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Maharashtra में School Reopening की तारीख आगे बढ़ सकती है
Maharashtra में इस वक्त गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं ऐसा एहसास करा रही हैं जैसे मई नहीं बल्कि आग बरस रही हो। खासकर विदर्भ के इलाकों में हालात काफी परेशान करने वाले बन चुके हैं। इसी बीच महाराष्ट्र सरकार के मंत्री Pankaj Bhoyar ने एक अहम बयान देकर लाखों बच्चों और उनके वालिदैन की टेंशन बढ़ा दी है।
Pankaj Bhoyar ने साफ कहा है कि अगर 15 जून के बाद भी हीटवेव यानी लू का असर कम नहीं हुआ, तो स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाई जा सकती हैं। सरकार बच्चों की सेहत को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती।
Vidarbha में सबसे ज्यादा असर
Nagpur, चंद्रपुर, अकोला, अमरावती और वर्धा जैसे इलाकों में तापमान लगातार 44 से 45 डिग्री के करीब पहुंच रहा है। दोपहर के वक्त सड़कें सूनी दिखाई दे रही हैं। लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि इस बार की गर्मी छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। लगातार पसीना निकलने की वजह से डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और हीट स्ट्रोक के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
“बच्चों की जान सबसे जरूरी” — मंत्री Pankaj Bhoyar
मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री पंकज भोयर ने कहा कि सरकार मौसम विभाग की रिपोर्ट पर लगातार नजर बनाए हुए है। अगर आने वाले दिनों में मौसम में राहत नहीं मिली, तो स्कूल खोलने का फैसला आगे बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों की जिंदगी और सेहत सबसे अहम है। सिर्फ कैलेंडर देखकर स्कूल शुरू नहीं किए जाएंगे। हालात को देखते हुए फैसला लिया जाएगा ताकि किसी बच्चे को परेशानी का सामना न करना पड़े।
पैरेंट्स भी छुट्टियां बढ़ाने के हक में, कई वालिदैन का कहना है कि इतनी तेज गर्मी में बच्चों को स्कूल भेजना सही नहीं होगा। खासकर सरकारी स्कूलों और गांवों के स्कूलों में अभी भी पंखे, पानी और कूलिंग की सही व्यवस्था नहीं है।
कुछ माता-पिता का कहना है कि बच्चे सुबह घर से निकलते हैं और दोपहर तक गर्मी से बेहाल हो जाते हैं। छोटे बच्चों के लिए ये मौसम काफी मुश्किल बन चुका है। सोशल मीडिया पर भी लोग सरकार से छुट्टियां बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन भी Heatwave अलर्ट मोड पर
गर्मी को देखते हुए नागपुर प्रशासन ने कई एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। दोपहर के समय खुले मैदानों में होने वाले कार्यक्रमों पर रोक लगाने की बात कही गई है।
स्कूलों और कॉलेजों को सलाह दी गई है कि अगर जरूरत पड़े तो सुबह जल्दी क्लासेस शुरू करें ताकि बच्चों को तेज धूप का सामना न करना पड़े। परीक्षा केंद्रों पर भी ठंडे पानी और मेडिकल सुविधा की तैयारी की जा रही है।
यूनिवर्सिटी परीक्षाओं के समय में बदलाव
मंत्री पंकज भोयर ने बताया कि नागपुर यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं अब मॉर्निंग शिफ्ट में कराने की तैयारी चल रही है। इसका मकसद यही है कि छात्रों को दोपहर की खतरनाक गर्मी से बचाया जा सके।
इसके अलावा परीक्षा केंद्रों की संख्या भी बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है ताकि छात्रों को ज्यादा दूरी तय न करनी पड़े।
मौसम विभाग ने भी दी चेतावनी
मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी से ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है। कुछ इलाकों में लू का असर और बढ़ सकता है।
माना जा रहा है कि इस बार मानसून थोड़ा लेट पहुंच सकता है, जिसकी वजह से जून के दूसरे हफ्ते तक गर्मी बनी रह सकती है। यही वजह है कि सरकार पहले से तैयारी में जुट गई है।
ऑनलाइन क्लासेस भी बन सकती हैं विकल्प
अगर हालात ज्यादा खराब होते हैं, तो सरकार ऑनलाइन क्लासेस पर भी विचार कर सकती है। कोविड के दौरान स्कूलों को ऑनलाइन पढ़ाई का अनुभव मिल चुका है। हालांकि गांवों में इंटरनेट और मोबाइल की दिक्कत अभी भी एक बड़ा मसला है।
फिर भी बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सरकार हर मुमकिन रास्ता तलाशने की कोशिश कर रही है।
बच्चों में खुशी, पैरेंट्स में चिंता, स्कूल की छुट्टियां बढ़ने की खबर सुनकर बच्चे जरूर खुश नजर आ रहे हैं, लेकिन वालिदैन की फिक्र अलग है। उन्हें बच्चों की पढ़ाई और सेहत दोनों की चिंता सता रही है।
लोग चाहते हैं कि सरकार जल्द साफ फैसला ले ताकि आगे की तैयारी आसानी से की जा सके।
अगले कुछ दिन होंगे अहम
फिलहाल पूरा महाराष्ट्र सरकार के अगले ऐलान का इंतजार कर रहा है। अगर मौसम में जल्द बदलाव नहीं आया, तो इस साल बच्चों की गर्मी की छुट्टियां कुछ और दिन बढ़ सकती हैं।
अब सबकी नजर आने वाले दिनों के मौसम और सरकार की मीटिंग्स पर टिकी हुई है। बच्चों की सलामती को देखते हुए सरकार कोई भी फैसला सोच-समझकर लेना चाहती है।
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