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T20 World Cup 2026: Shivam Dube संघर्ष से सफलता तक का सफर
जब भी भारतीय क्रिकेट में ज़ोरदार छक्कों, बेखौफ बल्लेबाज़ी और हारे हुए मैच को जीत में बदलने की बात होती है, तो आज के समय में सबसे पहले जो नाम ज़हन में आता है, वो है — Shivam Dube| T20 वर्ल्ड कप 2026 जैसे-जैसे नज़दीक आ रहा है, वैसे-वैसे एक सवाल फिर से हर क्रिकेट प्रेमी के दिल में उठ रहा है क्या Shivam Dube इस बार भारत के लिए असली “गेम चेंजर” साबित होंगे?
अगर मौजूदा फॉर्म, हाल के मैचों में उनका प्रदर्शन और टीम मैनेजमेंट का भरोसा देखा जाए, तो जवाब बिल्कुल साफ है — हाँ, बिल्कुल होंगे।
शिवम दुबे का सफर कभी भी आसान नहीं रहा। मुंबई जैसे शहर में, जहां हर गली से एक से बढ़कर एक खिलाड़ी निकलता है, वहां अपनी पहचान बनाना कोई मामूली बात नहीं होती। घरेलू क्रिकेट में खुद को साबित करना, लगातार मेहनत करना और फिर टीम इंडिया तक पहुंचना — ये सब दुबे की लगन, सब्र और खुद पर यकीन का नतीजा है।
एक वक्त ऐसा भी आया जब फिटनेस की परेशानी और खराब फॉर्म की वजह से उन्हें टीम से बाहर बैठना पड़ा। लोग तरह-तरह की बातें करने लगे। कुछ ने तो यहां तक कह दिया कि दुबे सिर्फ “वन-सीजन प्लेयर” हैं, ज्यादा दिन नहीं टिक पाएंगे। लेकिन Shivam Dube ने हार मानने वालों में से होना कभी नहीं सीखा।
उन्होंने खुद को संभाला, अपनी फिटनेस पर मेहनत की, अपने खेल को बेहतर बनाया और सबसे ज़रूरी बात — अपने हौसले को टूटने नहीं दिया। उन्होंने दिन-रात प्रैक्टिस की, खुद पर भरोसा रखा और फिर ऐसी दमदार वापसी की कि देखने वाले भी हैरान रह गए।
आज वही दुबे, जिन पर कभी सवाल उठते थे, टीम इंडिया की सबसे बड़ी ताकत बनते जा रहे हैं। उनका बल्ला बोलता है, उनका जज़्बा झलकता है और उनका खेल साफ कहता है — “मैं यहां रुकने नहीं, राज करने आया हूं।”
यही वजह है कि आज करोड़ों फैंस की उम्मीदें शिवम दुबे से जुड़ी हुई हैं, और T20 वर्ल्ड कप 2026 में उनसे एक बार फिर कमाल करने की उम्मीद की जा रही है।
IPL ने बदली Shivam Dube की किस्मत
शिवम दुबे के करियर की असली पहचान बनी IPL में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए उनकी शानदार परफॉर्मेंस। जब उन्हें एमएस धोनी जैसे शांत और समझदार कप्तान के साथ खेलने का मौका मिला, तो दुबे ने बहुत कुछ सीखा — खासकर ये कि मुश्किल हालात में कैसे अपने आप को संभालकर रखा जाता है और बिना घबराए खेला जाता है।
धोनी की कप्तानी में दुबे का आत्मविश्वास और भी मज़बूत हुआ। उन्होंने सीखा कि दबाव चाहे जितना भी हो, मैदान पर दिमाग ठंडा रखना सबसे ज़रूरी होता है।
