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Major Crackdown: Nagpur RPF की बड़ी Success, Operation Satark के तहत चलाया गया विशेष अभियान

Major Crackdown: Nagpur RPF की बड़ी Success, Operation Satark के तहत चलाया गया विशेष अभियान

रेलवे में सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए इन दिनों अलग-अलग तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में Nagpur में Railway Protection Force (RPF) ने एक अहम कार्रवाई करते हुए ट्रेन से विदेशी शराब से भरे कुछ संदिग्ध बैग बरामद किए हैं। यह पूरी कार्रवाई “Operation Satark” के तहत की गई, जिसका मकसद ट्रेनों के जरिए होने वाली अवैध तस्करी पर रोक लगाना और यात्रियों की सुरक्षा को हर हाल में बेहतर बनाना है।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यह घटना 10 March 2026 की है। उस दिन RPF Nagpur Division की टीम ने डॉग स्क्वॉड के साथ मिलकर एक खास checking drive शुरू की थी। इस अभियान के दौरान लंबी दूरी की ट्रेनों में अचानक जांच की जा रही थी ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या अवैध सामान का पता लगाया जा सके।

इसी जांच के दौरान Chandigarh–Madurai Express (Train No. 20494) में अचानक inspection किया गया। यह जांच Nagpur और Sevagram railway station के बीच चलती ट्रेन में की गई। RPF की टीम ने ट्रेन के अलग-अलग कोच में जाकर बारीकी से तलाशी ली और उन बैगों व सामानों पर खास ध्यान दिया जो बिना मालिक के पड़े हुए थे या जिन पर शक हो सकता था।

इस पूरे operation के दौरान RPF की टीम के साथ एक प्रशिक्षित sniffer dog “Prince” भी मौजूद था। ‘Prince’ खास तौर पर ऐसे ही मामलों के लिए ट्रेनिंग प्राप्त कर चुका है और उसकी सूंघने की क्षमता बेहद तेज मानी जाती है। जांच के दौरान इसी डॉग ने कुछ बैगों के पास असामान्य प्रतिक्रिया दी, जिससे टीम को शक हुआ कि इन बैगों में कुछ गड़बड़ हो सकती है।

इसके बाद RPF अधिकारियों ने तुरंत उन बैगों को अलग किया और उनकी जांच शुरू की। आगे की तलाशी में पता चला कि उन बैगों के अंदर foreign liquor की बोतलें रखी हुई थीं। इस तरह ‘Prince’ की सतर्कता और RPF टीम की मुस्तैदी की वजह से यह संदिग्ध सामान पकड़ा जा सका।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के special security operations आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि ट्रेनों के जरिए होने वाली अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके और यात्रियों को सुरक्षित सफर का माहौल मिल सके।

‘Operation Satark’ के तहत चलाया गया विशेष अभियान

रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा और पूरे नेटवर्क को सुरक्षित रखने के लिए Railway Protection Force (RPF) समय-समय पर अलग-अलग तरह के अभियान चलाती रहती है। इन अभियानों का मकसद यही होता है कि ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों के अंदर किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि को समय रहते पकड़ा जा सके और उसे रोका जा सके। इसी तरह का एक अहम अभियान “Operation Satark” भी है, जिसे खास तौर पर रेलवे परिसरों में बढ़ती अवैध गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए शुरू किया गया है।

इस अभियान के तहत RPF की टीमें नियमित तौर पर ट्रेनों, प्लेटफॉर्म, वेटिंग एरिया और parcel section जैसी जगहों पर अचानक जांच करती हैं। कई बार यह जांच बिल्कुल अचानक और बिना किसी पूर्व सूचना के की जाती है, ताकि अगर कोई व्यक्ति अवैध सामान ले जा रहा हो तो वह पकड़ा जा सके। इस दौरान टीम उन बैगों और पैकेट्स पर खास नजर रखती है जो संदिग्ध लगते हैं या जिनका कोई मालिक सामने नहीं आता।

खासतौर पर लंबी दूरी की ट्रेनों पर ज्यादा निगरानी रखी जाती है, क्योंकि कई बार तस्कर ऐसे ही long-distance trains का इस्तेमाल अवैध सामान को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने के लिए करते हैं। ऐसे मामलों में वे अक्सर सामान को किसी सीट के नीचे या कोच के कोने में छोड़ देते हैं ताकि शक न हो।

इसी सिलसिले में Nagpur division में भी हाल ही में अचानक एक special checking drive चलाया गया था। इस जांच अभियान में RPF की टीम के साथ dog squad की भी मदद ली गई। प्रशिक्षित डॉग्स की मदद से संदिग्ध बैगों और सामान की पहचान करना काफी आसान हो जाता है, क्योंकि उनकी सूंघने की क्षमता बेहद तेज होती है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ऐसे security operations आगे भी जारी रहेंगे, ताकि रेलवे नेटवर्क को ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सके और यात्रियों को बेफिक्र होकर सफर करने का माहौल मिल सके।

