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Nagpur में बढ़ते water crisis के खिलाफ कांग्रेस का मनपा के बाहर Matka fod Andolan

Nagpur में बढ़ते water crisis के खिलाफ कांग्रेस का मनपा के बाहर Matka fod Andolan

Nagpur में पानी के लिए हाहाकार, कांग्रेस का मटका फोड़ आंदोलन

Nagpur शहर इन दिनों सिर्फ गर्मी ही नहीं बल्कि पानी की जबरदस्त किल्लत से भी परेशान चल रहा है। तपती धूप और आसमान से बरसती आग के बीच शहर के कई इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। कहीं घंटों तक नलों में पानी नहीं आ रहा, तो कहीं इतना कम प्रेशर है कि लोगों को बाल्टी भरने में भी काफी वक्त लग रहा है।

ऐसे हालात में अब यह मसला पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को Congress पार्टी ने नागपुर महानगरपालिका के बाहर जोरदार “Matka fod Andolan” किया और मनपा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस एहतिजाज की कमान नेता प्रतिपक्ष संजय महाकलाकर ने संभाली। उनके साथ कांग्रेस के कई नगरसेवक, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी तादाद में कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान खाली मटके लेकर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर जनता की तकलीफों को नजरअंदाज करने का इल्जाम लगाया और बाद में प्रतीकात्मक तौर पर मटके फोड़कर अपना गुस्सा जाहिर किया।

भीषण गर्मी में पानी की किल्लत से बेहाल लोग

Nagpur में इस साल गर्मी ने लोगों की हालत खराब कर दी है। दोपहर में सड़कों पर ऐसा महसूस होता है जैसे आग बरस रही हो। तापमान लगातार 45 डिग्री के आसपास बना हुआ है। ऐसे में अगर घरों में पानी भी वक्त पर न पहुंचे तो लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।

शहर के कई इलाकों से शिकायतें सामने आ रही हैं कि दो-दो दिन तक पानी सप्लाई नहीं हो रही। कुछ मोहल्लों में सुबह जल्दी उठकर लोग पानी भरने के लिए लाइन लगाते हैं, लेकिन फिर भी जरूरत भर पानी नहीं मिल पाता। औरतों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। कई परिवार अब मजबूरी में महंगे टैंकर मंगवाने पर मजबूर हैं।

लोगों का कहना है कि हर साल गर्मी आते ही यही हाल हो जाता है, मगर प्रशासन सिर्फ वादे करता है। जमीन पर हालात वैसे के वैसे ही रहते हैं।

कांग्रेस ने मनपा प्रशासन को घेरा

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उन्होंने पहले भी इस मसले को लेकर महापौर और मनपा आयुक्त को ज्ञापन दिया था। उनसे गुजारिश की गई थी कि पानी संकट से निपटने के लिए फौरन ठोस इंतजाम किए जाएं, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई खास कदम नहीं उठाया गया।

नेता प्रतिपक्ष संजय महाकलाकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जनता परेशान है, मगर मनपा के अफसर एयर कंडीशन दफ्तरों में बैठकर सिर्फ मीटिंग कर रहे हैं। उन्होंने इल्जाम लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को नियमित पानी नहीं मिल पा रहा।

उनका कहना था कि शहर की पाइपलाइन व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। कई जगह लीकेज की वजह से पानी बर्बाद हो रहा है, लेकिन उसे सुधारने की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

मटका फोड़कर जताया गुस्सा

महानगरपालिका के बाहर हुए इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने खाली मटके हाथों में लेकर जोरदार नारे लगाए। “पानी दो, जनता को राहत दो” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मटके फोड़कर प्रशासन के खिलाफ अपना एहतिजाज दर्ज कराया।

कई महिलाओं ने भी इस आंदोलन में हिस्सा लिया। उनका कहना था कि घर चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की जरूरतें पूरी करना तक भारी पड़ रहा है। कुछ महिलाओं ने कहा कि देर रात तक पानी आने का इंतजार करना पड़ता है, फिर भी पर्याप्त पानी नहीं मिलता।

प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात को संभाला।

Nagpur शहर के कई हिस्सों में बिगड़े हालात

Nagpur के अलग-अलग इलाकों में पानी संकट लगातार गहराता जा रहा है। कुछ जगहों पर गंदा और बदबूदार पानी आने की शिकायतें भी मिली हैं। लोगों का कहना है कि इससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

कई इलाकों में पानी सप्लाई का टाइम भी तय नहीं है। कभी सुबह पानी आता है तो कभी देर रात। ऐसे में लोगों की पूरी दिनचर्या बिगड़ गई है। नौकरीपेशा लोगों और स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चुनाव के वक्त बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जब असली समस्या सामने आती है तो जनता को अपने हाल पर छोड़ दिया जाता है।

प्रशासन का दावा — हालात सुधारने की कोशिश जारी

दूसरी तरफ मनपा प्रशासन का कहना है कि पानी संकट से निपटने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक कई इलाकों में पाइपलाइन सुधारने का काम शुरू है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टैंकर भी भेजे जा रहे हैं।

इसके अलावा पुराने कुओं को दोबारा चालू करने और वैकल्पिक जल स्रोत तैयार करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। हालांकि जनता का कहना है कि इन दावों का असर अभी जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा।

सियासी मुद्दा बनता जा रहा Water crisis

Nagpur में पानी का मसला अब पूरी तरह राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुका है। कांग्रेस लगातार इस मुद्दे पर प्रशासन को घेर रही है, जबकि सत्तापक्ष हालात सुधारने के दावे कर रहा है।

सियासी जानकारों का मानना है कि अगर आने वाले दिनों में पानी की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो जनता का गुस्सा और बढ़ सकता है। गर्मी के इस मौसम में पानी की परेशानी किसी भी बड़े आंदोलन की वजह बन सकती है।

जनता को राहत का इंतजार, फिलहाल नागपुर की अवाम को सिर्फ एक चीज का इंतजार है — राहत। लोग चाहते हैं कि राजनीति छोड़कर प्रशासन जल्द ऐसा इंतजाम करे जिससे हर इलाके में नियमित और साफ पानी मिल सके। क्योंकि इस भीषण गर्मी में पानी सिर्फ जरूरत नहीं बल्कि जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा बन चुका है।

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