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भारत में 2026 के Assembly Elections का माहौल अब धीरे-धीरे गरम होने लगा है। देश के लोकतंत्र का यह बहुत अहम और बड़ा पड़ाव माना जाता है, क्योंकि इसी प्रक्रिया के ज़रिए जनता अपनी पसंद की सरकार चुनती है। इसी सिलसिले में Election Commission of India यानी भारत के चुनाव आयोग ने इन चुनावों का official schedule भी जारी कर दिया है।
इस बार चुनाव देश के पाँच अहम इलाकों में होने वाले हैं — West Bengal, Tamil Nadu, Kerala, Assam और केंद्र शासित प्रदेश Puducherry। इन राज्यों में करोड़ों की तादाद में मतदाता अपने voting right का इस्तेमाल करके नई सरकार का फैसला करेंगे। जैसे-जैसे चुनाव की तारीखें करीब आएँगी, वैसे-वैसे सियासी सरगर्मियाँ भी तेज़ होती जाएँगी और अलग-अलग राजनीतिक पार्टियाँ अपने campaign और election strategy को और तेज़ कर देंगी।
Election Commission के मुताबिक इन पाँचों जगहों पर चुनावी प्रक्रिया April 2026 से शुरू होगी और पूरा polling process खत्म होने के बाद May 2026 में इसके results घोषित कर दिए जाएँगे। यानी लगभग पूरे एक महीने तक चुनावी हलचल बनी रहेगी और जनता की निगाहें इस बात पर टिकी रहेंगी कि आखिर इन राज्यों में सत्ता की कमान किसके हाथ में जाएगी।
चुनाव आयोग का कहना है कि इन चुनावों को free, fair और peaceful तरीके से कराने के लिए हर तरह की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सुरक्षा इंतज़ामात को और मज़बूत किया जा रहा है, बड़ी तादाद में security forces की तैनाती की जाएगी और प्रशासनिक स्तर पर भी तमाम इंतज़ाम मुकम्मल किए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर देखा जाए तो आने वाले हफ्तों में इन राज्यों में सियासत का माहौल और भी दिलचस्प होने वाला है। अलग-अलग पार्टियाँ अपने manifesto, बड़े political rallies और ज़ोरदार campaigns के ज़रिए जनता को अपने पक्ष में करने की पूरी कोशिश करेंगी। वहीं जनता भी अपने वोट के ज़रिए यह तय करेगी कि अगले पाँच साल तक इन राज्यों में हुकूमत किसकी बनेगी।
2026 Assembly Elections का पूरा शेड्यूल
चुनाव आयोग की तरफ से जो official announcement की गई है, उसके मुताबिक इन सभी राज्यों में वोटिंग एक ही दिन नहीं बल्कि अलग-अलग तारीखों पर कराई जाएगी। यानी हर राज्य में हालात और जरूरत को देखते हुए polling dates तय की गई हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि सभी राज्यों के चुनावी नतीजे एक ही दिन घोषित किए जाएंगे, ताकि पूरे देश को एक साथ यह पता चल सके कि किस राज्य में किस पार्टी की सरकार बनने जा रही है।
अगर पूरे election schedule पर नजर डालें तो तस्वीर कुछ इस तरह सामने आती है।
सबसे पहले बात करें West Bengal की, तो वहां चुनाव दो चरणों में करवाए जाएंगे। पहला चरण 23 April 2026 को होगा, जबकि दूसरा चरण 29 April 2026 को रखा गया है। यानी बंगाल के मतदाता दो अलग-अलग चरणों में अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। वहीं इस राज्य के नतीजे भी बाकी राज्यों के साथ ही 4 May 2026 को घोषित कर दिए जाएंगे।
अब अगर Tamil Nadu की बात करें तो वहां चुनाव सिर्फ एक ही चरण में कराया जाएगा। राज्य के लोग 23 April 2026 को मतदान करेंगे और उसके बाद सीधा 4 May 2026 को यह साफ हो जाएगा कि वहां अगली सरकार किसकी बनने जा रही है।
इसी तरह Kerala में भी वोटिंग एक ही दिन यानी 9 April 2026 को होगी। इस दिन पूरे राज्य में लोग अपने घरों से निकलकर polling booth तक जाएंगे और लोकतंत्र के इस अहम त्योहार में हिस्सा लेंगे। इसके बाद यहां के नतीजे भी 4 May 2026 को घोषित कर दिए जाएंगे।
पूर्वोत्तर भारत के अहम राज्य Assam में भी चुनाव एक ही चरण में कराया जाएगा। यहां भी 9 April 2026 को मतदान होगा और बाकी राज्यों की तरह यहां के चुनाव परिणाम भी 4 May 2026 को ही सामने आएंगे।
