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Nagpur पुलिस ने कैसे पकड़ा अवैध कारोबार
Dharampeth , Nagpur — Nagpur के Dharampeth इलाके में मौजूद दे-अनाटोलिया कैफे में चल रहे एक अवैध हुक्का पार्लर पर पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ COTPA (Cigarettes and Other Tobacco Products Act), 2003 के तहत केस दर्ज किया है। यह पूरी कार्रवाई शहर पुलिस कमिश्नर के खास एंटी-नारकोटिक्स और एंटी-तंबाकू अभियान “ऑपरेशन थंडर” के तहत की गई, जिसका मकसद शहर को नशे और तंबाकू जैसी बुराइयों से दूर रखना है।
मिली जानकारी के मुताबिक, सीताबुलदी पुलिस को De Anatolia Cafe में चोरी-छुपे हुक्का सर्विस चलने की पुख्ता खबर मिली थी। इसी इनपुट पर Nagpur पुलिस ने 14 जनवरी 2026 की रात करीब 11:10 बजे से 11:55 बजे के बीच अचानक कैफे पर छापा मारा। जैसे ही पुलिस टीम कैफे के अंदर दाखिल हुई, वहां हुक्का परोसा जा रहा था और आरोपी रंगे हाथ पकड़ लिए गए।
यह कैफे Dharampeth के कॉफी हाउस स्क्वायर के पास स्थित है। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। कुछ लोग इधर-उधर भागने लगे, तो कुछ ने हुक्का और उससे जुड़ा सामान छिपाने की कोशिश की, लेकिन उनकी एक भी चाल कामयाब नहीं हो सकी।
De Anatolia Cafe में बैठे कई युवा ग्राहक पुलिस को देखकर हैरान और परेशान नजर आए, जबकि कर्मचारियों और मैनेजमेंट से जुड़े लोगों के चेहरे पर साफ तौर पर घबराहट दिखी। कुछ के तो हाथ-पैर ही फूल गए। पुलिस ने मौके से हुक्का और उससे जुड़ा सारा सामान जब्त कर लिया और चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
Nagpur पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी और शहर में कानून तोड़ने वालों के साथ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी। “ऑपरेशन थंडर” के तहत नागपुर पुलिस लगातार ऐसे कैफे और ठिकानों पर नजर बनाए हुए है, जहां नियमों को ताक पर रखकर अवैध धंधे चलाए जा रहे हैं।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी? Nagpur पुलिस ने क्या सामान जब्त किया?
Nagpur पुलिस के मुताबिक जिन लोगों को पकड़ा गया है, उनकी पहचान इस तरह से हुई है — रोजर अहमद शेख (19), जो तेलंगखेड़ी, अंबाझरी इलाके का रहने वाला है; हर्ष प्रकाश राजपाल (22), सेमिनरी हिल्स, गित्तीखदान का निवासी है; आर्या मेश्राम (24), जो स्थानीय बताया जा रहा है; और अभिलाष भवें (32), जो अंबाझरी इलाके में रहता है।
जांच में सामने आया है कि ये चारों मिलकर बिना किसी सरकारी इजाज़त के हुक्का सर्विस चला रहे थे और इससे जो भी कमाई होती थी, उसे आपस में बांट लिया करते थे। पुलिस का कहना है कि यह पूरा कामकाज पूरी तरह गैरकानूनी था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से काफी सारा अवैध सामान बरामद किया। इसमें हुक्का के पॉट और पाइप, तरह-तरह के फ्लेवर्ड तंबाकू और हुक्का से जुड़ा दूसरा सामान शामिल है। जब्त किए गए इस पूरे सामान की कीमत करीब ₹5,400 बताई जा रही है।
Nagpur पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि यह सारा सामान COTPA एक्ट 2003 के तहत प्रतिबंधित है और इसका इस्तेमाल या बिक्री कानूनन जुर्म माना जाता है। तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों को लेकर सरकार ने जो नियम बनाए हैं, उनका उल्लंघन करने की वजह से ही यह सख्त कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि आगे भी ऐसे मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के मुताबिक कार्रवाई जारी रहेगी।
किस अधिनियम के तहत मामला दर्ज?
