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PM Viksit Bharat Rozgar Yojana 2025 – एक नई उम्मीद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को लाल किले से देश को संबोधित करते हुए एक नई और ऐतिहासिक योजना का एलान किया – प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM Viksit Bharat Rozgar Yojana) । भारत को हमेशा से “युवा देश” कहा जाता है, क्योंकि यहाँ की ज़्यादातर आबादी 35 साल से कम उम्र के नौजवानों की है। इतने सारे युवाओं के लिए रोज़गार की व्यवस्था करना सरकार की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी भी है और सबसे बड़ी चुनौती भी।

इस योजना का सीधा मकसद है युवाओं को उनकी पहली नौकरी दिलाने में मदद करना और कंपनियों को भी नए लोगों को काम पर रखने के लिए प्रोत्साहित करना। यानी सरकार चाहती है कि एक तरफ़ नौजवानों को रोजगार का मौका मिले और दूसरी तरफ़ उद्योग-धंधों को भी मज़बूत किया जाए।
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana लागू होने की तारीख
इस योजना की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से की थी। उसी दिन से यानी 15 अगस्त 2025 से ही इस योजना को पूरे देश में लागू भी कर दिया गया।
सरकार ने साफ़ कहा है कि इस योजना का फायदा उन लोगों को मिलेगा जिन्हें 1 अगस्त 2025 से लेकर 31 जुलाई 2027 के बीच रोजगार मिलेगा या जो नियोक्ता (Employer) इस दौरान नए कर्मचारियों को नौकरी पर रखेंगे। यानी लगभग दो साल तक यह योजना लागू रहेगी और लाखों युवाओं व कंपनियों को इसका लाभ मिल सकेगा।
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana का बजट और लक्ष्य
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana के लिए सरकार ने करीब 1 लाख करोड़ रुपये (यानी ₹99,446 करोड़) का बहुत बड़ा फंड रखा है। इतना बड़ा बजट दिखाता है कि सरकार युवाओं को रोजगार दिलाने को लेकर कितनी गंभीर है।सरकार का साफ़ मकसद है कि अगले दो सालों में लगभग 3.5 करोड़ नई नौकरियाँ बनाई जाएँ।
अगर यह लक्ष्य पूरा होता है तो करोड़ों युवाओं को पहली नौकरी मिलने का मौका मिलेगा और कंपनियों को भी नए कर्मचारियों को रखने का उत्साह मिलेगा।इसे अब तक का सबसे बड़ा Employment Promotion Campaign कहा जा रहा है, क्योंकि पहले कभी इतनी बड़ी स्कीम के तहत इतनी नौकरियाँ देने का लक्ष्य नहीं रखा गया था।
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana के दो बड़े हिस्से
यह योजना दो भागों में बांटी गई है –
भाग A – युवाओं के लिए (पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारी)
अगर कोई युवा पहली बार नौकरी करता है और वह नौकरी किसी ऐसे प्राइवेट सेक्टर की कंपनी में है जो EPFO (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) में रजिस्टर्ड है, तो उसे इस योजना का सीधा फायदा मिलेगा। शर्त बस इतनी है कि उसकी सैलरी महीने की ₹1 लाख तक होनी चाहिए|
अगर ये कंडीशन पूरी होती है तो सरकार सीधे उस युवक को ₹15,000 का कैश इंसेंटिव (प्रोत्साहन राशि) देगी।इसका मतलब ये हुआ कि न केवल नौकरी मिलने की खुशी होगी बल्कि शुरुआत में सरकार की तरफ से एक बोनस गिफ्ट जैसा सपोर्ट भी मिलेगा, जिससे युवा और ज्यादा मोटिवेटेड होकर काम शुरू कर सके।
यह राशि दो किस्तों में दी जाएगी:
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana के तहत सरकार ने साफ कर दिया है कि युवाओं को ₹15,000 की प्रोत्साहन राशि एक साथ नहीं मिलेगी, बल्कि इसे दो हिस्सों (किस्तों) में दिया जाएगा।
पहली किस्त – जब युवा अपनी नई नौकरी में 6 महीने पूरे कर लेगा, तभी उसे पहली किस्त के पैसे उसके बैंक अकाउंट में भेज दिए जाएंगे।
दूसरी किस्त – दूसरी किस्त तब मिलेगी जब वह युवा 12 महीने यानी पूरा 1 साल नौकरी में टिकेगा और इसके साथ-साथ सरकार द्वारा चलाए जाने वाले Financial Literacy Program (वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम) को भी पूरा करेगा।
खास बात ये है कि ये पैसा DBT (Direct Benefit Transfer) के ज़रिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डाला जाएगा। यानी बीच में कोई बिचौलिया या झंझट नहीं होगा।सरकार का अंदाज़ा है कि आने वाले समय में करीब 1.92 करोड़ युवा इस योजना का फायदा उठाएँगे और उन्हें सीधा आर्थिक सहयोग मिलेगा।
भाग B – नियोक्ताओं (कंपनियों) के लिए
इस योजना में सिर्फ युवाओं को ही नहीं, बल्कि कंपनियों को भी फायदा मिलेगा।अगर कोई कंपनी किसी नए युवा को नौकरी पर रखती है, तो सरकार उस कंपनी को भी हर महीने ₹3,000 की मदद प्रति कर्मचारी के हिसाब से देगी।यह आर्थिक मदद लगातार दो साल तक मिलती रहेगी, बशर्ते कि वह कर्मचारी कम से कम 6 महीने तक नौकरी पर टिका रहे।
