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Sister Midnight का परिचय और बैकग्राउंड
‘Sister Midnight’ साल 2025 की उन फिल्मों में से है, जिनकी चर्चा सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर भी जमकर हो रही है। यह कोई आम मसाला फिल्म नहीं है, बल्कि एक ऐसी अलग सोच वाली हिंदी-अंतरराष्ट्रीय फिल्म है, जो डार्क कॉमेडी और गहरे ड्रामे का खूबसूरत मेल पेश करती है। फिल्म की कहानी, उसका ट्रीटमेंट और अंदाज़ सब कुछ दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है।
इस फिल्म में राधिका आप्टे ने मुख्य किरदार निभाया है और हमेशा की तरह उन्होंने अपने अभिनय से एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे चुनौतीपूर्ण और हटकर रोल्स की पहली पसंद क्यों मानी जाती हैं। उनके साथ छाया कदम जैसी मंझी हुई कलाकार भी अहम भूमिका में नज़र आती हैं, जिनकी मौजूदगी फिल्म को और भी मज़बूती देती है। दोनों अभिनेत्रियों की केमिस्ट्री और परफॉर्मेंस फिल्म की जान मानी जा रही है।
फिल्म का निर्देशन किया है करण कंधारी ने, जो अपने अलग नज़रिए और बेबाक कहानी कहने के लिए जाने जाते हैं। करण कंधारी समाज से जुड़े जटिल मुद्दों को बहुत ही सलीके और संवेदनशील तरीके से परदे पर उतारते हैं। ‘Sister Midnight’ में भी उन्होंने रिश्तों, अकेलेपन, पहचान और दबे हुए जज़्बातों को एक नए और साहसी अंदाज़ में दिखाया है, जो सीधे दिल और दिमाग दोनों पर असर करता है।
इस फिल्म की शुरुआत भी बेहद खास रही। 2024 के कान्स फिल्म फेस्टिवल में इसे Director’s Fortnight सेक्शन में दिखाया गया, जहाँ इंटरनेशनल दर्शकों और क्रिटिक्स ने इसे खूब सराहा। कान्स जैसे बड़े मंच पर तारीफ़ मिलना किसी भी फिल्म के लिए बड़ी बात होती है, और ‘Sister Midnight’ ने वहाँ अपनी अलग पहचान बनाई। इतना ही नहीं, बाद में इस फिल्म को BAFTA अवॉर्ड के लिए भी नामांकन मिला, जिसने इसकी क्वालिटी और क्रिएटिविटी पर मुहर लगा दी।
रिलीज़ और रिलीज़ डेट
अगर भारत में इसकी रिलीज़ की बात करें, तो ‘Sister Midnight’ को सबसे पहले थियेटरों में उतारा गया था। यह फिल्म 30 मई 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई। रिलीज़ के बाद इसे लेकर दर्शकों की प्रतिक्रियाएँ मिली-जुली रहीं। कुछ लोगों को इसका अनोखा अंदाज़ और डार्क ह्यूमर बेहद पसंद आया, तो कुछ दर्शकों को इसकी कहानी थोड़ी अलग और असहज लगी।
हालांकि, यह साफ हो गया कि ‘Sister Midnight’ उन फिल्मों में से नहीं है जो सबको खुश करने के लिए बनाई जाती हैं। यह फिल्म खास तौर पर उन लोगों के लिए है, जिन्हें अर्थपूर्ण सिनेमा, नई सोच और हटकर कहानियाँ पसंद हैं। थियेटर रिलीज़ के बाद भी फिल्म की चर्चा लगातार बनी रही और इसे साल की सबसे अलग और साहसी फिल्मों में गिना जाने लगा।
OTT पर आई ‘Sister Midnight’: अब घर बैठे देखें
हाल ही में फिल्म ‘Sister Midnight’ को लेकर सबसे बड़ी और राहत भरी खबर यह सामने आई है कि अब यह फिल्म भारत में OTT प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम हो रही है। यानी अब इसे देखने के लिए सिनेमाघर जाने की ज़रूरत नहीं है। आप अपने घर की आरामदेह कुर्सी पर बैठकर, मोबाइल, लैपटॉप या टीवी पर इस फिल्म का मज़ा ले सकते हैं। जो लोग किसी वजह से थिएटर में यह फिल्म नहीं देख पाए थे, उनके लिए यह एक बेहतरीन मौका है।
अब सवाल ये है — फिल्म देखेंगे कहाँ?
