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Game Changer Neeraj Chopra ने किया नए साल 2026 में बड़ा फैसला: JSW Sports से अलग होकर Vel Sports की Blockbuster शुरुआत

Game Changer Neeraj Chopra ने किया नए साल 2026 में बड़ा फैसला: JSW Sports से अलग होकर Vel Sports की Blockbuster शुरुआत

Neeraj Chopra की एक ऐतिहासिक यात्रा का अंत और नई शुरुआत

भारत के भाला फेंक के सुपरस्टार Neeraj Chopra ने अपनी ज़िंदगी और करियर के एक बेहद अहम दौर में बड़ा फैसला लिया है। करीब दस साल पुरानी साझेदारी को सम्मान के साथ खत्म करते हुए उन्होंने JSW Sports से विदा ली और अपने सफ़र का एक नया और मजबूत अध्याय शुरू किया है। इस नई शुरुआत के तहत Neeraj Chopra ने अपनी खुद की एथलीट मैनेजमेंट कंपनी “Vel Sports” लॉन्च की है, जिसे भारतीय खेल जगत में एक बड़े बदलाव और नई सोच की शुरुआत माना जा रहा है।

Neeraj Chopra और JSW Sports का रिश्ता 2016 में शुरू हुआ था। उस वक्त नीरज एक उभरते हुए खिलाड़ी थे, जिनके अंदर काबिलियत तो थी, लेकिन संसाधनों और सही मार्गदर्शन की ज़रूरत थी। तभी JSW Sports ने उन्हें अपने Sports Excellence Program (SEP) के तहत पहचाना, उन पर भरोसा किया और हर कदम पर उनका साथ दिया। यहीं से एक ऐसा रिश्ता बना, जो सिर्फ मैनेजमेंट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भरोसे, मेहनत और आपसी इज़्ज़त की मिसाल बन गया।

इस साझेदारी के दौरान Neeraj Chopra ने वो मुकाम हासिल किया, जिसका सपना हर खिलाड़ी देखता है। टोक्यो ओलंपिक 2020 में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक, वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में गोल्ड मेडल, और पेरिस ओलंपिक 2024 में सिल्वर मेडल|

ये सारी कामयाबियाँ Neeraj Chopra की कड़ी मेहनत के साथ-साथ उस मजबूत सपोर्ट सिस्टम का नतीजा थीं, जो JSW Sports ने उन्हें दिया। नीरज ने न सिर्फ भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में तिरंगे का मान ऊँचा किया और खुद को एक ग्लोबल चैंपियन के तौर पर साबित किया।

अब, जब Neeraj Chopra अपने खेल के सबसे सुनहरे दौर (prime time) में हैं, उन्होंने यह महसूस किया कि वक्त आ गया है अपने दायरे को और बड़ा करने का। सिर्फ मैदान तक सीमित न रहकर, वे अब भारतीय खेलों के भविष्य को भी दिशा देना चाहते हैं।

इसी सोच के साथ उन्होंने Vel Sports की नींव रखी है। यह कंपनी सिर्फ नीरज के करियर को संभालने के लिए नहीं है, बल्कि उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी एक सहारा बनेगी, जो टैलेंट रखते हैं लेकिन सही प्लेटफॉर्म और मार्गदर्शन की तलाश में हैं।

Vel Sports के ज़रिये Neeraj Chopra अब एक खिलाड़ी से आगे बढ़कर रहनुमा (मार्गदर्शक) की भूमिका में नज़र आएंगे। उनका मकसद साफ़ है भारत के खिलाड़ियों को बेहतर मैनेजमेंट, सही मौके और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का पूरा रास्ता दिखाना। यह कदम बताता है कि नीरज सिर्फ आज की जीत के बारे में नहीं सोच रहे, बल्कि आने वाले कल के लिए भी मजबूत बुनियाद तैयार करना चाहते हैं।

संक्षेप में कहा जाए तो, JSW Sports के साथ एक शानदार और यादगार सफ़र को अलविदा कहकर Neeraj Chopra ने एक नई उड़ान भरी है। Vel Sports न सिर्फ उनके विज़न को दर्शाता है, बल्कि यह साबित करता है कि नीरज चोपड़ा अब सिर्फ भारत के चैंपियन नहीं, बल्कि भारतीय खेलों के भविष्य की आवाज़ भी बनने जा रहे हैं।