वहीं केंद्र शासित प्रदेश Puducherry में भी चुनाव की तारीख 9 April 2026 ही तय की गई है। यहां भी लोग उसी दिन अपने वोट डालेंगे और फिर 4 May 2026 को यह फैसला सामने आ जाएगा कि वहां सत्ता की कमान किसके हाथ में जाएगी।
अगर पूरे चुनावी कैलेंडर को एक नजर में देखें तो यह साफ हो जाता है कि इन पांचों जगहों पर polling process की शुरुआत 9 April 2026 से होगी और आखिरी चरण की वोटिंग 29 April 2026 को खत्म हो जाएगी। इसके बाद करीब कुछ दिनों तक वोटों की गिनती की तैयारी और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
आखिरकार 4 May 2026 को वह दिन आएगा जब इन सभी राज्यों के final results घोषित कर दिए जाएंगे। उसी दिन यह भी साफ हो जाएगा कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में अगले पांच साल तक किस पार्टी या गठबंधन की हुकूमत रहने वाली है।

यही वजह है कि इन चुनावों को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी सरगर्मी देखी जा रही है और आने वाले दिनों में चुनावी माहौल और भी ज्यादा गर्म होने की पूरी उम्मीद है।
राज्यवार चुनाव की पूरी जानकारी
West Bengal Assembly Elections 2026
पश्चिम बंगाल को देश के सबसे ज़्यादा सियासी तौर पर सक्रिय राज्यों में से एक माना जाता है। यहां की राजनीति हमेशा से काफी गर्म और दिलचस्प रही है। राज्य की विधानसभा में कुल 294 seats हैं और हर चुनाव में यहां मुकाबला बेहद कड़ा देखने को मिलता है।
इस बार Election Commission ने फैसला किया है कि West Bengal Assembly Elections 2026 दो चरणों में कराए जाएंगे। पहला चरण 23 April 2026 को होगा, जबकि दूसरा चरण 29 April 2026 को रखा गया है। यानी बंगाल के लोग दो अलग-अलग दिनों में अपने vote का इस्तेमाल करेंगे।
अगर सियासी हालात की बात करें तो इस बार भी मुकाबला काफी दिलचस्प रहने वाला है। माना जा रहा है कि मुख्य टक्कर सत्तारूढ़ Trinamool Congress (TMC) और BJP के बीच होगी। पिछले चुनावों में भी इन दोनों पार्टियों के बीच काफी जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला था। यही वजह है कि इस बार भी बंगाल की सियासत सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश की निगाहें इस चुनाव पर टिकी हुई हैं।
सियासी जानकारों का कहना है कि बंगाल के assembly elections के नतीजे आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति के समीकरणों को भी प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए हर पार्टी यहां अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है|
Tamil Nadu Assembly Elections 2026
दक्षिण भारत का एक बेहद अहम और बड़ा राज्य Tamil Nadu भी इस बार चुनावी माहौल में पूरी तरह से डूबने वाला है। यहां Tamil Nadu Assembly Elections 2026 एक ही चरण में कराए जाएंगे और इसके लिए 23 April 2026 की तारीख तय की गई है।
राज्य की विधानसभा में कुल 234 seats हैं और यहां करीब 2.7 करोड़ से ज्यादा voters हैं जो इस चुनाव में हिस्सा लेंगे।
अगर यहां की राजनीति की बात करें तो Tamil Nadu में लंबे समय से सियासत दो बड़े गठबंधनों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। पहला है DMK (Dravida Munnetra Kazhagam) का गठबंधन और दूसरा AIADMK (All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam) का गठबंधन।
इन दोनों के अलावा BJP और कुछ दूसरे क्षेत्रीय दल भी चुनाव में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश करेंगे। हर पार्टी अपने campaign, rallies और manifesto के ज़रिए जनता को अपने पक्ष में करने की कोशिश करेगी।
इस चुनाव का नतीजा यह तय करेगा कि Tamil Nadu में अगले पांच साल तक किस पार्टी या गठबंधन की सरकार बनने वाली है।
Kerala Assembly Elections 2026
अब बात करते हैं Kerala Assembly Elections 2026 की। केरल में चुनाव 9 April 2026 को एक ही चरण में कराया जाएगा। राज्य की विधानसभा में कुल 140 seats हैं और यहां के मतदाता राजनीतिक रूप से काफी जागरूक माने जाते हैं।
