Table of Contents
Republic Day 2026 2026: खुफिया एजेंसियों का अलर्ट
भारत 26 जनवरी को अपना 77वां Republic Day 2026 मनाने जा रहा है। इस दिन पूरे देश में खुशी और गर्व का माहौल रहता है कहीं परेड होती है, कहीं झंडारोहण, तो कहीं तरह-तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लेकिन इस बार जश्न के साथ-साथ सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता भी सामने आई है।
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी जारी की है कि कुछ आतंकी और उग्रवादी ताकतें इस मौके का फायदा उठाने की कोशिश कर सकती हैं। खास तौर पर Delhi और दूसरे बड़े शहरों को हाई-अलर्ट पर रखा गया है। खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, बांग्लादेशी और खालिस्तानी उग्रवादी संगठनों की ओर से संभावित आतंकी हमलों का खतरा बताया जा रहा है।
इन संगठनों का मकसद गणतंत्र दिवस जैसे अहम और राष्ट्रीय गौरव से जुड़े कार्यक्रमों में अशांति फैलाना, डर का माहौल बनाना और देश की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना है। खुफिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि खतरा सिर्फ परेड स्थल तक सीमित नहीं है, बल्कि भीड़-भाड़ वाले इलाके, मेट्रो स्टेशन, बाजार, संवेदनशील क्षेत्र और सीमावर्ती इलाके भी उनके निशाने पर हो सकते हैं।
ऐसी चेतावनी साफ तौर पर यह इशारा करती है कि देश की सुरक्षा एजेंसियों को और ज्यादा सतर्क, चौकस और मुस्तैद रहने की जरूरत है। सरकार और प्रशासन की कोशिश है कि हर हाल में आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि गणतंत्र दिवस का यह खास मौका अमन, चैन और भाईचारे के साथ मनाया जा सके।
Delhi सहित कई शहरों में हाई अलर्ट
राष्ट्रीय राजधानी Delhi में सुरक्षा को लेकर हालात काफी सख्त और चौकस कर दिए गए हैं। सभी सुरक्षा एजेंसियाँ इस समय हाई अलर्ट मोड पर हैं। Delhi पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स और खुफिया एजेंसियाँ मिलकर हर तरह के खतरे से निपटने की तैयारियों को परख रही हैं।
इन्हीं तैयारियों का एक अहम हिस्सा है मॉक ड्रिल। इन अभ्यासों के जरिए यह देखा जा रहा है कि अगर कहीं कोई आतंकी घटना होती है, तो सुरक्षा बल कितनी जल्दी और कितनी मजबूती से हालात पर काबू पा सकते हैं। आसान शब्दों में कहें तो ये ड्रिल्स असली हालात से पहले की रिहर्सल होती हैं।
इन मॉक ड्रिल्स में कई तरह के अभ्यास किए जा रहे हैं, जैसे –
भीड़भाड़ वाले इलाकों में आतंकवाद से निपटने की कार्रवाई,
बम निरोधक दस्तों और सुरक्षा टीमों की सक्रियता की जांच,
किसी घटना पर सुरक्षा बलों के रिस्पॉन्स टाइम को मापना,
और स्थानीय प्रशासन व पुलिस के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करना।
इन तमाम कोशिशों का मकसद यही है कि अगर कोई खतरा सामने आए, तो उसे वक्त रहते नाकाम किया जा सके। सरकार और सुरक्षा एजेंसियाँ चाहती हैं कि Delhi में अमन और सुकून बना रहे, ताकि आम लोग बिना किसी डर के अपने रोज़मर्रा के काम कर सकें और देश का त्योहार सलामती और इत्मीनान के साथ मनाया जा सके।
खुफिया गतिविधियों की पृष्ठभूमि
भारत की खुफिया एजेंसियाँ, जैसे रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&AW) और दूसरे सुरक्षा नेटवर्क, देश की हिफ़ाज़त के लिए हर वक्त निगरानी और गहराई से जाँच-पड़ताल में जुटी रहती हैं। R&AW का काम ज़्यादातर बाहर से आने वाले खतरों पर नज़र रखना और किसी भी संभावित आतंकी साज़िश का पहले से अंदाज़ा लगाना होता है।

इन एजेंसियों के इनपुट के आधार पर स्थानीय और राज्य स्तर की सुरक्षा एजेंसियाँ भी मिलकर काम करती हैं। मिल-जुलकर घुसपैठ, अवैध फंडिंग और युवाओं को गुमराह कर कट्टरपंथ की तरफ़ ले जाने जैसी गतिविधियों पर पैनी नज़र रखी जाती है। पिछले कुछ सालों में इन्हीं खुफिया सूचनाओं की बदौलत कई संदिग्ध नेटवर्क तोड़े गए हैं और सक्रिय मॉड्यूलों की साज़िशों को वक़्त रहते नाकाम किया गया है।
किन तरह के समूह रडार पर हैं?