स्निफर डॉग ‘प्रिंस’ ने पकड़ी संदिग्ध गंध

जांच अभियान के दौरान RPF की टीम ट्रेन के अलग-अलग डिब्बों में जाकर यात्रियों के बैग और सामान की बारीकी से जांच कर रही थी। इसी दौरान टीम के साथ मौजूद sniffer dog “Prince” ने कुछ बैगों के पास जाकर अचानक अलग तरह की प्रतिक्रिया दी। आम तौर पर जब प्रशिक्षित डॉग को किसी संदिग्ध चीज़ की गंध महसूस होती है तो वह तुरंत संकेत देने लगता है, और ठीक ऐसा ही उस वक्त भी हुआ।

‘Prince’ के इस इशारे को देखते ही RPF टीम को शक हुआ कि इन बैगों में कुछ ऐसा सामान हो सकता है जो सामान्य नहीं है। इसके बाद अधिकारियों ने बिना देर किए उन बैगों को बाकी सामान से अलग कर लिया और उनकी तफ्सील से जांच शुरू कर दी। जब बैगों को खोला गया तो अंदर का नज़ारा देखकर अधिकारी भी थोड़े हैरान रह गए।

दरअसल उन बैगों के अंदर foreign liquor यानी विदेशी शराब की कई बोतलें रखी हुई थीं। सबसे हैरानी की बात यह थी कि उन बैगों पर किसी भी यात्री ने अपना दावा नहीं किया। जब RPF ने आसपास बैठे यात्रियों से पूछा कि ये बैग किसके हैं, तो किसी ने भी उन्हें अपना नहीं बताया। यानी ये पूरी तरह unclaimed bags थे, जिन्हें किसी ने चुपचाप ट्रेन में छोड़ दिया था।

विदेशी शराब मिलने से तस्करी का शक

जब अधिकारियों ने उन बैगों की ठीक से तलाशी ली, तो उसमें विदेशी ब्रांड की शराब की कई बोतलें बरामद हुईं। इस बरामदगी के बाद यह अंदेशा और मजबूत हो गया कि शायद इन बोतलों को किसी दूसरी जगह अवैध तरीके से पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कई बार तस्कर इस तरह की चालाकी करते हैं। वे खुद ट्रेन में सफर नहीं करते, बल्कि अपना सामान पहले ही ट्रेन के किसी कोच में रख देते हैं। बाद में गंतव्य स्टेशन पर उनका कोई साथी उस सामान को उतार लेता है। इस तरीके से वे कई बार जांच से बचने की कोशिश करते हैं।

इसी वजह से ऐसे मामलों में RPF और Railway Police की सतर्कता बेहद अहम हो जाती है। अगर समय पर जांच न हो तो इस तरह का अवैध सामान आसानी से एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंच सकता है। लेकिन इस मामले में RPF टीम की मुस्तैदी और sniffer dog Prince की सूझबूझ की वजह से यह संदिग्ध सामान समय रहते पकड़ में आ गया।

RPF और डॉग स्क्वॉड की अहम भूमिका

रेलवे सुरक्षा बल यानी RPF में Dog Squad की भूमिका बेहद अहम और खास मानी जाती है। ये खास तौर पर ट्रेनिंग पाए हुए कुत्ते होते हैं, जिन्हें इस तरह तैयार किया जाता है कि वे बहुत ही आसानी से explosives, नशीले पदार्थ, संदिग्ध सामान और कई तरह की अवैध चीज़ों की पहचान कर सकें। इनकी सूंघने की ताकत इतनी तेज होती है कि इंसानों के लिए जो चीज़ें पहचानना मुश्किल होता है, उसे ये कुत्ते चंद सेकंड में पकड़ लेते हैं।

Nagpur मंडल में तैनात sniffer dog “Prince” भी ऐसे ही काबिल और अच्छी तरह trained डॉग्स में से एक माना जाता है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ‘Prince’ पहले भी कई सुरक्षा अभियानों में अपनी शानदार क्षमता दिखा चुका है। कई मौकों पर उसकी तेज सूंघने की शक्ति और बेहतरीन training की वजह से संदिग्ध सामान का पता चल पाया है, जिससे बड़ी घटनाओं को समय रहते रोका जा सका।

इस ताज़ा मामले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। जब Operation Satark के तहत ट्रेन की जांच की जा रही थी, तब ‘Prince’ ने कुछ बैगों के पास जाकर अलग तरह का इशारा दिया। उसकी इस हरकत से RPF टीम को अंदाज़ा हो गया कि यहां कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है। बाद में जब उन बैगों को खोलकर देखा गया तो उनके अंदर foreign liquor की कई बोतलें बरामद हुईं। इस तरह एक बार फिर ‘Prince’ की सतर्कता और उसकी शानदार ट्रेनिंग की वजह से एक संदिग्ध मामला पकड़ में आ गया।