केरल की राजनीति आमतौर पर दो बड़े गठबंधनों के बीच घूमती है। पहला है LDF (Left Democratic Front) और दूसरा है UDF (United Democratic Front)। हर चुनाव में इन दोनों के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिलता है।
केरल को देश के उन राज्यों में गिना जाता है जहां voter turnout यानी मतदान प्रतिशत अक्सर काफी ज्यादा रहता है। लोग बड़ी संख्या में अपने घरों से निकलकर polling booth तक पहुंचते हैं और लोकतंत्र के इस अहम फर्ज को निभाते हैं।
सियासी विश्लेषकों का मानना है कि इस बार भी LDF और UDF के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है और मुकाबला आखिरी दौर तक रोमांचक बना रह सकता है।
Assam Assembly Elections 2026
पूर्वोत्तर भारत का अहम राज्य Assam भी इस बार चुनावी सरगर्मी का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। Assam Assembly Elections 2026 के तहत यहां 9 April 2026 को एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा।
असम विधानसभा में कुल 126 seats हैं और यहां कई राजनीतिक दल मैदान में उतरते हैं। आमतौर पर यहां का मुख्य मुकाबला BJP, Congress, AGP (Assam Gana Parishad) और कुछ अन्य क्षेत्रीय दलों के बीच देखने को मिलता है।
अगर चुनावी मुद्दों की बात करें तो असम में हर बार कुछ खास मुद्दे चर्चा में रहते हैं। इनमें development, employment, बाढ़ की समस्या और पहचान से जुड़े सवाल अहम माने जाते हैं।
इन्हीं मुद्दों के आधार पर राजनीतिक दल जनता के सामने अपने वादे और योजनाएं रखते हैं और उन्हें भरोसा दिलाने की कोशिश करते हैं कि उनकी सरकार आने पर हालात बेहतर होंगे।
Puducherry Assembly Elections 2026
केंद्र शासित प्रदेश Puducherry में भी इस बार Assembly Elections का माहौल बनने जा रहा है। यहां 9 April 2026 को एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा।
Puducherry की विधानसभा में कुल 30 seats हैं। भले ही यह क्षेत्र छोटा है, लेकिन यहां की राजनीति काफी दिलचस्प और कई बार अप्रत्याशित भी साबित होती है।
अक्सर यहां national parties और regional parties के बीच गठबंधन बनते हैं और चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प हो जाता है। यही वजह है कि कई बार चुनाव के नतीजे सबको चौंका भी देते हैं।
इस बार भी अलग-अलग राजनीतिक दल जनता को अपने पक्ष में करने के लिए campaign और political rallies के ज़रिए पूरी कोशिश करेंगे। आखिरकार जनता के वोट ही यह तय करेंगे कि Puducherry में अगले पांच साल तक किसकी सरकार बनेगी।
चुनाव की तैयारियां और इंतज़ामात
Election Commission का कहना है कि आने वाले assembly elections को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं। आयोग के मुताबिक पूरे चुनावी अमल को सही तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और चुनावी कर्मचारियों को पहले से ही अलर्ट कर दिया गया है।
अगर कुछ अहम आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर काफी बड़ी दिखाई देती है। इन चुनावों में करीब 17.4 करोड़ voters अपने vote का इस्तेमाल करेंगे। इतनी बड़ी तादाद में लोगों के लिए पूरे इंतज़ाम करना अपने आप में एक बड़ा काम होता है।
इसी को देखते हुए देशभर में लगभग 2.19 लाख polling stations बनाए जाने वाले हैं, ताकि हर इलाके के लोगों को आसानी से वोट डालने की सहूलियत मिल सके। इसके अलावा करीब 25 लाख election staff और कर्मचारी चुनावी प्रक्रिया को संभालने के लिए तैनात किए जाएंगे। इनका काम मतदान से लेकर वोटों की गिनती तक पूरे सिस्टम को सही तरीके से चलाना होगा।
Election Commission ने यह भी साफ कर दिया है कि चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही Model Code of Conduct यानी आचार संहिता तुरंत लागू हो गई है। इसका मतलब यह है कि अब राजनीतिक पार्टियों और नेताओं को चुनाव से जुड़े तय नियमों और कायदों का पूरी तरह पालन करना होगा, ताकि चुनाव निष्पक्ष और ईमानदारी से हो सकें।
राष्ट्रीय राजनीति पर चुनावों का असर
