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Nagpur Police, अफीम तस्करी के इंटरस्टेट गिरोह का पर्दाफाश
Nagpur में नशे के काले कारोबार के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। नागपुर ग्रामीण पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड ने एक ऐसे अंतरराज्यीय अफीम तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो कई राज्यों में अपना नेटवर्क फैलाकर बैठा था। इस कार्रवाई के बाद Maharashtra से लेकर Jharkhand तक हड़कंप मच गया है।
Nagpur Police ने इस पूरे ऑपरेशन में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक होटल कारोबारी भी शामिल बताया जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह काफी लंबे वक्त से अफीम की सप्लाई के धंधे में लगा हुआ था और करोड़ों रुपये का कारोबार कर रहा था।
करोड़ों की Afeem और लाखों रुपये कैश बरामद, पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस रेड के दौरान करीब 33.767 किलो अफीम बरामद की गई है। इसके अलावा 23 लाख 35 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन, दस्तावेज और कई संदिग्ध सामान भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि जब्त किए गए पूरे माल की कीमत करीब 1.92 करोड़ रुपये के आसपास है। इतनी बड़ी मात्रा में अफीम मिलने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई। अधिकारियों का मानना है कि अगर यह खेप बाजार तक पहुंच जाती तो हजारों युवाओं की जिंदगी बर्बाद हो सकती थी।
उमरेड केस से शुरू हुई पूरी जांच
दरअसल इस पूरे मामले की शुरुआत उमरेड पुलिस स्टेशन में दर्ज हुए एक नारकोटिक्स केस से हुई थी। 20 मई 2026 को पुलिस को खबर मिली थी कि नागपुर-उमरेड रोड के रास्ते बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की सप्लाई हो रही है।
खुफिया जानकारी मिलते ही एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड हरकत में आ गई। पुलिस ने इलाके में लगातार गश्त बढ़ाई और संदिग्ध गाड़ियों पर नजर रखना शुरू कर दिया। कई दिनों तक पुलिस चुपचाप पूरे नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।
ट्रक ड्राइवर से खुला पूरा राज
जांच के दौरान पुलिस ने उदासा फ्लायओवर के पास एक ट्रक ड्राइवर को रोका। शुरुआत में ड्राइवर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो कई बड़े राज सामने आने लगे।
ड्राइवर से मिले सुरागों के बाद पुलिस की टीम सीधे झारखंड के सिमडेगा जिले पहुंची। वहां छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी इस पूरे नेटवर्क के अहम हिस्से थे और अलग-अलग राज्यों में सप्लाई का काम संभाल रहे थे।
होटल कारोबारी की भूमिका पर बड़ा शक
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल होटल कारोबारी की भूमिका को लेकर पुलिस काफी गंभीर नजर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक होटल सिर्फ कारोबार की जगह नहीं था, बल्कि वहीं बैठकर पूरे नेटवर्क की प्लानिंग की जाती थी।
पुलिस को शक है कि होटल का इस्तेमाल मीटिंग, पैसों के लेनदेन और सप्लाई से जुड़ी बातचीत के लिए किया जाता था। अब पुलिस आरोपी के बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड और संपर्कों की जांच कर रही है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस धंधे में और भी कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं, जिनका खुलासा आने वाले दिनों में हो सकता है।
कई राज्यों में फैला हुआ था नेटवर्क
Nagpur Police जांच में यह बात भी सामने आई है कि यह गिरोह सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं था। इसका नेटवर्क झारखंड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों तक फैला हुआ था।
गिरोह बेहद चालाकी से काम करता था। अफीम की खेप ट्रकों और दूसरी मालवाहक गाड़ियों में छिपाकर भेजी जाती थी ताकि किसी को शक न हो। हर शहर में छोटे एजेंट बनाए गए थे जो माल की डिलीवरी और पैसों के लेनदेन का काम संभालते थे।
युवाओं को बनाया जा रहा था निशाना
Nagpur Police अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क का सबसे बड़ा निशाना युवा थे। स्कूल-कॉलेज और शहरी इलाकों में छोटे-छोटे पेडलर्स के जरिए नशा पहुंचाया जा रहा था।
विशेषज्ञों के मुताबिक नशे का कारोबार सिर्फ कानून व्यवस्था के लिए नहीं बल्कि समाज के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। इससे अपराध, हिंसा और युवाओं में गलत रास्तों की तरफ झुकाव तेजी से बढ़ता है।
यही वजह है कि पुलिस अब स्कूल-कॉलेज इलाकों में निगरानी बढ़ाने की तैयारी कर रही है ताकि युवाओं को इस जहर से बचाया जा सके।
Nagpur बनता जा रहा है ट्रांजिट रूट
जानकारों का मानना है कि मध्य भारत के कई इलाके अब ड्रग्स तस्करों के लिए ट्रांजिट रूट बनते जा रहे हैं। नागपुर की लोकेशन भी इस मामले में काफी अहम मानी जाती है क्योंकि यहां से कई राज्यों का सीधा संपर्क जुड़ता है।
तस्कर इसी का फायदा उठाकर अलग-अलग राज्यों में आसानी से सप्लाई कर रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में विदर्भ इलाके में एमडी ड्रग्स, गांजा और दूसरे मादक पदार्थों के कई बड़े मामले सामने आ चुके हैं।
पुलिस ने दी सख्त चेतावनी, फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अफीम की खेप आखिर कहां से लाई जाती थी और किन-किन शहरों तक इसकी सप्लाई होती थी।
Nagpur Police अधिकारियों ने साफ अल्फाज़ में कहा है कि नशे का कारोबार करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में ऐसे गिरोहों के खिलाफ और भी बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
इस बड़े खुलासे के बाद नागपुर समेत पूरे इलाके में ड्रग्स माफियाओं के बीच डर और बेचैनी का माहौल बना हुआ है।
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