Vel Sports – नीरज का अपना सपना, अपनी दिशा

“Vel Sports” Neeraj Chopra का सिर्फ एक नया ब्रांड नहीं है, बल्कि यह उनके दिल के बेहद करीब एक ऐसा सपना है, जिसे उन्होंने बड़े सलीके और दूरदर्शी सोच के साथ हकीकत में बदला है। इस प्लेटफॉर्म के ज़रिये नीरज न सिर्फ अपने करियर से जुड़ी मैनेजमेंट की ज़रूरतों को खुद संभालेंगे, बल्कि उन नए और उभरते हुए भारतीय खिलाड़ियों का भी हाथ थामेंगे, जो आगे बढ़ना चाहते हैं लेकिन सही राह और सही मौके की तलाश में हैं।

इस फैसले से यह बात बिल्कुल साफ हो जाती है कि नीरज अब सिर्फ मैदान के हीरो बनकर नहीं रहना चाहते। वे खेल की दुनिया में रहनुमा (लीडर) की भूमिका निभाने के लिए भी तैयार हैं और खेल के व्यवसायिक पहलू को भी उतनी ही गंभीरता से समझते हैं। उनका इरादा है कि भारतीय खिलाड़ियों को सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि सही मैनेजमेंट, बेहतर मौके और अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मिले।

जिस जुनून और लगन के साथ नीरज आज भी अपने खेल करियर को आगे बढ़ा रहे हैं, उसी जोश और विज़न के साथ वे अब अपने जैसे टैलेंट वाले नौजवान खिलाड़ियों को दुनिया के बड़े मंच तक पहुंचाने का ख्वाब देख रहे हैं। वे चाहते हैं कि भारत का टैलेंट सिर्फ देश तक सीमित न रहे, बल्कि ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बनाए।

हालांकि Vel Sports की पूरी बनावट, इसके लक्ष्य और आने वाले प्लान अभी धीरे-धीरे सामने आएंगे, लेकिन इतना तय है कि नीरज का यह कदम भारतीय खेल प्रबंधन की तस्वीर बदलने वाला साबित हो सकता है। खेल की दुनिया में इसे एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है, जो आने वाले वक्त में कई युवा खिलाड़ियों की किस्मत बदल सकता है।

JSW Sports की प्रतिक्रिया और सम्मानजनक विदाई

Neeraj Chopra के JSW Sports से अलग होने की खबर के बाद JSW की तरफ़ से भी बेहद जज़्बाती और सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। JSW Sports के CEO दिव्यांशु सिंह ने नीरज के साथ बिताए गए सफ़र को याद करते हुए कहा कि उनके लिए नीरज के साथ काम करना सिर्फ एक प्रोफेशनल रिश्ता नहीं, बल्कि एक खूबसूरत और यादगार तजुर्बा रहा है। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि नीरज की कामयाबी, उनकी मेहनत और लगन, दरअसल JSW Sports की सोच — यानी “उत्कृष्टता और उद्देश्य” — का ही नतीजा है।

दिव्यांशु सिंह ने यह भी कहा कि JSW Sports, Neeraj Chopra के साथ अपनी साझेदारी को हमेशा फख़्र (गर्व) के साथ याद रखेगी। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि नीरज के जाने के बावजूद JSW Sports भारतीय खेलों और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का अपना मिशन उसी जोश और ईमानदारी से जारी रखेगी। उनका यह बयान साफ़ दिखाता है कि यह विदाई किसी मनमुटाव की नहीं, बल्कि आपसी इज़्ज़त और समझदारी के साथ हुई है।

खुद Neeraj Chopra ने भी इस पूरे सफ़र को याद करते हुए दिल से बात कही। उन्होंने कहा कि JSW Sports के साथ उनकी यह साझेदारी भरोसे, सम्मान और ढेर सारी उपलब्धियों से भरी रही है। नीरज के मुताबिक, जब उनके करियर की शुरुआत हुई थी और वे एक युवा खिलाड़ी थे, तब JSW Sports ने उन पर बिना किसी शक के भरोसा किया और हर मोड़ पर उनका साथ दिया। नीरज ने कहा कि वह इस सहयोग के लिए तहे-दिल से शुक्रगुज़ार हैं।

नीरज ने आगे कहा कि अब भले ही यह अध्याय खत्म हो रहा हो, लेकिन JSW Sports से मिले मूल्य, संस्कार और सीख वह अपने अगले सफ़र में भी साथ लेकर चलेंगे। उनके शब्दों से साफ़ झलकता है कि यह अलगाव किसी दूरी की वजह नहीं, बल्कि एक स्वाभाविक बदलाव है — जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे के लिए इज़्ज़त और अच्छी दुआओं के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

