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Attack: PM Modi का Congress पर सीधा हमला, देश की Growth के खिलाफ साजिश का आरोप

Attack: PM Modi का Congress पर सीधा हमला, देश की Growth के खिलाफ साजिश का आरोप

PM Modi: “भारत की तरक्की के खिलाफ ताकतों की कठपुतली”

PM Modi ने एक बार फिर विपक्ष की बड़ी पार्टी Indian National Congress पर काफ़ी सख़्त और तीखा हमला बोला है। असम के सिलचर शहर में एक बड़ी जनसभा को ख़िताब करते हुए Prime Minister ने कांग्रेस पर इल्ज़ाम लगाया कि वह उन ताक़तों की “puppet” बनकर काम कर रही है जो भारत की तेज़ रफ़्तार से हो रही तरक़्क़ी और दुनिया में बढ़ती हुई हैसियत को हज़्म नहीं कर पा रही हैं।

PM Modi का यह बयान ऐसे वक़्त में सामने आया है जब मुल्क की सियासत पहले ही काफ़ी गर्म है। अलग-अलग मुद्दों को लेकर ruling party और opposition के दरमियान तेज़ बयानबाज़ी का सिलसिला लगातार चल रहा है। हर तरफ़ political debate और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बना हुआ है।

अपने ख़िताब में Narendra Modi ने कहा कि आज भारत तेज़ी से development की तरफ़ बढ़ रहा है। दुनिया के बड़े-बड़े मुल्क भी अब India की economic growth और global influence को गंभीरता से देखने लगे हैं। उन्होंने कहा कि infrastructure, technology, digital economy और international relations जैसे कई अहम क्षेत्रों में देश ने पिछले कुछ सालों में काफ़ी तेज़ रफ़्तार से तरक़्क़ी की है।

Prime Minister ने अपने अंदाज़-ए-बयान में यह भी कहा कि जब कोई मुल्क इतनी तेज़ी से आगे बढ़ता है, तो कुछ ताक़तों को यह बात पसंद नहीं आती। उनके मुताबिक़ ऐसी ताक़तें चाहती हैं कि भारत की growth धीमी पड़ जाए या रुक जाए। Narendra Modi का कहना था कि कुछ political parties अनजाने में या जानबूझकर उन्हीं ताक़तों के narrative को आगे बढ़ाने लगती हैं।

Modi ने अपने speech में कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि opposition की यह party कई बार ऐसे मुद्दों को हवा देती है जिससे देश की image international level पर प्रभावित होती है। उनका कहना था कि जब पूरा देश मिलकर development की तरफ़ बढ़ रहा हो, तब ऐसी politics से बचना चाहिए जो मुल्क के interests को नुक़सान पहुँचा सकती है।

Prime Minister ने यह भी कहा कि आज भारत की economy दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती economies में गिनी जा रही है। बड़ी global companies भारत में investment करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं और नए-नए startup भी तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। उनके मुताबिक़ यह सब इसलिए मुमकिन हुआ है क्योंकि देश में policy reforms और development projects पर लगातार काम किया जा रहा है।

Narendra Modi ने अपने भाषण में यह भी इशारा किया कि कुछ लोग भारत की success को देख कर परेशान हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी ताक़तें चाहती हैं कि देश के अंदर confusion और political instability पैदा हो, ताकि development की रफ़्तार धीमी पड़ जाए। Prime Minister का दावा था कि कांग्रेस कई बार ऐसी ही politics करती दिखाई देती है।

उन्होंने जनता से यह भी कहा कि देश की तरक़्क़ी के इस सफ़र में हर नागरिक की अहम भूमिका है। Modi के मुताबिक़ जब जनता development और stability को प्राथमिकता देती है, तब ही कोई मुल्क आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत का future बहुत उज्ज्वल है और आने वाले सालों में देश global stage पर और भी मज़बूत होकर उभरेगा।

Silchar की इस rally में Prime Minister के इस बयान के बाद सियासी हलकों में नई बहस शुरू हो गई है। political experts का मानना है कि आने वाले दिनों में ruling party और opposition के बीच इस मुद्दे को लेकर बयानबाज़ी और तेज़ हो सकती है।

कुल मिलाकर Narendra Modi का यह बयान देश की मौजूदा politics में एक नई discussion को जन्म दे चुका है। एक तरफ़ सरकार development और growth की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ़ opposition सरकार की policies पर सवाल उठा रही है। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह सियासी बहस किस दिशा में आगे बढ़ती है।