JioHotstar (OTTplay Premium के साथ)
इस वक्त ‘Sister Midnight’ भारत में ऑफिशियल तौर पर JioHotstar पर उपलब्ध है। अगर आपके पास OTT play Premium का सब्सक्रिप्शन है, तो आप बिना किसी रुकावट के पूरी फिल्म देख सकते हैं।
JioHotstar इस समय भारत में इस फिल्म का सबसे नया और मुख्य डिजिटल प्लेटफॉर्म बन चुका है, जहाँ दर्शक इसे आसानी से एक्सेस कर सकते हैं। अच्छी वीडियो क्वालिटी और आसान इंटरफेस की वजह से यहाँ फिल्म देखना काफी आरामदेह अनुभव बन जाता है।
Amazon Prime Video
JioHotstar से पहले, ‘Sister Midnight’ कुछ समय के लिए Amazon Prime Video पर भी स्ट्रीम हो चुकी है। अगर आपके पास पहले से Prime Video का सब्सक्रिप्शन है, या आपने फिल्म वहीं से देखनी शुरू की थी, तो आपके लिए यह प्लेटफॉर्म भी एक जाना-पहचाना विकल्प हो सकता है।

Prime Video इस्तेमाल करने वालों के लिए यह सुविधा खास है कि वे उसी प्लेटफॉर्म पर फिल्म दोबारा देख सकते हैं या वहीं से आगे बढ़ा सकते हैं, जहाँ उन्होंने छोड़ी थी।
तो कुल मिलाकर बात साफ़ है…
आज की तारीख में भारत में ‘Sister Midnight’ देखने के लिए दो बड़े और भरोसेमंद OTT प्लेटफॉर्म मौजूद हैं:
JioHotstar (OTTplay Premium के साथ)
Amazon Prime Video
अगर आपके पास इन दोनों में से किसी एक का भी सब्सक्रिप्शन है, तो आप बिना किसी इंतज़ार के, फौरन फिल्म देख सकते हैं। बस लॉग-इन करें, फिल्म प्ले करें और राधिका आप्टे और छाया कदम की इस अलग-हटकर, सोचने पर मजबूर कर देने वाली कहानी में डूब जाएँ
‘Sister Midnight’ की कहानी – आम ज़िंदगी की एक अलग तस्वीर
‘Sister Midnight’ की कहानी उमा नाम की एक आम-सी महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी ज़िंदगी एक अरेंज मैरिज के बाद अचानक बदल जाती है। शादी के बाद उमा को मुंबई के एक छोटे-से, तंग से चॉल में रहना पड़ता है, जहाँ हर रोज़ की ज़िंदगी खुद में एक जद्दोजहद बन जाती है।
शादी के बाद उमा की दुनिया बस घर की चार दीवारों तक सिमट जाती है। घरेलू काम-काज, रिश्तों की उम्मीदें, समाज के बनाए हुए उसूल और अकेलेपन की खामोशी ये सब धीरे-धीरे उस पर भारी पड़ने लगते हैं। वो एक ऐसी औरत बन जाती है, जो बाहर से तो सब ठीक दिखाती है, लेकिन अंदर ही अंदर बहुत कुछ टूट रहा होता है।
जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है, उमा के किरदार में एक खामोश मगर गहरी तब्दीली आने लगती है। अब वो पहले जैसी नहीं रहती। उसका व्यवहार, उसके फैसले और उसकी सोच सब कुछ उस पारंपरिक समाज की उम्मीदों से हटकर होने लगता है, जिसने हमेशा औरत को एक तय दायरे में बाँध कर रखा है।
यही बदलाव फिल्म की असली जान है। इसी के ज़रिये ‘Sister Midnight’ औरत की आज़ादी, उसकी पहचान, लिंग भूमिकाओं, मानसिक दबाव और अंदरूनी बगावत जैसे मुद्दों को सामने लाती है। ये सब कुछ बहुत भारी या भाषणबाज़ी वाले अंदाज़ में नहीं, बल्कि डार्क कॉमेडी के सलीके से दिखाया गया है जहाँ हँसी के पीछे एक कड़वी सच्चाई छुपी हुई है।
