी बचाने, जलसंधारण बढ़ाने और किसानों की हालत सुधारने जैसे मुद्दों पर तफ्सील से चर्चा होगी।
आयोजकों का कहना है कि अब सिर्फ भाषण देने का वक्त नहीं, बल्कि जमीन पर मजबूत काम करने की जरूरत है। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के जलतज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता, किसान प्रतिनिधि और कई शिक्षण संस्थानों के लोग शामिल होंगे। यहां पानी के बेहतर इस्तेमाल और गांवों में जल सुरक्षा को मजबूत बनाने के रास्तों पर मंथन किया जाएगा।
17 मई को होगा ‘नागपुर जलसंवाद-2026’
कार्यक्रम के पहले दिन यानी 17 मई को Nagpur के सिविल लाइंस स्थित डॉ. वसंतराव देशपांडे सभागृह में शाम 4 बजे ‘नागपुर जलसंवाद-2026’ का आयोजन किया जाएगा। इस संवाद का मुख्य विषय रहेगा — “शेतकरी आत्महत्यामुक्त विदर्भासाठी जलसंधारण” यानी जलसंधारण के जरिए किसानों की आत्महत्या रोकने की दिशा में क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

इस दौरान कई बड़े विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, पद्मश्री उमाशंकर पांडे और पद्मश्री सेठपाल सिंह जैसे जानकार जल संकट और खेती से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय पेश करेंगे। चर्चा इस बात पर भी होगी कि आखिर गांवों में पानी का सही इंतजाम कैसे किया जाए ताकि किसानों को राहत मिल सके।
दूसरे दिन होगी ‘जलक्रांति परिषद’
18 मई को Nagpur के रेशीमबाग स्थित कविवर्य सुरेश भट सभागृह में सुबह 10 बजे ‘जलक्रांति परिषद’ आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में आमिर खान, नाना पाटेकर और मकरंद अनासपुरे खास तौर पर मौजूद रहेंगे।
Amir Khan पहले भी कई सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखते रहे हैं। वहीं नाना पाटेकर लंबे वक्त से किसानों और गांवों के विकास से जुड़े कामों में सक्रिय नजर आते हैं। ऐसे में इन कलाकारों की मौजूदगी इस कार्यक्रम को और ज्यादा खास बना रही है। माना जा रहा है कि इनके शामिल होने से पानी बचाने और किसानों की परेशानियों जैसे मुद्दों की तरफ लोगों का ध्यान और तेजी से जाएगा।
Nitin Gadkari ने बताई असली परेशानी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस आयोजन से पहले कहा कि देश में पानी की कमी नहीं है, असली दिक्कत उसकी सही प्लानिंग की है। उनका कहना है कि कहीं बाढ़ आती है तो कहीं लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान रहते हैं। अगर सही तरीके से पानी का प्रबंधन किया जाए तो हालात काफी बेहतर हो सकते हैं।
उन्होंने “वॉटर ग्रिड” बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि जिन इलाकों में ज्यादा बारिश होती है, वहां का अतिरिक्त पानी सूखा प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाया जाना चाहिए। गडकरी ने यह भी कहा कि विदर्भ में किसानों की आत्महत्या के पीछे पानी की कमी एक बड़ी वजह रही है।
25 सालों से जलसंधारण में जुटी है संस्था
पूर्ती सिंचन समृद्धि कल्याणकारी संस्था पिछले 25 वर्षों से विदर्भ में जलसंधारण के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। संस्था ने कई गांवों में तालाब निर्माण, जल संरक्षण और खेती के लिए पानी उपलब्ध कराने जैसे काम किए हैं।
बताया जा रहा है कि संस्था ने पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ के लिए 350 से ज्यादा तालाब बनवाए। इससे आसपास के इलाकों में भूजल स्तर सुधरने में मदद मिली और किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने लगा। इतना ही नहीं, तालाबों से निकली मिट्टी का इस्तेमाल सड़क निर्माण में भी किया गया, जिससे किसानों को आर्थिक फायदा पहुंचा।
कार्यक्रम में होगा किताबों का विमोचन
इस खास आयोजन में ‘जलपर्व’, ‘जलक्रांति’, ‘कृषिकल्याण’ और ‘कॉरिडॉर्स ऑफ वॉटर सिक्योरिटी’ जैसी किताबों का विमोचन भी किया जाएगा। इन किताबों में जल प्रबंधन, खेती और ग्रामीण विकास से जुड़ी अहम जानकारियां दी गई हैं।
इसके अलावा महाराष्ट्र के जलसंधारण मंत्री संजय राठोड, अलग-अलग विश्वविद्यालयों के कुलगुरु, किसान, सरपंच और बड़ी तादाद में नागरिक भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
विदर्भ के लिए उम्मीद की नई रोशनी
विदर्भ लंबे वक्त से सूखा, पानी की कमी और किसान आत्महत्याओं जैसी गंभीर परेशानियों से जूझ रहा है। ऐसे में ‘जलसंवाद-2026’ और ‘जलक्रांति परिषद’ जैसे कार्यक्रम लोगों में नई उम्मीद पैदा कर रहे हैं। अगर सरकार, सामाजिक संस्थाएं और आम लोग मिलकर पानी बचाने की मुहिम को मजबूत करें तो आने वाले वक्त में हालात बदल सकते हैं।
नागपुर में होने वाला ये आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि पानी बचाने और किसानों का भविष्य बेहतर बनाने की तरफ एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि यहां निकलने वाले सुझाव जमीन पर कितने असरदार साबित होते हैं।
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