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अंतरराष्ट्रीय Women’s Day पर President Murmu और PM Modi ने की ‘नारी शक्ति’ की सराहना
भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय Women’s Day बड़े सम्मान और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन खास तौर पर महिलाओं की कामयाबियों, उनके हक़ और समाज में उनके अहम किरदार को सलाम करने के लिए मनाया जाता है। साल 2026 में भी भारत में यह दिन बड़ी गर्मजोशी और जोश के साथ मनाया गया।
इस मौके पर President Murmu और PM Modi ने देश की तमाम महिलाओं को मुबारकबाद दी और उनकी ताक़त यानी ‘नारी शक्ति’ की जमकर तारीफ़ की। दोनों नेताओं ने अपने पैग़ाम में कहा कि आज की भारतीय महिलाएं हर मैदान में शानदार काम कर रही हैं और देश को तरक़्क़ी की नई बुलंदियों तक पहुंचाने में अहम रोल निभा रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आज भारत की बेटियां और महिलाएं सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि तालीम (शिक्षा), साइंस, सियासत (राजनीति), खेल, कारोबार (बिज़नेस) और समाज सेवा जैसे कई अहम क्षेत्रों में अपनी काबिलियत का परचम लहरा रही हैं। उनकी मेहनत, लगन और हौसले की बदौलत देश की तरक़्क़ी को नई रफ्तार मिल रही है।
President Murmu और PM Modi ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि भारत के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद महिलाओं की तरक़्क़ी और उनके सशक्तिकरण पर टिकी हुई है। जब देश की महिलाएं मज़बूत होंगी, पढ़ी-लिखी होंगी और उन्हें बराबरी के मौके मिलेंगे, तभी भारत सही मायनों में एक मज़बूत और प्रगतिशील राष्ट्र बन सकेगा।
यही वजह है कि आज पूरे देश में महिलाओं की कामयाबी को सराहा जा रहा है और उन्हें आगे बढ़ने के लिए हर तरह से हौसला दिया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय Women’s Day का महत्व
अंतरराष्ट्रीय Women’s Day सिर्फ एक दिन का जश्न नहीं है, बल्कि यह हमें उन तमाम कोशिशों और संघर्षों की याद भी दिलाता है जो दुनिया भर में महिलाओं ने अपने हक़ और बराबरी के मौके हासिल करने के लिए किए हैं। यह दिन हमें यह सोचने पर भी मजबूर करता है कि समाज में महिलाओं को बराबर का दर्जा देना और उन्हें आगे बढ़ने का मौका देना कितना ज़रूरी है।
दरअसल, यह दिन सिर्फ महिलाओं की कामयाबियों का जश्न मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज को एक अहम पैग़ाम भी देता है कि लैंगिक समानता यानी औरत और मर्द के बीच बराबरी और महिला सशक्तिकरण किसी भी आधुनिक, तरक़्क़ीपसंद और मज़बूत समाज की बुनियाद होते हैं।
अगर किसी देश को सच मायनों में आगे बढ़ना है तो वहां की महिलाओं को तालीम, रोज़गार और फैसले लेने के बराबर मौके मिलने चाहिए। जब औरतें मज़बूत होंगी, पढ़ी-लिखी होंगी और उन्हें अपने सपने पूरे करने की आज़ादी होगी, तभी समाज भी तरक़्क़ी करेगा और देश का भविष्य रोशन होगा।
संयुक्त राष्ट्र यानी United Nations के मुताबिक साल 2026 के अंतरराष्ट्रीय Women’s Day का थीम रखा गया है “Rights, Justice, Action for All Women and Girls”।
इसका मतलब है कि दुनिया भर की महिलाओं और लड़कियों को उनके पूरे हक़ मिलें, उनके साथ इंसाफ़ हो और उन्हें ज़िंदगी के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के बराबर मौके दिए जाएं। इस थीम का मकसद यही है कि महिलाओं के अधिकारों को और मज़बूत बनाया जाए और उन्हें समाज में वह मुकाम मिले जिसकी वे हक़दार हैं।
भारत में भी इस खास मौके पर कई तरह के प्रोग्राम, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और सामाजिक मुहिम चलाए गए। अलग-अलग शहरों और संस्थानों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनका मकसद महिलाओं की अहमियत को उजागर करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए हौसला देना था।
इन कार्यक्रमों में महिलाओं की कामयाबियों की बातें की गईं, उनकी मेहनत और काबिलियत की तारीफ़ की गई और समाज को यह समझाने की कोशिश की गई कि देश की तरक़्क़ी में महिलाओं का योगदान कितना अहम है।