फिल्म में जगह-जगह हल्का-सा तंज़, सटीक व्यंग्य और ऐसे सीन हैं, जो मुस्कराने पर मजबूर करते हैं, लेकिन उसी पल सोचने पर भी मजबूर कर देते हैं। खास तौर पर यह फिल्म औरतों की उस लड़ाई पर सवाल उठाती है, जो वो रोज़मर्रा की ज़िंदगी में खामोशी से लड़ती हैं अपनी पसंद, अपनी पहचान और अपनी आज़ादी के लिए।
मुख्य कलाकार और फिल्म की टीम
इस फिल्म को खास बनाने में इसके कलाकारों और टीम का बड़ा हाथ है:
उमा के किरदार में – राधिका आप्टे
शीतेल की भूमिका में – छाया कदम
गोपाल (पति) के रोल में – अशोक पाठक
अन्य अहम भूमिका में – स्मिता तांबे
फिल्म का निर्देशन किया है करण कंधारी ने, जो अपनी फिल्मों में समाज के उन पहलुओं को छूते हैं, जिन पर आमतौर पर कम बात होती है।
वहीं फिल्म का संगीत पॉल बैंक्स ने दिया है, जो कहानी के मूड और माहौल के साथ पूरी तरह मेल खाता है।
राधिका आप्टे की दमदार अदाकारी
इस फिल्म में राधिका आप्टे की एक्टिंग की खास तौर पर तारीफ की जा रही है। उन्होंने उमा के किरदार को किसी ग्लैमर या दिखावे के बिना, बिल्कुल सच्चाई और ईमानदारी के साथ निभाया है।
यह रोल उनकी बाकी फिल्मों से बिल्कुल अलग है न ज़्यादा संवाद, न ओवरड्रामा, बस आंखों, बॉडी लैंग्वेज और खामोशी से बहुत कुछ कह देना। यही वजह है कि उनका किरदार शुरू से लेकर आख़िर तक दर्शकों को अपने साथ बांधे रखता है और फिल्म खत्म होने के बाद भी दिमाग में घूमता रहता है।
फिल्म पर लोगों और क्रिटिक्स की राय
‘Sister Midnight’ को देखने के बाद लोगों की राय काफ़ी हद तक मिली-जुली रही है। फ़िल्म क्रिटिक्स ने इसे काफ़ी पसंद किया है। उनका कहना है कि फ़िल्म का मैसेज मज़बूत है, एक्टिंग दमदार है और कहानी कहने का अंदाज़ बिल्कुल हटकर और नया है।
खास तौर पर राधिका आप्टे की परफॉर्मेंस और फ़िल्म का अलग नज़रिया क्रिटिक्स को काफ़ी इंप्रेस करता है। इसी वजह से फ़िल्म को Rotten Tomatoes जैसे इंटरनेशनल प्लेटफ़ॉर्म पर भी अच्छा टॉमाटोमीटर स्कोर मिला है, जो इसकी क्वालिटी को साबित करता है।
वहीं अगर आम दर्शकों की बात करें, तो उनके लिए फ़िल्म के कुछ हिस्से थोड़े भारी, अजीब या समझने में मुश्किल लग सकते हैं। क्योंकि यह फ़िल्म पूरी तरह से मसाला बॉलीवुड स्टाइल में नहीं बनी है न इसमें ज़्यादा गाने हैं, न ही टिपिकल एंटरटेनमेंट का फॉर्मूला। इसकी कहानी और ट्रीटमेंट थोड़ा अलग, गंभीर और सोचने पर मजबूर करने वाला है।
यही वजह है कि यह कहना ग़लत नहीं होगा कि ‘Sister Midnight’ हर किसी की पसंद की फ़िल्म नहीं है। लेकिन जो लोग ऐसी फ़िल्में देखना पसंद करते हैं जो दिल-ओ-दिमाग दोनों को झकझोर दें, जो नए एक्सपेरिमेंट्स और अलग सोच को सराहते हैं, उनके लिए यह फ़िल्म यक़ीनन एक खास और देखने लायक अनुभव बन सकती है।