खालिस्तानी उग्रवादी संगठन
खुफिया रिपोर्टों में खालिस्तान समर्थक समूहों को देश के अंदर विभाजनकारी गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है। अंदेशा जताया गया है कि ये लोग भीड़ को भड़काने, सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने और देश में बेचैनी व अशांति फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसी चेतावनियाँ खास तौर पर गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय मौकों से पहले जारी की जाती हैं, जब देश भर में बड़े कार्यक्रम होते हैं।
बांग्लादेश से जुड़े संदिग्ध तत्व
इसके अलावा पड़ोसी बांग्लादेश से जुड़े कुछ संदिग्ध आतंकी तत्वों पर भी कड़ी नज़र रखी जा रही है। खुफिया एजेंसियों ने सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों के कुछ संकेत दर्ज किए हैं। यह अलर्ट दरअसल संभावित घुसपैठ या अवैध नेटवर्क को समय रहते रोकने की एक एडवांस चेतावनी माना जा रहा है।
पहले भी ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियों ने सख्त कार्रवाई की है, जिनमें गैरकानूनी तरीके से दाख़िल होने वाले लोगों और उनके पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। कुल मिलाकर, सुरक्षा तंत्र पूरी तरह मुस्तैद और चौकस है, ताकि देश की सलामती और अमन पर कोई आँच न आने पाए।
Delhi और अन्य शहरों में सुरक्षा उपाय
सुरक्षा को लेकर चौकसी और सख़्ती और बढ़ा दी गई है। राष्ट्रीय राजधानी Delhi में केंद्र और राज्य स्तर की तमाम एजेंसियाँ पूरी तरह अलर्ट और मुस्तैद हैं। दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय राजधानी पुलिस, एनएसजी और दूसरी सुरक्षा इकाइयाँ शहर के संवेदनशील इलाकों में हर गतिविधि पर पैनी नज़र रखे हुए हैं।
निगरानी का दायरा भी काफी बढ़ाया गया है। सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और इंटेलिजेंस फ्यूज़न सेंटर्स के ज़रिये हर संदिग्ध हरकत पर नजर रखी जा रही है, ताकि कोई भी खतरा समय रहते पकड़ा जा सके।
इसके साथ ही मॉक ड्रिल और रिएक्शन टेस्ट लगातार किए जा रहे हैं। इन अभ्यासों का मकसद यह देखना है कि अगर कहीं कोई आतंकी हरकत होती है, तो सुरक्षा बल कितनी तेजी और मजबूती से जवाब दे सकते हैं।

इन तमाम कदमों का उद्देश्य सिर्फ खतरे को रोकना ही नहीं है, बल्कि किसी भी अचानक होने वाली घटना के वक्त फौरन, संगठित और असरदार कार्रवाई सुनिश्चित करना भी है। कोशिश यही है कि शहर में अमन, चैन और लोगों की सलामती हर हाल में बरकरार रहे।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का संदेश
सरकार और देश का पूरा सुरक्षा तंत्र इस वक्त एक ही मकसद पर काम कर रहा है आम जनता की सुरक्षा और सलामती। यही वजह है कि बार-बार नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे भी इस जिम्मेदारी को समझें और सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनें।