IPL के 2023, 2024 और 2025 सीज़न में Shivam Dube ने ऐसी ज़बरदस्त बल्लेबाज़ी की कि लोग उन्हें प्यार से “मिडिल ऑर्डर का सिक्स मशीन” कहने लगे। जब भी टीम फंसी होती थी, दुबे आते थे और छक्कों की बरसात कर देते थे।
खासतौर पर स्पिन गेंदबाज़ों के खिलाफ Shivam Dube का खेल देखने लायक होता था। उनका स्ट्राइक रेट 180 से भी ऊपर चला गया, जो T20 क्रिकेट में बहुत बड़ी बात मानी जाती है। यहीं से चयनकर्ताओं को भी समझ आ गया कि दुबे सिर्फ रन बनाने वाले बल्लेबाज़ नहीं हैं, बल्कि वो खिलाड़ी हैं जो अकेले दम पर मैच का पासा पलट सकते हैं यानी एक सच्चे मैच विनर।
इंटरनेशनल क्रिकेट में Shivam Dube की शानदार वापसी
सिर्फ IPL ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी Shivam Dube ने अपनी काबिलियत साबित की। साल 2024 और 2025 में उन्होंने T20 इंटरनेशनल मैचों में कमाल का प्रदर्शन किया।
अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी मज़बूत टीमों के खिलाफ उनकी पारियां खूब चर्चा में रहीं। बड़े-बड़े गेंदबाज़ों के सामने भी Shivam Dube डरे नहीं, बल्कि पूरे भरोसे के साथ शॉट खेलते नज़र आए।
हाल ही में खेले गए सीरीज़ में उन्होंने:
लगातार दो शानदार अर्धशतक लगाए
200 से ऊपर का स्ट्राइक रेट रखा
मुश्किल हालात में मैच को आखिरी दम तक ले जाकर जीत दिलाई
इन सब बातों ने ये साबित कर दिया कि शिवम दुबे छोटे खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि बड़े मंच के खिलाड़ी हैं, जो बड़े मौके पर हीरा बनकर चमकते हैं।
आज जब T20 वर्ल्ड कप 2026 पास आ रहा है, ऐसे वक्त में दुबे का ये शानदार फॉर्म टीम इंडिया के लिए किसी राहत की सांस से कम नहीं है। फैंस को पूरी उम्मीद है कि ये बल्लेबाज़ आने वाले वर्ल्ड कप में भी अपने बल्ले से कहर बरपाएगा और भारत को जीत के और करीब ले जाएगा।
“ग्लैडिएटर” क्यों कहलाते हैं दुबे?
आज शिवम दुबे को लोग प्यार से “Gladiator with a Bat” कहते हैं, और इसके पीछे कई मज़बूत वजहें हैं। ये नाम उन्हें यूँ ही नहीं मिला, बल्कि उनके खेल, जज़्बे और हिम्मत की पहचान है।
सबसे पहली बात — दुबे को डर नाम की चीज़ से कोई वास्ता नहीं।
चाहे सामने दुनिया का सबसे तेज़ गेंदबाज़ हो या कोई चालाक और अनुभवी स्पिनर, दुबे कभी घबराते नहीं। वो मैदान पर उतरते ही एक ही सोच रखते हैं — हमला करना है, पीछे नहीं हटना है। उनका अंदाज़ साफ बताता है कि वो खेलने नहीं, बल्कि जीतने आए हैं।

दूसरी बड़ी बात — दबाव में उनका असली रंग निकलता है।
जब रन रेट तेज़ हो जाता है, विकेट गिर चुके होते हैं और टीम मुश्किल में होती है, तब ज़्यादातर खिलाड़ी घबरा जाते हैं। लेकिन दुबे ऐसे मौकों पर और भी खतरनाक बन जाते हैं। यही वो वक्त होता है जब उनका बल्ला आग उगलने लगता है और मैच का नक्शा बदल जाता है।