खास बात यह है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (जहाँ फैक्ट्रियाँ और उद्योग शामिल हैं) के लिए सरकार ने इसे और आगे बढ़ाया है। यहाँ कंपनियों को यह प्रोत्साहन सिर्फ दो साल नहीं बल्कि तीसरे और चौथे साल तक भी मिलेगा।
यानि एक तरह से देखा जाए तो सरकार युवाओं को नौकरी दिलाने के साथ-साथ कंपनियों को भी extra boost दे रही है ताकि वे बिना झिझक ज्यादा से ज्यादा नए लोगों को नौकरी पर रखें।
भुगतान और पारदर्शिता की व्यवस्था
सरकार ने PM Viksit Bharat Rozgar Yojana के तहत पैसे ट्रांसफर करने का पूरा सिस्टम बहुत सुरक्षित और सीधा रखा है।इसके लिए Aadhaar Bridge Payment System (ABPS) और PAN से जुड़े बैंक अकाउंट्स का इस्तेमाल किया जाएगा।
इसका मतलब यह हुआ कि किसी भी तरह की बिचौलागिरी, भ्रष्टाचार या बीच में गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।पैसा सीधे और तुरंत लाभार्थी के बैंक खाते में पहुँच जाएगा। सरकार चाहती है कि हर युवा और हर कंपनी तक बिना देरी और बिना झंझट के सही समय पर पूरी रकम पहुँचे।इससे लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा और योजना का फायदा भी बिल्कुल साफ़ और पारदर्शी तरीके से मिलेगा।
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana की प्रमुख विशेषताएँ
- युवाओं को पहला रोजगार प्रोत्साहन – पहली नौकरी में ₹15,000 तक की सहायता।
- कंपनियों के लिए प्रोत्साहन – नई भर्तियों पर दो साल तक हर महीने ₹3,000।
- बड़ा रोजगार लक्ष्य – 3.5 करोड़ युवाओं को रोजगार से जोड़ने का संकल्प।
- लंबी अवधि का असर – योजना का सीधा फायदा न सिर्फ युवाओं को मिलेगा बल्कि निजी सेक्टर की कंपनियाँ भी ज्यादा नौकरियाँ निकालने के लिए प्रेरित होंगी।
- वित्तीय साक्षरता – युवाओं को बचत और वित्तीये समझदारी की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana का महत्व
भारत में हर साल लाखों लड़के-लड़कियाँ ग्रेजुएशन या फिर डिप्लोमा की पढ़ाई पूरी करके नौकरी की तलाश में निकलते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि पहली नौकरी पाना इतना आसान नहीं होता। ज़्यादातर कंपनियाँ नए लोगों को सिर्फ इसलिए नहीं रखतीं क्योंकि उनके पास पहले का कोई अनुभव नहीं होता।
अब इस मुश्किल को आसान बनाने के लिए सरकार सामने आई है। इस नई योजना के ज़रिए सरकार ने दोनों पक्षों – यानी नौकरी खोजने वाले युवाओं और नौकरी देने वाली कंपनियों – की दिक्कत का हल निकालने की कोशिश की है।
युवाओं को पहली नौकरी मिलते ही सरकार की तरफ से आर्थिक मदद मिलेगी। इसका मतलब यह हुआ कि नए नौकरीपेशा युवाओं की जेब में शुरुआत से ही थोड़ा अतिरिक्त पैसा पहुँचेगा, जिससे उनका बोझ हल्का होगा।
वहीं कंपनियों को भी फायदा मिलेगा। अगर वे किसी नए युवक या युवती को नौकरी पर रखते हैं तो सरकार उनके ऊपर ट्रेनिंग और शुरुआती सैलरी का कुछ हिस्सा खुद उठाएगी। इससे कंपनियों को भी नए लोगों को मौका देने में हिचकिचाहट नहीं होगी।
सीधी भाषा में कहें तो, यह योजना एक तरह का रोज़गार का नया चक्र (Employment Cycle) शुरू करेगी। युवा आसानी से पहली नौकरी पाएँगे, कंपनियों को ट्रेनिंग और खर्च में मदद मिलेगी और इससे बाज़ार में नए अवसर बढ़ेंगे। नतीजा यह होगा कि देश में बेरोज़गारी धीरे-धीरे घटेगी और युवाओं के लिए बेहतर भविष्य के दरवाज़े खुलेंगे।
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
इस योजना से सबसे बड़ा फायदा युवाओं को मिलेगा। जब किसी लड़के या लड़की को अपनी पहली नौकरी के साथ ही सरकार की तरफ से सहयोग मिलेगा, तो उनके अंदर एक अलग ही आत्मविश्वास पैदा होगा। उन्हें यह भरोसा रहेगा कि देश और सरकार उनके साथ खड़ी है।
दूसरी तरफ कंपनियाँ भी ज़्यादा से ज़्यादा नए लोगों को नौकरी पर रखने के लिए आगे आएँगी, क्योंकि उन्हें सरकार से आर्थिक मदद मिलेगी। इसका सीधा असर ये होगा कि नौकरी के अवसर बढ़ेंगे और लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
जब रोजगार बढ़ेगा तो आम लोगों की आय (income) भी बढ़ेगी। इसका असर पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देगा—लोग ज़्यादा खर्च करेंगे, बाजार में खपत (consumption) बढ़ेगी और कंपनियाँ उत्पादन (production) भी ज़्यादा करेंगी। यानी, एक सकारात्मक चक्र शुरू होगा जिसमें हर किसी को फायदा मिलेगा।
यही नहीं, यह योजना सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा और मजबूत कदम माना जा रहा है। जब हमारे देश के युवा अपने पैरों पर खड़े होंगे, आत्मविश्वास से भरेंगे और अपने परिवार की जिम्मेदारियाँ निभाएँगे, तब भारत एक और मज़बूत और विकसित राष्ट्र के रूप में दुनिया के सामने आएगा।
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