Congress पर मोदी का बड़ा आरोप

Narendra Modi ने अपने ख़िताब में यह भी कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से आगे बढ़ने वाली economies में शुमार हो चुका है। उनके मुताबिक़ मुल्क की economic growth जिस रफ़्तार से आगे बढ़ रही है, वह पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ़ खींच रही है। ऐसे में कुछ ताक़तें ऐसी भी हैं जिन्हें भारत की यह कामयाबी और तरक़्क़ी रास नहीं आ रही, और वे इससे असहज महसूस कर रही हैं।

Prime Minister ने इल्ज़ाम लगाते हुए कहा कि Indian National Congress कई बार ऐसी ही ताक़तों के इशारों पर चलती हुई नज़र आती है। उनका कहना था कि जब पूरा देश development की नई बुलंदियों को छूने की कोशिश कर रहा है, उस वक़्त कांग्रेस बार-बार ऐसे मुद्दे उठाती है जिनसे भारत की global image पर असर पड़ सकता है।

Modi ने अपने अंदाज़-ए-बयान में कहा कि जब मुल्क तरक़्क़ी की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा हो, तब ज़रूरत इस बात की होती है कि हर political party देश के हित को सबसे ऊपर रखे। लेकिन उनके मुताबिक़ कांग्रेस की politics कई बार ऐसी दिखाई देती है जिसमें मुल्क के हित से ज़्यादा सियासी फ़ायदे को अहमियत दी जाती है।

Prime Minister ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने काफ़ी लंबे अरसे तक देश पर हुकूमत की है। इतने सालों तक सत्ता में रहने के बावजूद कई अहम sectors में वैसी तरक़्क़ी नहीं हो पाई जिसकी उम्मीद की जाती थी। उन्होंने इशारे-इशारे में कहा कि उस दौर में कई मौक़े ऐसे थे जब देश तेज़ी से आगे बढ़ सकता था, लेकिन policies और planning की कमी की वजह से वह रफ़्तार नहीं बन पाई।

PM Modi ने दावा किया कि पिछले कुछ सालों में केंद्र सरकार ने कई बड़े और अहम क़दम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि infrastructure, digital economy और global partnerships जैसे अहम क्षेत्रों में बड़े-बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। सड़कों, रेल, एयरपोर्ट और दूसरे development projects पर तेज़ी से काम किया जा रहा है, जिससे देश की economy को नई ताक़त मिल रही है।

PM Modi के मुताबिक़ आज भारत सिर्फ़ अपने अंदर ही नहीं बल्कि international level पर भी मज़बूत partnership बना रहा है। दुनिया के कई बड़े मुल्कों के साथ trade, technology और investment के नए रास्ते खुल रहे हैं। उनका कहना था कि इन क़दमों की वजह से भारत की global पहचान और भी मज़बूत हुई है और आने वाले सालों में देश की growth और तेज़ हो सकती है।

उन्होंने अपने भाषण में यह भी कहा कि जब देश के अंदर development projects और economic reforms की रफ़्तार बढ़ती है, तब कुछ लोग उसे politics का मुद्दा बना देते हैं। Modi के मुताबिक़ यह सही रवैया नहीं है, क्योंकि देश की तरक़्क़ी किसी एक party की नहीं बल्कि पूरे मुल्क की तरक़्क़ी होती है।

Prime Minister ने आख़िर में यह भरोसा जताया कि अगर देश इसी तरह unity और development के रास्ते पर आगे बढ़ता रहा, तो आने वाले समय में भारत दुनिया की सबसे मज़बूत economies में से एक बनकर उभरेगा।

असम की रैली में विकास का एजेंडा

असम में हुई इस बड़ी rally के दौरान PM Modi ने सिर्फ़ सियासत पर ही बात नहीं की, बल्कि राज्य और पूरे North East में हुए development कामों का भी तफ़्सील से ज़िक्र किया। अपने ख़िताब में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में North East के इलाक़ों में development की रफ़्तार पहले के मुक़ाबले काफ़ी तेज़ हुई है।

PM Modi ने बताया कि इस पूरे region में road connectivity, railway network, air connectivity और industry sector में बड़े पैमाने पर investment किया गया है। उनके मुताबिक़ नई-नई सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, रेलवे लाइनों का विस्तार हो रहा है और कई नए airports भी बनाए जा रहे हैं, ताकि North East के शहर सीधे देश के दूसरे हिस्सों से जुड़ सकें।

PM Modi ने अपने भाषण में यह भी कहा कि पहले एक वक़्त ऐसा था जब North East को देश की development journey से काफ़ी हद तक अलग समझा जाता था। कई लोग मानते थे कि यह इलाक़ा मुख्यधारा से दूर है। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और यह पूरा region धीरे-धीरे भारत की economic growth का एक अहम center बनता जा रहा है।

