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Nagpur समेत महाराष्ट्र के 40 ठिकानों पर ATS Raid
महाराष्ट्र में बुधवार की सुबह अचानक उस वक्त हलचल मच गई जब ATS यानी Anti Terrorism Squad ने एक साथ राज्य के कई शहरों में बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। Nagpur, Mumbai, Pune, Nashik, Akola, Mira Road और Nallasopara समेत करीब 40 जगहों पर छापेमारी की गई। बताया जा रहा है कि ये पूरा मामला पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शाहज़ाद भट्टी और उसके नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
सुबह-सुबह ATS की टीमें अलग-अलग इलाकों में पहुंचीं, जिसके बाद कई जगह लोगों की भीड़ जमा हो गई। किसी के घर की तलाशी ली गई तो कहीं मोबाइल और लैपटॉप जब्त किए गए। इस कार्रवाई के बाद पूरे महाराष्ट्र में चर्चा शुरू हो गई कि आखिर इतना बड़ा नेटवर्क कैसे चल रहा था।
सुबह होते ही शुरू हो गया ATS का ऑपरेशन
जानकारी के मुताबिक ATS को पिछले कुछ दिनों से कुछ संदिग्ध गतिविधियों की खबर मिल रही थी। एजेंसियों को शक था कि महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में कुछ लोग पाकिस्तान में बैठे अपराधियों और गैंग नेटवर्क के संपर्क में हैं।
इसी इनपुट के बाद ATS ने पूरी प्लानिंग के साथ एक बड़ा ऑपरेशन तैयार किया। बुधवार तड़के अचानक कई शहरों में एक साथ रेड शुरू कर दी गई। टीमों ने अलग-अलग घरों और ठिकानों पर जाकर तलाशी ली और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अपने कब्जे में ले लिए।
सूत्रों का कहना है कि एजेंसियां सिर्फ लोगों को पकड़ने नहीं बल्कि पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचना चाहती हैं। यही वजह है कि मोबाइल डेटा, चैट हिस्ट्री और ऑनलाइन एक्टिविटी की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
Nagpur भी ATS के निशाने पर
इस पूरे मामले में Nagpur का नाम भी काफी चर्चा में रहा। ATS की टीमों ने शहर के कई इलाकों में दबिश दी और कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। हालांकि अभी तक पुलिस की तरफ से ज्यादा आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
बताया जा रहा है कि कुछ लोग सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए विदेश में बैठे लोगों के संपर्क में थे। इसी वजह से जांच एजेंसियां अब इंटरनेट चैट, कॉल रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजैक्शन तक की जांच कर रही हैं।
Nagpur को पहले भी सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील शहर माना जाता रहा है। पिछले कुछ महीनों में शहर में ड्रग्स, अवैध नेटवर्क और दूसरे आपराधिक मामलों को लेकर कई बड़े ऑपरेशन हो चुके हैं।

कौन है शाहज़ाद भट्टी?
इस पूरे मामले में जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है वो पाकिस्तान में बैठा शाहज़ाद भट्टी है। जांच एजेंसियों का दावा है कि वो सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए भारत में अपना नेटवर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहा था।
बताया जा रहा है कि भट्टी पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। उस पर गैंग ऑपरेट करने, हथियार सप्लाई करने और भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़े लोगों के संपर्क में रहने के आरोप हैं।
एजेंसियों को शक है कि वो युवाओं को पैसों और सोशल मीडिया के जरिए अपने जाल में फंसाने की कोशिश करता था। अब ATS ये पता लगाने में जुटी है कि महाराष्ट्र में उसका नेटवर्क आखिर कितना बड़ा था और किन-किन लोगों का उससे सीधा संपर्क था।
सोशल मीडिया बना बड़ा हथियार
ATS अधिकारियों का कहना है कि आजकल अपराध और गैंग नेटवर्क पहले जैसे नहीं रहे। अब सब कुछ सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड चैट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए चलाया जाता है।
इसी वजह से जांच एजेंसियां डिजिटल सबूतों पर सबसे ज्यादा फोकस कर रही हैं। कई जगहों से मोबाइल फोन, लैपटॉप और हार्ड डिस्क जब्त की गई हैं। अब फॉरेंसिक टीम इन डिवाइस की जांच करेगी ताकि ये पता चल सके कि आखिर कौन किसके संपर्क में था।
सूत्रों के मुताबिक कुछ लोगों के विदेशी नंबरों और संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि ATS फिलहाल ज्यादा खुलासा नहीं कर रही क्योंकि जांच अभी जारी है।
आखिर ATS को इतना बड़ा कदम क्यों उठाना पड़ा?
पिछले कुछ समय से देश की सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क और गैंग मॉड्यूल्स पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। कई राज्यों में पहले भी ऐसे नेटवर्क पकड़े जा चुके हैं जिनके तार विदेशों से जुड़े बताए गए थे।
ATS को शक है कि ऐसे नेटवर्क सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं रहते बल्कि युवाओं को गुमराह करके माहौल खराब करने की भी कोशिश करते हैं। यही वजह है कि महाराष्ट्र में इतने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई।
अधिकारियों का कहना है कि ये सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में और भी जगहों पर छापेमारी हो सकती है और कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
लोगों में बढ़ी बेचैनी
इस खबर के सामने आने के बाद आम लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को बहकाना बेहद खतरनाक होता जा रहा है।
कई लोगों ने ATS की कार्रवाई की तारीफ करते हुए कहा कि अगर समय रहते ऐसे नेटवर्क पर रोक नहीं लगी, तो आगे जाकर हालात और गंभीर हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार इस मामले पर चर्चा कर रहे हैं।
कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने दिनों तक ये नेटवर्क कैसे चलता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी। जांच अभी जारी है, फिलहाल ATS पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। जिन लोगों से पूछताछ की गई है उनके मोबाइल डेटा और ऑनलाइन एक्टिविटी को खंगाला जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब दूसरे राज्यों की एजेंसियों के साथ भी संपर्क में हैं ताकि नेटवर्क का पूरा सच सामने लाया जा सके।
फिलहाल महाराष्ट्र के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। ये पूरा ऑपरेशन इस बात का इशारा माना जा रहा है कि अब सुरक्षा एजेंसियां ऐसे नेटवर्क के खिलाफ किसी तरह की ढील देने के मूड में नहीं हैं।
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