तीसरी बात — शारीरिक ताकत और शानदार तकनीक।
दुबे का लंबा कद, मज़बूत कंधे और दमदार बैट स्विंग उन्हें छक्कों का बादशाह बनाता है। जब वो गेंद पर पूरी ताकत से वार करते हैं, तो गेंद सीधा दर्शकों के बीच जा गिरती है। यही वजह है कि उन्हें “सिक्स मारने का मास्टर” भी कहा जाता है।
और सबसे अहम बात — उनकी मानसिक मजबूती।
करियर में कई बार उनकी आलोचना हुई, सवाल उठे, लोग तरह-तरह की बातें करने लगे। लेकिन दुबे ने कभी इन बातों को दिल पर नहीं लिया। उन्होंने हमेशा खुद पर भरोसा रखा, मेहनत जारी रखी और हर बार पहले से ज़्यादा मज़बूत बनकर लौटे।
यही हिम्मत, यही सब्र और यही जुनून उन्हें एक आम खिलाड़ी से खास बनाता है।
आज जब शिवम दुबे मैदान पर उतरते हैं, तो वो सिर्फ बल्ला लेकर नहीं आते, बल्कि अपने साथ हौसले, भरोसे और जंग जीतने का जज़्बा लेकर आते हैं। और तभी तो लोग कहते हैं “ये सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्ले का असली ग्लैडिएटर है।”
T20 World Cup 2026 में भूमिका
T20 World Cup 2026 भारत और श्रीलंका में खेला जाना है, और वहां की पिचें ज़्यादातर स्पिन गेंदबाज़ों के लिए मददगार मानी जाती हैं। ऐसी पिचों पर बल्लेबाज़ी करना आसान नहीं होता, लेकिन Shivam Dube जैसे खिलाड़ी इन हालात में और भी ज़्यादा खतरनाक बन जाते हैं।
स्पिन गेंदबाज़ों के खिलाफ दुबे का आत्मविश्वास देखने लायक होता है। वो बिना डरे बड़े शॉट खेलते हैं और सामने वाले गेंदबाज़ पर दबाव बना देते हैं। यही वजह है कि इस वर्ल्ड कप में उनसे टीम को बहुत बड़ी उम्मीदें हैं।
टीम में संभावित भूमिका
Shivam Dube को टीम इंडिया में कई अहम जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं:
मिडिल ऑर्डर में पावर हिटर (नंबर 5 या 6 पर)
स्पिन गेंदबाज़ों के अटैक को तोड़ने वाले खिलाड़ी
ज़रूरत पड़ने पर पार्ट टाइम मीडियम पेस गेंदबाज़
आखिरी ओवरों में मैच फिनिश करने वाला फिनिशर
और जब टीम फंसी हो, तब मोमेंटम बदलने वाला खिलाड़ी
टीम मैनेजमेंट दुबे को एक “फ्लेक्सिबल बैट्समैन” के तौर पर देखता है, यानी ऐसा खिलाड़ी जो हालात को समझकर अपने खेल को बदल सकता है। कभी संभलकर खेलना हो, तो वो संभल जाते हैं, और जब हमला करना हो, तो पूरी ताकत से करते हैं।
कप्तान और कोच का भरोसा
हाल के दिनों में कप्तान और कोचिंग स्टाफ ने कई बार Shivam Dube की खुलकर तारीफ की है। उन्हें टीम का “X-Factor Player” बताया गया है यानी वो खिलाड़ी जो अकेले दम पर मैच का रुख पलट सकता है।
कोच ने एक इंटरव्यू में कहा था: “Shivam understands modern T20 cricket. He knows when to attack and when to hold.”
