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NEET-UG Paper Leak मामले में नागपुर तक पहुंची CBI
देशभर में चर्चा में चल रहे NEET-UG Paper Leak मामले की आंच अब नागपुर तक भी पहुंच गई है। CBI की टीम ने Nagpur और Chandrapur में कुछ छात्रों के घरों पर छापेमारी की, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। जिन घरों पर टीम पहुंची वहां अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग समझ ही नहीं पाए कि आखिर मामला इतना बड़ा कैसे हो गया।
बताया जा रहा है कि CBI उन छात्रों और लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जिनका नाम कथित पेपर लीक गैंग से जुड़ रहा है। जांच एजेंसी अब ये पता लगाने में लगी है कि आखिर मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम का पेपर परीक्षा से पहले किन-किन लोगों तक पहुंचा और इसके पीछे पूरा नेटवर्क कैसे काम कर रहा था।
Nagpur के कई इलाकों में हुई कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक CBI की टीम सीधे दिल्ली से नागपुर पहुंची थी। टीम ने शहर के सेंट्रल एवेन्यू, इतवारी, मंगलवारी और कुछ दूसरे इलाकों में जाकर छात्रों के घरों की तलाशी ली। इस दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, नोट्स और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अपने कब्जे में लिए गए।
जांच एजेंसी अब इन डिवाइस की फॉरेंसिक जांच कराएगी ताकि यह पता चल सके कि कहीं छात्रों के पास परीक्षा से पहले सवाल या जवाब तो नहीं पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि कई चैट्स और कॉल रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं।
छात्रों के जरिए बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
CBI को शक है कि यह मामला सिर्फ कुछ छात्रों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। जांच में सामने आया है कि कुछ लोग छात्रों और उनके परिवारों से संपर्क करके परीक्षा में मदद दिलाने का दावा करते थे।
बताया जा रहा है कि पुणे की रहने वाली मनीषा वाघमारे नाम की महिला इस पूरे नेटवर्क में बिचौलिए का काम कर रही थी। वो कथित तौर पर छात्रों को ऐसे लोगों से जोड़ती थी जो पेपर लीक कराने का दावा करते थे।

अब एजेंसी ये पता लगाने में जुटी है कि कितने छात्रों ने इस नेटवर्क से संपर्क किया और इसके बदले कितने पैसों का लेन-देन हुआ।
केमिस्ट्री टीचर PV कुलकर्णी का नाम भी चर्चा में
इस मामले में केमिस्ट्री लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी का नाम भी सामने आया है। CBI पहले ही उसे गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी का दावा है कि वो कुछ चुनिंदा छात्रों तक परीक्षा से पहले सवाल पहुंचाने में शामिल था।
सूत्रों की मानें तो कुछ छात्रों को पुणे बुलाया गया था जहां उन्हें कथित तौर पर सवाल समझाए गए। अब पुलिस कॉल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और सोशल मीडिया चैट्स की मदद से पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
कोचिंग क्लासेस में भी बढ़ी बेचैनी, CBI की कार्रवाई के बाद कई कोचिंग क्लासेस में भी डर और बेचैनी का माहौल देखने को मिल रहा है। कुछ कोचिंग संस्थानों का कहना है कि उनके मॉक टेस्ट कई बार असली एग्जाम से मिल जाते हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि वो पेपर लीक में शामिल हैं।
फिर भी जांच एजेंसी की सख्ती के बाद कई जगहों पर हलचल बढ़ गई है। अभिभावकों को भी डर सता रहा है कि कहीं उनके बच्चों का नाम बिना वजह किसी मामले में न आ जाए।
छात्रों और परिवारों में तनाव
इस पूरे मामले का सबसे ज्यादा असर उन छात्रों पर पड़ा है जिन्होंने सालभर मेहनत करके परीक्षा दी थी। पेपर लीक की खबर आने के बाद लाखों स्टूडेंट्स का भरोसा टूट गया है।
कई छात्रों का कहना है कि कुछ लोगों की लालच और धांधली की वजह से पूरे देश के मेहनती बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ गया। दोबारा परीक्षा की चर्चा से भी स्टूडेंट्स में तनाव बढ़ गया है।
माता-पिता भी परेशान हैं। उनका कहना है कि बच्चे दिन-रात मेहनत करते हैं और अगर ऐसे मामले सामने आएंगे तो सिस्टम पर भरोसा कैसे रहेगा।
सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा
सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर काफी गुस्सा देखने को मिल रहा है। लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई।
कई यूजर्स का कहना है कि अगर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो मेहनती छात्रों का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा। छात्र संगठनों ने भी निष्पक्ष जांच और सख्त सजा की मांग शुरू कर दी है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
इस पूरे मामले ने एक बार फिर देश की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों छात्र हर साल डॉक्टर बनने का सपना लेकर NEET की तैयारी करते हैं। कई परिवार अपनी जमा पूंजी बच्चों की पढ़ाई पर खर्च कर देते हैं।
लेकिन जब पेपर लीक जैसी खबरें सामने आती हैं तो मेहनत करने वाले छात्रों का हौसला टूट जाता है। लोग अब मांग कर रहे हैं कि परीक्षा सिस्टम को और ज्यादा सुरक्षित बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा ना हों।
अभी जांच जारी है
फिलहाल CBI की जांच लगातार जारी है। एजेंसी हर छोटे-बड़े सुराग को जोड़ने में लगी हुई है। आने वाले दिनों में और भी लोगों से पूछताछ हो सकती है और कुछ नई गिरफ्तारियां भी सामने आ सकती हैं।
पूरा देश अब इस मामले पर नजर बनाए हुए है। हर किसी को इंतजार है कि आखिर इस पेपर लीक के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और कब तक सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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