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Nagpur बना महाराष्ट्र का Biggest Solar Hub, 1 लाख से ज्यादा घरों में लगे रूफटॉप सोलर

Nagpur बना महाराष्ट्र का Biggest Solar Hub, 1 लाख से ज्यादा घरों में लगे रूफटॉप सोलर

Nagpur बना Solar Hub एनर्जी का नया हीरो

महाराष्ट्र में अब Solar Energy का ट्रेंड तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है और इस दौड़ में Nagpur सबसे आगे निकल आया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत Nagpur और वर्धा इलाके के 1 लाख से ज्यादा घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। इस बड़ी कामयाबी के बाद Nagpur को पूरे महाराष्ट्र में सोलर क्रांति का सबसे मजबूत चेहरा माना जा रहा है।

लोगों का कहना है कि पहले हर महीने आने वाले भारी-भरकम बिजली बिल ने घर का बजट बिगाड़ रखा था, लेकिन अब सोलर सिस्टम लगने के बाद काफी राहत महसूस हो रही है। यही वजह है कि शहर से लेकर गांव तक लोग इस योजना की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।

Nagpur में सोलर एनर्जी की जबरदस्त उड़ान

Nagpur में पिछले कुछ महीनों के दौरान Solar Energy सिस्टम लगवाने वालों की तादाद काफी तेजी से बढ़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक नागपुर और वर्धा सर्कल मिलाकर करीब 1 लाख 708 घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा हिस्सेदारी अकेले नागपुर जिले की बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि नागपुर में करीब 82 हजार से ज्यादा परिवारों ने अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाए हैं। वहीं वर्धा जिले में भी हजारों लोग इस योजना का फायदा उठा चुके हैं।

लोगों का कहना है कि बिजली के बढ़ते दाम और बार-बार होने वाली कटौती से परेशान होकर अब Solar Energy सिस्टम सबसे आसान और सस्ता रास्ता लगने लगा है। कई परिवारों ने तो इसे अपने भविष्य का सबसे बड़ा निवेश बताया है।

आखिर क्या है PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से शुरू की गई PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का मकसद आम आदमी तक सस्ती और साफ बिजली पहुंचाना है। इस योजना के तहत लोगों के घरों की छत पर सोलर पैनल लगाए जाते हैं ताकि वे खुद अपनी बिजली तैयार कर सकें।

सरकार का दावा है कि इस योजना के जरिए हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का फायदा मिल सकता है। अगर घर में जरूरत से ज्यादा बिजली बनती है तो उसे बिजली विभाग को बेचकर कुछ कमाई भी की जा सकती है।

यानी अब लोग सिर्फ बिजली बचा ही नहीं रहे बल्कि कुछ हद तक उससे कमाई का जरिया भी बना रहे हैं। यही वजह है कि इस योजना को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

लोगों को मिल रही भारी सब्सिडी

इस योजना की सबसे खास बात सरकार की तरफ से मिलने वाली सब्सिडी है। बताया जा रहा है कि 1 किलोवाट सोलर सिस्टम पर करीब 30 हजार रुपये तक की मदद दी जा रही है। वहीं 2 किलोवाट पर 60 हजार और 3 किलोवाट तक के सिस्टम पर करीब 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल रही है।

इसकी वजह से अब मिडिल क्लास और छोटे परिवार भी आसानी से सोलर सिस्टम लगवा पा रहे हैं। पहले जहां लोगों को लगता था कि सोलर सिस्टम लगवाना बहुत महंगा काम है, अब वही लोग इसे फायदे का सौदा मानने लगे हैं।

ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि सोलर सिस्टम का खर्च करीब 3 से 4 साल में निकल आता है और उसके बाद लंबे समय तक लगभग मुफ्त बिजली मिलती रहती है।

