Skip to content

Nagpur में Operation Thunder का बड़ा एक्शन, 34 किलो गांजा बरामद, 6 आरोपी Arrest

Nagpur में Operation Thunder का बड़ा एक्शन, 34 किलो गांजा बरामद, 6 आरोपी Arrest

Nagpur में इन दिनों पुलिस का “Operation Thunder” काफी चर्चा में है। इसी मुहिम के तहत नागपुर क्राइम ब्रांच और NDPS Squad ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 34 kg Ganjha जब्त किया है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए माल की कीमत लगभग 29 लाख रुपये बताई जा रही है। इस केस में छह लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। शहर में इतनी बड़ी मात्रा में गांजा पकड़े जाने के बाद हर तरफ इसी मामले की चर्चा हो रही है।

भंडारा-नागपुर हाईवे पर हुई बड़ी कार्रवाई

Nagpur Police को पहले से खबर मिली थी कि कुछ लोग भारी मात्रा में गांजा लेकर Nagpur आने वाले हैं। इसके बाद क्राइम ब्रांच और एनडीपीएस टीम ने पारडी थाना इलाके में जाल बिछाया। यह कार्रवाई उमिया कॉम्प्लेक्स और शिव मंदिर के पास, भंडारा-नागपुर हाईवे पर की गई।

बताया जा रहा है कि शाम करीब साढ़े चार बजे से लेकर रात साढ़े दस बजे तक पुलिस की टीम लगातार निगरानी करती रही। जैसे ही संदिग्ध लोग वहां पहुंचे, पुलिस ने फौरन दबिश देकर उन्हें पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से 34 किलो गांजा बरामद हुआ।

छह आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े

इस मामले में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें सैयद सुमेल सैयद इस्माइल, मोहम्मद अनस सैयद हिदायतुल्ला, रवि उदयसिंह शहू, अनीकेत गजानन गायनेर और अमन निमराज गायदाने जैसे नाम सामने आए हैं। इनमें से कुछ आरोपी ट्रांसपोर्ट और सप्लाई के काम से जुड़े बताए जा रहे हैं।

पुलिस अब इन सभी से सख्ती से पूछताछ कर रही है। अफसरों को शक है कि यह कोई छोटा-मोटा गिरोह नहीं बल्कि एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है, जिसके तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हुए हैं।

“Operation Thunder” से ड्रग्स माफियाओं में खौफ

नागपुर पुलिस ने पिछले कुछ महीनों से “Operation Thunder” नाम से खास अभियान शुरू किया हुआ है। इसका मकसद शहर में बढ़ रहे नशे के कारोबार पर लगाम लगाना है।

पुलिस कमिश्नर के आदेश के बाद क्राइम ब्रांच लगातार अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर रही है। कभी एमडी ड्रग्स, कभी गांजा तो कभी दूसरे नशीले पदार्थ पकड़े जा रहे हैं। इस लगातार कार्रवाई से ड्रग्स का धंधा करने वालों में डर का माहौल बना हुआ है।

पुलिस ने NDPS एक्ट में दर्ज किया केस

इस पूरे मामले में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा।

इस केस की शिकायत एंटी वाइस स्क्वॉड से जुड़े सब-इंस्पेक्टर संदीप जाधव ने दर्ज करवाई है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर गांजा कहां से लाया गया था और नागपुर में किन इलाकों में इसकी सप्लाई होनी थी।

नागपुर बनता जा रहा है ट्रांजिट हब?

पिछले कुछ समय से नागपुर में लगातार ड्रग्स से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं। जानकारों का मानना है कि शहर की लोकेशन और बड़े हाईवे कनेक्शन की वजह से तस्कर नागपुर को ट्रांजिट रूट की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।

दूसरे राज्यों से नशीले पदार्थ यहां लाकर अलग-अलग जिलों में सप्लाई किए जाते हैं। यही वजह है कि पुलिस अब शहर के एंट्री पॉइंट्स और हाईवे इलाकों पर ज्यादा निगरानी रख रही है।

युवाओं को निशाना बना रहे तस्कर

स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे का कारोबार सबसे ज्यादा नौजवानों को बर्बाद कर रहा है। स्कूल-कॉलेज के आसपास भी कई बार ऐसे नेटवर्क की शिकायतें सामने आती रही हैं।

लोगों का मानना है कि अगर समय रहते ऐसे गिरोहों पर कार्रवाई नहीं हुई तो युवा पीढ़ी गलत रास्ते पर जा सकती है। यही वजह है कि पुलिस की इस कार्रवाई की लोग खुलकर तारीफ कर रहे हैं।

मोबाइल और बैंक डिटेल खंगाल रही पुलिस

सूत्रों के मुताबिक पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और बैंक अकाउंट की जांच कर रही है। अफसर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इनके संपर्क किन लोगों से थे और पैसे का लेन-देन कहां-कहां हुआ।

संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

आगे और तेज होगा अभियान

नागपुर पुलिस का कहना है कि “ऑपरेशन थंडर” अभी रुकने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में शहर के अलग-अलग इलाकों में और भी बड़े ऑपरेशन चलाए जाएंगे।

पुलिस साफ कह चुकी है कि चाहे गांजा हो, एमडी ड्रग्स हो या कोई दूसरा नशीला पदार्थ — किसी भी तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा।

फिलहाल सभी आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। अब हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस केस से आगे और कौन-कौन से बड़े नाम सामने आते हैं।

यह भी पढ़ें –

Nagpur में लिफ्ट मांगकर युवक से लूट, चाकू दिखाकर UPI से ट्रांसफर कराए 29 हजार रुपये

Daga Hospital Nagpur के NICU में लगी आग, 20 नवजात बच्चों को Safely शिफ्ट किया गया