क्यों देखें ‘Sister Midnight’? अंतरराष्ट्रीय पहचान और खासियत
‘Sister Midnight’ कोई आम फिल्म नहीं है। इसने इंटरनेशनल लेवल पर भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है। Cannes Film Festival और BAFTA जैसे बड़े और इज़्ज़तदार मंचों पर इस फिल्म को सराहना मिली है।
इसका मतलब साफ है कि यह फिल्म सिर्फ भारत तक सीमित नहीं, बल्कि दुनियाभर के सिनेमा प्रेमियों का ध्यान खींचने में कामयाब रही है। ऐसी पहचान हर फिल्म को नहीं मिलती, और यही बात इसे खास बनाती है।
दमदार और अलग अभिनय
इस फिल्म की सबसे बड़ी ताक़त है इसका अभिनय। राधिका आप्टे ने एक बार फिर साबित किया है कि वो लीक से हटकर किरदार निभाने में माहिर हैं। उनका रोल न सिर्फ अलग है, बल्कि दिल को छू जाने वाला भी है। वहीं छाया कदम ने भी अपनी सादगी और सच्चाई से किरदार में जान डाल दी है।
दोनों की परफॉर्मेंस में कोई दिखावा नहीं, बल्कि एक गहराई और सच्चापन है, जो सीधे दिल तक पहुंचता है। यही वजह है कि इनके अभिनय को “प्रायोगिक” कहा जा रहा है — कुछ नया, कुछ अलग और सोचने पर मजबूर करने वाला।
सोच को झकझोरने वाले मुद्दे
‘Sister Midnight’ सिर्फ कहानी सुनाने वाली फिल्म नहीं है, बल्कि सवाल उठाने वाली फिल्म है। यह शादी, समाज, औरत की आज़ादी और उसकी पहचान जैसे मुद्दों को बड़े ही अलग और नायाब अंदाज़ में पेश करती है।
फिल्म दिखाती है कि कैसे समाज की बनाई हुई हदें एक औरत की ज़िंदगी को बांध देती हैं, और वो उनसे निकलने की कोशिश कैसे करती है। इसमें कोई भारी-भरकम डायलॉग नहीं, बल्कि छोटे-छोटे सीन और इशारे हैं, जो बहुत कुछ कह जाते हैं।
अब डिजिटल पर भी उपलब्ध
सबसे अच्छी बात यह है कि अब आपको यह फिल्म देखने के लिए सिनेमाघर जाने की ज़रूरत नहीं। ‘Sister Midnight’ अब OTT प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, यानी आप इसे आराम से अपने घर बैठे देख सकते हैं।
यह फिल्म आप JioHotstar (OTTplay Premium) पर देख सकते हैं, और अगर आपके पास Amazon Prime Video का सब्सक्रिप्शन है, तो वहां भी यह मौजूद है। बस लॉग-इन करें, फिल्म चलाइए और एक अलग तरह के सिनेमा का मज़ा लीजिए।
क्यों देखें ‘Sister Midnight’?
अगर आपको डार्क कॉमेडी पसंद है समाज से जुड़े मुद्दों पर बनी फिल्में अच्छी लगती हैं और अवॉर्ड जीत चुकी या नॉमिनेटेड फिल्मों में दिलचस्पी है तो यह फिल्म आपके लिए ही बनी है।
‘Sister Midnight’ आपको हंसाती भी है, सोचने पर मजबूर भी करती है और कई जगहों पर अंदर तक छू जाती है। यह एक ऐसा अनुभव है जो खत्म होने के बाद भी दिमाग में चलता रहता है।
तो देर किस बात की? आज ही JioHotstar (OTTplay Premium) या Amazon Prime Video पर जाकर ‘Sister Midnight’ देखिए और खुद तय कीजिए कि यह फिल्म आपको कितनी गहराई तक छू पाती है।
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