यानी दुबे को आज के T20 क्रिकेट की पूरी समझ है। उन्हें पता होता है कि कब तेज़ खेलना है और कब रुककर टीम को संभालना है।
किसी भी खिलाड़ी के लिए कप्तान और कोच का ऐसा भरोसा मिलना बहुत बड़ी बात होती है। यही भरोसा खिलाड़ी को और मज़बूत बनाता है, उसे खुलकर खेलने का हौसला देता है।
आज Shivam Dube उसी भरोसे के साथ मैदान पर उतरते हैं पूरे आत्मविश्वास, पूरे जुनून और पूरे यकीन के साथ कि वो T20 World Cup 2026 में देश के लिए कुछ खास करके दिखाएंगे।
आलोचना और जवाब
हर बड़े खिलाड़ी की तरह Shivam Dube को भी अपने करियर में काफी आलोचना झेलनी पड़ी। लोग तरह-तरह की बातें करने लगे। कोई कहता था “ये तो सिर्फ IPL का खिलाड़ी है”, कोई बोलता था “इसमें कंसिस्टेंसी नहीं है”, तो कोई ये भी कह देता था “बड़े मैच में फ्लॉप हो जाता है।”
ऐसी बातें किसी भी खिलाड़ी का हौसला तोड़ सकती हैं, लेकिन दुबे ने इन सब बातों पर कभी ज़्यादा ध्यान नहीं दिया। उन्होंने न जवाब दिया, न बहस की बस मैदान पर उतरे और अपने बल्ले से सबको जवाब दे दिया।
साल 2025-26 में उनका प्रदर्शन ऐसा रहा कि सब हैरान रह गए। उनका औसत और स्ट्राइक रेट दोनों ही करियर के सबसे अच्छे स्तर पर पहुंच गए। हर मैच में वो भरोसेमंद नज़र आने लगे। इसके बाद आलोचकों की बोलती खुद-ब-खुद बंद हो गई, और जो लोग कल तक सवाल उठा रहे थे, वही आज तारीफ करने लगे।
युवाओं के लिए एक मिसाल
आज Shivam Dube सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं हैं, बल्कि लाखों नौजवानों के लिए एक मिसाल बन चुके हैं। उनकी ज़िंदगी की कहानी हर उस इंसान को हिम्मत देती है, जो कभी न कभी हार मानने के बारे में सोचता है।
Shivam Dube की कहानी हमें ये सिखाती है कि:
नाकामी कभी आख़िरी नहीं होती
मेहनत कभी ज़ाया नहीं जाती
और खुद पर भरोसा सबसे बड़ी ताकत होता है
एक वक्त ऐसा भी था जब दुबे टीम से बाहर बैठे थे, उनका नाम तक नहीं लिया जाता था। लोग समझने लगे थे कि शायद उनका करियर अब खत्म हो गया है। लेकिन उन्होंने सब्र रखा, मेहनत जारी रखी और खुद को बेहतर बनाते रहे।
आज वही खिलाड़ी वर्ल्ड कप का मज़बूत दावेदार बन चुका है। आज वही दुबे टीम इंडिया की उम्मीदों का सहारा है।
क्या दुबे बनेंगे 2026 के हीरो?
T20 World Cup का इतिहास गवाह है कि हर टूर्नामेंट में कोई न कोई नया हीरो ज़रूर निकलकर सामने आता है। साल 2007 में युवराज सिंह, 2014 में विराट कोहली, 2022 में सूर्यकुमार यादव और 2024 में हार्दिक पांड्या — हर दौर में किसी न किसी खिलाड़ी ने देश का नाम रोशन किया है।
अब सवाल ये है कि क्या 2026 में ये नाम होगा — Shivam Dube?
मौजूदा फॉर्म, ज़बरदस्त आत्मविश्वास और बढ़ते अनुभव को देखकर यही लगता है कि ये बिल्कुल मुमकिन है। जिस तरह से दुबे इस वक्त खेल रहे हैं, जिस तरह दबाव में भी खुद को संभालते हैं, उससे साफ दिखता है कि वो बड़े मौके के खिलाड़ी बन चुके हैं।
अगर Shivam Dube अपनी यही लय बनाए रखते हैं, तो वो भारत को ट्रॉफी तक पहुंचाने में बहुत बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उनका एक अच्छा मैच भी पूरे टूर्नामेंट की तस्वीर बदल सकता है।
निष्कर्ष: बल्ले का योद्धा, टीम का मज़बूत सहारा
आज Shivam Dube धीरे-धीरे भारतीय T20 टीम की रीढ़ बनते जा रहे हैं। वो सिर्फ रन बनाने वाले खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि ऐसे बल्लेबाज़ हैं जो सामने वाली टीम का हौसला तोड़ देते हैं। जब उनका बल्ला चलता है, तो गेंदबाज़ ही नहीं, पूरी विपक्षी टीम दबाव में आ जाती है। उनका हर छक्का जैसे ये पैग़ाम देता है “मैं डरने नहीं, जीतने आया हूं।”
T20 World Cup 2026 में जब दुबे मैदान पर उतरेंगे, तो उनके हाथ में सिर्फ बल्ला नहीं होगा, बल्कि करोड़ों हिंदुस्तानियों की दुआएं, उम्मीदें और भरोसा भी साथ होगा।
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