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Nagpur में 4 Kilo Ganja Seized | Operation Thunder की Powerful Success से नागपुर में नशा माफिया पर करारा वार

Nagpur में 4 Kilo Ganja Seized | Operation Thunder की Powerful Success से नागपुर में नशा माफिया पर करारा वार

Nagpur में अपराध के खिलाफ “Operation Thunder” की बड़ी तैयारी

Nagpur के पुलिस कमिश्नर डॉ. रविन्दर कुमार सिंगल की अगुवाई में पिछले कई महीनों से चल रहा “Operation Thunder” अब एक बहुत ही मज़बूत और असरदार मुहिम बन चुका है। इस अभियान का मकसद साफ है शहर में फैल रहे नशे के कारोबार, उसकी खरीद-फरोख्त और इस्तेमाल पर सख्ती से लगाम लगाना।

इस मुहिम के तहत अब तक बड़ी तादाद में अपराधियों को पकड़ा जा चुका है, भारी मात्रा में नशीले पदार्थ ज़ब्त किए गए हैं और उन लोगों तक पहुंच बनाई गई है, जो चोरी-छिपे पूरे नेटवर्क को चला रहे थे। पुलिस लगातार इन गिरोहों की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, ताकि आगे चलकर ये दोबारा सिर न उठा सकें।

Nagpur पुलिस ने इस काम के लिए अपने अलग-अलग विभागों को एक साथ जोड़ दिया है। इसमें क्राइम ब्रांच, एंटी-नार्कोटिक्स स्क्वॉड और स्थानीय थानों की टीम मिलकर काम कर रही है। सब मिलकर एक मजबूत और संगठित ताकत बन चुके हैं, जो दिन-रात मेहनत करके शहर को नशे के जाल से बचाने में लगे हुए हैं।

इस पूरी मुहिम का मकसद सिर्फ लोगों को पकड़ना ही नहीं है, बल्कि उन शातिर और लंबे समय से काम कर रहे तस्करों को भी खत्म करना है, जो मासूम युवाओं की ज़िंदगी बर्बाद कर रहे हैं। पुलिस चाहती है कि नागपुर एक महफूज़, साफ-सुथरा और नशा-मुक्त शहर बने, जहां हर इंसान चैन और सुकून की ज़िंदगी जी सके।

4 किलो से अधिक गांजा के साथ युवक गिरफ्तार

इसी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए 7 फरवरी 2026 को Nagpur क्राइम ब्रांच की Anti-Narcotics Squad ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की। पुलिस ने करीब 4 किलो से ज़्यादा गांजा बरामद किया और इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया। यह पूरी कार्रवाई Operation Thunder के तहत की गई थी।

कहां हुई गिरफ्तारी?

यह मामला Nagpur के यशोधरा नगर थाना इलाके में सामने आया, जहां बिलाल नगर, वांजरा लेआउट और एमएचएडीए क्वार्टर स्लम जैसे इलाकों में पुलिस की टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध हरकतें नज़र आईं, जिसके बाद उन्होंने तुरंत कार्रवाई की।

कैसे पकड़े गए आरोपी?

गश्त के वक्त पुलिस की नज़र एक संदिग्ध ऑटो-रिक्शा पर पड़ी, जिसमें एक युवक सवार था। पुलिस को उस पर शक हुआ, तो उसे रुकने का इशारा किया गया। जब जांच की गई, तो ऑटो में बैठा युवक आदिल शेख करीम शेख निकला, जिसके पास से करीब 4 किलो गांजा बरामद हुआ। पूछताछ के दौरान दूसरे आरोपी का भी नाम सामने आया, जिसके बाद उसे भी पकड़ लिया गया।

क्या-क्या हुआ जब्त?

Nagpur पुलिस ने सिर्फ गांजा ही नहीं, बल्कि उसके साथ-साथ मोबाइल फोन और ऑटो-रिक्शा भी ज़ब्त कर लिया। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख 13 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने कोई भी सबूत हाथ से जाने नहीं दिया और हर चीज़ को अपने कब्ज़े में ले लिया।

कानूनी कार्रवाई और NDPS Act

इस मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS Act की धारा 8(a), 20(b)(ii)(b) और 29 के तहत केस दर्ज किया गया है। अब दोनों को अदालत में पेश किया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस को शक है कि इस गिरोह में और लोग भी शामिल हो सकते हैं, इसलिए तीसरे संदिग्ध की तलाश अभी भी ज़ोर-शोर से चल रही है।

