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Padma Awards 2026 का महत्व
भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में गिने जाने वाले Padma Awards 2026 की घोषणा कर दी है। इस बार कुल 131 शख्सियतों को उनके बेहतरीन काम और आजीवन योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।
इस साल के Padma Awards 2026 में
5 विभूतियों को पद्म विभूषण,
13 को पद्म भूषण और
113 को पद्म श्री से नवाज़ा गया है।
ये तमाम सम्मान उन लोगों को दिए जाते हैं जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण काम करके देश और समाज का नाम रोशन किया है।
Padma Awards सिर्फ किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होते। ये सम्मान कला और संस्कृति, शिक्षा, विज्ञान, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, उद्योग, साहित्य और सार्वजनिक जीवन जैसे कई क्षेत्रों में बेहतरीन योगदान देने वालों को दिए जाते हैं। इसका मकसद उन लोगों को पहचान देना है, जो खामोशी से समाज के लिए बड़ा काम करते हैं और दूसरों के लिए मिसाल बनते हैं।
Padma Awards भारत के सबसे ऊँचे और इज़्ज़तदार नागरिक सम्मानों में शुमार हैं। ये सम्मान राष्ट्रपति के नाम पर भारत सरकार द्वारा प्रदान किए जाते हैं। खास बात यह है कि इन्हें पाने के लिए किसी की जाति, धर्म, लिंग या पृष्ठभूमि नहीं देखी जाती — सिर्फ काम और योगदान को अहमियत दी जाती है।
Padma Awards तीन दर्जों में दिए जाते हैं—
पद्म विभूषण (सबसे बड़ा सम्मान),
उसके बाद पद्म भूषण,
और फिर पद्म श्री।
इस साल जिन नामों की घोषणा हुई है, उनमें देश के जाने-माने कलाकार, वैज्ञानिक, विद्वान, खिलाड़ी, समाजसेवी, उद्योगपति, डॉक्टर और अलग-अलग क्षेत्रों के हुनरमंद लोग शामिल हैं। इन सभी ने अपनी मेहनत, लगन और जज़्बे से देश के लिए कुछ खास किया है।
कुल मिलाकर, Padma Awards 2026 उन तमाम लोगों के लिए एक बड़ा सलाम हैं, जिन्होंने अपनी ज़िंदगी देश और समाज की बेहतरी के लिए दी। ये सम्मान न सिर्फ उनकी मेहनत की पहचान हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक पैग़ाम भी हैं कि सच्ची लगन और ईमानदारी से किया गया काम कभी बेकार नहीं जाता।
Padma Awards: प्रमुख नाम और उनके योगदान
इस साल Padma Awards की फेहरिस्त में कई ऐसे नाम शामिल हैं, जिन्होंने अपने हुनर, मेहनत और लगन से न सिर्फ देश में बल्कि दुनिया भर में भारत का नाम रौशन किया है। ये सभी शख्सियतें अपने-अपने मैदान में एक अलग पहचान रखती हैं और लाखों लोगों के लिए प्रेरणा हैं।
पद्म विभूषण (5)
पद्म विभूषण देश का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान माना जाता है। इस बार जिन नामों को इस इज़्ज़त से नवाज़ा गया है, उनमें कुछ बेहद खास और यादगार शख्सियतें शामिल हैं।
दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को अभिनय की दुनिया में उनके बेमिसाल और आजीवन योगदान के लिए मरणोपरांत पद्म विभूषण दिया जा रहा है। उनकी अदाकारी, सादगी और दमदार किरदार आज भी लोगों के दिलों में ज़िंदा हैं।
वहीं, वी. एस. अच्युतानंदन, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री, को सार्वजनिक सेवा और सशक्त नेतृत्व के लिए इस सम्मान से नवाज़ा गया है। उनके लंबे राजनीतिक सफर और जनसेवा को यह एक बड़ा सम्मान माना जा रहा है। इसके अलावा, बाकी तीन नाम कला, सामाजिक सेवा और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, जिन्होंने खामोशी से समाज के लिए बड़ा काम किया है।
