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Nagpur के Lashkaribagh में सनसनी: 68 साल की दादी का पोते ने किया Murder

Nagpur के Lashkaribagh में सनसनी: 68 साल की दादी का पोते ने किया Murder

Nagpur में नशे की लत ने पोते को बनाया दादी का कातिल

Nagpur के Lashkaribagh इलाके से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई जिसने हर किसी का दिल हिला दिया। जिस दादी ने अपने पोते को बचपन से प्यार दिया, उसी पोते ने गुस्से और नशे में आकर उनकी जान ले ली। 68 साल की इंदु किशोर चव्हाण का कत्ल उनके ही 30 साल के पोते राज प्रमोद बागड़े ने कर दिया। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में खौफ और मायूसी का माहौल बना हुआ है।

लोगों का कहना है कि आज के दौर में नशा इंसान से उसकी सोच, उसका सब्र और रिश्तों की अहमियत सब छीन रहा है। इस मामले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। छोटी-छोटी बातों से शुरू हुआ झगड़ा आखिर खून-खराबे तक पहुंच गया।

घर में अकेली रहती थीं इंदु चव्हाण

Nagpur पुलिस के मुताबिक इंदु किशोर चव्हाण (68) अपने घर की पहली मंजिल पर अकेली रहती थीं। मोहल्ले में लोग उन्हें बेहद नेकदिल और शरीफ महिला के तौर पर जानते थे। उम्र ज्यादा होने के बावजूद वह अपने सारे काम खुद संभालती थीं।

लेकिन पिछले काफी वक्त से उनका पोता राज प्रमोद बागड़े (30) गलत संगत में पड़ चुका था। उसे शराब और नशे की बुरी आदत लग गई थी। घर वाले कई बार उसे समझा चुके थे, मगर वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था।

बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले राज ने अपनी दादी का एटीएम कार्ड चुराकर करीब 20 हजार रुपये निकाल लिए थे। जब इंदु चव्हाण को इस बात का पता चला तो उन्होंने उसे खूब डांटा-फटकारा। बस यही बात राज के दिल में घर कर गई।

मोहल्ले वालों का कहना है कि दादी उसे सुधारना चाहती थीं, मगर राज धीरे-धीरे नशे और गुस्से में इतना डूब गया कि उसे सही और गलत का फर्क ही समझ नहीं आया।

चोरी की डांट बनी हत्या की वजह

Nagpur पुलिस जांच में सामने आया कि दादी की लगातार डांट और टोका-टोकी से राज अंदर ही अंदर काफी नाराज था। उसे लगता था कि घर में कोई उसकी इज्जत नहीं करता। इसी गुस्से ने उसके अंदर एक खतरनाक सोच पैदा कर दी।

20 मई की रात जब इंदु चव्हाण अपने कमरे में सो रही थीं, तब राज चुपके से घर में दाखिल हुआ। पुलिस के मुताबिक उसने धारदार चाकू से अपनी दादी की गर्दन पर हमला कर दिया। हमला इतना बेरहम था कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने कमरे को बाहर से लॉक कर दिया और वहां से फरार हो गया। उसने चालाकी दिखाने के लिए चाबी पास में ही टांग दी ताकि किसी को तुरंत शक न हो।

घर में दो दिन तक सन्नाटा पसरा रहा। किसी को यह अंदाजा तक नहीं था कि अंदर इतनी खौफनाक वारदात हो चुकी है।

बदबू आने पर खुला राज

करीब 48 घंटे बाद पड़ोसियों को घर से तेज बदबू आने लगी। लोगों को शक हुआ कि कुछ गड़बड़ है। इसके बाद तुरंत पुलिस को खबर दी गई।

जब Nagpur police मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा खोला गया तो अंदर का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए। कमरे में इंदु चव्हाण की लाश पड़ी हुई थी। पूरे कमरे में खून के निशान थे और माहौल बेहद दर्दनाक था।

पुलिस ने फौरन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू कर दी। इलाके में खबर फैलते ही लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर किसी की जुबान पर बस एक ही सवाल था कि आखिर कोई अपनी ही दादी के साथ ऐसा कैसे कर सकता है।

Panchpaoli police ने 48 घंटे में आरोपी को दबोचा

Panchpaoli police ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तेजी से जांच शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए और परिवार के लोगों से पूछताछ की गई।

जांच के दौरान शक सीधे राज प्रमोद बागड़े पर गया। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। बताया जा रहा है कि आरोपी लगातार अपनी जगह बदल रहा था ताकि पुलिस उसे पकड़ न सके, लेकिन आखिरकार पुलिस ने उसे दबोच लिया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक राज नशे का आदी है और पहले भी घर में झगड़े करता रहता था।

पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इलाके में गम और गुस्से का माहौल

इस वारदात के बाद पूरे लश्करीबाग इलाके में गम का माहौल है। लोग कह रहे हैं कि नशे ने एक परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया।

कई लोगों का कहना है कि अगर समय रहते आरोपी का इलाज और काउंसलिंग होती तो शायद यह हादसा टल सकता था। मोहल्ले के बुजुर्गों का कहना है कि आजकल युवा छोटी-छोटी बातों पर गुस्से में गलत कदम उठा लेते हैं।

इस घटना ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर समाज किस तरफ जा रहा है। जहां रिश्तों में मोहब्बत और एहतराम होना चाहिए, वहां अब नफरत और हिंसा बढ़ती जा रही है।

बढ़ता नशा समाज के लिए खतरा

जानकारों का कहना है कि शराब और ड्रग्स इंसान की सोचने-समझने की ताकत खत्म कर देते हैं। नशे में इंसान कई बार ऐसा कदम उठा लेता है जिसका उसे बाद में अफसोस होता है।

Nagpur की यह घटना भी इसी कड़वी सच्चाई को सामने लाती है। पिछले कुछ सालों में नशे से जुड़े अपराध तेजी से बढ़े हैं। चोरी, मारपीट और कत्ल जैसी वारदातों के पीछे नशा एक बड़ी वजह बनता जा रहा है।

समाजसेवियों का कहना है कि परिवारों को अपने बच्चों पर ध्यान देने की जरूरत है। अगर कोई युवक गलत रास्ते पर जा रहा हो तो उसे वक्त रहते संभालना जरूरी है।

रिश्तों को बचाने की जरूरत

इंदु किशोर चव्हाण की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। एक दादी, जिसने अपने पोते को बचपन से दुआएं दी हों, उसी के हाथों मौत मिलना बेहद दर्दनाक है।

यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए सबक है। रिश्तों में प्यार, बातचीत और भरोसा बनाए रखना आज पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।

नागपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस घटना ने कई सवाल छोड़ दिए हैं। क्या नशे के खिलाफ हमारी लड़ाई कमजोर पड़ रही है? क्या परिवारों में बढ़ती दूरियां ऐसे अपराधों को जन्म दे रही हैं?

फिलहाल पूरा शहर इंदु चव्हाण को इंसाफ मिलने की दुआ कर रहा है और लोग यही उम्मीद कर रहे हैं कि भविष्य में किसी घर का चिराग नशे और गुस्से की आग में इस तरह बर्बाद न हो।

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