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Rahul Gandhi ने किया Vote Chori का पर्दा फाश, दिखाए Proof और Election Commission से पूछे सवाल

Rahul Gandhi ने किया Vote Chori का पर्दा फाश, दिखाए सबूत और EC से पूछे सवाल

शक की बुनियाद पर Rahul Gandhi ने किया का Vote Chori दावा

1 अगस्त 2025 को Rahul Gandhi ने शक की बुनियाद पर किया दावा कि कांग्रेस के पास चुनाव में वोटिंग के दौरान जो मतदाताओं की लिस्ट और वोट डालने का रिकॉर्ड होता है, उसमें एक ऐसा सबूत मिला है जिसे बहुत बड़ा खुलासा माना जा रहा है जैसे किसी “Vote Chori” से कम नहीं।

इस सबूत के मुताबिक, आरोप ये है कि चुनाव आयोग (EC) और भाजपा ने मिलकर Vote Chori की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। यानी वोट डालने की प्रक्रिया में गड़बड़ी कर के नतीजे अपने पक्ष में करने की कोशिश की गई।

उन्होंने बिहार में चल रहे “स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन” यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी अपनी गहरी चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि ये मामला बेहद गंभीर है, क्योंकि इसमें मतदाता सूची से जुड़ी गड़बड़ियों और शक वाले कामों की आशंका है।

    इसी वजह से उन्होंने लोकसभा के स्पीकर से जोर देकर और तुरंत इस मुद्दे पर चर्चा करवाने की मांग की, ताकि पूरे देश के सामने सच आ सके और लोगों को साफ-साफ पता चल जाए कि असल में हो क्या रहा है।

    Rahul Gandhi ने Press Conference की और दिखाए सबूत

    7 अगस्त को Rahul Gandhi ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने खुलकर “Vote Chori” से जुड़ा डेटा सबके सामने रखा। उन्होंने बताया कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जिनसे पता चलता है कि वोटिंग प्रक्रिया में पाँच तरह की गड़बड़ियां की गईं।

      इनमें पहला – एक ही व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में बार-बार यानी डुप्लिकेट तरीके से दर्ज होना, दूसरा – नकली या गलत पते वाले वोटर, तीसरा – एक ही पते पर असामान्य रूप से बहुत ज्यादा वोटरों के नाम होना, चौथा – मतदाता पहचान पत्र में गलत या अमान्य फोटो होना, और पाँचवां – फॉर्म-6 का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल कर के बड़ी संख्या में नए मतदाताओं के नाम जोड़ना।

      राहुल गांधी का कहना था कि ये सब बातें मिलकर साबित करती हैं कि वोटों के साथ बड़े पैमाने पर हेराफेरी हुई है। राहुल गांधी ने खास तौर पर बेंगलुरु की महादेवपुरा विधानसभा सीट का जिक्र करते हुए बड़ा आरोप लगाया कि यहां कुल 1,00,250 वोट चोरी किए गए।

      उन्होंने आंकड़े भी पेश किए और बताया कि इसमें शामिल थे –
      लगभग 11,965 ऐसे वोटर जिनका नाम डुप्लिकेट यानी बार-बार लिस्ट में डाला गया,
      करीब 40,009 ऐसे वोटर जिनके पते नकली या अमान्य थे,
      10,452 वोटर जो एक ही पते पर अजीब तरीके से दर्ज कर दिए गए थे,
      4,132 ऐसे वोटर जिनकी फोटो गलत या अमान्य थी,
      33,692 नए वोटर जिनके नाम फॉर्म-6 का गलत इस्तेमाल कर के जोड़े गए।

      राहुल गांधी ने कहा कि सिर्फ कर्नाटक ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और बाकी कई राज्यों में भी इसी तरह की “Vote Chori” की घटनाएं हुई हैं, जो चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

      महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में Vote Chori के आरोप

      राहुल गांधी ने महाराष्ट्र और कुछ दूसरे राज्यों में भी “Vote Chori” के बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के समय करीब “एक करोड़ रहस्यमयी वोटर” थे — यानी ऐसे वोटर जिनके बारे में साफ-साफ जानकारी नहीं थी।

        उनका आरोप है कि चुनाव आयोग ने इन वोटरों का असली मैदानी डेटा किसी को नहीं दिखाया और ऊपर से CCTV फुटेज भी नष्ट कर दिया, ताकि गड़बड़ी का सबूत सामने न आ सके।राहुल गांधी का कहना है कि लोकसभा चुनाव में उन्हें यह उम्मीद थी कि उनकी पार्टी को करीब 16 सीटें मिलेंगी, लेकिन नतीजों में सिर्फ 9 सीटें आईं।

        इसी वजह से उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की है कि पिछले दस साल की इलेक्ट्रॉनिक मतदाता सूची और हर बूथ का वीडियो रिकॉर्ड दिखाया जाए, ताकि यह साबित किया जा सके कि चुनावी प्रक्रिया में कितनी और कहां-कहां गड़बड़ियां हुईं।

        राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग का पलटवार

        चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के लगाए गए इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और बेकार बताते हुए कहा कि या तो राहुल गांधी इसके सबूत के साथ शपथ-पत्र दें, नहीं तो पूरे देश से माफ़ी मांगें। आयोग ने यह भी बताया कि मतदाता सूची यानी वोटर लिस्ट कांग्रेस को अगस्त–सितंबर 2024 में ही दे दी गई थी, और उस समय कांग्रेस ने इसमें किसी भी तरह की आपत्ति नहीं जताई थी।

        इधर, बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी को चुनाव आयोग पर भरोसा ही नहीं है, तो उन्हें लोकसभा से अपना इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। उनके मुताबिक, बिना सबूत के इस तरह के आरोप लगाना सिर्फ जनता को गुमराह करने की कोशिश है।

        वोट चोरी विवाद पर विपक्ष का हमला और कांग्रेस का अभियान

        एनसीपी के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने राहुल गांधी के लगाए गए आरोपों को काफी गंभीरता से लिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “दूध का दूध और पानी का पानी” होना चाहिए, यानी सच और झूठ की पूरी तरह से पहचान होनी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से इस पूरे मामले की गहराई से जांच करने की मांग की और यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो विपक्ष न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेगा।

          कर्नाटक में हुई राहुल गांधी की “वोट अधिकार रैली” में उन्होंने खुलकर आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर लोकसभा की सीटें चुरा लीं। उन्होंने वहां मौजूद जनता से अपील की कि लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट होकर खड़ा होना होगा।

          अजमेर में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भी शपथ ली कि वे भारतीय लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरी ताकत लगा देंगे।कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर एक बड़ा अभियान शुरू किया और इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया, ताकि “Vote Chori” के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ सकें।

          उन्होंने इसे “भ्रष्टाचार से भरा आपराधिक घोटाला” करार दिया।विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग को पाँच सवालों की एक सूची भी भेजी और यह आरोप लगाया कि अब चुनाव आयोग निष्पक्ष संस्था न रहकर भाजपा का एजेंट बन चुका है।

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