इसी मौके पर राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने भी देशवासियों को महिला दिवस की दिल से मुबारकबाद दी और महिलाओं की अहमियत पर खास तौर पर ज़ोर दिया। अपने पैग़ाम में उन्होंने कहा कि “शिक्षित और सशक्त महिलाएं किसी भी प्रगतिशील राष्ट्र की असली बुनियाद होती हैं।” उनका कहना था कि अगर किसी देश को आगे बढ़ना है तो वहां की महिलाओं का पढ़ा-लिखा और मज़बूत होना बेहद ज़रूरी है।

President Murmu ने यह भी कहा कि आज भारत की नारी शक्ति हर क्षेत्र में अपने हौसले, काबिलियत और लीडरशिप के साथ आगे बढ़ रही है। चाहे वह तालीम का मैदान हो, साइंस और टेक्नोलॉजी हो, खेल का क्षेत्र हो, कारोबार हो या फिर समाज सेवा—हर जगह भारतीय महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से नई मिसाल कायम कर रही हैं। उनकी कामयाबियां न सिर्फ देश का नाम रोशन कर रही हैं बल्कि समाज को और ज्यादा समावेशी, मजबूत और खुशहाल बनाने में भी मदद कर रही हैं।
अपने संदेश में Droupadi Murmu ने समाज से एक अहम अपील भी की। उन्होंने कहा कि हमें मिलकर ऐसा माहौल बनाना चाहिए जहां हर महिला खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे। हर लड़की और महिला को तालीम, तरक़्क़ी और अपने सपने पूरे करने के बराबर मौके मिलने चाहिए। जब समाज महिलाओं को इज़्ज़त देगा, उन्हें आगे बढ़ने का हौसला देगा और उनके हुनर को पहचान देगा, तभी देश सही मायनों में आगे बढ़ पाएगा।
PM Modi ने नारी शक्ति को बताया भारत की प्रगति का प्रेरक बल
अंतरराष्ट्रीय Women’s Day के मौके पर PM Modi ने भी देश की तमाम महिलाओं को दिल से मुबारकबाद दी और उनके जज़्बे, मेहनत और कामयाबियों की जमकर तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि भारत की नारी शक्ति आज जिस तरह हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है, वह पूरे देश के लिए फख्र और खुशी की बात है।
अपने पैग़ाम में PM Modi ने कहा कि आज की भारतीय महिलाएं सिर्फ अपने परिवार ही नहीं बल्कि पूरे देश की तरक़्क़ी में अहम किरदार निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं का हौसला, उनकी रचनात्मक सोच और उनकी भरपूर ऊर्जा भारत की प्रगति को नई दिशा दे रही है। आज महिलाएं बड़े इरादों और मजबूत संकल्प के साथ हर मुश्किल का सामना कर रही हैं और अपने हुनर से नई-नई कामयाबियां हासिल कर रही हैं।
PM Modi ने यह भी कहा कि देश की तरक़्क़ी की इस लंबी यात्रा में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है। पहले जहां कई क्षेत्रों में महिलाओं की मौजूदगी कम दिखाई देती थी, वहीं आज हालात काफी बदल चुके हैं। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे आकर अपनी पहचान बना रही हैं और देश को मज़बूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
PM Modi ने अपने संदेश में यह भी ज़िक्र किया कि सरकार की कई योजनाओं का असली मकसद महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार की कोशिश है कि देश की हर महिला को आगे बढ़ने का मौका मिले, उसे तालीम, रोज़गार और आर्थिक आज़ादी के बेहतर अवसर मिलें ताकि वह अपने पैरों पर मजबूती से खड़ी हो सके और अपने सपनों को पूरा कर सके।
अगर “Viksit Bharat” यानी एक विकसित और मज़बूत भारत के निर्माण की बात करें, तो उसमें महिलाओं की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। इसी सोच के साथ पिछले कुछ सालों में भारत सरकार ने “Women-Led Development” यानी महिलाओं के नेतृत्व में विकास की सोच को आगे बढ़ाया है। इसका सीधा सा मतलब यह है कि महिलाएं सिर्फ सरकारी योजनाओं का फायदा उठाने वाली लाभार्थी ही न रहें, बल्कि देश की तरक़्क़ी की असली भागीदार और लीडर बनें।