PM Modi के मुताबिक़ केंद्र सरकार ने North East के राज्यों में connectivity और investment बढ़ाने के लिए कई बड़ी projects शुरू की हैं। इन projects का मक़सद यह है कि यहाँ के लोगों को बेहतर infrastructure मिले, नए industries आएँ और युवाओं के लिए ज़्यादा से ज़्यादा opportunities पैदा हों।

PM Modi ने North East के युवाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि यहाँ के नौजवानों में talent और energy की कोई कमी नहीं है। उनके मुताबिक़ अगर उन्हें सही मौक़े और सही platform मिल जाएँ, तो वे देश की तरक़्क़ी में बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं। PM Modi ने भरोसा जताया कि सरकार लगातार ऐसे क़दम उठा रही है जिससे North East के youth को education, employment और entrepreneurship के बेहतर मौक़े मिल सकें।

“हार का शतक लगाने जा रही है कांग्रेस”

अपने भाषण के दौरान Prime Minister ने सियासी अंदाज़ में Indian National Congress पर तंज भी कसा। उन्होंने हल्के व्यंग्य के लहजे में कहा कि कांग्रेस लगातार चुनावों में हार का सामना कर रही है और ऐसा लगता है कि पार्टी अब “हार का शतक” लगाने की तरफ़ बढ़ रही है।

PM Modi ने कहा कि आज देश की जनता politics से ज़्यादा development, stability और strong leadership को अहमियत देने लगी है। उनके मुताबिक़ यही वजह है कि कई चुनावों में जनता ने लगातार BJP और NDA alliance को अपना support दिया है।

PM Modi का कहना था कि जब देश को एकजुट होकर चुनौतियों का सामना करना चाहिए, तब opposition कई बार ऐसे मुद्दों को हवा देने लगती है जिनसे सियासी फ़ायदा तो मिल सकता है, लेकिन मुल्क के माहौल पर असर पड़ता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि opposition की politics कई बार सिर्फ़ political advantage हासिल करने तक सीमित रह जाती है, जबकि ज़रूरत इस बात की है कि देश के बड़े मुद्दों पर सब मिलकर काम करें।

PM Modi ने अपने ख़िताब के आख़िर में यह भी कहा कि भारत आज एक नए दौर में दाख़िल हो रहा है, जहाँ development और progress सबसे बड़ा agenda बन चुका है। उनके मुताबिक़ अगर देश इसी तरह unity और positive approach के साथ आगे बढ़ता रहा, तो आने वाले सालों में भारत दुनिया की सबसे मज़बूत economies में शामिल हो सकता है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

PM Modi के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में एक नई बहस शुरू हो गई है। कई political circles में इस मुद्दे पर काफ़ी चर्चा हो रही है। वहीं Indian National Congress और दूसरे opposition दलों ने भी इस पर तेज़ reaction दिया है। उनका कहना है कि Modi government अक्सर आलोचना से बचने के लिए opposition को निशाना बनाती है और हर मुद्दे को सियासी रंग देने की कोशिश करती है।

कांग्रेस के senior leader Rahul Gandhi पहले भी कई मौक़ों पर केंद्र सरकार की policies की आलोचना करते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने United States के साथ हुए एक trade agreement को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए थे। Rahul Gandhi का कहना था कि इस तरह के कुछ समझौते ऐसे हो सकते हैं जिनसे भारत के economic interests को नुकसान पहुँच सकता है।

Rahul Gandhi के मुताबिक़ सरकार की कुछ policies ऐसी भी हैं जो देश की economic independence के लिए चुनौती बन सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई फ़ैसले ऐसे हैं जिनका असर किसानों और छोटे व्यापारियों पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि सरकार को बड़े international agreements करते वक़्त देश के किसानों और local industries के हितों को सबसे पहले ध्यान में रखना चाहिए।

इस पूरे मुद्दे को लेकर अब सरकार और opposition के दरमियान सियासी टकराव और भी ज़्यादा तेज़ हो गया है। दोनों तरफ़ से लगातार बयान सामने आ रहे हैं और political debate का माहौल काफ़ी गर्म होता जा रहा है।

सियासी बयानबाज़ी क्यों बढ़ रही है?