पद्म भूषण (13)
पद्म भूषण से इस साल जिन 13 विभूतियों को सम्मानित किया गया है, उनमें भी कई चर्चित और प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं। अल्का याग्निक, जिनकी आवाज़ ने हिंदी सिनेमा को दशकों तक सजाया, को संगीत के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए चुना गया है।

साउथ इंडियन सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी को उनकी शानदार अभिनय यात्रा और यादगार किरदारों के लिए सम्मान मिल रहा है। उद्योग और बैंकिंग जगत की बड़ी शख्सियत उदय कोटक को उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और आर्थिक क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म भूषण दिया जा रहा है।
आदिवासी नेता और समाजसेवी शिबू सोरेन को सार्वजनिक जीवन में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए इस सम्मान से नवाज़ा गया है। विज्ञापन की दुनिया में रचनात्मकता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाले पियूष पांडे को भी पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है।
पद्म श्री (113)
पद्म श्री उन लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में विशिष्ट सेवा और उत्कृष्ट कार्य किया हो। इस साल की सूची में 113 नाम शामिल हैं, जो समाज के अलग-अलग हिस्सों से आते हैं।
इसमें पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यकर्ता, समाजसेवी, शिक्षक, वैज्ञानिक, डॉक्टर, कलाकार और खेल जगत के नायक शामिल हैं, जिन्होंने बिना किसी दिखावे के देश की सेवा की है।
क्रिकेट के चमकते सितारे रोहित शर्मा को इस साल पद्म श्री से नवाज़ा जा रहा है। मैदान पर उनके शानदार प्रदर्शन और भारतीय क्रिकेट को नई पहचान देने के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
भारतीय महिला हॉकी टीम की मज़बूत दीवार कही जाने वाली गोलकीपर सविता पुनिया को खेल के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए यह सम्मान मिल रहा है।
साथ ही, मध्य प्रदेश के मोहन नगर जैसे जमीनी स्तर पर काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी पद्म श्री दिया जा रहा है, जिन्होंने समाज की भलाई के लिए चुपचाप लेकिन असरदार काम किया है।
कुल मिलाकर, इस साल के Padma Awards उन तमाम लोगों के लिए एक दिल से निकला हुआ सलाम हैं, जिन्होंने अपने हुनर और खिदमत से देश की शान बढ़ाई है। ये सम्मान इस बात की गवाही हैं कि अगर नीयत साफ़ हो और मेहनत सच्ची हो, तो पहचान खुद-ब-खुद मिल जाती है।
विविध क्षेत्रों में योगदान
Padma Awards सिर्फ़ कला या खेल तक ही सीमित नहीं होते, बल्कि ये उन तमाम लोगों को दिए जाते हैं जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में देश की ख़िदमत की है और अपने काम से बेहतरीन मिसाल क़ायम की है। इन सम्मानों का दायरा बहुत वसीअ है और इसमें समाज के हर तबके से जुड़े लोग शामिल होते हैं।
कला और संस्कृति के क्षेत्र में भारतीय संगीत, सिनेमा, नृत्य, रंगमंच और लोक कलाओं से जुड़े ऐसे दिग्गजों को सम्मान मिलता है, जिन्होंने हमारी तहज़ीब और विरासत को ज़िंदा रखा और दुनिया तक पहुँचाया।
शिक्षा और साहित्य के तहत उन शिक्षाविदों, लेखकों और विद्वानों को सराहा जाता है, जिन्होंने अपने इल्म, लेखन और तालीम के ज़रिये समाज को जागरूक किया और नई पीढ़ी को सोचने-समझने की राह दिखाई।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी में वे वैज्ञानिक और शोधकर्ता शामिल होते हैं, जिन्होंने अपनी खोजों और अनुसंधान से देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत का नाम रौशन किया है।
सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उन लोगों को Padma Awards दिया जाता है, जिन्होंने वंचितों, ग़रीबों, बीमारों, पर्यावरण संरक्षण और इंसानियत की भलाई के लिए अपनी ज़िंदगी वक़्फ़ कर दी। ऐसे लोग अक्सर पर्दे के पीछे रहकर बड़ा काम करते हैं।
खेल के मैदान में वे खिलाड़ी सम्मानित होते हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर तिरंगे का मान बढ़ाया और देश को गर्व महसूस कराया।

कुल मिलाकर, Padma Awards उन तमाम हाथों को सलाम हैं जो अलग-अलग रास्तों से चलकर एक ही मक़सद तक पहुँचे — देश की सेवा, समाज की भलाई और भारत की शान को बुलंद करना।
Padma Awards की प्रक्रिया और तिथि
Padma Awards के लिए नाम आम लोग, संस्थान और अलग-अलग संगठन भी भेज सकते हैं। यानी इसके लिए किसी बड़े ओहदे या सिफ़ारिश की ज़रूरत नहीं होती, बल्कि जिसे लगता है कि किसी शख्स ने वाक़ई देश और समाज के लिए बेहतरीन काम किया है, वह उसका नाम आगे बढ़ा सकता है।
नामांकन की पूरी प्रक्रिया राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के ज़रिये ऑनलाइन होती है। यह सिस्टम काफ़ी साफ़-सुथरा और पारदर्शी रखा गया है, ताकि हर किसी को बराबरी का मौक़ा मिले। इसके बाद विशेषज्ञों की एक समिति सभी नामों की गहराई से जाँच-पड़ताल करती है और उसी के आधार पर अंतिम फ़ैसला लिया जाता है।
सरकार हर साल 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की सूची सार्वजनिक करती है। इसके बाद चुने गए विजेताओं को मार्च या अप्रैल के महीने में राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में एक भव्य समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्वारा खुद सम्मानित किया जाता है।
इस पूरी प्रक्रिया का मक़सद यही होता है कि सच्ची मेहनत, ईमानदार खिदमत और समाज के लिए किए गए काम को सही पहचान और इज़्ज़त मिल सके बिना किसी भेदभाव और दिखावे के।
Padma Awards: भारत की महान यात्रा और सम्मान
साल 2026 के Padma Awards में 131 शख्सियतों को सम्मानित किया जाना सिर्फ़ उनकी व्यक्तिगत कामयाबियों की पहचान भर नहीं है, बल्कि यह भारत की विविधता, हुनर, सेवा-भावना और राष्ट्र के लिए गहरी वफ़ादारी का भी आईना है। ये सभी लोग देश के अलग-अलग कोनों से आए हैं और हर किसी ने अपने-अपने क्षेत्र में मेहनत, ईमानदारी और जज़्बे के साथ काम किया है।
इन विभूतियों का योगदान न सिर्फ़ संतुलित है, बल्कि दूसरों के लिए प्रेरणा देने वाला भी है। कहीं कोई समाज की खिदमत में लगा है, तो कहीं कोई कला, शिक्षा, विज्ञान या खेल के ज़रिये देश का नाम रौशन कर रहा है। यही वजह है कि ये चयन पूरे समाज को साथ लेकर चलने वाले और सबको शामिल करने वाले माने जाते हैं।
असल में, Padma Awards महज़ एक सम्मान नहीं हैं। ये उन तमाम सपनों, दास्तानों और संघर्षों की पहचान हैं, जो देश की तरक़्क़ी और इंसानियत की भलाई के लिए किए गए हैं। ये उन लोगों की कहानी कहते हैं जिन्होंने मुश्किल हालात में भी हार नहीं मानी और अपने काम से समाज को बेहतर बनाने की कोशिश की।
ये Padma Awards हमें बार-बार याद दिलाते हैं कि भारत की असली ताक़त उसके लोग हैं उनकी सेवा, उनकी प्रतिबद्धता और हर हाल में बेहतर करने की कोशिश। यही जज़्बा देश को आगे बढ़ाता है और आने वाली पीढ़ियों को एक नई राह दिखाता है।
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