पुलिस का कहना है कि Operation Thunder के तहत ऐसी कार्रवाइयां आगे भी लगातार जारी रहेंगी, ताकि Nagpur को नशे के कारोबार से पूरी तरह पाक-साफ किया जा सके और नौजवानों की ज़िंदगी बर्बाद होने से बचाई जा सके।

“Operation Thunder” व्यापक और निरंतर अभियान

यह गिरफ्तारी कोई अकेली या अलग-थलग घटना नहीं है, बल्कि पुलिस की उस लगातार चल रही मुहिम का हिस्सा है, जो शहर से नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए चलाई जा रही है।

दरअसल, Nagpur पुलिस ने बीते कुछ समय में नशा बेचने वाले छोटे-बड़े गिरोहों और उनके पूरे नेटवर्क पर सीधा वार किया है। चाहे शहर के अंदर काम करने वाले लोग हों या बाहर से माल लाने वाले तस्कर, किसी को भी बख्शा नहीं गया। नागपुर-भंडारा हाईवे पर 5 किलो गांजे की खेप पकड़ी गई, कहीं 79 किलो गांजे की बड़ी खेप जब्त हुई, तो कहीं कई छोटे-मोटे पेडलर्स को दबोच लिया गया। पुलिस लगातार इन लोगों की कमर तोड़ने में लगी हुई है।

जांच में यह भी सामने आया है कि ज़्यादातर मामलों में गांजा बाहर के राज्यों से लाया जा रहा है। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों से सड़क के रास्ते यह माल नागपुर तक पहुंचाया जाता है। भंडारा-नागपुर रूट इसका बड़ा जरिया बन चुका था, लेकिन अब पुलिस ने इस रास्ते पर भी कड़ी नज़र रखनी शुरू कर दी है। “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत हर संदिग्ध गाड़ी, हर संदिग्ध शख्स की गहन जांच की जा रही है, ताकि कोई भी बचकर न निकल पाए।

सबसे चिंता की बात यह है कि इस नशे के कारोबार की चपेट में कम उम्र के लड़के-लड़कियां और कमजोर तबके के लोग आ रहे हैं। यह गिरोह उन्हें आसान पैसे और जल्दी अमीर बनने का सपना दिखाकर अपने जाल में फंसा लेते हैं। धीरे-धीरे वही बच्चे और नौजवान नशा बेचने, चोरी करने, चेन-स्नैचिंग करने और दूसरे गलत कामों में शामिल हो जाते हैं।

जब इंसान गलत रास्ते पर चल पड़ता है, तो उसका असर सिर्फ उसी पर नहीं, बल्कि पूरे समाज पर पड़ता है। घर का माहौल बिगड़ता है, मोहल्ले में डर का माहौल बनता है और शहर की शांति खराब होती है। इसी वजह से पुलिस इस लड़ाई को सिर्फ कानून की लड़ाई नहीं, बल्कि समाज को बचाने की जंग मानकर लड़ रही है।

नागपुर पुलिस का साफ कहना है कि जब तक नशे का यह ज़हर पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक उनकी मुहिम यूं ही जारी रहेगी, ताकि आने वाली नस्ल को इस बुराई से महफूज़ रखा जा सके और शहर में अमन-ओ-अमान कायम रहे।

एनडीपीएस एक्ट का महत्व

भारत में नशे से जुड़े अपराधों को रोकने के लिए NDPS Act सबसे सख्त और ताकतवर कानून माना जाता है। इस कानून के तहत गांजा या किसी भी तरह का नशीला सामान रखना, बेचना या इधर-उधर पहुंचाना बहुत बड़ा जुर्म होता है। अगर कोई आदमी तय मात्रा से ज्यादा गांजे के साथ पकड़ा जाता है, तो उसे सालों तक जेल की हवा खानी पड़ सकती है, भारी जुर्माना भरना पड़ता है और लंबी-चौड़ी कानूनी लड़ाई भी लड़नी पड़ती है।

यानी एक बार इस कानून के चक्कर में फंस गए, तो ज़िंदगी भर की मुश्किल खड़ी हो जाती है। इसी वजह से सरकार ने यह कानून इतना सख्त बनाया है, ताकि लोग डरें और इस गलत काम से दूर रहें।

