Kapil Sibal वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA )के अध्यक्ष हैं। यह एक भारतीय वकील और राजनीतिज्ञ हैं।
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Kapil Sibal जन्म एवं परिवार
इनका जन्म 8 अगस्त 1948 को जालंधर, पूर्वी पंजाब में हुआ था। यह राज्यसभा के अध्यक्ष भी है और इन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में बड़े-बड़े मामलों का प्रतिनिधित्व किया है।आजादी के बाद हुए विभाजन के दौरान Kapil Sibalका परिवार भारत आ गया।
चंडीगढ़ में इन्होंने सेंट जॉन्स हाई स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त की इसके बाद 1964 में यह दिल्ली आ गए। यहां इन्होंने सेंट स्टीफन’एस कॉलेज में दाखिला लिया और B.A की डिग्री प्राप्त की।
उसके बाद दिल्ली के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय विधि संकाय से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। बाद में इन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफन’एस कॉलेज से इतिहास विषय में एम ए की डिग्री प्राप्त की।

Kapil Sibal बार एसोसियेशन में
सन 1972 में Kapil Sibal, बार एसोसिएशन से जुड़े। 1973 में इन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के लिए योग्यता प्राप्त की इसके बाद उन्हें नियुक्ति की पेशकश की गई लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और अपना खुद का कानून अभ्यास स्थापित करने का मन बना लिया।
इसके बाद सन 1977 में इन्होंने हार्वर्ड लॉ स्कूल से एल एल एम की पढ़ाई पूरी की। 1983 में, उन्होंने एक वरिष्ठ वकील के रूप में अपनी पहचान बना ली।
सन 1989 में उन्हें भारत का अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल बनाया गया।
वर्ष 1994 में उन्होंने संसद में एक वकील के रूप में अपनी पहचान बनाई और महाभियोग की कार्यवाही के दौरान इन्होंने सी रामास्वामी का सफलतापूर्वक बचाव किया।
कपिल सिब्बल के पिता का नाम हीरालाल सिब्बल था जो की एक प्रसिद्ध वकील थे।
वर्ष 1994 में कपिल सिब्बल के पिता को अंतर्राष्ट्रीय बार एसोसिएशन की तरफ से लिविंग लीजेंड ऑफ द लॉ की उपाधि से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2006 में भारतीय सरकार के द्वारा उन्हें उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया।
Kapil Sibal राज्यसभा में
1998 में Kapil Sibal ने राज्यसभा में बिहार का प्रतिनिधित्व किया।वर्ष 2004 और 2009 में कपिल सिब्बल चांदनी चौक से खड़े हुए और चुनाव में जीत हासिल की।बीते कई वर्षों से कपिल सिंब्बल भारत सरकार की सेवा में लगे हुए हैं।
उनके महत्वपूर्ण कार्य निम्नलिखित है, यह भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के सदस्य रह चुके हैं। इन्हें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय में प्रबंधन बोर्ड का अध्यक्ष चुना गया था। यह सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के कई बार सदस्य बन चुके हैं।और जुलाई 1998 में यह राज्यसभा के सदस्य थे।
जुलाई 2001 में कपिल सिब्बल को कार्यकारी परिषद, संवैधानिक और संसदीय अध्ययन संस्थान का सदस्य चुना गया। अगस्त 2001 में इन्हें व्यापार सलाहकार समिति का सदस्य बनाया गया। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा 2003 में इन्हें भारतीय एड्स पहल के कार्यक्रम बोर्ड का सदस्य बनाया गया।
Kapil Sibal के द्वारा छात्रों के लिए कार्य
2011 में Kapil Sibal ने छात्रों के लिए एक टच स्क्रीन टैबलेट कंप्यूटर विकसित करने की घोषणा की जो निजी भागीदारी के साथ विकसित किया जाना था और यह छात्रों को ₹1500 में उपलब्ध होना था।
फरवरी 2012 तक इस टैबलेट कंप्यूटर के एक करोड चार लाख फ्री आर्डर आ चुके थे लेकिन केवल 10000 ऑर्डर ही पूरे हो पाए और ऐसे कई ग्राहक थे जिन्हें कंप्यूटर ना मिल सका और उन्हें रिफंड दे दिया गया।Kapil Sibal ने अब तक कई अहम मामलों को बहुत ही सुझबुझ के साथ सुलझाया है जिसमें, राम मंदिर और बाबरी मस्जिद का केस और तीन तलाक का मामला शामिल है।
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