आज के दौर में यह साफ दिखाई भी दे रहा है कि भारतीय महिलाएं कई अहम क्षेत्रों में नेतृत्व कर रही हैं और अपनी काबिलियत का शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। चाहे राजनीति और प्रशासन का क्षेत्र हो, जहां महिलाएं बड़े-बड़े जिम्मेदार पदों पर काम कर रही हैं; या फिर विज्ञान और तकनीक का मैदान, जहां महिला वैज्ञानिक और इंजीनियर नई खोजों और इनोवेशन के जरिए देश का नाम रोशन कर रही हैं।
इसी तरह शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भी महिलाओं का योगदान लगातार बढ़ रहा है। कई महिला शिक्षाविद और रिसर्चर नई सोच और नए आइडिया के साथ समाज और देश के विकास में अहम भूमिका निभा रही हैं।
अगर खेल और कला की दुनिया को देखें तो वहां भी भारतीय महिलाएं अपने हुनर से पूरी दुनिया को प्रभावित कर रही हैं। खेल के मैदान में महिला खिलाड़ियों ने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का नाम रोशन किया है, जबकि कला और संस्कृति के क्षेत्र में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है।
महिला सशक्तिकरण के लिए सरकारी पहल
महिलाओं को मज़बूत बनाने और उन्हें ज़िंदगी के हर मैदान में आगे बढ़ने का मौका देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई तरह की योजनाएं चला रही हैं। इन योजनाओं का असली मकसद यही है कि देश की महिलाओं को बेहतर तालीम, अच्छी सेहत, रोज़गार के मौके और आर्थिक आज़ादी मिल सके। जब एक महिला पढ़ी-लिखी और आर्थिक तौर पर मज़बूत होती है तो वह सिर्फ अपने परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज और मुल्क की तरक़्क़ी में भी अहम किरदार निभाती है।
सरकार की कोशिश यही है कि महिलाओं को ऐसा माहौल मिले जहां वे बिना किसी डर और रुकावट के अपने सपनों को पूरा कर सकें और अपने पैरों पर मजबूती से खड़ी हो सकें। इसी सोच के साथ कई अहम कदम उठाए गए हैं ताकि महिलाओं को समाज में बराबरी का दर्जा मिल सके और उन्हें आगे बढ़ने के लिए पूरा हौसला भी मिले।
अगर बेटियों की तालीम की बात करें तो इस दिशा में भी लगातार काम किया जा रहा है। आज यह समझ बढ़ रही है कि अगर बेटियां पढ़ेंगी और आगे बढ़ेंगी, तभी समाज में असली बराबरी कायम हो पाएगी। इसी वजह से सरकार कई ऐसे प्रोग्राम और मुहिम चला रही है जिनका मकसद लड़कियों को स्कूल और कॉलेज तक पहुंचाना और उनकी पढ़ाई को आसान बनाना है। इससे समाज में लड़का और लड़की के बीच बराबरी का एहसास भी धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है।
इसके अलावा महिलाओं को आर्थिक तौर पर मज़बूत बनाने पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। आज कई ऐसी योजनाएं शुरू की गई हैं जिनके जरिए महिलाओं को अपना छोटा-मोटा कारोबार शुरू करने, हुनर सीखने और अपने दम पर कमाने का मौका मिल रहा है। कई जगहों पर उन्हें आर्थिक मदद, ट्रेनिंग और दूसरी सहूलियतें भी दी जाती हैं ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने घर-परिवार के साथ-साथ समाज की तरक़्क़ी में भी हिस्सा ले सकें।
महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर भी सरकार और समाज दोनों स्तर पर लगातार काम हो रहा है। महिलाओं के हक़ और उनकी हिफ़ाज़त के लिए कई कानून बनाए गए हैं और अलग-अलग कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इन सब कोशिशों का मकसद यही है कि हर महिला अपने आपको सुरक्षित महसूस करे और उसे समाज में वह इज़्ज़त और सम्मान मिले जिसकी वह हक़दार है।
दरअसल इन सभी पहलों के पीछे एक ही सोच है कि देश की महिलाओं को वह मुकाम दिया जाए जिसकी वे असल में हक़दार हैं। जब महिलाओं को बराबरी के मौके मिलेंगे, उनके सपनों को उड़ान मिलेगी और उनकी काबिलियत को पहचाना जाएगा, तभी समाज सही मायनों में तरक़्क़ी करेगा।
अगर आज के दौर की बात करें तो भारतीय महिलाओं की भूमिका भी पहले के मुकाबले काफी बदल चुकी है। अब वह सिर्फ घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और अपनी काबिलियत का शानदार प्रदर्शन कर रही हैं।
खेल के मैदान में देखें तो भारतीय महिला खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं और दुनिया भर में भारत का नाम रोशन किया है। उनकी मेहनत, लगन और जज़्बे ने यह साबित कर दिया है कि अगर मौका मिले तो महिलाएं किसी से कम नहीं हैं।
