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Nagpur Cyber police की बड़ी कामयाबी, लोगों को लौटाए 4.92 करोड़ रुपये

Nagpur Cyber police की big कामयाबी, लोगों को लौटाए 4.92 करोड़ रुपये

Nagpur में Online Fraud के बढ़ते मामलों के बीच एक राहत देने वाली खबर सामने आई है। Nagpur Cyber Police ने ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए लोगों को करीब 4.92 करोड़ रुपये और कई गुम हुए मोबाइल फोन वापस लौटाकर बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस खबर के सामने आने के बाद उन लोगों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई, जिन्होंने कुछ वक्त पहले अपनी मेहनत की कमाई खो दी थी।

आज के दौर में लगभग हर इंसान ऑनलाइन पेमेंट, यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन जितनी तेजी से डिजिटल दुनिया बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से साइबर ठगी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में नागपुर पुलिस की यह कार्रवाई लोगों के लिए उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आई है।

Cyber Fraud के खिलाफ पुलिस की खास मुहिम

16 मई को Nagpur Police की तरफ से Cyber Fraud से बचाव और पीड़ितों की मदद को लेकर एक खास वर्कशॉप रखी गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस कमिश्नर डॉ. रविंदर सिंघल ने की। वर्कशॉप का मकसद लोगों को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों के बारे में बताना और उन्हें सतर्क करना था।

इस दौरान साइबर पुलिस ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हुए थे। किसी के बैंक खाते से पैसे उड़ा लिए गए, तो किसी को फर्जी लिंक भेजकर ठग लिया गया। कई लोगों के मोबाइल फोन भी चोरी या फ्रॉड के जरिए गायब हो गए थे।

लेकिन पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए कई मामलों में रकम को होल्ड कराया और फिर उसे पीड़ितों तक वापस पहुंचाया।

लोगों को वापस मिली उनकी मेहनत की कमाई

कार्यक्रम के दौरान कई लोगों को उनके पैसे और मोबाइल फोन वापस सौंपे गए। जिन लोगों की रकम वापस मिली, उनकी खुशी साफ दिखाई दे रही थी। कुछ लोगों ने तो यहां तक कहा कि उन्हें उम्मीद ही नहीं थी कि कभी उनके पैसे वापस मिल पाएंगे।

एक शख्स ने बताया कि उसके पास बैंक अधिकारी बनकर कॉल आया था। सामने वाले ने केवाईसी अपडेट करने के नाम पर ओटीपी मांगा और कुछ ही मिनटों में खाते से लाखों रुपये गायब हो गए। बाद में उसने साइबर पुलिस में शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने तेजी से जांच करते हुए रकम वापस दिला दी।

ऐसे कई मामले सामने आए जहां लोगों को नौकरी दिलाने, ऑनलाइन शॉपिंग, निवेश स्कीम और लॉटरी के नाम पर ठगा गया था।

साइबर ठग कैसे बनाते हैं लोगों को शिकार?

आजकल साइबर अपराधी बेहद चालाक तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं। कभी फर्जी वेबसाइट बनाई जाती है, तो कभी सोशल मीडिया अकाउंट हैक करके लोगों से पैसे मांगे जाते हैं। कई बार ठग खुद को बैंक कर्मचारी, पुलिस अधिकारी या सरकारी एजेंसी का अफसर बताकर लोगों को डराते हैं और उनकी निजी जानकारी हासिल कर लेते हैं।

सबसे ज्यादा मामले इन तरीकों से सामने आ रहे हैं:

फर्जी केवाईसी अपडेट लिंक

यूपीआई फ्रॉड

ऑनलाइन लोन ऐप स्कैम

फेक जॉब ऑफर

सोशल मीडिया हैकिंग

स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए ठगी

बैंक अकाउंट बंद होने का डर दिखाकर धोखाधड़ी

पुलिस ने साफ कहा कि कोई भी बैंक कभी फोन पर ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगता। अगर कोई ऐसा करे, तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए।

