Table of Contents
जाने आखिर कौन है Ranya Rao
कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस Ranya Rao, जिनका असली नाम है हर्षवर्धिनी रान्या हैं। इनका जन्म 28 मई 1993 को हुआ| Ranya Rao ने साउथ सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। उनका फिल्मी सफर 2014 में शुरू हुआ और देखते-देखते वो बड़े पर्दे पर ग्लैमरस और दमदार किरदार निभाने के लिए मशहूर हो गईं।
रान्या को लोग उनकी हिट फिल्मों जैसे “Maanikya”, “Wagah” और “Pataki” से अच्छी तरह जानते हैं। इन फिल्मों में उन्होंने कभी मासूम और प्यारी लड़की का रोल निभाया, तो कभी स्टाइलिश और कॉन्फिडेंट हीरोइन बनकर दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी एक्टिंग के साथ-साथ उनका फैशन सेंस और स्क्रीन प्रेज़ेंस भी हमेशा चर्चा में रहता था।

लेकिन मार्च 2025 की शुरुआत में Ranya Rao का नाम एक ऐसे मामले में आ गया, जिसने पूरे देश में हलचल मचा दी | सोना तस्करी का केस। ग्लैमरस लाइमलाइट से अचानक क्राइम न्यूज़ की हेडलाइन्स में आना, Ranya Rao के लिए और उनके चाहने वालों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं था।
Ranya Rao गिरफ्तारी और जांच की शुरुआत
3 मार्च 2025 का दिन था। दिल्ली से बेंगलुरु आने वाली Flight EK 566 जैसे ही उतरी, कन्नड़ फिल्म एक्ट्रेस Ranya Rao ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि Airport पर उनका सामना सीधे DRI यानी Directorate of Revenue Intelligence के अधिकारियों से होगा। केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अधिकारियों ने उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया।
जब उनकी जांच हुई, तो सभी हैरान रह गए Ranya Rao के पास 14.2 से लेकर 14.8 किलो तक का 24 कैरेट शुद्ध सोना निकला। ये सोना उन्होंने अपने शरीर के चारों ओर, खासकर कमर और पैरों के आसपास बड़े चालाकी से छिपा रखा था। इतना ही नहीं, उनके जूते और कपड़ों में भी सोना ठूँसा हुआ मिला। इन सबकी कुल कीमत लगभग ₹12 से ₹12.56 करोड़ आँकी गई।
जांच यहीं नहीं रुकी। अधिकारियों ने जब उनके ट्रैवल रिकॉर्ड खंगाले, तो एक और चौंकाने वाली बात सामने आई| सिर्फ पिछले 6 महीनों में ही रान्या करीब 52 बार दुबई गईं! इनमें से 45 यात्राएँ उन्होंने अकेले की थीं। इतनी बार और इतनी जल्दी-जल्दी लंबी दूरी की यात्रा करना आम बात नहीं थी। अधिकारियों को साफ शक हो गया कि ये कोई घूमने-फिरने का मामला नहीं, बल्कि एक सुनियोजित सोना तस्करी ऑपरेशन का हिस्सा है।
DRI ने की गहराई से जांच –
डीआरआई की जांच में एक बड़ा और फैला हुआ नेटवर्क सामने आया, जिसमें शक है कि कुछ बड़े अफसर, व्यापारी, और यहां तक कि पुलिस वाले भी जुड़े हो सकते हैं।
रान्या ने दो कंपनियां बनाई थीं—पहली “Vira Diamonds Trading” जो दुबई में रजिस्टर्ड थी, और दूसरी “Bio Enho India” जो बाद में नाम बदलकर “Xiroda India” कर दी गई, जिसका दफ्तर बेंगलुरु में था। माना जा रहा है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल संदिग्ध तरीके से कमाए गए पैसे को कानूनी रूप देने और सोने की तस्करी के पैसों को सफेद करने के लिए किया गया होगा।
इसी मामले में अभिनेता और कारोबारी तरुण राजू का नाम भी सामने आया। उन्हें वीरा डायमंड्स में रान्या का पार्टनर माना जाता है। तरुण राजू को हिरासत में लिया गया और उन पर हवाला के जरिए पैसों का लेनदेन करने और विदेश जाने के संदिग्ध पैटर्न के आधार पर आरोप लगाए गए।
Ranya Rao ने किया मानहानि का दावा
रान्या राव ने अदालत में अपनी तरफ से ये बात रखी कि डीआरआई के अफसरों ने पूछताछ के दौरान उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव किया। उनका कहना है कि उन्हें करीब 10 से 15 बार थप्पड़ मारे गए, ठीक से खाने-पीने नहीं दिया गया, और सोने तक नहीं दिया गया। यहां तक कि उन्हें सफेद खाली कागज़ों पर ज़बरदस्ती दस्तख़त करवाए गए।
रान्या का आरोप है कि अफसरों ने उन्हें ये धमकी भी दी कि अगर उन्होंने उनकी बात नहीं मानी और पूरा सहयोग नहीं किया, तो उनके पिता की पहचान सबके सामने ला दी जाएगी और उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वहीं, डीआरआई ने इन सभी बातों को पूरी तरह से झूठ बताते हुए कहा कि पूछताछ पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर की गई थी और इसका सबूत भी है, क्योंकि सारी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है।
स्पेशल इकोनॉमिक क्राइम कोर्ट की कार्यवाही
10 मार्च 2025 को स्पेशल इकोनॉमिक क्राइम कोर्ट ने Ranya Rao को 24 मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजने का आदेश दिया। कोर्ट में पेशी के दौरान रान्या भावुक होकर रो पड़ीं और जज के सामने कहा कि उनके साथ मानसिक तौर पर बहुत ज्यादा परेशानियां दी गईं और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
इसके बाद 20 मई 2025 को आर्थिक अपराध अदालत ने रान्या और एक दूसरे आरोपी, अभिनेता-व्यवसायी तरुण को ज़मानत देने का फैसला सुनाया। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ, क्योंकि उन पर COFEPOSA (Conservation of Foreign Exchange and Prevention of Smuggling Activities Act) यानी विदेशी मुद्रा की सुरक्षा और तस्करी रोकथाम अधिनियम के तहत कार्रवाई भी चल रही थी। इस कानून के तहत उनका जेल में रहना जरूरी था, इसलिए ज़मानत मिलने के बावजूद वे बाहर नहीं आ पाए।
Ranya Rao Case में पिता की भूमिका
Ranya Rao के पिता डीजीपी के. रामचंद्र राव को इस मामले के सामने आने के बाद शुरू में कर्नाटक की उस समय की सरकार ने ज़बरदस्ती छुट्टी (compulsory leave) पर भेज दिया था, ताकि जांच पर कोई असर न पड़े।
लेकिन 11–12 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की सरकार ने उन्हें फिर से डीजीपी, डायरेक्टरेट ऑफ सिविल राइट्स एन्फोर्समेंट के पद पर बहाल कर दिया। यह कदम इस ओर इशारा करता है कि शायद सरकार को जांच की दिशा या फिर जनता की राय में कुछ बदलाव महसूस हुआ होगा।
हालांकि, उनकी वापसी ने कानून-व्यवस्था और प्रशासन से जुड़े कई नैतिक सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, रान्या राव से जुड़े मामले की जांच अब भी चल रही है और अदालतों में सुनवाई जारी है।
यह भी पढ़े-
War-2 रिलीज़ डेट: Pre-release events by Hritik Roshan
Jolly LLB 3” टीज़र लॉन्च: Akshay Kumar और Arshad Warsi की Power Full Comedy