यह कानून सिर्फ तस्करों को सजा देने के लिए नहीं है, बल्कि आम लोगों को नशे के नुकसान से बचाने के लिए भी बनाया गया है। नशा इंसान की सेहत, उसके घर-परिवार और पूरे समाज को बर्बाद कर देता है। इसलिए सरकार और पुलिस मिलकर “Drugs-Free India” का सपना पूरा करना चाहती है, ताकि देश का हर नौजवान सेहतमंद और सही रास्ते पर चल सके।

पुलिस और समाज की साझेदारी

“Operation Thunder” की कामयाबी सिर्फ पुलिस की मेहनत का नतीजा नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों का भी बड़ा हाथ है। मोहल्लों के लोग, स्कूलों के टीचर, समाजसेवी संगठन और नौजवान — सब मिलकर इस लड़ाई में साथ दे रहे हैं।

पुलिस सिर्फ अपराधियों को पकड़ने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को समझाने का काम भी कर रही है। अलग-अलग इलाकों में जाकर नशे के नुकसान के बारे में बताया जा रहा है, बच्चों और युवाओं को सही राह दिखाने की कोशिश की जा रही है और उन्हें यह समझाया जा रहा है कि थोड़े से पैसों के लालच में अपनी पूरी ज़िंदगी खराब मत करो।

पुलिस का मानना है कि जब तक समाज साथ नहीं देगा, तब तक नशे के खिलाफ जंग पूरी तरह नहीं जीती जा सकती। इसलिए आज पुलिस और आम लोग मिलकर कंधे से कंधा मिलाकर इस बुराई के खिलाफ खड़े हैं, ताकि आने वाली नस्ल एक साफ, सुरक्षित और खुशहाल माहौल में जी सके।

विशेषज्ञों की राय

जानकार और विश्लेषक मानते हैं कि सिर्फ नशे का सामान पकड़ लेना ही काफी नहीं होता। असली जरूरत है इसकी जड़ तक पहुंचने की। यह समझना बहुत ज़रूरी है कि आखिर लोग इस धंधे में क्यों उतरते हैं, उन्हें इसमें फायदा कैसे दिखता है और कौन-सी मजबूरी या हालात उन्हें इस रास्ते पर ले जाते हैं।

अगर इन आर्थिक और सामाजिक हालात को ठीक से समझ लिया जाए, तो इस समस्या को काफी हद तक काबू में किया जा सकता है। साथ ही, नौजवानों को सही तालीम देना, अच्छी पढ़ाई के मौके देना और रोज़गार के बेहतर अवसर मुहैया कराना भी बहुत जरूरी है। जब युवाओं के पास सही रास्ता होगा, तो वे गलत राह पर जाने से खुद ही बचेंगे।

नागपुर में Crime Branch Unit-4 की लगातार हो रही गिरफ्तारियाँ और Operation Thunder जैसी मुहिम यह साफ दिखाती हैं कि पुलिस नशे के कारोबार के खिलाफ पूरी मजबूती और ईमानदारी से खड़ी है। हाल ही में 4 किलो गांजे के साथ युवक की गिरफ्तारी कोई मामूली बात नहीं है, बल्कि यह उस लंबी लड़ाई का हिस्सा है, जो देशभर में ड्रग्स माफिया के खिलाफ लड़ी जा रही है।

यह घटना बताती है कि सरकार और पुलिस दोनों ही पूरी गंभीरता और मेहनत के साथ अपराधियों और तस्करों को जड़ से खत्म करने में जुटे हुए हैं। वे चाहते हैं कि यह गंदा कारोबार हमेशा के लिए खत्म हो जाए और समाज को इससे निजात मिले।

लेकिन हकीकत यह भी है कि यह जंग सिर्फ पुलिस या सरकार अकेले नहीं जीत सकती। इसमें समाज का साथ, घरवालों की जिम्मेदारी और नौजवानों की समझदारी भी उतनी ही जरूरी है। जब परिवार अपने बच्चों पर ध्यान देंगे, समाज गलत चीजों के खिलाफ आवाज उठाएगा और युवा खुद सही-गलत की पहचान करेंगे, तभी नशे के खिलाफ यह लड़ाई पूरी तरह कामयाब हो सकेगी। यही मिल-जुलकर की गई कोशिशें आने वाले वक्त में एक साफ, सुरक्षित और खुशहाल समाज की बुनियाद बनेंगी।

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