महाराष्ट्र में तेजी से बढ़ रहा सोलर नेटवर्क, महाराष्ट्र में भी अब सोलर एनर्जी को लेकर लोगों की सोच बदलती नजर आ रही है। राज्य में लाखों लोग प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का फायदा उठा चुके हैं।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में सोलर बिजली उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह आंकड़ा और ऊपर जाने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि अगर इसी तरह लोग सोलर अपनाते रहे तो आने वाले कुछ सालों में बिजली संकट काफी हद तक कम किया जा सकता है।

बिजली बिल से मिल रही बड़ी राहत

Nagpur के कई परिवारों ने बताया कि Solar Energy System लगवाने के बाद उनके बिजली बिल में काफी कमी आई है। कुछ घरों में तो बिजली का बिल लगभग ना के बराबर आने लगा है।

लोगों का कहना है कि पहले हर महीने हजारों रुपये बिजली पर खर्च हो जाते थे, लेकिन अब वही पैसे बच रहे हैं। इसी वजह से आसपास के लोग भी Solar Energy System लगाने के लिए जानकारी जुटा रहे हैं।

कई परिवारों ने कहा कि अब उन्हें बिजली कटौती की टेंशन भी पहले जैसी नहीं रहती क्योंकि दिन के वक्त उनका काम आराम से चलता रहता है।

पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद, सोलर एनर्जी सिर्फ पैसे बचाने का जरिया नहीं है बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी काफी फायदेमंद मानी जाती है। इससे कोयला और दूसरे ईंधनों पर निर्भरता कम होती है और प्रदूषण भी घटता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ज्यादा लोग सोलर सिस्टम अपनाएंगे तो आने वाले समय में हवा का प्रदूषण काफी कम किया जा सकता है। यही वजह है कि सरकार भी लगातार ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा दे रही है।

अब लोग सिर्फ बिजली बचत के लिए नहीं बल्कि आने वाली नस्लों के बेहतर भविष्य के लिए भी सोलर की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं।

गांवों में भी बढ़ रहा सोलर का क्रेज

पहले ऐसा माना जाता था कि सोलर सिस्टम सिर्फ बड़े शहरों के लोगों के लिए है, लेकिन अब गांवों में भी इसका जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। नागपुर और वर्धा के ग्रामीण इलाकों में भी लोग तेजी से अपने घरों पर सोलर पैनल लगवा रहे हैं।

ग्रामीण परिवारों का कहना है कि इससे खेती-किसानी के कामों में भी काफी मदद मिल रही है। साथ ही बिजली जाने की परेशानी भी कम हो गई है। कई गांवों में तो अब लोग सोलर सिस्टम को आने वाले वक्त की सबसे बड़ी जरूरत मानने लगे हैं।

सरकार का बड़ा प्लान, सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में देशभर के करोड़ों घरों तक सोलर एनर्जी पहुंचाना है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना से जुड़ सकें।

ऑनलाइन आवेदन और सब्सिडी की सुविधा मिलने से लोगों को काफी आसानी हो रही है। सरकार का मानना है कि अगर लोग इसी तरह आगे आते रहे तो भारत आने वाले समय में ग्रीन एनर्जी के मामले में दुनिया के बड़े देशों में शामिल हो सकता है।

Nagpur बना पूरे महाराष्ट्र के लिए मिसाल

कुल मिलाकर देखा जाए तो Nagpur अब महाराष्ट्र में सोलर क्रांति की सबसे बड़ी मिसाल बन चुका है। जिस तेजी से यहां लोगों ने रूफटॉप सोलर अपनाया है, उसने बाकी जिलों को भी नई राह दिखाई है।

अगर इसी तरह लोग सोलर एनर्जी की तरफ बढ़ते रहे तो आने वाले समय में बिजली के बढ़ते खर्च से राहत मिल सकती है और पर्यावरण को भी फायदा पहुंचेगा।

Nagpur की यह कामयाबी सिर्फ एक शहर की कहानी नहीं बल्कि बदलते भारत की नई तस्वीर मानी जा रही है, जहां लोग अब धीरे-धीरे पारंपरिक बिजली छोड़कर सूरज की रोशनी से अपने घर रोशन करने की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं।

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