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Nagpur: भरोसे की आड़ में बड़ा फरेब
Nagpur शहर में निवेश और मुनाफे के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यह मामला तहसील पुलिस स्टेशन के अंतर्गत दर्ज किया गया है, जहां एक युवक ने अपने ही पुराने दोस्त पर व्यापार में निवेश के नाम पर करीब 33.5 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। आरोपी वारदात के बाद से फरार बताया जा रहा है।
इस मामले में नगर सेवक वसीम खान की पहल और डीसीपी राहुल मदने के आदेश के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की है।
Nagpur में पुरानी दोस्ती बनी धोखे की वजह
शिकायतकर्ता मोहम्मद अयाज कलीम मोहम्मद सलीम अंसारी (उम्र 30 वर्ष), निवासी मोमिनपुरा, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी साकिब अतहर अंसारी उर्फ शोहराब अंसारी उनका पुराना दोस्त है। दोनों की पहचान मदरसे के ज़माने से थी, जिस वजह से अयाज को उस पर पूरा भरोसा था।
अक्टूबर 2025 में साकिब ने अयाज से संपर्क किया और दावा किया कि उसका जूते-चप्पलों (Footwear) का बड़ा होलसेल कारोबार है। उसने कहा कि अगर अयाज उसके व्यापार में पैसा लगाए, तो उसे हर महीने 35,000 रुपये का तय मुनाफा मिलेगा।
मुनाफे के लालच में किया लाखों का निवेश
पुरानी दोस्ती और मोटे मुनाफे के वादे में आकर अयाज ने अलग-अलग तारीखों में साकिब को बड़ी रकम दी।
लेन-देन का पूरा ब्योरा
30 अक्टूबर 2025: RTGS के ज़रिए साकिब जमाल के बैंक खाते में 2 लाख रुपये ट्रांसफर किए
29 अक्टूबर 2025: साकिब अतहर को 4 लाख रुपये नकद और ATM के ज़रिए दिए
इसके बाद भी आरोपी लगातार और पैसों की मांग करता रहा। शिकायतकर्ता के अनुसार, धीरे-धीरे कुल निवेश की रकम 33,50,000 रुपये (करीब 33.5 लाख) तक पहुंच गई।
जब सच सामने आया, तो आरोपी हुआ फरार
कुछ समय तक आरोपी मुनाफे को लेकर बहाने बनाता रहा। जब अयाज ने अपने पैसे और मुनाफे के बारे में बार-बार पूछना शुरू किया, तो साकिब टालमटोल करने लगा। कुछ ही दिनों बाद आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और घर से भी गायब हो गया।
काफी तलाश के बावजूद जब न तो आरोपी मिला और न ही पैसे वापस हुए, तब अयाज को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हो चुकी है।

नगर सेवक वसीम खान के पास पहुंचे पीड़ित
न्याय की उम्मीद में पीड़ित अयाज और अन्य लोग नगरसेवक वसीम खान के पास पहुंचे। Nagpur नगर सेवक वसीम खान ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद डीसीपी राहुल मदने के निर्देश पर तहसील पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।
Nagpur पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच शुरू
तहसील पुलिस ने 31 जनवरी 2026 को शिकायत के आधार पर FIR नंबर 0063/2026 दर्ज की है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है:
धारा 316(2), 316(5) – विश्वासघात (Criminal Breach of Trust)
धारा 318(4) – धोखाधड़ी (Cheating)
इस मामले की जांच पुलिस निरीक्षक संजय किशनराव मेंढे कर रहे हैं।
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
Nagpur पुलिस ने बताया कि आरोपी की तलाश तेज़ कर दी गई है। बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि मुनाफे के लालच और अंधे भरोसे में आकर लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें और बिना लिखित दस्तावेज के बड़ी रकम किसी को न सौंपें।
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