एक्सपर्ट्स ने लोगों को दी अहम सलाह

इस कार्यक्रम में साइबर और लीगल एक्सपर्ट्स भी शामिल हुए। साइबर एक्सपर्ट डॉ. दिशा खैरे, पियूष तेलरांधे और डिजिटल फॉरेंसिक विशेषज्ञ हिमांशु जोशी ने लोगों को ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ी कई जरूरी बातें समझाईं।

उन्होंने कहा कि अगर किसी के साथ साइबर फ्रॉड हो जाए तो घबराने की बजाय तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करनी चाहिए। जितनी जल्दी शिकायत होगी, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ज्यादा रहती है।

एक्सपर्ट्स ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा निजी जानकारी शेयर करना भी खतरे से खाली नहीं है। साइबर अपराधी इन्हीं जानकारियों का इस्तेमाल करके लोगों को अपना निशाना बनाते हैं।

Nagpur Police ने गुम हुए मोबाइल भी लौटाए

सिर्फ पैसों की रिकवरी ही नहीं, बल्कि पुलिस ने कई चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन भी बरामद किए। आज मोबाइल फोन सिर्फ कॉल करने का जरिया नहीं रह गया है। उसमें बैंकिंग ऐप, निजी तस्वीरें, जरूरी दस्तावेज और कई अहम जानकारियां होती हैं।

ऐसे में फोन खोना लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है। लेकिन नागपुर साइबर पुलिस ने तकनीकी मदद और ट्रैकिंग के जरिए कई मोबाइल फोन खोज निकाले और उन्हें उनके असली मालिकों को सौंप दिया।

बढ़ते Cyber Crime ने बढ़ाई चिंता, नागपुर समेत पूरे देश में साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर बुजुर्ग, छात्र और पहली बार ऑनलाइन बैंकिंग इस्तेमाल करने वाले लोग जल्दी ठगी का शिकार बन जाते हैं।

Nagpur Cyber Police अधिकारियों का कहना है कि जागरूकता की कमी की वजह से लोग आसानी से फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं। इसी कारण अब पुलिस सिर्फ अपराधियों को पकड़ने पर नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने पर भी ज्यादा जोर दे रही है।

पुलिस ने लोगों को दी ये जरूरी नसीहत

Nagpur Cyber Police ने ऑनलाइन सुरक्षित रहने के लिए कुछ अहम बातें बताईं:

किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें

ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंक डिटेल किसी को न बताएं

फोन में अनजान ऐप डाउनलोड करने से बचें

सोशल मीडिया अकाउंट पर मजबूत पासवर्ड रखें

ऑनलाइन पेमेंट से पहले वेबसाइट की जांच जरूर करें

फ्रॉड होते ही तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें

पुलिस का कहना है कि थोड़ी सी होशियारी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।

Nagpur Police की हो रही तारीफ

इस पूरी कार्रवाई के बाद Nagpur Cyber Police की जमकर तारीफ हो रही है। जिन लोगों को उनकी रकम वापस मिली, उन्होंने पुलिस टीम का शुक्रिया अदा किया। कई लोगों का कहना है कि आमतौर पर लोग सोचते हैं कि ऑनलाइन ठगी के बाद पैसे कभी वापस नहीं मिलते, लेकिन इस कार्रवाई ने लोगों का भरोसा फिर से मजबूत किया है।

डिजिटल दुनिया में सतर्क रहना बेहद जरूरी, आज हर काम मोबाइल और इंटरनेट के जरिए हो रहा है। ऐसे में साइबर सुरक्षा अब सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन चुकी है। नागपुर साइबर पुलिस की यह पहल लोगों के लिए एक बड़ा पैगाम है कि अगर समय रहते शिकायत की जाए और सतर्कता बरती जाए, तो साइबर ठगों से बचा जा सकता है।

डिजिटल दुनिया में सुविधा जितनी बढ़ी है, खतरे भी उतने ही बढ़े हैं। इसलिए जरूरी है कि हर इंसान जागरूक रहे और किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर आंख बंद करके भरोसा न करे।

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