Neeraj Chopra का करियर: एक प्रेरणादायक गाथा

Neeraj Chopra का सफ़र सच में किसी प्रेरणा से भरी कहानी से कम नहीं लगता। हरियाणा के एक छोटे से गाँव से निकलकर दुनिया के बड़े-बड़े मैदानों तक पहुँचने का उनका रास्ता आसान नहीं था। इस मुकाम तक पहुँचने के लिए नीरज ने बेइंतिहा मेहनत, सख़्त अनुशासन और अपने ऊपर अटूट भरोसे का सहारा लिया। उनका यह संघर्ष और जज़्बा आज देश के लाखों नौजवानों के लिए एक मिसाल बन चुका है।

2016 के बाद से नीरज ने भारतीय खेलों को ऐसे-ऐसे लम्हे दिए हैं, जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता। डायमंड लीग का खिताब जीतना, भाला फेंक में 90 मीटर की ऐतिहासिक दूरी पार करना, और World Athletics Circuit पर लगातार शानदार प्रदर्शन — इन सब उपलब्धियों ने नीरज को भारत का सबसे कामयाब ट्रैक-एंड-फ़ील्ड एथलीट बना दिया है। हर मुकाबले में उन्होंने साबित किया कि वे सिर्फ टैलेंट नहीं, बल्कि मेहनत और सब्र का दूसरा नाम हैं।

इस पूरे सफ़र के दौरान नीरज ने देश के लिए नए रिकॉर्ड कायम किए, तिरंगे का मान बढ़ाया और भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक नई पहचान दिलाई। आज नीरज चोपड़ा सिर्फ एक खिलाड़ी भर नहीं हैं, बल्कि वे देश का फ़ख़्र, राष्ट्रीय गौरव और आने वाली पीढ़ी के लिए उम्मीद की एक रोशनी बन चुके हैं।

क्या बदलाव होगा भारतीय एथलेटिक्स में?

Neeraj Chopra का Vel Sports शुरू करना सिर्फ उनके करियर में जुड़ा एक नया पन्ना नहीं है, बल्कि यह भारतीय खेलों के मैनेजमेंट और खिलाड़ियों को मिलने वाले सपोर्ट सिस्टम में एक बड़े बदलाव की शुरुआत भी मानी जा रही है। अब तक नीरज मैदान में अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन करते रहे हैं, लेकिन अब वे मैदान के बाहर भी खेल की तस्वीर बदलने के इरादे से आगे बढ़ रहे हैं।

अब जब नीरज अपनी खुद की कंपनी के ज़रिये खिलाड़ियों का साथ देंगे, तो उम्मीद की जा रही है कि इससे कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। सबसे पहले, देश के होनहार और मेहनती युवा खिलाड़ियों को सही दिशा में समर्पित मार्गदर्शन मिलेगा, जिससे उनका टैलेंट बेकार नहीं जाएगा। इसके साथ ही खिलाड़ियों को वैश्विक ब्रांडिंग, स्पॉन्सरशिप और करियर की सही प्लानिंग में भी मदद मिल सकेगी, जो आज के दौर में बेहद ज़रूरी हो चुकी है।

इस पहल से भारत में खेलों का चेहरा और भी पेशेवर, व्यवस्थित और मजबूत हो सकता है। जब खिलाड़ी सिर्फ खेल पर ध्यान देंगे और मैनेजमेंट की ज़िम्मेदारी सही हाथों में होगी, तो पूरे खेल जगत का माहौल बदल सकता है। साथ ही, इस नए सिस्टम में खिलाड़ियों की आवाज़ भी ज़्यादा मज़बूत और असरदार होगी, जिससे उनके हक़ और ज़रूरतों को बेहतर तरीके से सुना जा सकेगा।

यह बदलाव साल 2026 और आने वाले वक्त में भारतीय खेलों को और आगे ले जाने की ताक़त रखता है। नीरज चोपड़ा का JSW Sports से अलग होना और Vel Sports की शुरुआत भारतीय खेल जगत के लिए वाकई एक बड़ी खबर है। यह फैसला न सिर्फ उनके निजी करियर का अहम मोड़ है, बल्कि उनकी तेज़ नज़र (sharp vision), मजबूत नेतृत्व और भविष्य की गहरी तैयारी को भी दर्शाता है।

जब कोई महान खिलाड़ी खुद आगे बढ़कर खेल के प्रबंधन और रहनुमाई के मैदान में उतरता है, तो यह इस बात का साफ़ इशारा होता है कि भारत का खेल अब सिर्फ मेडल जीतने तक सीमित नहीं रहना चाहता। अब देश एक ऐसे खेल तंत्र की ओर बढ़ रहा है, जो मजबूत, संगठित और आत्मनिर्भर हो।

नीरज चोपड़ा आज सिर्फ भाला फेंक के चैंपियन नहीं हैं, बल्कि वे अपने खेल के साथ-साथ भारत के खेल भविष्य को रोशन करने का चिराग़ भी थाम चुके हैं।

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