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Pradhan Mantri Fasal Bima Yojna शुरुआत
भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां करीब 55-60% आबादी अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर करती है। लेकिन खेती हमेशा आसान काम नहीं होती। मौसम में अचानक बदलाव, बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, सूखा, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं किसानों की मेहनत पर पानी फेर देती हैं। कई बार तो किसान अपनी लागत भी नहीं निकाल पाते और कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं।
इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने 18 फरवरी 2016 को “Pradhan Mantri Fasal Bima Yojna” (PMFBY) शुरू की। इसका उद्देश्य किसानों को उनकी फसल को होने वाले नुकसान से आर्थिक सुरक्षा देना था, ताकि एक खराब मौसम उनका सालभर का जीवन बर्बाद न कर दे।

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojna की विशेषताएँ-
अब किसान भाईयों के लिए रजिस्ट्रेशन करना पहले से कहीं आसान हो गया है। कोई भी किसान Pradhan Mantri Fasal Bima Yojna ऑनलाइन पोर्टल, CSC केंद्र या फिर नज़दीकी बैंक के ज़रिए इस योजना से जुड़ सकता है।
आजकल सरकार ने इस योजना में कई आधुनिक तकनीकें भी शामिल कर दी हैं, जैसे ड्रोन, सैटेलाइट डेटा, और कई खास पोर्टल और ऐप—जैसे YES-TECH, WINDS पोर्टल, AIDE ऐप और कृषि रक्षक पोर्टल। इनकी मदद से फसल के नुकसान का आकलन पहले से ज़्यादा सटीक और जल्दी हो जाता है।
सबसे अच्छी बात ये है कि अब किसानों को दावा भुगतान के लिए लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ता। पहले दावा राशि जारी होने में समय इसलिए लग जाता था, क्योंकि केंद्र सरकार का हिस्सा भेजने से पहले राज्य सरकार के योगदान का इंतज़ार करना पड़ता था। लेकिन अब नया सिस्टम लागू है, जहां केंद्रीय सब्सिडी के आधार पर सीधे भुगतान कर दिया जाता है, जिससे किसानों को उनका हक़ जल्दी मिल सके।
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojna (PMFBY) Update अगस्त 2025
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार, 11 अगस्त को किसानों के लिए बड़ी आर्थिक राहत का ऐलान किया। उन्होंने करीब 30 लाख किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹3,200 करोड़ ट्रांसफर किए। इसमें से ₹1,156 करोड़ मध्य प्रदेश के किसानों को, ₹1,121 करोड़ राजस्थान के किसानों को, ₹150 करोड़ छत्तीसगढ़ के किसानों को और बाकी ₹773 करोड़ अन्य राज्यों के किसानों को मिले।
ये सिर्फ पहला किस्त है। सरकार ने साफ कहा है कि जल्द ही दूसरी किस्त के रूप में और ₹8,000 करोड़ किसानों के खाते में डाले जाएंगे।
केंद्र सरकार ने इस बार सख़्त नियम भी बना दिए हैं—अगर कोई राज्य अपनी तरफ से सब्सिडी की रकम समय पर नहीं भेजता, तो उस पर 12% का जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, अगर बीमा कंपनियां किसानों का भुगतान करने में देर करती हैं, तो उन्हें भी किसानों को 12% ब्याज देना होगा।
छत्तीसगढ़ में भी बड़ी राहत मिली है। यहां ₹152.84 करोड़ की राशि सीधे 1,41,879 किसानों के खातों में भेजी गई है। इसमें खरीफ़ और रबी, दोनों तरह की फसलों के बीमा क्लेम की रकम शामिल थी।
सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए खरीफ़ फसलों के बीमा की आख़िरी तारीख भी बढ़ा दी है। पहले यह समय सीमा पास आ रही थी, लेकिन अब इसे 14 अगस्त 2025 कर दिया गया है, ताकि और किसान जुड़ सकें।
इस बीच, राजस्थान में कुछ किसान संगठनों ने मांग की है कि जब फसल का नुकसान हो चुका है और बीमा क्लेम मिलना मुश्किल है, तो ऐसे में मासिक प्रीमियम की कटौती करना ठीक नहीं है। उन्होंने इसे तुरंत रोकने की अपील की है।
वहीं, कर्नाटक के कालाबुरागी जिला में बीमा पंजीकरण सफलता से किए गए—यहाँ 20.4 लाख किसानों में से 2.9 लाख ने योजना में नाम लिखा। इसे जागरूकता कार्यक्रमों का नतीजा बताया गया है।
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojna: आज कितने किसानों को और कितना पैसा मिला?
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojna की स्थापना के बाद से अब तक लगभग 23.22 करोड़ किसानों को मुआवजा (क्लेम) मिल चुका है। ₹1.75 लाख करोड़ से भी अधिक की राशि किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है।
हाल ही में (11 अगस्त 2025 को), केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूरे भारत के 30 लाख किसानों को ₹3,200 करोड़ का पहला इंस्टॉलमेंट भेजा।
छत्तीसगढ़ में मात्र एक कार्यक्रम के तहत ₹152.84 करोड़ राशि 1,41,879 किसानों के खातों में भेजी गई—इसमें खरीफ़ (₹10.25 करोड़) और रबी (₹142.58 करोड़) दोनों सीज़न शामिल हैं।
राजस्थान सरकार के कार्यकाल की शुरुआत से अब तक लगभग 148 लाख (1.48 करोड़) किसानों को कुल ₹3,912.53 करोड़ का फसल बीमा क्लेम उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा चुका है।
एक नजर Pradhan Mantri Fasal Bima Yojna पर
कुल लाभार्थी किसान लगभग 23.22 करोड़
कुल मुहैया कराई गई राशि ₹1.75 लाख करोड़ से अधिक
हालिया बड़ी ताज़ा क्लेम ₹3,200 करोड़ (30 लाख किसानों को भेजा गया)
छत्तीसगढ़ में भेजी गई राशि ₹152.84 करोड़ (1.41 लाख किसानों को)
राजस्थान में भेजी गई राशि ₹3,912.53 करोड़ (1.48 करोड़ किसानों को)
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