सीताबुलदी पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ COTPA एक्ट की धारा 4(1), 5 और 21 के साथ-साथ महाराष्ट्र संशोधन अधिनियम 2018 के तहत केस दर्ज किया गया है। इन धाराओं के मुताबिक अवैध तंबाकू सामान की बिक्री और सप्लाई, बिना लाइसेंस के कारोबार चलाना और सिगरेट या हुक्का जैसे उत्पादों का गैरकानूनी लेन-देन करना जुर्म माना जाता है।
पुलिस का कहना है कि अब मामले की तफ्तीश आगे भी जारी रहेगी, ताकि यह साफ हो सके कि दे-अनाटोलिया कैफे ने और कौन-कौन से नियम तोड़े हैं। इसमें यह भी जांच होगी कि कहीं नाबालिगों को हुक्का तो नहीं परोसा जा रहा था, या फिर सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान से जुड़े कानूनों की खुलेआम धज्जियां तो नहीं उड़ाई जा रही थीं।

अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अगर जांच में किसी और तरह की लापरवाही या कानून की खिलाफ़वरज़ी सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और ऐसे गैरकानूनी धंधों पर पूरी सख्ती के साथ लगाम लगाई जाएगी।
पुलिस का उद्देश्य और अभियान
यह पूरी कार्रवाई “ऑपरेशन थंडर” के तहत की गई, जो नागपुर पुलिस का एक तेज़ और लगातार चलने वाला अभियान है। इस मुहिम का मकसद शहर में तंबाकू, हुक्का, ई-सिगरेट और दूसरे नशीले सामान से जुड़े गैरकानूनी कामों पर कड़ी नज़र रखना और लोगों को इनके सेहत पर पड़ने वाले गंभीर नुक़सान से बचाना है।
पुलिस का कहना है कि यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी शहर के अलग-अलग इलाकों में अवैध हुक्का पार्लरों और तंबाकू बेचने वालों पर छापे मारे जा चुके हैं। इसी अभियान के दौरान कुछ दिन पहले RK Traders से प्रतिबंधित ई-सिगरेट जब्त की गई थी और एक शख्स को गिरफ्तार भी किया गया था।
इन लगातार कार्रवाइयों से साफ हो जाता है कि नागपुर पुलिस तंबाकू के अवैध कारोबार और उसकी बिक्री के खिलाफ पूरी सख्ती के साथ मैदान में है। पुलिस का साफ कहना है कि ऐसे गैरकानूनी धंधों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी।
जनता और स्वास्थ्य पर प्रभाव
हुक्का और तंबाकू से जुड़ी चीज़ों का इस्तेमाल सेहत के लिए बेहद ख़तरनाक होता है। सिगरेट हो या हुक्का, दोनों में निकोटीन और कई ज़हरीले तत्व पाए जाते हैं, जो धीरे-धीरे फेफड़ों, दिल और शरीर के दूसरे अहम अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं। इसका असर एक-दो दिन में नहीं, बल्कि लंबे वक़्त तक चलता है और कई बार जानलेवा भी साबित हो सकता है।
इसी वजह से COTPA जैसे कानून बनाए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ अवैध कारोबार पर रोक लगाना नहीं है, बल्कि आम लोगों को इन गंभीर खतरों से महफूज़ रखना भी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, तंबाकू और धूम्रपान से जुड़ी बीमारियों ने शहरों से लेकर गांवों तक लाखों लोगों की ज़िंदगी पर बुरा असर डाला है।
अब आगे की बात करें तो पुलिस मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है। यह पता लगाया जाएगा कि कहीं कैफे के संचालक शहर के दूसरे इलाकों में भी इसी तरह का गैरकानूनी धंधा तो नहीं चला रहे थे। इसके साथ-साथ यह भी जांच होगी कि अवैध कमाई का पैसा किसी और तक गलत तरीक़े से तो नहीं पहुंचाया जा रहा था।
पुलिस ने साफ कर दिया है कि अगर इस मामले में कोई और शख्स शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कानून के मुताबिक सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि ऐसे गैरकानूनी कामों पर लगाम लगाना ज़रूरी है, ताकि शहर को सुरक्षित और लोगों को सेहतमंद रखा जा सके।
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