अगर कहीं कोई संदिग्ध शख़्स, लावारिस बैग, डिब्बा या कोई अजीब गतिविधि दिखाई दे, तो उसे नजरअंदाज न करें। बिना घबराए, तुरंत नज़दीकी पुलिस स्टेशन, हेल्पलाइन नंबर या सुरक्षाकर्मियों को इसकी जानकारी दें। आपकी एक छोटी-सी सूचना किसी बड़े हादसे को टाल सकती है।
भीड़भाड़ वाले इलाकों जैसे बाज़ार, मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में खासतौर पर होशियार और सतर्क रहने की ज़रूरत है। अपने आसपास के माहौल पर ध्यान रखें, बच्चों और बुज़ुर्गों का खास ख्याल रखें और बेवजह अफ़रातफरी से बचें। अगर कहीं सुरक्षा जांच चल रही हो, तो सहयोग करें यह सब आपकी ही हिफ़ाज़त के लिए किया जाता है।
यात्रा से जुड़े किसी भी बदलाव, ट्रैफिक डायवर्जन या पाबंदियों को लेकर सिर्फ़ सरकारी और भरोसेमंद स्रोतों पर ही यकीन करें। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफ़वाहें या अधूरी जानकारी न सिर्फ़ डर फैलाती हैं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में भी रुकावट बन सकती हैं।
Republic Day 2026 के मौके पर जारी किया गया यह अलर्ट यह साफ संदेश देता है कि देश पूरी सतर्कता और मज़बूत तैयारी के साथ आगे बढ़ रहा है। हमारी सुरक्षा एजेंसियाँ हर मुमकिन खतरे से निपटने के लिए चौबीसों घंटे मुस्तैद हैं, लेकिन सच यह भी है कि जागरूक नागरिक ही किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत होते हैं।
जब पुलिस, प्रशासन और आम लोग एक-दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं, तभी अमन और चैन कायम रहता है। Republic Day 2026 राष्ट्रीय पर्व पर हमारा फ़र्ज़ है कि हम सिर्फ़ जश्न ही न मनाएँ, बल्कि सुरक्षा में भी अपना योगदान दें। सतर्क रहें, सूचित रहें और सुरक्षित रहें ताकि यह गणतंत्र दिवस पूरे देश के लिए शांति, एकता और फ़ख़्र का पैग़ाम बनकर याद रखा जाए।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की सबसे बड़ी प्राथमिकता आम जनता की सुरक्षा है। इसी वजह से हर नागरिक से अपील की जा रही है कि वह भी सतर्क रहे और ज़िम्मेदारी समझे। अगर कहीं कोई संदिग्ध व्यक्ति, लावारिस बैग या अजीब गतिविधि दिखाई दे, तो उसे नज़रअंदाज़ न करें और तुरंत पुलिस या सुरक्षाकर्मियों को सूचना दें। आपकी सतर्कता किसी बड़े खतरे को टाल सकती है।
भीड़भाड़ वाले इलाकों जैसे बाज़ार, मेट्रो स्टेशन और सार्वजनिक कार्यक्रमों में चलते समय होशियार और चौकस रहें। सुरक्षा जांच में सहयोग करें और अफ़वाहों पर ध्यान न दें। यात्रा या ट्रैफिक से जुड़े बदलावों के लिए केवल आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें।
Republic Day 2026 के मौके पर जारी यह अलर्ट बताता है कि देश पूरी हाई अलर्ट और मजबूत तैयारी के साथ खड़ा है। सुरक्षा एजेंसियाँ मुस्तैद हैं, लेकिन नागरिकों की जागरूकता और सहयोग भी उतना ही ज़रूरी है। आइए, इस गणतंत्र दिवस पर मिलकर अमन, सुकून और राष्ट्रीय गर्व के साथ यह पर्व मनाएँ।
यह भी पढ़ें –