इसी तरह विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी भारतीय महिलाएं बड़ी अहम भूमिका निभा रही हैं। कई महिला वैज्ञानिक और शोधकर्ता नई खोजों और रिसर्च के जरिए देश की तरक़्क़ी में अपना योगदान दे रही हैं।
Women’s Day के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम
अंतरराष्ट्रीय Women’s Day के मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों में कई तरह के कार्यक्रम और समारोह आयोजित किए गए। हर जगह इस दिन को खास बनाने के लिए अलग-अलग गतिविधियां देखने को मिलीं।
राजधानी नई दिल्ली में भी कई खास कार्यक्रम, सेमिनार और कॉन्फ्रेंस आयोजित किए गए, जहां महिला सशक्तिकरण, बराबरी के अधिकार और समाज में महिलाओं की बढ़ती भूमिका जैसे अहम मुद्दों पर खुलकर बातचीत हुई। इन कार्यक्रमों में सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों, अधिकारियों और कई प्रेरणादायक महिलाओं ने हिस्सा लिया और अपने अनुभव भी साझा किए।
इसके अलावा देश के कई शहरों में “शक्ति वॉक” जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनका मकसद महिलाओं की ताकत, हौसले और आत्मविश्वास को दिखाना था। कई जगहों पर सम्मान समारोह भी हुए, जहां उन महिलाओं को खास तौर पर सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में बेहतरीन काम करके समाज और देश का नाम रोशन किया है। इन महिलाओं में शिक्षा, खेल, विज्ञान, समाज सेवा, कारोबार और कला जैसे अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियां शामिल थीं।
इन सभी कार्यक्रमों का असली मकसद यही था कि महिलाओं की मेहनत, उनकी काबिलियत और उनकी कामयाबियों को सही मायनों में पहचान मिले। साथ ही समाज को यह मजबूत पैग़ाम भी दिया जाए कि अगर महिलाओं को बराबरी का मौका दिया जाए तो वे किसी भी क्षेत्र में कमाल कर सकती हैं। यह भी समझाने की कोशिश की गई कि महिलाओं की भागीदारी के बिना किसी भी देश का विकास पूरा नहीं हो सकता।
दरअसल अगर भारत की तरक़्क़ी की कहानी को गौर से देखें तो उसमें महिलाओं का योगदान लगातार बढ़ता हुआ दिखाई देता है। आज महिलाएं सिर्फ घर और परिवार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे तालीम, टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य सेवाओं, कारोबार और प्रशासन जैसे कई अहम क्षेत्रों में आगे बढ़कर काम कर रही हैं। उनकी बढ़ती मौजूदगी यह साफ दिखाती है कि देश का भविष्य काफी हद तक उनके मजबूत हाथों में सुरक्षित है।
आज भारतीय महिलाएं अपनी मेहनत, लगन और हौसले के दम पर हर क्षेत्र में नई पहचान बना रही हैं। यही वजह है कि देश के बड़े नेताओं ने भी बार-बार यह बात कही है कि भारत की असली ताकत उसकी नारी शक्ति है।
Droupadi Murmu और PM Modi के संदेशों में भी यही बात साफ तौर पर दिखाई देती है कि महिलाओं का सशक्तिकरण भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि जब महिलाओं को बराबरी के अवसर मिलते हैं, उन्हें अच्छी तालीम मिलती है और समाज में सम्मान मिलता है, तब पूरा समाज ज्यादा मजबूत, संतुलित और तरक़्क़ीपसंद बनता है।
अंतरराष्ट्रीय Women’s Day दरअसल सिर्फ एक दिन का जश्न नहीं है। यह एक ऐसा मौका भी है जो हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि समाज में महिलाओं की असली अहमियत क्या है और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हमें और क्या करना चाहिए। यह दिन हमें याद दिलाता है कि किसी भी देश का विकास तब तक पूरा नहीं हो सकता जब तक उसकी आधी आबादी यानी महिलाएं पूरी तरह से उस विकास की प्रक्रिया में शामिल न हों।
Droupadi Murmu और PM Modi के संदेशों ने भी यही बात दोहराई कि भारत की नारी शक्ति ही देश की तरक़्क़ी की सबसे मजबूत नींव है। आज भारत की महिलाएं अपनी प्रतिभा, मेहनत और जज़्बे के दम पर हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं।
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