Political experts का मानना है कि आने वाले वक़्त में कई राज्यों में elections होने वाले हैं। इसी वजह से सियासत का माहौल धीरे-धीरे और ज़्यादा गर्म होता जा रहा है। चुनाव नज़दीक आते ही ruling party और opposition दोनों अपने-अपने supporters को मज़बूत message देने की कोशिश करते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक़ हर political party चाहती है कि जनता के सामने उसका narrative मज़बूती से पहुँचे। इसी वजह से rallies, speeches और public statements में बयानबाज़ी का स्तर तेज़ हो जाता है।

Political analysts का यह भी कहना है कि PM Modi अपने speeches में अक्सर development, national pride और देश की global position को मुख्य मुद्दा बनाते हैं। उनके भाषणों में infrastructure, economy और भारत की बढ़ती international reputation का ज़िक्र अक्सर देखने को मिलता है।

वहीं दूसरी तरफ़ opposition parties का focus ज़्यादातर सरकार की policies और decisions पर सवाल उठाने पर होता है। opposition का कहना होता है कि लोकतंत्र में सरकार के फ़ैसलों पर सवाल उठाना और उनकी आलोचना करना भी उतना ही ज़रूरी है।

सियासी जानकारों का मानना है कि यह पूरा सिलसिला भारतीय लोकतंत्र का एक सामान्य और कुदरती हिस्सा है। लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस और मतभेद होना स्वाभाविक माना जाता है।

आख़िरकार, इन सारी सियासी बहसों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच जनता ही वह ताक़त होती है जो चुनाव के वक़्त तय करती है कि किस party की policies और leadership पर उसे ज़्यादा भरोसा है।

भारत की वैश्विक भूमिका पर जोर

PM Modi ने अपने ख़िताब में यह भी कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को एक मज़बूत और भरोसेमंद global partner के तौर पर देखने लगी है। उनके मुताबिक़ पिछले कुछ सालों में भारत की economy, technology sector और startup ecosystem काफ़ी तेज़ी से आगे बढ़े हैं।

PM Modi का कहना था कि आज दुनिया की कई बड़ी companies और investors भारत में दिलचस्पी दिखा रहे हैं और इसे future growth का अहम center मान रहे हैं।

PM Modi ने यह भी कहा कि अब भारत सिर्फ़ एक developing country भर नहीं रहा, बल्कि धीरे-धीरे ऐसा देश बनता जा रहा है जिसकी आवाज़ global level पर भी अहमियत रखती है। उनके मुताबिक़ आज international मंचों पर भारत की राय को गंभीरता से सुना जाता है और कई global फैसलों में भारत की भूमिका लगातार मज़बूत होती जा रही है।

PM Modi के अनुसार सरकार का एक बड़ा लक्ष्य यह भी है कि आज़ादी के 100 साल पूरे होने तक यानी 2047 तक भारत को एक developed nation बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इसी मक़सद को सामने रखकर सरकार अलग-अलग sectors में लगातार काम कर रही है, ताकि देश की economy और infrastructure दोनों मज़बूत बन सकें और लोगों की ज़िंदगी में भी बेहतर बदलाव आए।

आगे की सियासत कैसी होगी?

PM Modi के इस बयान के बाद यह साफ़ दिखाई देने लगा है कि आने वाले महीनों में ruling side और opposition के दरमियान सियासी टकराव और भी तेज़ हो सकता है। development, economic policy, foreign policy और national security जैसे मुद्दों पर बहस का सिलसिला आगे भी जारी रहने की पूरी उम्मीद है।

Political experts का मानना है कि भारतीय लोकतंत्र में इस तरह की तेज़ और कभी-कभी तीखी बहसें कोई नई बात नहीं हैं। election politics में अक्सर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहता है। अलग-अलग parties अपने-अपने नज़रिये से मुद्दों को जनता के सामने रखती हैं और अपनी policies को बेहतर बताने की कोशिश करती हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक़ लोकतंत्र की यही ख़ूबसूरती है कि यहाँ हर party को अपनी बात रखने का मौक़ा मिलता है। आख़िर में फ़ैसला जनता ही करती है कि किसकी policy, vision और leadership पर उसे ज़्यादा भरोसा है।

असम की इस rally में PM Modi का कांग्रेस को “भारत की तरक़्क़ी के खिलाफ ताक़तों की puppet” बताने वाला बयान अब देश की सियासत में एक नई discussion का topic बन चुका है। एक तरफ़ Bharatiya Janata Party का कहना है कि opposition development के agenda के ख़िलाफ़ politics कर रही है, वहीं दूसरी तरफ़ Indian National Congress और बाकी opposition parties सरकार की policies और फ़ैसलों पर सवाल उठा रही हैं।

सियासी जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में यह बहस और भी तेज़ हो सकती है, क्योंकि देश की politics अब धीरे-धीरे अगले elections की तरफ़ बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में rallies, speeches और political debates में इस तरह की बयानबाज़ी और ज़्यादा सुनने को मिल सकती है।

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