आगे की कार्रवाई शुरू

विदेशी शराब से भरे इन unclaimed bags के मिलने के बाद RPF ने मामले को हल्के में नहीं लिया और तुरंत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। बरामद की गई सभी शराब की बोतलों को फिलहाल जब्त कर लिया गया है और उनकी पूरी गिनती तथा रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ये बैग आखिर किसके थे और इन्हें ट्रेन के जरिए कहां पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी। रेलवे अधिकारी इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं इसके पीछे कोई तस्करी का नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा।

सूत्रों के मुताबिक इस मामले की आगे की जांच Railway Police या फिर दूसरी संबंधित एजेंसियों को भी सौंपी जा सकती है, ताकि पूरे मामले की तह तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि अगर इसमें किसी तस्करी गिरोह या अवैध कारोबार के संकेत मिलते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कुल मिलाकर देखा जाए तो RPF की सतर्कता, Dog Squad की मुस्तैदी और sniffer dog “Prince” की तेज सूंघने की क्षमता की बदौलत एक बार फिर रेलवे में संभावित अवैध गतिविधि को समय रहते पकड़ लिया गया। इससे यह साफ हो जाता है कि रेलवे सुरक्षा एजेंसियां यात्रियों की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लगातार चौकन्नी और सक्रिय हैं।

रेलवे में बढ़ाई जा रही है सुरक्षा

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभियान सिर्फ अवैध सामान पकड़ने तक ही सीमित नहीं होते, बल्कि इनका एक बहुत बड़ा मकसद यात्रियों की सुरक्षा को भी पुख्ता बनाना होता है। कई बार ऐसा होता है कि ट्रेन के डिब्बों में कोई बैग या सामान बिना किसी मालिक के पड़ा रहता है। ऐसे unattended bags सुरक्षा के लिहाज़ से काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं, क्योंकि यह पता नहीं होता कि उनके अंदर क्या रखा है।

इसी वजह से RPF समय-समय पर ट्रेनों में इस तरह की अचानक जांच करती रहती है, ताकि अगर कोई संदिग्ध चीज़ हो तो उसे वक्त रहते पकड़ लिया जाए। अधिकारियों का कहना है कि अगर ऐसे मामलों को शुरू में ही रोक लिया जाए तो किसी भी बड़े खतरे या हादसे से आसानी से बचा जा सकता है।

इस पूरी प्रक्रिया में Dog Squad की मदद बेहद अहम मानी जाती है। ये खास तौर पर प्रशिक्षित कुत्ते होते हैं, जिनकी सूंघने की ताकत बहुत तेज होती है। कई बार ऐसा होता है कि जो चीज़ें इंसानी आंखों से या सामान्य जांच में नजर नहीं आतीं, उन्हें ये sniffer dogs आसानी से पहचान लेते हैं। यही वजह है कि रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में Dog Squad को एक मजबूत और भरोसेमंद कड़ी माना जाता है।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक पूरे देश में railway network को ज्यादा सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए लगातार नई-नई रणनीतियां अपनाई जा रही हैं। अब सिर्फ पारंपरिक निगरानी पर ही निर्भर नहीं रहा जा रहा, बल्कि आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। जैसे कि CCTV cameras, dog squad, drone surveillance और समय-समय पर चलाए जाने वाले विशेष अभियान—ये सब कदम रेलवे सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए उठाए जा रहे हैं।

Nagpur जैसे बड़े और व्यस्त रेलवे जंक्शन पर तो सुरक्षा व्यवस्था को खास तौर पर और ज्यादा मजबूत किया जा रहा है। इसकी वजह यह है कि यहां से हर रोज़ हजारों की तादाद में यात्री सफर करते हैं। इसके अलावा कई long distance trains भी Nagpur से होकर गुजरती हैं, जिससे यह स्टेशन रणनीतिक तौर पर काफी अहम बन जाता है। ऐसे में यहां सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत होना बेहद जरूरी माना जाता है।

Nagpur में ‘Operation Satark’ के तहत की गई यह कार्रवाई रेलवे सुरक्षा बल की मुस्तैदी और उनकी असरदार कार्यशैली का एक बेहतरीन उदाहरण मानी जा रही है। खास तौर पर sniffer dog “Prince” की मदद से विदेशी शराब से भरे संदिग्ध बैगों का पता लगना यह साफ दिखाता है कि रेलवे सुरक्षा एजेंसियां अपनी जिम्मेदारी को कितनी गंभीरता से निभा रही हैं।

ऐसे अभियान न सिर्फ अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने में मदद करते हैं, बल्कि यात्रियों को यह भरोसा भी दिलाते हैं कि उनकी यात्रा सुरक्षित और बेफिक्र तरीके से हो सके। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आने वाले वक्त में भी इस तरह के special security drives लगातार चलाए जाते रहेंगे, ताकि पूरे देश का रेलवे नेटवर्क और ज्यादा महफूज़, भरोसेमंद और सुरक्षित बन सके।

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