राजनीतिक जानकारों और सियासी विश्लेषकों का मानना है कि 2026 के ये assembly elections सिर्फ इन राज्यों तक सीमित नहीं रहने वाले हैं। इनके नतीजे आने वाले समय में देश की बड़ी राजनीति पर भी असर डाल सकते हैं।
असल में कई बड़े राष्ट्रीय दल इन चुनावों को सिर्फ राज्य स्तर का चुनाव नहीं मान रहे, बल्कि इसे आने वाले Lok Sabha elections की तैयारी के तौर पर देख रहे हैं। यानी इन चुनावों के जरिए पार्टियां यह समझने की कोशिश करेंगी कि जनता का मूड किस तरफ जा रहा है और किस पार्टी की पकड़ मजबूत हो रही है।
इसके अलावा दक्षिण भारत और पूर्वी भारत की राजनीति का रुख भी काफी मायने रखता है। अगर इन इलाकों में किसी पार्टी को मजबूत समर्थन मिलता है तो उसका असर सीधे तौर पर राष्ट्रीय राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है।
एक और अहम बात यह है कि इन चुनावों से regional parties यानी क्षेत्रीय दलों की ताकत का भी सही अंदाज़ा लग जाएगा। कई बार छोटे लेकिन प्रभावशाली दल चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करके राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी अहमियत बढ़ा लेते हैं।
यही वजह है कि देश की लगभग सभी बड़ी राजनीतिक पार्टियां इन चुनावों को बेहद अहम मान रही हैं। हर पार्टी चाहती है कि वह इन चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करे, ताकि आने वाले बड़े चुनावों के लिए उसका हौसला और सियासी पकड़ दोनों मजबूत हो सकें।
आगे क्या होगा?
अब जब Election Commission की तरफ से assembly elections का पूरा schedule सामने आ चुका है, तो साफ है कि आने वाले दिनों में राजनीतिक पार्टियों की हलचल और भी तेज़ होने वाली है। हर पार्टी अपनी रणनीति को आख़िरी शक्ल देने में जुट जाएगी और चुनावी मैदान में पूरी ताक़त के साथ उतरने की तैयारी करेगी।
आने वाले कुछ हफ्तों में सियासी माहौल और ज्यादा गर्म होता दिखाई देगा। अलग-अलग पार्टियां अपने candidates यानी उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करेंगी, ताकि चुनावी लड़ाई की तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो सके। इसके साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी-बड़ी political rallies और सभाएं भी देखने को मिलेंगी, जहां नेता जनता को अपने पक्ष में करने की कोशिश करेंगे।
इसी दौरान कई जगहों पर alliances यानी गठबंधन और seat sharing को लेकर भी बातचीत तेज़ हो जाएगी। कई पार्टियां आपस में मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला कर सकती हैं, ताकि मुकाबले को और मजबूत बनाया जा सके। इसके अलावा राजनीतिक दल अपने election manifesto भी जारी करेंगे, जिसमें वे जनता से किए जाने वाले वादों और योजनाओं की पूरी जानकारी देंगे।
जब पूरा polling process खत्म हो जाएगा और लोग अपने वोट डाल देंगे, तब सबकी निगाहें सिर्फ एक दिन पर टिक जाएंगी — 4 May 2026। इसी दिन चुनाव के final results घोषित किए जाएंगे और यह साफ हो जाएगा कि इन पांचों राज्यों में आखिर किस पार्टी या गठबंधन की सरकार बनने वाली है।
दरअसल 2026 के assembly elections को देश की राजनीति के लिए काफी अहम माना जा रहा है। West Bengal, Tamil Nadu, Kerala, Assam और Puducherry जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में करोड़ों मतदाता अपने vote का इस्तेमाल करके नई सरकार चुनेंगे।
Election Commission द्वारा जारी किए गए official schedule के मुताबिक इन राज्यों में April के महीने में मतदान की प्रक्रिया पूरी होगी, जबकि May में चुनाव के नतीजे सामने आएंगे।
फिलहाल पूरे देश की निगाहें इन चुनावों पर टिकी हुई हैं। सियासी जानकारों का मानना है कि इन चुनावों के नतीजे आने वाले समय में देश की राजनीति की दिशा और सियासी समीकरणों को काफी हद तक प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले हफ्तों में देश की राजनीति का माहौल और भी ज्यादा दिलचस्प और गर्म होने वाला है।
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