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Daga Hospital Nagpur के NICU में लगी आग, 20 नवजात बच्चों को Safely शिफ्ट किया गया

Daga Hospital Nagpur के NICU में लगी आग, 20 नवजात बच्चों को Safely शिफ्ट किया गया

Nagpur के Daga Hospital में NICU में आग

Nagpur शहर में बुधवार की देर रात उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया, जब Daga Hospital के NICU यानी नवजात बच्चों के वार्ड में अचानक आग लगने की खबर सामने आई। बताया जा रहा है कि रात करीब साढ़े 11 बजे वार्ड के अंदर धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया। शुरुआती तौर पर इस हादसे की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।

जिस वक्त ये हादसा हुआ, उस दौरान NICU में करीब 40 नवजात बच्चों का इलाज चल रहा था। जैसे ही अस्पताल स्टाफ को धुएं की भनक लगी, डॉक्टरों और नर्सों ने बिना वक्त गंवाए बच्चों को वहां से निकालना शुरू कर दिया। हालात इतने नाज़ुक थे कि हर किसी की सांसें थम सी गई थीं। लेकिन राहत की बात ये रही कि वक्त रहते सभी बच्चों को सुरक्षित जगह पहुंचा दिया गया।

खबरों के मुताबिक करीब 15 से 20 नवजात बच्चों को फौरन दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया गया। कुछ बच्चों को एहतियात के तौर पर मेयो हॉस्पिटल भी भेजा गया ताकि इलाज में किसी तरह की परेशानी ना आए। अस्पताल स्टाफ की फुर्ती और समझदारी की वजह से बड़ा हादसा टल गया।

धुआं उठते ही मच गई अफरा-तफरी

Daga Hospital में मौजूद लोगों का कहना है कि अचानक वार्ड के अंदर धुआं फैलने लगा था। पहले तो किसी को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन कुछ ही मिनटों में पूरा स्टाफ अलर्ट हो गया। डॉक्टरों ने तुरंत बच्चों को बाहर निकालना शुरू किया और बिजली सप्लाई को भी कंट्रोल किया गया।

NICU ऐसा वार्ड होता है जहां बेहद नाज़ुक हालत में पैदा हुए बच्चों का इलाज किया जाता है। यहां छोटे-छोटे बच्चों को ऑक्सीजन सपोर्ट और कई मशीनों की मदद से जिंदा रखा जाता है। ऐसे में वहां आग लगना किसी बड़े खतरे से कम नहीं था।

कई परिजनों की आंखों में डर साफ दिखाई दे रहा था। कुछ लोग रोते हुए अपने बच्चों की सलामती की दुआ मांग रहे थे। माहौल इतना तनाव भरा था कि अस्पताल में मौजूद हर शख्स परेशान नजर आ रहा था।

डॉक्टरों और नर्सों ने दिखाई बहादुरी

इस पूरे Daga Hospital NICU Fire हादसे में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की जितनी तारीफ की जाए कम है। जिस तेजी और समझदारी से उन्होंने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला, उसने कई मासूम जिंदगियां बचा लीं।

बताया जा रहा है कि कुछ बच्चे वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। ऐसे बच्चों को शिफ्ट करना आसान काम नहीं होता, लेकिन मेडिकल टीम ने बिना घबराए पूरी एहतियात के साथ उन्हें दूसरी जगह पहुंचाया।

मेयो हॉस्पिटल में भी पहले से डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया गया था ताकि बच्चों का इलाज बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।

शॉर्ट सर्किट की आशंका

फिलहाल आग लगने की असली वजह की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी में शॉर्ट सर्किट को हादसे की वजह माना जा रहा है। फायर ब्रिगेड और तकनीकी टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

इस हादसे के बाद एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे अहम जगहों पर फायर सेफ्टी सिस्टम हमेशा दुरुस्त रहना चाहिए।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

देश में अस्पतालों में आग लगने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। कई बार ऐसे हादसों में मासूम बच्चों की जान तक चली गई। इसलिए Daga Hospital की इस घटना ने लोगों की पुरानी दर्दनाक यादें भी ताजा कर दी हैं।

हालांकि इस बार राहत की बात ये रही कि समय रहते बच्चों को बाहर निकाल लिया गया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

लोगों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग

घटना के बाद लोगों में काफी नाराज़गी भी देखने को मिली। कई लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में समय-समय पर वायरिंग और इलेक्ट्रिक सिस्टम की जांच होनी चाहिए।

कुछ सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अफसरों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

रातभर Daga Hospital में बना रहा तनाव का माहौल

हादसे के बाद रातभर अस्पताल परिसर में हलचल बनी रही। पुलिस, फायर ब्रिगेड और अस्पताल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। डॉक्टर लगातार बच्चों की हालत पर निगरानी रखते रहे।

शहरभर में इस घटना की चर्चा होती रही। सोशल मीडिया पर भी लोग अस्पताल स्टाफ की तारीफ करते नजर आए, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।

फिलहाल सभी नवजात बच्चे सुरक्षित बताए जा रहे हैं और यही इस पूरी घटना की सबसे बड़ी राहत भरी खबर है।

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