Table of Contents
Nagpur शहर में इन दिनों पुलिस का “Operation Thunder” ज़ोरों पर चल रहा है। इस मुहिम के तहत पुलिस एक के बाद एक नशे के कारोबार करने वालों पर शिकंजा कस रही है। इसी सिलसिले में जरीपटका पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है, जहां MD ड्रग्स बेचने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल मच गई और लोगों के बीच ये चर्चा शुरू हो गई कि आखिर शहर में इतना बड़ा ड्रग्स नेटवर्क चल कैसे रहा था।
इस खबर को सबसे पहले Nagpur News Live ने प्रकाशित किया था, जहां बताया गया कि पुलिस को काफी दिनों से आरोपी की हरकतों पर शक था। गुप्त खबर मिलने के बाद पुलिस ने पूरी प्लानिंग के साथ जाल बिछाया और आखिरकार आरोपी को धर दबोचा।
Nagpur police ने ऐसे बिछाया जाल
बताया जा रहा है कि जरीपटका पुलिस को मुखबिर से खबर मिली थी कि इलाके में एक युवक चोरी-छिपे MD drugs बेच रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। टीम ने पहले आरोपी की रेकी की, उसके आने-जाने और मिलने-जुलने वालों पर नजर रखी गई।
फिर एक खास जगह पर पुलिस ने ट्रैप लगाया। जैसे ही आरोपी वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे घेर लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से MD drug बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक जब्त माल की कीमत लाखों रुपये में बताई जा रही है। इसके अलावा नकदी, मोबाइल फोन और कुछ अहम चीजें भी पुलिस ने अपने कब्जे में ली हैं।
अब पुलिस ये जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के पीछे कौन लोग हैं और ये माल आखिर कहां से आता था। अफसरों को शक है कि इसके तार शहर के बड़े ड्रग्स गिरोह से जुड़े हो सकते हैं।
युवाओं को बनाया जा रहा था निशाना
नागपुर में पिछले कुछ वक्त से MD ड्रग्स का चलन तेजी से बढ़ा है। सबसे ज्यादा फिक्र की बात ये है कि इस नशे के जाल में नौजवान फंसते जा रहे हैं। कॉलेज स्टूडेंट्स और कम उम्र के लड़कों को आसान पैसे और झूठी चमक-दमक दिखाकर इस धंधे में खींचा जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोग पार्टी कल्चर और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक ड्रग्स पहुंचा रहे हैं। कई बार छोटे सप्लायर ही आगे चलकर बड़े नेटवर्क का हिस्सा बन जाते हैं। यही वजह है कि पुलिस अब सिर्फ छोटे पेडलर्स ही नहीं बल्कि पूरे गिरोह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
आखिर क्या होता है MD Drug?
MD यानी मेफेड्रोन एक सिंथेटिक ड्रग है, जिसे आम बोलचाल में “म्याऊं-म्याऊं” भी कहा जाता है। ये बेहद खतरनाक नशा माना जाता है। शुरुआत में इसे लेने वाले को कुछ वक्त के लिए अजीब सा जोश और खुशी महसूस होती है, लेकिन धीरे-धीरे इंसान इसकी गिरफ्त में आता चला जाता है।
डॉक्टरों के मुताबिक इसका लगातार इस्तेमाल दिमाग और दिल दोनों पर बुरा असर डालता है। कई लोग मानसिक तनाव, गुस्से और डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। कुछ मामलों में हालत इतनी खराब हो जाती है कि इंसान खुद पर कंट्रोल तक खो देता है।
“Operation thunder” से तस्करों में खौफ
नागपुर पुलिस का “ऑपरेशन थंडर” अब ड्रग्स माफियाओं के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में लगातार रेड डाली जा रही है। कई जगहों से लाखों रुपये की MD ड्रग्स बरामद की जा चुकी है।
पुलिस कमिश्नर के आदेश पर चल रही इस मुहिम में क्राइम ब्रांच और लोकल पुलिस मिलकर काम कर रही है। पुलिस का साफ कहना है कि शहर को नशा मुक्त बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में और भी कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और दूसरे तकनीकी सबूतों की मदद से पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने में लगी हुई है।
इलाके के लोगों में डर और गुस्सा
जरीपटका इलाके में इस गिरफ्तारी के बाद लोगों के बीच काफी चर्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ समय से इलाके में संदिग्ध गतिविधियां बढ़ गई थीं। देर रात कुछ युवक इकट्ठा होते थे, जिससे लोगों को शक होता था कि यहां कुछ गलत चल रहा है।
कई माता-पिता अब अपने बच्चों को लेकर परेशान हैं। उनका कहना है कि ड्रग्स का कारोबार युवाओं की जिंदगी तबाह कर रहा है और इस पर सख्त कार्रवाई बहुत जरूरी है।
पुलिस ने लोगों से मांगा सहयोग
पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि अगर कहीं भी ड्रग्स बेचने या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को खबर दें। अफसरों का कहना है कि समाज और पुलिस अगर साथ मिलकर काम करें तो इस जहर को शहर से खत्म किया जा सकता है।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। इतना तय है कि नागपुर पुलिस अब नशे के कारोबारियों को किसी भी कीमत पर छोड़ने के मूड में नहीं दिख रही।
यह भी पढ़े –
Nagpur के Golibar chowk fire में Cylinder blast, बिरयानी दुकान में लगी भीषण आग
Nagpur की भीषण गर्मी और Heatwave में NMC बनी सहारा, 466 बेघर लोगों को मिला Safe आश्रय






